मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर मेट्रो रेल परियोजना की प्रगति और विस्तार को लेकर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जयपुर मेट्रो का द्वितीय चरण (फेज-2) शहर के विकास के लिए ‘ग्रोथ इंजन’ साबित होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फेज-2 के पहले पैकेज का कार्य बिना किसी विलंब के शीघ्र शुरू किया जाए।
औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगी नई रफ्तार—
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि मेट्रो विस्तार से न केवल आमजन को सुगम यातायात मिलेगा, बल्कि शहर के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने से आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। उन्होंने निर्देश दिए कि मेट्रो नेटवर्क का विस्तार भविष्य की आवश्यकताओं और जनसंख्या घनत्व को ध्यान में रखकर किया जाए, ताकि शहर के प्रमुख मार्गों पर रहने वाले नागरिकों को इसका अधिकतम लाभ मिल सके।
डिपो और पार्किंग पर विशेष ध्यान—
मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने मेट्रो के सुचारू संचालन के लिए डिपो निर्माण हेतु उपयुक्त स्थान के चयन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि मेट्रो स्टेशनों के पास पार्किंग सुविधाओं का समुचित विकास किया जाए ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके साथ ही, ‘लास्ट माइल कनेक्टिविटी’ पर ध्यान देने की बात भी कही गई, जिससे यात्री आसानी से अपने गंतव्य तक पहुँच सकें।
आधुनिक जयपुर की परिकल्पना—
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को भविष्य की योजना बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि जयपुर एक वैश्विक पर्यटन केंद्र है, ऐसे में यहाँ का मेट्रो नेटवर्क आधुनिक और विश्वस्तरीय होना चाहिए। फेज-2 के क्रियान्वयन से ट्रैफिक जाम की समस्या में कमी आएगी और प्रदूषण स्तर को कम करने में भी मदद मिलेगी। इस विस्तार योजना से सीतापुरा से अम्बाबाड़ी जैसे प्रमुख रूटों को जोड़ने पर भी चर्चा हुई, जो शहर की लाइफलाइन माने जाते हैं।




