एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर एसीबी सवाई माधोपुर इकाई ने गुरूवार को सुश्री काजल मीना, उप खण्ड अधिकारी, उपखण्ड नादोती जिला और अपने रीडर दिनेश कुमार सैनी, प्रवीण धाकड वरिष्ठ सहायक के मार्फत परिवादी से उसकी भूमि की तकाशनामें की फाईनल डिक्री जारी करने की एवज में 60000 की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक पुलिस गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी चौकी सवाई माधोपुर को एक शिकायत इस आशय कि मिली कि परिवादी से उसकी भूमि की फाईनल डिक्री जारी करने की एवज में एसडीएम सुश्री काजल मीना अपने रीडर दिनेश सैनी के मार्फत 50,000 रूपये रिश्वत राशि की मांग कर परेशान किया जा रहा है।

परिवादी ने यह भी बताया पूर्व में एक लाख रूपये रिश्वत की मांग कर 50,000/- रूपये रिश्वत राशि लेने पर सहमत हुये, जिस पर परिवादी द्वारा दिनांक 16.04.2026 को रिश्वत मांग का गोपनीय सत्यापन करवाया तो सुश्री काजल मीना एसडीएम के रीडर द्वारा परिवादी की भूमि की फाईनल डिक्री जारी करने की एवज में 50,000/- रूपये एसडीएम सुश्री काजल मीना व 10,000/- रूपये स्वंय के लिये मांग की गई। उक्त मांग के अनुसरण में रिश्वती राशि 60,000 रूपये आज दिनांक 16.04.2026 को परिवादी से कार्यालय उपखण्ड अधिकारी नादोती में बुलाकर प्राप्त करना और रिश्वत राशि 60,000/- रूपये प्राप्त कर प्रवीण धाकड वरिष्ठ सहायक को देकर रवाना करना व वक्त कार्यवाही आरोपी रीडर दिनेश सैनी रिश्वत राशि एसडीएम काजल मीना के लिये लेना बताने पर जरिये मोबाईल सुश्री काजल मीना की रीडर दिनेश सैनी से वार्ता करवाई गई तो रिश्वत राशि की सहमती देना और रीडर दिनेश सैनी से जरिये मोबाईल प्रवीण धाकड वरिष्ठ सहायक को जरिये मोबाईल सूचित कर रिश्वत राशि सहित कार्यालय में उपस्थित होने की कहने पर प्रवीण धाकड वरिष्ठ सहायक एसडीएम कार्यालय मय बैग के उपस्थित हुआ। उक्त बैग में रिश्वत राशि 60,000 रुपये बरामद होना व उक्त बैग में संदिग्ध राशि 4,00,000/- रूपये बरामद होने पर उक्त सुश्री काजल मीना एसडीएम, दिनेश सैनी रीडर, प्रवीण धाकड वरिष्ठ सहायक को रंगे हाथों डिटेन किया है। उक्त संदिग्ध राशि के सम्बन्ध में भी पूछताछ जारी है।
ए.सी.बी. की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्रीमति स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन एवं श्रीमति एस परिमला महानिरीक्षक पुलिस के निर्देशन में आरोपी से पूछताछ और कार्यवाही जारी है। ए.सी.बी. द्वारा मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जायेगा।




