राजस्थान के प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों आईएएस अधिकारियों की अचल संपत्ति का ब्यौरा चर्चा का विषय बना हुआ है। 31 दिसंबर 2025 तक की स्थिति के अनुसार सार्वजनिक की गई इस ताजा सूची ने कई चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए हैं। इस नई लिस्ट में 2004 बैच के आईएएस अधिकारी और वर्तमान में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के सचिव, अम्बरीश कुमार प्रदेश के सबसे अमीर आईएएस अधिकारी बनकर उभरे हैं। उनकी अचल संपत्ति का कुल वर्तमान बाजार मूल्य 20.62 करोड़ रुपये से अधिक आंका गया है। उनकी संपत्ति में जयपुर के पॉश इलाकों के साथ-साथ अन्य स्थानों पर आवासीय और व्यावसायिक भूखंड शामिल हैं।
अन्य शीर्ष अधिकारी भी चर्चा में—
अम्बरीश कुमार के अलावा कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की संपत्ति भी करोड़ों में दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार सूची में कई ऐसे अधिकारी भी हैं जिनकी संपत्ति पिछले एक साल में तेजी से बढ़ी है। इन संपत्तियों में पुश्तैनी जमीनें, फ्लैट्स और विभिन्न शहरों में स्थित प्लॉट शामिल हैं। दिलचस्प बात यह है कि जहां कुछ अधिकारियों के पास करोड़ों की संपत्ति है, वहीं कुछ जूनियर आईएएस अधिकारियों ने अपनी संपत्ति ‘शून्य’ भी घोषित की है।
पारदर्शिता की ओर कदम—
कार्मिक विभाग के नियमानुसार, हर साल आईएएस अधिकारियों को अपनी अचल संपत्ति का विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होता है। समय पर ब्यौरा न देने वाले अधिकारियों की पदोन्नति और विजिलेंस क्लीयरेंस पर रोक लगा दी जाती है।
इस बार की रिपोर्ट ने न केवल अफसरों की माली हालत को उजागर किया है, बल्कि आम जनता के बीच भी यह कौतूहल का विषय बना हुआ है कि सेवा के दौरान संपत्तियों के मूल्यों में कितनी वृद्धि हुई है।




