अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ संयुक्त अभियान में दो सप्ताह में 1132 कार्रवाई करते हुए 7 करोड़ 13 लाख रुपए से अधिक का जुर्माना राजकोष में वसूला जा चुका है। प्रमुख सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम टी. रविकान्त ने सोमवार को निदेशक माइंस महावीर प्रसाद मीणा व अधिकारियों के साथ सचिवालय में हाईब्रिड मोड पर अभियान की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से फील्ड में और अधिक सक्रिय रहने, औचक कार्रवाई करने और जब्त खनिजों की समय पर नीलामी की कार्रवाई का रोडमेप बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने जब्त वाहन मशीनरी को तय समय सीमा तक जुर्माना राशि जमा नहीं होने पर अविलंब राजसात की कार्रवाई की औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई में किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।
निदेशक माइंस महावीर प्रसाद मीणा ने बताया कि अभियान के दौरान पुलिस मेें 264 एफआईआर दर्ज कराई गई हैं वहीं 90 व्यक्तियों की गिरफ्तारी हुई है। 61800 टन से अधिक अवैध भण्डारित खनिज जब्त किया गया हैं। इस अवधि में अवैध खनन गतिविधियों में लिप्त 55 एक्सक्वेटर, जेसीबी, पोकलेन मशीन आदि व 983 वाहनों में डंपर-ट्रेक्टर ट्रॉली आदि जब्त किये गये हैं।
अभियान के दौरान सबसे अधिक कार्रवाई भीलवाड़ा जिले में खनि अभियंता भीलवाड़ा और बिजौलियां द्वारा 120 कार्रवाई करते हुए 12 मशीनरी और 120 वाहन जब्ती के साथ ही 54 एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसके साथ ही जयपुर खनि अभियंता ने 85 कार्रवाई करते हुए 2 एक्सक्वेटर और 79 वाहन जब्त किये हैं। सर्वाधिक जुर्माना राशि 86 लाख 17 हजार खनि अभियंता जयपुर ने वसूली है। अजमेर में 83 कार्रवाई में 71 वाहन मशीनरी जब्त किये गये हैं। सवाई माधोपुर में सर्वाधिक 38893 टन खनिज जब्त किया गया है। नागौर में 41 लाख से अधिक का जुर्माना वसूला गया है।




