राजस्थान सरकार ने मुख्यमंत्री जन आवास योजना (CMJAY) के तहत घर खरीदने वाले आवंटियों के लिए एक बड़ा ‘राहत पैकेज’ जारी किया है। यह कदम उन हजारों परिवारों के लिए उम्मीद की किरण लेकर आया है, जिनके मकान सुविधाओं के अभाव में वर्षों से खाली पड़े थे या जो आर्थिक तंगी के कारण किश्तें नहीं भर पा रहे थे।
राहत पैकेज की मुख्य बातें:—
ब्याज और पेनल्टी की 100% माफी: सरकार ने उन आवंटियों को बड़ी राहत दी है जो समय पर किश्तें जमा नहीं कर सके थे। योजना के तहत बकाया किश्तों पर लगने वाला पूरा ब्याज और पेनल्टी माफ कर दी गई है।
बुनियादी सुविधाओं का विकास: सरकार ने स्वीकार किया है कि शहर से दूर होने और सड़क, पानी, बिजली जैसी सुविधाओं की कमी के कारण लोग वहां बस नहीं पा रहे हैं। अब संबंधित नगरीय निकाय (ULBs) अपने बजट से इन बाहरी विकास कार्यों को पूरा कराएंगे।
बकाया जमा करने की समय सीमा: इस छूट का लाभ उठाने के लिए आवंटियों को 31 मार्च 2026 तक अपनी बकाया मूल राशि जमा करनी होगी। ऐसा न करने पर आवंटन निरस्त किया जा सकता है।
योजना में बदलाव और नई नीति के संकेत:—
वर्तमान में जन आवास परियोजनाओं के उजड़ने की स्थिति को देखते हुए, नगरीय विकास विभाग (UDH) नई आवास नीति पर काम कर रहा है। प्रस्तावित बदलावों के अनुसार:
अब मकान उजाड़ या दूरदराज इलाकों के बजाय आबादी क्षेत्र के 500 मीटर के दायरे में ही बनाए जा सकेंगे।
बिल्डर्स को ऐसी जगह पर आवास देने होंगे जहां पहले से ही परिवहन, स्कूल और अस्पताल जैसी सुविधाएं मौजूद हों।
यदि बिल्डर अपने प्रोजेक्ट में आवास नहीं दे पा रहा है, तो उसे निकाय की किसी विकसित योजना में ही फ्लैट खरीदकर देने होंगे।
प्रभाव और उद्देश्य:—
इस निर्णय का सीधा लाभ विशेषकर EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) और LIG (निम्न आय वर्ग) के उन आवंटियों को मिलेगा जो किशनगढ़, जयपुर और अन्य शहरों की बाहरी योजनाओं में फंसे हुए थे। सरकार का लक्ष्य केवल ढांचे खड़े करना नहीं, बल्कि वहां एक जीवंत आवासीय वातावरण विकसित करना है ताकि “सभी के लिए आवास” का सपना सही मायनों में पूरा हो सके।




