राजस्थान के पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने गुरुवार को विधानसभा में आश्वस्त किया कि राज्य सरकार पशुपालकों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने बताया कि ‘मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना’ के अंतर्गत सवाई माधोपुर जिले सहित प्रदेश भर में बीमा क्लेम राशि के भुगतान की प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी है और पात्र आवेदकों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाई जा रही है।
सवाई माधोपुर में 14.58 लाख रुपये का भुगतान पूर्ण—
प्रश्नकाल के दौरान बामनवास विधायक श्रीमती इन्द्रा द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए मंत्री श्री कुमावत ने आंकड़ों के साथ वस्तुस्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि सवाई माधोपुर जिले में बीमित पशुओं की मृत्यु के पश्चात क्लेम के लिए अब तक कुल 217 आवेदन प्राप्त हुए हैं। विभाग द्वारा गहन परीक्षण के उपरांत 72 पात्र आवेदनों पर 14 लाख 58 हजार रुपये की राशि सीधे पशुपालकों के खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। उन्होंने सदन को भरोसा दिलाया कि शेष रहे पात्र दावों का निस्तारण भी प्रक्रिया पूर्ण होते ही प्राथमिकता के आधार पर कर दिया जाएगा।
20 हजार से अधिक पशुपालकों को मिले पॉलिसी बॉन्ड—
योजना की प्रगति रिपोर्ट पेश करते हुए पशुपालन मंत्री ने बताया कि 13 दिसंबर 2024 से 15 फरवरी 2026 तक की अवधि में सवाई माधोपुर जिले में कुल 27,909 पशुपालकों ने इस योजना के तहत पंजीकरण कराया। राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग (SIPF) के माध्यम से पारदर्शी लॉटरी प्रक्रिया अपनाते हुए लाभार्थियों का चयन किया गया। 15 फरवरी 2026 तक जिले के 20,642 पशुपालकों को उनके पशुओं के लिए ‘पॉलिसी बॉन्ड’ जारी किए जा चुके हैं, जिससे उनके पशुधन को सुरक्षा कवच मिला है।
बामनवास विधानसभा क्षेत्र की स्थिति—
विधायक श्रीमती इन्द्रा के निर्वाचन क्षेत्र बामनवास के संदर्भ में जानकारी देते हुए श्री कुमावत ने बताया कि इस क्षेत्र से कुल 6,845 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 4,567 पशुपालकों को पॉलिसी जारी की गई है। यहां कुल 7,734 पशु बीमित हैं। बामनवास में पशु मृत्यु के पश्चात कुल 52 दावे पेश किए गए, जिनमें से 10 दावों का त्वरित निस्तारण करते हुए 2 लाख 85 हजार रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
पशुपालकों के लिए वरदान साबित हो रही योजना—
मंत्री श्री कुमावत ने कहा कि मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप यह योजना पशुपालकों को आकस्मिक आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए लागू की गई है। उन्होंने सदन को अवगत कराया कि बीमा क्लेम की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के पशुपालकों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
विधानसभा में दी गई इस जानकारी से स्पष्ट है कि राज्य सरकार पशुधन के संरक्षण और पशुपालकों की आर्थिक उन्नति के लिए अत्याधुनिक तकनीक और पारदर्शी चयन प्रक्रिया के माध्यम से सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।




