राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के राज्य बजट को ‘विकसित राजस्थान’ के संकल्प को सिद्ध करने वाला एक ऐतिहासिक दस्तावेज करार दिया है। बुधवार को विधानसभा में उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी द्वारा बजट पेश किए जाने के बाद, मुख्यमंत्री ने मीडिया से रूबरू होते हुए इसे 8 करोड़ प्रदेशवासियों की आशाओं और आकांक्षाओं का प्रतिबिंब बताया।
विकसित भारत के विजन को गति-
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत @2047’ के विजन को धरातल पर उतारने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बजट का मुख्य ध्येय तेज आर्थिक विकास, जन-आकांक्षाओं की पूर्ति और ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को चरितार्थ करना है। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह बजट केवल वित्तीय आवंटन का ब्योरा नहीं, बल्कि प्रदेश की उन्नति के प्रति सरकार के कर्तव्यों का जीवंत दस्तावेज है।
अंत्योदय और समावेशी विकास पर जोर-
विशेष रूप से पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि के अवसर पर प्रस्तुत इस बजट को मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण, युवा रोजगार, किसान कल्याण और वंचितों की सेवा को समर्पित बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति यानी ‘अंत्योदय’ के कल्याण को प्राथमिकता दी है। शिक्षा, चिकित्सा, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए बजट में किए गए भारी प्रावधान राजस्थान को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।
बजट के आकार में भारी बढ़ोतरी-
मुख्यमंत्री ने बजट के आंकड़ों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्ष 2026-27 के बजट का कुल आकार 6 लाख 10 हजार 956 करोड़ रुपये है। यह आंकड़ा पूर्ववर्ती सरकार के वर्ष 2023-24 के बजट की तुलना में 41 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि राज्य की मजबूत होती अर्थव्यवस्था और विकास के प्रति सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति को दर्शाती है।
बुनियादी ढांचे का कायाकल्प-
बजट में आधारभूत संरचना (Infrastructure) के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सड़कों के जाल, औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार और निवेश अनुकूल नीतियों से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए सुधारों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सेवाओं की गुणवत्ता में व्यापक सुधार आएगा।
मुख्यमंत्री ने इस बजट को राज्य की खुशहाली का रोडमैप बताते हुए कहा कि उनकी सरकार राजस्थान को देश के सबसे अग्रणी और समृद्ध राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह बजट आगामी वर्षों में प्रदेश की प्रगति की नई इबारत लिखेगा।




