राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (RIICO) ने औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत उद्यमियों और कामगारों के हितों में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपने नियमों में बड़ा बदलाव किया है। औद्योगिक क्षेत्रों में जनसुविधाओं के विस्तार और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से रीको ने अपने वर्षों पुराने ‘भूमि निस्तारण नियम, 1979’ में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं।
नियमों का सरलीकरण और निःशुल्क आवंटन—
संशोधित प्रावधानों के तहत, रीको ने नियम 3 (जी) में आंशिक बदलाव किया है। अब औद्योगिक क्षेत्रों में पुलिस चौकी, ईएसआई (ESI) डिस्पेंसरी, प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बाल देखभाल केंद्र (क्रेच) और सरकारी विद्यालयों की स्थापना के लिए भूमि पूरी तरह से निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। इससे पहले इन सुविधाओं के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया जटिल और महंगी थी, जिससे औद्योगिक क्षेत्रों में इन सेवाओं का अभाव बना रहता था।
कामगारों और उद्यमियों को मिलेगा सीधा लाभ—
इस निर्णय का सबसे बड़ा लाभ औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले हजारों श्रमिकों और वहां सक्रिय उद्यमियों को मिलेगा। कार्यस्थल के पास ही स्वास्थ्य सेवाएं (PHC/CHC) उपलब्ध होने से आपातकालीन स्थिति में तुरंत उपचार मिल सकेगा। साथ ही, महिला कामगारों के लिए ‘क्रेच’ (बाल देखभाल केंद्र) की सुविधा होने से वे अपने बच्चों की सुरक्षा के प्रति निश्चिंत होकर काम कर सकेंगी। औद्योगिक क्षेत्रों में पुलिस चौकी की स्थापना से सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता होगी और अपराधों पर लगाम लगेगी।
औद्योगिक विकास को मिलेगी नई गति—
विशेषज्ञों का मानना है कि रीको के इस नीतिगत बदलाव से प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के साथ-साथ ‘सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर’ को भी बढ़ावा मिलेगा। बुनियादी सुविधाओं की सुलभता से न केवल औद्योगिक परिवेश बेहतर होगा, बल्कि निवेश के लिए भी एक अनुकूल वातावरण तैयार होगा। रीको का यह कदम औद्योगिक विकास और सामाजिक सरोकार के बीच बेहतर तालमेल बिठाने की दिशा में एक प्रभावी पहल साबित होगा।




