गुलाबी नगरी के जवाहर कला केन्द्र (JKK) में सहकारिता विभाग एवं कॉनफेड द्वारा आयोजित दस दिवसीय ‘राष्ट्रीय सहकार मसाला मेला-2026’ रविवार को सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित करते हुए संपन्न हो गया। इस वर्ष मेले ने न केवल उपभोक्ताओं का दिल जीता, बल्कि बिक्री के मामले में पिछले सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए।
रिकॉर्ड तोड़ कारोबार और जनभागीदारी—
सहकारिता विभाग के शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार डॉ. समित शर्मा ने बताया कि इस बार मेले में कुल 5.50 करोड़ रुपये से अधिक के मसालों और उत्पादों की बिक्री हुई। यह आंकड़ा अब तक का सर्वाधिक है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 1.25 करोड़ रुपये अधिक है। मेले की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस बार रिकॉर्ड 160 स्टॉल्स लगाए गए थे, जो पिछले साल के मुकाबले 40 अधिक हैं।
नवाचारों ने बढ़ाया आकर्षण—
डॉ. शर्मा के अनुसार, यह मेला कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। पहली बार उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए ट्रॉली की व्यवस्था की गई, जिससे खरीदारी का अनुभव आसान हुआ। स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए पहली बार जेनेरिक मेडिसिन जागरूकता स्टॉल लगाई गई, जहां लोगों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं के बारे में जानकारी दी गई।
विविधता और विशेष उत्पाद—
मेले में इस बार ‘एक छत के नीचे सब कुछ’ की अवधारणा को साकार किया गया। इसमें ऑर्गेनिक उत्पाद, श्री अन्न (मिलेट्स), जीआई टैग उत्पाद और ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ODOP) के तहत विशेष सामग्रियों का प्रदर्शन व विक्रय किया गया। विशेष बात यह रही कि इस बार ग्राम सेवा सहकारी समितियों और कृषक उत्पादक संगठनों (FPOs) ने भी प्रभावी भागीदारी निभाते हुए अपने उत्पादों को सीधे बाजार उपलब्ध कराया।
समारोह के समापन पर शासन सचिव ने सफल आयोजन के लिए पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि शुद्धता और विश्वास के कारण ही सहकार मसालों ने आमजन के बीच अपनी खास पहचान बनाई है




