राजस्थान सरकार के ऊर्जा विभाग ने प्रदेशवासियों को बड़ी राहत देते हुए बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब 33 KV तक के वोल्टेज पर बिजली कनेक्शन लेने के लिए उपभोक्ताओं को इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर की ‘अनापत्ति प्रमाणपत्र’ (NOC) का इंतजार नहीं करना होगा। ऊर्जा सचिव आरती डोगरा की मंजूरी के बाद विभाग ने इस संबंध में विस्तृत नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
क्या बदला है?—
पुरानी व्यवस्था के तहत, 33 KV तक के कनेक्शन के लिए इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर की जांच और उनकी NOC अनिवार्य थी। इस प्रक्रिया में अक्सर लंबा समय लगता था, जिससे प्रोजेक्ट्स में देरी होती थी। नए आदेश के अनुसार, अब उपभोक्ता स्व-प्रमाणन (Self-Certification) के आधार पर कनेक्शन प्राप्त कर सकेंगे। ऊर्जा विभाग ने इस संदर्भ में पूर्व में जारी सभी पुराने आदेशों को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है।
इनके लिए NOC अभी भी जरूरी—
सरकार ने प्रक्रिया को सरल जरूर बनाया है, लेकिन सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया गया है। नोटिफिकेशन के अनुसार, निम्नलिखित श्रेणियों में अभी भी इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर की NOC अनिवार्य रहेगी:—
15 मीटर से अधिक ऊंचे बहुमंजिला भवन और भूमिगत तहखाने (Basements)।
सार्वजनिक स्थान जहाँ भारी भीड़ जुटती है, जैसे- सिनेमा हॉल, अस्पताल, मॉल और होटल।
धार्मिक स्थल, शैक्षणिक संस्थान और VIP यात्रा वाले संवेदनशील स्थल।
33 KV से अधिक वोल्टेज वाले सभी उच्च क्षमता के कनेक्शन।
व्यापार और आमजन को लाभ—
इस फैसले से प्रदेश में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा मिलेगा। उद्योगों और निजी प्रतिष्ठानों को अब तकनीकी औपचारिकताओं के कारण बिजली के लिए महीनों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यह कदम न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगाएगा, बल्कि विभागीय पारदर्शिता को भी बढ़ाएगा।




