राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक केंद्र गलता धाम के विकास को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की है। रविवार को तीर्थ परिसर में अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि गालव ऋषि की तपोस्थली गलता जी के मूल स्वरूप को अक्षुण्ण रखते हुए इसे आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाए। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि गलता तीर्थ के प्रति आमजन में अगाध श्रद्धा है। इसलिए, यहां विकास कार्य इस तरह किए जाएं कि भक्तों को ‘पौराणिकता और आधुनिकता’ का अद्भुत संगम देखने को मिले। उन्होंने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ एक विस्तृत कार्ययोजना पर काम करने के निर्देश दिए।
बुजुर्गों के लिए ट्रैवलेटर और बेहतर पार्किंग—
श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से वृद्धजनों के लिए ‘ट्रैवलेटर’ जैसी आधुनिक सुविधाएं मुहैया करवाने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने तीर्थ तक आने वाले दोनों प्रमुख रास्तों के चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण के साथ-साथ वाहनों के लिए समुचित पार्किंग व्यवस्था विकसित करने को कहा।
धार्मिक चित्रण से भक्तिमय होगा मार्ग—
गलता धाम के जीर्णोद्धार के तहत मंदिरों और पवित्र कुंडों की दीवारों की मरम्मत की जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रवेश द्वार से लेकर मुख्य मंदिर तक के रास्तों पर आकर्षक धार्मिक चित्रण (वॉल पेंटिंग्स) किया जाए, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं का मन प्रवेश करते ही आस्था और शांति से भर उठे। इसके अलावा, प्रवेश द्वार पर गलता तीर्थ के इतिहास और यहां स्थित मंदिरों की संपूर्ण जानकारी प्रदर्शित की जाएगी।मुख्यमंत्री के इन निर्देशों का उद्देश्य गलता जी को एक वैश्विक धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करना है, जहां श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन के साथ-साथ एक बेहतर आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हो सके।




