Vidhan Sabha News: सभापति संदीप शर्मा के घंटी बजाने पर सदन में गतिरोध

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राजस्थान विधानसभा में गुरुवार, 5 मार्च 2026 को भारी हंगामे और तीखी नोकझोंक के बीच ‘राजस्थान दुकान एवं वाणिज्यिक अधिष्ठान (संशोधन) विधेयक-2026’ ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। सदन की कार्यवाही के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जबरदस्त टकराव देखने को मिला, जिसके चलते सदन को आधे घंटे के लिए स्थगित करना पड़ा।

हंगामे की मुख्य वजह: सभापति और डोटासरा के बीच बहस— 

विवाद उस समय शुरू हुआ जब कांग्रेस विधायक हरिमोहन शर्मा इस विधेयक पर अपनी बात रख रहे थे। चर्चा के दौरान आसन पर बैठे सभापति संदीप शर्मा ने समय सीमा का ध्यान दिलाने के लिए घंटी बजाई। इस पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कड़ी आपत्ति जताई। डोटासरा का तर्क था कि विधेयक पर चर्चा के दौरान किसी सदस्य को घंटी बजाकर टोकना संसदीय परंपराओं के खिलाफ है।

सभापति ने स्पष्ट किया कि उन्होंने केवल समय के प्रति सचेत किया था, लेकिन बहस जल्द ही व्यक्तिगत टिप्पणियों में बदल गई। सभापति शर्मा ने कहा कि सदन में आसन का सम्मान सर्वोपरि है और डोटासरा को इस तरह के व्यवहार से बचने की हिदायत दी।

वेल में उतरे विधायक, हाथापाई की नौबत—

हंगामा इतना बढ़ गया कि कांग्रेस विधायक एकजुट होकर सदन के वेल में आ गए और नारेबाजी करने लगे। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब सत्तापक्ष के सदस्य भी अपनी सीटों से उठकर सामने आ गए। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और मंत्री अविनाश गहलोत ने डोटासरा के व्यवहार की निंदा की और उन्हें ‘आदतन उल्लंघनकर्ता’ बताया। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एक समय पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और कांग्रेस सदस्य हाकिम अली के बीच शारीरिक टकराव जैसी स्थिति भी बन गई थी।

सदन स्थगित और अध्यक्ष का फैसला—

बिगड़ते हालात को देखते हुए सभापति अर्जुनलाल जीनगर (जिन्होंने संदीप शर्मा का स्थान लिया था) ने सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी। सदन दोबारा शुरू होने पर सत्तापक्ष ने डोटासरा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सदन को आश्वासन दिया कि वे पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग और टेलीकास्ट की समीक्षा करेंगे और शुक्रवार को अपना निर्णय देंगे।

विधेयक के मुख्य प्रावधान—

हंगामे के बावजूद, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत के जवाब के बाद सदन ने बिल पास कर दिया। इस संशोधन के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:

काम के घंटे: दैनिक कार्य समय को 9 से बढ़ाकर 10 घंटे किया गया है।

ओवरटाइम: तिमाही ओवरटाइम की सीमा 50 घंटे से बढ़ाकर 144 घंटे कर दी गई है।

बाल श्रम पर रोक: दुकानों में काम करने की न्यूनतम आयु 12 से बढ़ाकर 14 वर्ष की गई है। साथ ही, 14 से 18 वर्ष के किशोरों के लिए रात में काम करना प्रतिबंधित होगा।

विश्राम का समय: लगातार काम करने की अवधि 5 से बढ़ाकर 6 घंटे की गई है, जिसके बाद आधा घंटा अवकाश अनिवार्य होगा।

सरकार का दावा है कि इन बदलावों से राज्य में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, जबकि विपक्ष ने इसे मजदूरों के शोषण का जरिया बताया है।

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