C M NEWS: हिंदी हमारे मन की अभिव्यक्ति का स्वरूप है -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि हिंदी को बढ़ावा देना हम सभी की जिम्मेदारी है क्योंकि यह हमारे मन की अभिव्यक्ति का स्वरूप है। हिंदी न केवल हमारी राजभाषा है बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक धरोहर और राष्ट्रीय एकता की प्रतीक भी है। हम सभी का कर्तव्य है कि हम हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए हर संभव प्रयास करें क्योंकि यह केवल एक संवैधानिक निर्देश ही नहीं बल्कि एक राष्ट्रीय आवश्यकता भी है। मुख्यमंत्री सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग की ओर से जयपुर के सीतापुरा स्थित जेईसीसी में आयोजित मध्य पश्चिम और उत्तरी क्षेत्रों के संयुक्त क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हिंदी के सम्मान, प्रयोग और प्रसार में अपनी पूरी शक्ति और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए हमें हर स्तर पर, हर क्षेत्र में इसे प्रोत्साहित करना चाहिए। यही हमारी असल पहचान है। उन्होंने कहा कि हिंदी भारत की सामाजिक संस्कृति के सभी तत्वों की अभिव्यक्ति का माध्यम बन सकती है। श्री शर्मा ने डिजिटल युग में हिंदी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के तकनीकी युग में हिंदी को डिजिटल प्लेटफार्मों पर भी समाहित करना आवश्यक है। इस सम्मेलन में कंप्यूटर पर हिंदी में कार्य करने के नवीनतम तरीकों और सुविधाओं के बारे में जानकारी प्रदान की जा रही है, जो सराहनीय कार्य है। उन्होंने कहा कि हिंदी केवल एक भाषा ही नहीं बल्कि हमारी संस्कृति, सोच और विचारों का सशक्त रूप है। हमारे प्रदेश में हिंदी का प्रशासनिक क्षेत्र में व्यापक प्रयोग हो रहा है। राजकीय विभागों में हिंदी के मानक प्रयोग को सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

Assembly: सदन शांतिपूर्ण चलाने में सभी दलों की सहमति बनी —श्री देवनानी

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राजस्‍थान विधान सभा अध्‍यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा है कि राजस्थान विधान सभा का यह सदन लोकतंत्र का पवित्र स्‍थल है। इसकी गरिमा को बनाये रखने का दायित्‍व सत्‍ता पक्ष और प्रतिपक्ष दोनों का है। श्री देवनानी की अध्‍यक्षता में सोमवार को प्रात: उनके कक्ष में सोलहवीं विधान सभा के सभी प्रमुख दलों के वरिष्‍ठ नेताओं की एक महत्‍वपूर्ण बैठक सम्‍पन्‍न हुई। अध्‍यक्ष ने बैठक में सत्‍ता पक्ष और प्रतिपक्ष सहित सभी दलों के प्रमुख नेताओं की बातों को सुना। गत दिनों सदन में जो परिस्थितियां और वातावरण बना उस पर विधान सभा श्री देवनानी ने दु:ख और पीड़ा व्‍यक्‍त की। श्री देवनानी ने कहा कि भविष्‍य में इस पवित्र सदन में ऐसी कोई स्थिति पैदा ना हो। बैठक में विभिन्‍न दलों के वरिष्‍ठ सदस्‍यों के मध्‍य सदन को शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से चलाने के लिए सहमति बनी। उन्होने ने कहा कि प्रतिपक्ष शांतिपूर्वक और गरिमामय तरीके से सदन में मुद्दे उठाये और राज्‍य सरकार द्वारा उनका समुचित तरीके से जवाब देने की व्‍यवस्‍था करें। श्री देवनानी ने कहा कि बुधवार 19 फरवरी को सदन में प्रदेश का बजट प्रस्‍तुत होगा। इस बजट को दोनों पक्ष शांतिपूर्वक सुने। बजट प्रदेश और प्रदेश की आठ करोड़ जनता के लिए महत्‍वपूर्ण होता है। सदन में बजट प्रस्‍तुति‍करण की कार्यवाही को आम जनता भी देखती है। प्रदेश की जनता से चुनकर आये जनप्रतिनिधिगण अपने आचरण और व्यवहार से जन आकांक्षाओं के अनुकूल आदर्श प्रस्तुत करें। श्री देवनानी ने कहा कि विधान सभा सदन नियमों, परम्‍पराओं व मर्यादाओं से चलता है। उन्होंने सभी दलों से सदन को शांतिपूर्वक चलाने में सहयोग करने और बजट सत्र में आसन द्वारा दी गई व्‍यवस्‍था के तहत ही सार्थक बहस में अपनी बात समय सीमा में रखने के लिए कहा। श्री देवनानी ने कहा कि दोनों पक्ष एक-दूसरे पक्ष के सदस्‍यों का पूरा सम्‍मान करें। प्रश्‍नकाल को शांतिपूर्वक चलाएं। सदन के नेता और नेता प्रतिपक्ष जब सदन में बोलें तो दोनों पक्षों के सभी सदस्‍यों को उनका सम्‍मान करने के लिए उनकी बातों को शांतिपूर्वक सुनना चाहिए। शून्‍यकाल के बाद सदस्‍यों को अपनी बात सदन के सामने नियमों के तहत अध्‍यक्ष या सभापति की अनुमति के पश्‍चात ही रखनी चाहिए। विधान सभा अध्‍यक्ष के आसन से दी गई व्‍यवस्‍थाओं को सत्‍ता पक्ष और प्रतिपक्ष को पालना करनी चाहिए। प्रदेश की जनता के सामने विधान सभा सदन की गरिमा को प्रस्‍तुत करने का विधायकगण के लिए यह आदर्श मौका होता है। बैठक में संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा, सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग, प्रतिपक्ष के मुख्‍य सचेतक रफीक खान, रालोद के डॉ. सुभाष गर्ग और विधान सभा के प्रमुख सचिव भारत भूषण शर्मा मौजदू थे।

Rajasthan News: सरकार ने किया जन्म मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम में संशोधन, विलम्ब शुल्क 50 से बढ़ाकर किया 250 रुपये

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राजस्थान जन्म मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम में संशोधन के बाद जन्म और मृत्यु की 30 दिवस के पश्चात 1 वर्ष के भीतर की घटना हेतु जारी की जाने वाली अनुज्ञा ग्रामीण क्षेत्र में ब्लॉक सांख्यिकी अधिकारी द्वारा जारी की जाएगी। आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सहायक निदेशक डॉ. सुदीप कुमावत ने बताया कि जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1969 (संशोधित)2023 के क्रम में राजस्थान जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम 2000 (संशोधित) 2025 अधिसूचना का राजस्थान राजपत्र में प्रकाशन पश्चात विधानसभा के पटल पर रखी गयी है। जिसमें प्रमुख संशोधन किये गये हैं। उन्होंने बताया कि जन्म-मृत्यु अधिनियम में संशोधन लागू होने से प्रमाण पत्र निर्धारित अवधि में जारी होंगे जिससे आमजन को सुविधा होगी। शत प्रतिशत जन्म-मृत्यु की घटनाओं का पंजीयन होगा और ब्लॉक सांख्यिकी कार्यालयों को मजबूती मिलेगी। डॉ. कुमावत ने बताया कि नवीनतम संशोधन के तहत वर्तमान में जन्म या मृत्यु की घटना की सूचना 21 दिवस पश्चात रजिस्ट्रार को देने पर 1 रुपये विलम्ब शुल्क देय है। संशोधन के पश्चात अब यदि घटना की सूचना 21 दिवस पश्चात परंतु 30 दिवस के भीतर रजिस्ट्रार को दी जाती है तो 20 रुपये विलम्ब शुल्क देय होगा। वहीं, यदि घटना की सूचना 30 दिवस पश्चात परंतु वर्ष के भीतर दी जाती है तो 50 रुपये एवं घटना की सूचना 1 वर्ष पश्चात दिए जाने पर 100 रुपये विलम्ब शुल्क देय होगा। उन्होंने बताया कि आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग चिकित्सा संस्थानों के द्वारा जन्म-मृत्यु पंजीयन में 21 दिवस सें अधिक विलम्ब किये जाने पर अथवा सूचना समय पर नहीं देने पर पूर्व में 50 रुपये की पेनल्टी का प्रावधान था जिसे बढाकर अब 250 रुपये और अधिकतम एक हजार रुपये की पेनल्टी का प्रावधान किया गया है। जन्म-मृत्यु के विलम्बित रजिस्ट्रीकरण में नोटरी सत्यापन को समाप्त किया गया हैं।अपील का प्रावधान किया गया है। यदि प्रार्थी रजिस्ट्रार, जिला रजिस्ट्रार से संतुष्ट नहीं हैं तो उच्च स्तर पर अपील कर सकते हैं।

Kotputli-Behroad: मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के कल्याण हेतु प्रतिबद्ध है —दिया कुमारी

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उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के समग्र विकास हेतु संकल्पबद्ध है। राज्य सरकार हर व्यक्ति को सभी मूलभूत सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राजनौता क्षेत्रवासियों की लंबे समय से एमडीआर सड़क की मांग को राज्य सरकार ने बजट घोषणा 2024–25 के माध्यम से पूर्ण किया, जिसे अब मूर्त रूप दिया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री ने रविवार को कोटपुतली-बहरोड की तहसील पावटा के राजनौता में राजकीय विद्यालय के खेल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में बजट घोषणा 2024–25 के तहत एमडीआर रोड़ (एमडीआर–228) का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने जनकल्याणकारी कार्यों और योजनाओं के माध्यम से महिला, किसान और मजदूर सहित सभी वर्गों के कल्याण हेतु प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार द्वारा आमजन की आकांक्षाओं और हितों को ध्यान में रखते हुए 70 प्रतिशत से अधिक बजट घोषणाओं की क्रियान्विति धरातल पर की जा चुकी है और शेष कार्य भी यथासमय पूर्ण किए जाएंगे। राज्य सरकार ने बजट घोषणाओं को मूर्त रूप देने का कार्य शीघ्रता से किया है। उन्होंने कहा कि एक वर्ष में प्रदेश सरकार द्वारा किए गए कल्याणकारी कार्य महज एक ट्रेलर हैं, विकास की पूरी पिक्चर अभी बाकी है, गत वर्ष के बजट की तरह आगामी बजट भी जनाकांक्षाओं को पूरा करने वाला रहेगा। इस दौरान उन्होंने जनसभा में आए आमजन, विशेषकर मातृ शक्ति का आभार व्यक्त किया। इस दौरान नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि राज्य सरकार ने रामजल सेतु परियोजना (संशोधित ईआरसीपी) के माध्यम से राजस्थान के कई जिलों में सिंचाई और पेयजल की समस्या दूर करने की दिशा में विभिन्न कार्यों को शुरू किया है। उन्होंने कहा कि गत वर्ष में राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश की आकांक्षाओं को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अपने प्रथम कार्यकाल में ही अनेकों सौगातें राज्य सरकार ने प्रदेश को दी है। गत बजट के माध्यम से हर वर्ग की मांगों को पूरा करने के प्रयास राज्य सरकार ने किए है और आगामी बजट में भी सभी वर्गों की मांगों को ध्यान में रखा जाएगा।

Ajmer News: वरुण सागर में लगेगी भगवान झूलेलाल की मूर्ति और बनेगा घाट -श्री देवनानी

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अजमेर में अंग्रेजी गुलामी की मानसिकता के प्रतीक फॉयसागर झील का नाम बदलकर वरूण सागर करने पर सिंधी समाज, अन्य समुदायों और दर्जनों संगठनों ने रविवार शाम वरूण सागर झील पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी का सम्मान किया। इस अवसर पर श्री देवनानी ने घोषणा की कि वरूण सागर झील में जन आराध्य भगवान झूलेलाल की मूर्ति और आमजन व सिंधी समाज की पूजा अर्चना के लिए घाट का निर्माण करवाया जाएगा। बड़ी संख्या में संतों और सिंधी समाज से जुड़ी संस्थाओं ने समारोह में भाग लिया। विश्व के अनेक हिस्सों से सिंधी समाज के लोगों व संगठनों ने भी बधाई प्रेषित की। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी अजमेर में 2 करोड़ रूपए की लागत से महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में सिन्धु शोध पीठ स्थापित की गई है। इसी तरह शिक्षा मंत्री के रूप में शहीद हेमू कालानी, दाहर सेन, संत कंवर राम, संत टेऊ राम व संत भगवान चन्द्र के पाठ पाठ्यक्रम में शामिल किए गए। अजमेर में केईएम का नाम बदल कर महर्षि दयानन्द विश्रांति गृह करने, होटल खादिम का नाम बदल कर होटल अजयमेरु करने और फॉय सागर का नाम बदल कर वरुण सागर करने पर रविवार को शहर की दर्जनों संस्थाओं, समाजों और हजारों लोगों ने विधानसभा अध्यक्ष का नागरिक अभिनन्दन किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए देवनानी ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत को संजोना और हमारी आने वाली पीढ़ियों को अपने गौरवशाली अतीत से परिचित कराना हमारा कर्तव्य है। यह नाम परिवर्तन मात्र औपचारिक निर्णय नहीं, बल्कि हमारी अस्मिता और आत्मसम्मान का प्रतीक है। संस्कृति का संरक्षण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्व में अजमेर रेलवे स्टेशन का नाम अजमेरी शरीफ एवं अजमेर म्यूजियम का नाम अकबर का किला करने का प्रयास किया गया। हमने इसका विरोध कर नाम परिवर्तन नहीं होने दिया। राष्ट्र निर्माण एवं गौरव का कार्य करने वालों का सम्मान होना चाहिए चाहे विचारधारा में मतभेद हो। इससे पूर्व कार्यकाल में भी शहर के लिए ऎतिहासिक कार्य किए गए । इसमें शहर का पहला महिला इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना एवं 142 किमी पाइपलाइन डलवाना बड़ी उपलब्धि रही।

C M NEWS: बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी जिला कलक्टर की -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर संभाग के सभी जिला कलक्टर्स को आगामी तीन दिन में पिछले बजट वर्ष 2024-25 की घोषणाओं के लम्बित प्रकरणों की रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बजट संबंधी घोषणाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी जिला कलक्टर की होगी और इस संबंध में मौका निरीक्षण कर समस्याओं का समाधान किया जाए। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लम्बित प्रकरणों का तकनीकी परीक्षण करते हुए सभी आवश्यक स्वीकृतियां फरवरी माह के अंत तक जारी कर दी जाए। मुख्यमंत्री रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर वीसी के माध्यम से जयपुर संभाग के विकास कार्यों और बजट घोषणाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा कर रहे थे। समीक्षा में जिला कलक्टर्स ने आगामी बजट 2025-26 के लिए पेयजल, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और परिवहन सुविधा सहित अन्य बिन्दुओं पर सुझाव भी दिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिला कलक्टर मौके पर निरीक्षण करते हुए तय मापदण्ड़ों व उपयोगिता के आधार पर इन कार्यों की प्राथमिकता निर्धारित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि आने वाले गर्मी के मौसम में आमजन को पेयजल, बिजली सहित अन्य मामलों में किसी भी तरह की परेशानी नहीं हो, इसके लिए सभी जिला कलक्टर्स कंटीन्जेंसी प्लान की तैयारी रखें और इन मामलों में जिला कलक्टर पूरी जिम्मेदारी से कार्य करें। मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलक्टरों को आगामी गर्मियों के मौसम में पेयजल व बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने पेयजल के अवैध कनेक्शन के खिलाफ उचित कार्रवाई करने एवं बारिश के पानी के निकास की समुचित व्यवस्था के संबंध में निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विकास के साथ ही विरासत का संरक्षण हमारी सरकार की प्राथमिकता है। हमारी सरकार ‘हैरिटेज भी और हाइटेक भी’ के विजन को लेकर कार्य कर रही है। उन्होंने झुंझुनूं जिले के विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि लोहार्गल सहित अन्य पर्यटन स्थलों के विकास के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की जाए। साथ ही, उन्होंने सीकर जिले की समीक्षा करते हुए कहा कि खाटूश्याम जी के मंदिर को भव्यता प्रदान करने की बजट घोषणा की अनुपालना में विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जाए ताकि आने वाले श्रद्धालुओं को सुलभ एवं बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध हो सकें। श्री शर्मा ने कहा कि बजट घोषणा की अनुपालना में जयपुर में विकसित की जाने वाली हाईटेक सिटी राज्य सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसके तहत विशेष रूप से सड़क कनेक्टिविटी, पानी-बिजली सहित आधारभूत सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए।

C M NEWS: मुख्यमंत्री ने भरतपुर व डीग जिले के विकास कार्यों की समीक्षा

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार विकास कार्यों के रोडमैप के जरिए भरतपुर व डीग जिले का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस क्षेत्र की भौगोलिक, ऐतिहासिक व सांस्कृतिक परिस्थितियों के अनुरूप आधारभूत विकास परियोजनाओं को पूर्ण गुणवत्ता के साथ समय से पूरा करते हुए आमजन को लाभान्वित करें। श्री शर्मा शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर भरतपुर व डीग जिले के विकास कार्यों को लेकर आयोजित समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सड़क, ऊर्जा, पानी, शिक्षा, चिकित्सा, उद्योग, स्वायत्त शासन, राजस्व, पर्यटन और वन सहित विभिन्न विभाग आमजन की सुविधाओं को विस्तार देने वाले विकास कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग करें। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि भरतपुर व डीग जिले में आमजन के सुगम आवागमन के लिए मजबूत सड़क तंत्र को विकसित किया जाए। इसके लिए आवश्यकतानुसार कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जल संसाधन विभाग द्वारा दोनों जिलों में दशकों पुराने नहरों, बांधों, डिग्गियों का समय-समय पर मरम्मत कार्य किया जाए। जिससे आमजन सहित किसानों को भी इनका पूरा लाभ मिल सके। श्री शर्मा ने ऊर्जा विभाग को निर्देशित किया कि भरतपुर एवं डीग जिले में बड़ी आबादी को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रगतिरत विकास कार्यों को समय से पूरा किया जाए। उन्होंने स्वायत्त शासन विभाग को निर्देशित किया कि शहरी आबादी के लिए सड़क, बिजली, पानी, साफ-सफाई, सीवरेज जैसी मूलभूत आवश्यकताओं से संबंधित कार्यों को गुणवत्ता से पूरा करें तथा इनकी निरंतर मॉनिटरिंग भी की जाए। उन्होंने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि भरतपुर व डीग जिले में आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यकता के अनुरूप संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग को निर्देश दिए कि भरतपुर व डीग में सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों के सौन्दर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि देवस्थान विभाग भरतपुर के प्राचीनतम मंदिरों का कार्ययोजना बनाकर सुनियोजित रख-रखाव करे।

IFA: आईफा के आयोजन से प्रदेश में पर्यटन के नये आयाम खुलेगें -उपमुख्यमंत्री

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आईफा अवार्ड- 2025 के आयोजन से प्रदेश के पर्यटन की नई पहचान स्थापित होगी। प्रदेश के नये पर्यटन स्थलों को विश्व स्तर पर पहचान मिलेगी। पारम्परिक क्षेत्रों के साथ नये क्षेत्रों में भी पर्यटन को बढ़ावा मिलने से रोजगार के नये अवसर सृजित होगे ओर सरकार के राजस्व में वृद्धि होगी। यह बात शनिवार को उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने सिविल लाईन्स स्थित कार्यालय पर पत्रकारों के लिए आयोजित स्नेह भोज में कही। उन्होंने कहा कि हर वर्ष आईफा की तरह बडे़ आयोजन प्रदेश में आयोजित करवायें जायेगें ताकी प्रदेश के पर्यटन में बढोत्तरी हो और प्रदेश को अधिक से अधिक राजस्व प्राप्त हों। इस दोरान उन्होंने प्रिंट, इलेक्ट्रोनिक और सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स से जुडे़ पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं की जानकारी आम जनता तक सही तरीके से पहुचाने में मीडिया की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। इस दोरान उन्होंने पत्रकारों से बजट सहित विभिन्न मुद्दौ पर चर्चा की और उनके सुझाव लिए। उन्होंने पत्रकारों की समस्यायें भी सुनी और उनके सकारात्मक समाधान का आश्वासन भी दिया।

C M NEWS: युवाओं की उम्मीदों को पूरा कर रही राज्य सरकार -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों की सेवा को अपना ध्‍येय मानकर युवा, किसान, महिलाओं और जरूरतमंदों के उत्‍थान के लिए कार्य कर रही है। हर क्षेत्र में विकास और सेवा की भावना के साथ हमारी सरकार हर वर्ग, हर व्यक्ति की खुशहाली और उन्नति सुनिश्चित कर रही है। श्री शर्मा शुक्रवार को कुचामनसिटी में स्व. श्री भंवराराम कड़वा के प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में युवाओं की उम्मीदों को पूरा करने वाला माहौल तैयार हुआ है। हमारी सरकार ने 5 वर्षों में 4 लाख सरकारी नौकरियां देने का लक्ष्य रखा है। इसी दिशा में अब तक लगभग 60 हजार सरकारी नौकरियों में नियुक्तियां दी है और जुलाई माह तक कुल 1 लाख नौकरियां दे दी जाएंगी। साथ ही, नए साल के आरंभ के साथ हमने वर्ष 2025 में 81 हजार पदों के लिए होने वाली परीक्षाओं का कैलेंडर जारी कर दिया है। इसी प्रकार निजी क्षेत्र में रोजगार सृजन के लिए राज्य सरकार प्रदेश में निवेश और उद्योग को बढ़ावा दे रही है। इसके लिए राज्य सरकार ने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन किया, जिसके जरिये प्रदेश में निवेश के लिए 35 लाख करोड़़ रुपये के एमओयू हुए। श्री शर्मा ने कहा कि बेटियों के उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए हमने लाडो प्रोत्साहन योजना शुरू की है। प्रदेश में एक हजार नए आंगनबाड़ी केंद्र खोलने के साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर नौनिहालों को पौष्टिक दूध उपलब्ध कराने के लिए अमृत आहार योजना शुरू की है। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि अन्त्योदय के संकल्प के साथ सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आस-पास के जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने के लिए अपनी भागीदारी निभाएं।

Farmer News: किसानों और व्यापारियों की उन्नत सुविधा के लिये 24 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति

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किसानों और व्यापारियों के लिए कृषि उपज मण्डी समितियों में अधिकाधिक सुविधाएं विकसित करने के क्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 24 करोड़ रुपये से अधिक राशि के विकास कार्यों की प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। श्री शर्मा ने कृषि उपज मण्डी समिति लालसोट, भवानीमण्डी, देवली और कोटपूतली में आधारभूत ढांचा विकसित करने के लिए 7 करोड़ 27 लाख रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की है। वहीं कृषि उपज मण्डी समिति लूणकरणसर, श्रीकरणपुर, बीकानेर (अनाज), पूगल रोड (अनाज), बीकानेर, खाजूवाला, श्रीमाधोपुर, नोखा, श्रीडूंगरगढ़ एवं पदमपुर में सम्पर्क सड़कों के निर्माण कार्य के लिए 16 करोड़ 73 लाख रुपये की स्वीकृति दी है।