Assembly: प्रदेश में कामकाजी महिला हॉस्टल खोले जाएंगे -सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री

0
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने शु्क्रवार को विधानसभा में कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में चरणबद्ध तरीके से कामकाजी महिला हॉस्टल खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि कामकाजी महिला हॉस्टल के निर्माण के लिए 30 जिला मुख्यालयों पर भूमि का आवंटन हो चुका है और 11 जिला मुख्यालयों पर भूमि आवंटन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्यों द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि कामकाजी महिला निवास योजना के भवन निर्माण के लिए भारत सरकार द्वारा मांगे जाने पर स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट 2024—25 के अन्तर्गत जारी गाइडलाइन पार्ट—एक्स (कंस्ट्रक्शन आफ वर्किंग वूमन हॉस्टल्स) के तहत राजस्थान राज्य के लिए 165.32 करोड़ रुपए की डीपीआर मय रिपोर्ट बजट मांग के लिए प्रस्ताव महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार को 24 जनवरी 2025 को भिजवाए गए हैं। उन्होंने बताया कि कामकाजी महिला निवास योजना के संचालन के लिए सभी संभाग मुख्यालयों (अजमेर, जोधपुर, जयपुर, बीकानेर, उदयपुर, कोटा, भरतपुर) पर भवन निर्माण हेतु भूमि आवंटित करवाई जा चुकी है। उन्होंने उक्त बजट घोषणा की अनुपालना में कामकाजी महिला निवास योजना के संचालन के लिए दिशा—निर्देश भी सदन के पटल पर रखे। विधायक श्रीमती अनिता भदेल के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में मंत्री ने कहा कि 23 जिला मुख्यालयों (सीकर, पाली, चूरू, बून्दी, झालावाड़, चित्तोड़गढ, बारां, करौली, श्रीगंगानगर, सवाईमाधोपुर, अलवर, भीलवाड़ा, जालोर, डूंगरपुर, नागौर, जैसलमेर, झुन्झुनूं, टोंक, हनुमानगढ़, दौसा, सिरोही, ब्यावर, डीडवाना—कुचामन) पर भूमि आवंटित करवाई जा चुकी है। 11 जिला मुख्यालयों (बांसवाड़ा, बाड़मेर, राजसमन्द, प्रतापगढ़, धौलपुर, बालोतरा, डीग, खैरथल तिजारा, कोटपूतली बहरोड़, फलौदी, सलूम्बर) पर भूमि आवंटित की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। उन्होंने बताया कि राजसमंद में जिला स्तरीय कमेटी के माध्यम से यह प्रक्रियाधीन है। उन्होंने आश्वस्त करते हुए कहा कि इसी वित्तीय वर्ष में भूमि आवंटित कराने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कामकाजी महिला निवास योजना के संचालन हेतु सभी जिला मुख्यालयों पर किराये के भवनों में संचालन के लिये अभिरूचि की अभिव्यक्ति 12 फरवरी 2025 को समाचार पत्रों में प्रकाशित करवा इच्छुक संचालनकर्ता संस्थाओं से दिनांक 10 मार्च 2025 तक प्रस्ताव जिला कार्यालयों में आमंत्रित किये गये हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने 2024—25 में संभाग स्तर पर बालिका सैनिक स्कूल स्थापित किए जाने के जवाब में कहा कि अजमेर जिले के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय हाथीखेड़ा में 15 एकड़ भूमि चयनित कर ली गई है। अजमेर विकास प्राधिकरण के पास यह प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है। उन्होंने संभाग मुख्यालय पर सैनिक स्कूल के लिए अब तक की गई कार्यवाही का विवरण भी सदन की मेज पर रखा।

Assembly: मंत्रिमंडल के निर्णय के बाद होगें शिक्षकों के तबादले -शिक्षा मंत्री

0
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि प्रदेश में शिक्षकों के स्थानान्तरण के लिए नीति बनाये जाने की कार्यवाही विचाराधीन है। इस संबंध में सभी सम्बन्धित पक्षों, शिक्षाविद और शैक्षिक संगठनों के विचार व सुझाव आमंत्रित किये जाएंगे। शिक्षा मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस सम्बन्ध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने सदन को बताया कि तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण के संबंध में मंत्रिमंडल के निर्णय के बाद कार्यवाही की जाएगी। विधायक कैलाश चंद वर्मा के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में शिक्षा मंत्री ने बताया कि वर्तमान में राज्य सरकार के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के स्थानान्तरण पर प्रतिबंध है। उन्होंने बताया कि प्रारम्भिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत तृतीय श्रेणी शिक्षकों के वर्ष 2018 के बाद स्थानान्तरण नहीं किए गए हैं। उन्होंने वर्ष 2018 के बाद किये गए स्थानान्तरणों का विवरण सदन के पटल पर रखा।

Assembly: कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सहित 5 विधायकों को किया निलंबित

0
शुक्रवार को राजस्थान विधानसभा में इंदिरा गांधी के बयान को लेकर हंगामा हुआ और सदन की कार्यवाही रोक दी गई। इसके बाद हंगामा करने वालों पर सदन में सत्ता पक्ष की ओर से बजट सत्र की कार्यवाही से निलंबित करने का प्रस्ताव रखा गया। अध्यक्ष वासु देवनानी द्वारा विधानसभा में पारित प्रस्ताव को मंजूर किया गया और कांग्रेस दल के छ: विधयकों को पूरे बजट सत्र से सस्पेंड कर दिया गया। छ: विधयकों में गोविंद सिंह डोटासरा, रामकेश मीणा, हाकम अली खान,अमीन कागजी, जाकिर हुसैन गैसावत और संजय कुमार के नाम शामिल है। ऐसा संभवतः इतिहास में पहला उदाहरण जब विधानसभा में किसी पार्टी के अध्यक्ष के खिलाफ निलंबन का सत्ता पक्ष के मुख्य सचेतक ने निलंबन का प्रस्ताव रखा। वहीं विधानसभा में देर रात तक हंगामा होता रहा। इस दौरान कांग्रेस विधायक रात को सदन में ही डटे रहे। विधायकों ने सदन में ही भोजन किया और रात गुजारी।

High Court: ‘सरकार की आलोचना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा, न्यायपालिका की भी आलोचना की जा सकती है’: हाईकोर्ट की मौखिक टिप्पणी

0
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को एक बार फिर ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर की गिरफ्तारी पर रोक 19 फरवरी तक बढ़ा दी। यह रोक यति नरसिंहानंद के ‘अपमानजनक’ भाषण पर उनके कथित X पोस्ट (पूर्व में ट्विटर) को लेकर उनके खिलाफ दर्ज FIR के संबंध में लगाई गई। जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने मौखिक टिप्पणी की कि सरकार की किसी भी पहलू पर आलोचना की जा सकती है। यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा है। खंडपीठ ने यह भी कहा कि एक संस्था के रूप में न्यायपालिका भी आलोचना के लिए खुली है। यह टिप्पणी एएजी मनीष गोयल की दलील के जवाब में की गई, जहां उन्होंने राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व करते हुए सरकार की आलोचना और सरकार के फैसलों की आलोचना के बीच अंतर करने की मांग की। खंडपीठ ने मौखिक रूप से यह भी टिप्पणी की कि चूंकि धारा 124ए आईपीसी (राजद्रोह) असहमति को दबा रही थी, इसलिए संसद ने अपनी समझदारी से भारतीय न्याय संहिता के तहत एक समान प्रावधान शामिल न करके धारा 152 BNS [भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाला अधिनियम] पेश किया। खंडपीठ ने जुबैर की FIR रद्द करने की याचिका पर सुनवाई करते हुए ये टिप्पणियां कीं, जिसमें उन्होंने तर्क दिया कि डासना मंदिर (गाजियाबाद) के मुख्य पुजारी यति नरसिंहानंद के ‘अपमानजनक’ भाषण वाले ‘X’ पोस्ट उनके पेशेवर दायित्व का हिस्सा थे और पुलिस तंत्र की निष्क्रियता को उजागर करने के लिए ऐसा किया गया। अपनी दलीलों के दौरान, राज्य के लिए एएजी गोयल ने यह भी तर्क दिया कि जुबैर द्वारा गढ़ी गई भ्रामक स्टोरी सरकार, न्यायपालिका और संविधान में जनता के विश्वास को खत्म करती हैं, जिससे गुस्सा और गलत सूचना को बढ़ावा मिलता है। कहा गया, “सरकार पर बिलकुल भी भरोसा न होना या इस हद तक नैरेटिव बनाना (जैसा कि जुबैर ने किया)। संविधान, न्यायपालिका और सरकार, सभी शाखाएं। आप किस तरह का नैरेटिव बनाना चाहते हैं। साथ ही इस तथ्य को भी कि आप किस तरह के दर्शकों को लक्षित कर रहे हैं? इससे जो गुस्सा फूटता है और इस गलत सूचना के बारे में जानकार लोगों के विश्वास में कमी आती है, जानकार लोग इस काटे गए संस्करण और गलत सूचना के आधार पर निर्णय लेंगे। सभी संस्थानों में विश्वास की कमी।” जैसा कि लाइव लॉ ने पहले बताया, एएजी मनीष गोयल के नेतृत्व वाली सरकार ने दृढ़ता से तर्क दिया कि यति नरसिंहानंद के संपादित भाषण के बारे में ‘X’ पर पोस्ट करके जुबैर ने अपने X पोस्ट के माध्यम से एक नैरेटिव बनाया और जनता को भड़काने का प्रयास किया। एएजी गोयल ने जुबैर के ‘X’ पोस्ट के समय पर भी सवाल उठाया, क्योंकि उन्होंने तर्क दिया कि तथ्य जाँचकर्ता ने आग में घी डालने का काम किया। एएजी गोयल ने यह भी प्रस्तुत किया कि महत्वपूर्ण प्रभाव वाले व्यक्ति होने के नाते, जुबैर के ट्वीट पढ़े और रीट्वीट किए जाते हैं, जिसका व्यापक प्रभाव पड़ता है। दूसरी ओर, जुबैर की ओर से दलील देते हुए सीनियर एडवोकेट दिलीप कुमार ने बुधवार को खंडपीठ के समक्ष प्रस्तुत किया कि उनके मुवक्किल यति नरसिंहानंद के कथित विवादास्पद भाषण का हवाला देकर और उनके आचरण को उजागर करके अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रयोग कर रहे थे, और न केवल उन्होंने, बल्कि कई नए लेखों और सोशल मीडिया अकाउंट्स ने उसी मुद्दे के बारे में पोस्ट किया। बता दें कि जुबैर पर गाजियाबाद पुलिस ने अक्टूबर 2024 में FIR दर्ज की, जिसमें उन पर विवादित पुजारी यति नरसिंहानंद के सहयोगी की शिकायत के बाद धार्मिक समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया। जुबैर ने FIR को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया, जिसके तहत बाद में धारा 152 BNS का अपराध जोड़ा गया। हाईकोर्ट के समक्ष उनके वकील ने जोरदार तरीके से तर्क दिया कि जुबैर के खिलाफ धारा 152 BNS सहित कोई भी धारा नहीं बनाई गई, क्योंकि उनके पोस्ट में इरादे की कमी थी, जैसा कि FIR में आरोप लगाया गया। उन्होंने यह भी प्रस्तुत किया कि उनके पोस्ट की कोई भी सामग्री उनके भाषण और अभिव्यक्ति के अधिकार से परे नहीं थी और वह केवल पुलिस अधिकारियों से पूछ रहे थे कि FIR दर्ज करने के बाद कथित ‘अपमानजनक’ भाषण देने वाले के खिलाफ क्या कार्रवाई की जानी चाहिए। जुबैर का कहना है कि 3 अक्टूबर को यति नरसिंहानंद की पैगंबर मोहम्मद के बारे में कथित ‘भड़काऊ’ टिप्पणियों वाले वीडियो की एक श्रृंखला पोस्ट करके और बाद में उनके विभिन्न विवादास्पद भाषणों के साथ अन्य ट्वीट साझा करके जुबैर ने नरसिंहानंद के भड़काऊ बयानों को उजागर करने और पुलिस अधिकारियों से उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया। दूसरी ओर, शिकायतकर्ता उदिता त्यागी ने मुसलमानों द्वारा हिंसा भड़काने के इरादे से यति के पुराने वीडियो क्लिप साझा करने के लिए जुबैर को दोषी ठहराया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जुबैर के ट्वीट के कारण गाजियाबाद के डासना देवी मंदिर में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए। इस मामले की सुनवाई गुरुवार को भी जारी रही। सौजन्य से —लाइव लॉ

Assembly: विधायकों की हरकतों से विधानसभा अध्यक्ष परेशान

0
विधान सभा में विधायकों की हरकतों से अध्यक्ष वासुदेव देवनानी परेशान नजर आये। उनके द्वारा बार—बार व्यवस्था देने के बाद भी माननीय बाज नहीं आते है। माननियों से परेशान होकर श्री देवनानी ने गुरूवार को सदन में व्‍यवस्‍था देते हुये कहा कि सभी विधायकगण की सीटों पर आईपैड लगाये गये हैं। उन्‍होंने पीड़ा व्यक्त करते हुये कहा कि बार-बार कहने के बावजूद भी इनका उपयोग सही तरीके से नहीं किया जा रहा। कुछ लोग तो इसे स्टैंड के रूप में काम में ले रहे हैं, इन पर कागज रखकर पढ़ने और दबाव रखने से चार सीटों पर लगे आईपैड को रिपेयर कराया गया है। उन्होने विधायकों से अनुरोध किया कि ये स्टैंड नहीं हैं, टैक्निकल उपकरण हैं, डिजिटल तरीके से उपयोग में लिया जाता हैं। अध्यक्ष ने कहा कि इन आईपैड का प्रशिक्षण में दिये गये तरीकों से उपयोग किया जायें। उन्होने विधायकगण से कहा कि इन आईपैड को लॉक करके न जाये, ना ही इनके साथ फोन कनेक्ट करे और स्टैंड के रूप में तो इनका बिल्‍कुल ही उपयोग न करे। ये नाजुक चीजें हैं। इन्‍हें अपना समझकर उपयोग करें। जब इन्हें हिलाएं-ढुलाएं, जैसे अपन घर की चीज को इस्‍तेमाल करते हैं उसी प्रकार इनका भी उपयोग करें। यह कोई सस्ती चीज नहीं है, बड़ी मुश्किल से 16-17 करोड़ रुपये खर्च करके इन्‍हें लगाया गया हैं।

Assembly: मंत्री श्री मीणा का फोन इंटरसेप्ट नहीं किया गया -गृह राज्य मंत्री

0
गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने गुरुवार को सदन को आश्वस्त किया कि वर्तमान सरकार की ओर से कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा का फोन इंटरसेप्ट नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि स्वयं श्री मीणा द्वारा भी इस बात का सार्वजनिक रूप से खंडन किया जा चुका है। श्री बेढ़म ने इस विषय पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के टेली कम्यूनिकेशन अधिनियमों के अनुसार राज्य की सुरक्षा, लोक व्यवस्था बनाए रखने और अपराधों को रोकने जैसे अतिमहत्वपूर्ण कार्यों के लिए टेलीफोन इंटरसेप्शन को अनुमत किया गया है। इन अधिनियमों के विशेषाधिकार का वर्तमान राज्य सरकार की ओर से सदैव कड़ाई से पालना सुनिश्चित की जाती है। मंत्री ने बताया कि राज्य में टेलीफोन इंटरसेप्शन करने के लिए गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सक्षम प्राधिकारी है, जिनके आदेशानुसार ही अधिकृत पुलिस अधिकारियों द्वारा प्रेषित और निर्धारित मापदण्डों को पूरा करने वाले प्रस्तावों के आधार पर ही इंटरसेप्शन किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे इंटरसेप्शन आदेशों की समीक्षा करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है। इसमें अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त, प्रमुख शासन सचिव, विधि और विधिक कार्य भी सदस्य हैं। समीक्षा समिति की बैठक प्रत्येक 2 माह में एक बार आयोजित किए जाने का प्रावधान है।

Bajat News: राज्य का पहला ग्रीन बजट -मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य की जनता से संकल्प पत्र में किये गये वादों के अनुसार राज्य बजट 2025-26 प्रस्तुत किया गया है। राज्य सरकार ने एक वर्ष के कार्यकाल में संकल्प पत्र के 58 प्रतिशत से अधिक वादे पूरे कर दिये है। उन्होंने कहा कि सर्वजनहिताय बजट राजस्थान के जन-जन और प्रदेश के कण-कण को समर्पित है। यह बजट राज्य का समग्र एवं सतत विकास सुनिश्चित करेगा। मुख्यमंत्री ने बुधवार को विधानसभा में वित्त मंत्री श्रीमती दिया कुमारी द्वारा राज्य बजट वर्ष 2025-26 प्रस्तुत किये जाने के बाद पत्रकार वार्ता में बताया कि हमारी सरकार पंडित दीन दयाल उपाध्याय, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और डॉ. भीम राव अम्बेडकर की विचारधारा के अनुरूप कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि गत जुलाई माह में प्रस्तुत परिवर्तित बजट की 96 प्रतिशत से अधिक घोषणाओं में हमने भूमि आवंटन कर दिया है और लगभग 85 प्रतिशत से ज्यादा घोषणाओं से संबंधित प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति दी जा चुकी है। श्री शर्मा ने कहा कि संभवतया ऐसा पहली बार है कि सात माह के अल्प समय में ही बजट घोषणाओं को इतने वृहद स्तर पर धरातल पर उतारा गया है। श्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान भी अब ग्रीन बजट पेश करने वाले देश के चुनिंदा राज्य़ों में शामिल हो गया है। सस्टेनेबल ग्रीन प्रणाली को प्रोत्साहित करने, क्लाइमेट चेंज की चुनौतियों से निपटने, बायोडायवर्सिटी, वाटर हार्वेस्टिंग, ग्रीन एनर्जी, रिसाइक्लिंग आदि को प्रोत्साहित करने के लिए कुल राज्य बजट की 11.34 प्रतिशत राशि का प्रावधान ग्रीन बजट के लिए किया गया है। उन्होंने बजट को जनहित में समर्पित और विकासोन्मुख बताते हुए कहा कि इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में ठोस प्रावधान किए गये हैं, जो राज्य के सम्पूर्ण विकास को सुनिश्चित करेंगे। आगामी वर्ष में 20 लाख घरों तक पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य लेकर राज्य सरकार कार्य करेगी। नगरीय क्षेत्रों में घर-घर नल से जल पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री जल जीवन मिशन शहरी शुरू किया जाएगा। इसमें 5 हजार 830 करोड़ रूपए की लागत से काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार किसानों की आय बढ़ा कर उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलम्बी बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इस क्रम में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत प्रदेश में दी जा रही 8 हजार रूपए की राशि को बढ़ा कर 9 हजार रूपए प्रति वर्ष करने की घोषणा की गई है। किसानों को गेहूं के एमएसपी पर दिए जा रहे 125 रूपए प्रति क्विंटल के बोनस के स्थान पर अब 150 रूपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले बजट में हमने मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना शुरू की थी, अब इस बजट में इस योजना में बीमित पशुपालकों की संख्या को दोगुना किया जाएगा। गोशालाओं तथा नंदीशालाओं में प्रति पशु देय अनुदान बढ़ा कर 50 रूपए प्रति दिन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में युवाओं के लिए रोजगार सृजन के प्रावधानों को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है। युवाओं के विकास एवं कल्याण के लिए राजस्थान रोजगार नीति 2025 लाई जाएगी जिसके अंतर्गत 500 करोड़ रूपए खर्च कर विवेकानंद रोजगार सहायता केंद्र की स्थापना की जाएगी। चार लाख सरकारी नौकरियों के वादे को पूरा करने की दिशा में आगामी वर्ष में सवा लाख पदों पर सरकारी भर्तियां की जाएंगी। निजी क्षेत्र में भी आगामी वर्ष में डेढ़ लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाया जाएगा। श्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री अमृत आहार योजना के माध्यम से आंगनबाड़ी पर आने वाले 3 से 6 वर्ष के बच्चों को आगामी वर्ष से सप्ताह में 5 दिवस दूध उपलब्ध करवाया जाएगा। अल्प आय वर्ग के बुजुर्ग व्यक्तियों, विधवाओं, एकल नारियों, दिव्यांग व्यक्तियों तथा लघु एवं सीमांत कृषकों की पेंशन को आगामी वर्ष से बढ़ाकर 1250 रूपये प्रतिमाह किया जाएगा। विमुक्त घुमंतु और अर्ध घुमंतु समुदायों के सशक्तिकरण एवं उत्थान के लिए दादूदयाल घुमंतु सशक्तिकरण योजना प्रारंभ की जाएगी। राजीविका मिशन के अंतर्गत अब प्रदेश की 20 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए आगामी वर्ष 975 करोड रूपये की इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट के कार्य हाथ में लिए जाएंगे। साथ ही प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए हेरिटेज पर्यटन, नाइट टूरिज्म, ग्रामीण पर्यटन, ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट विकसित करने के लिए बजटीय प्रावधान भी किये गये है। प्रयागराज महाकुंभ में की गई घोषणा के क्रम में राज्य में तथा राज्य के बाहर स्थित देवस्थान विभाग के मंदिरों के पुनरूद्धार के कार्य करवाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने पर बजट में विशेष जोर दिया गया है। प्रदेश में जन जन के स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के साथ ही आमजन की निशुल्क जांच एवं दवा हेतु 3 हजार 500 करोड़ रूपये का मा कोष गठित किया जाएगा। 70 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के विशेष केयर पैकेज, किशोरों के मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य के पैकेज, ओरल कैंसर हेतु पैकेज तथा विशेष योग्यजनों हेतु पैकेज इस योजना में जोड़े जाएंगे। ट्रक, बस ड्राइवरों तथा दर्जी, बढ़ई, नाई आदि कारीगरों की आंखों की जांच कर निशुल्क चश्मे उपलब्ध करवाने के लिए मा नेत्र वाउचर योजना लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक साल में महत्वपूर्ण प्रगति की है। इस दिशा में आगे बढ़ते हुए सरकार मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना के लाभान्वित परिवारों को पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से जोड़कर 150 यूनिट तक बिजली मुफ्त देने का भी काम करेगी। इसके अलावा, 50 हजार कृषि कनेक्शन और 5 लाख घरेलू बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे। श्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान में स्टेट हाइवे, बाईपास, रेलवे ओवर ब्रिज एवं अण्डर ब्रिज आदि के निर्माण, विकास और सुधार के लिए 5 हजार करोड़ रूपयेे से ज्यादा खर्च किए जाएंगे। राज्य में 2,750 किमी से अधिक लंबे 9 ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे बनाए जाएंगे, जिनकी लागत लगभग 60 हजार करोड़ रूपयेे होगी। इसके अलावा, 21 हजार किलोमीटर नॉन पेचेबल सड़कों के कार्यो के लिए 6 हजार करोड़ रूपयेे का बजट रखा गया है। हर विधानसभा क्षेत्र में सड़कों की मरम्मत और निर्माण के लिए 10-10 करोड़ रूपयेे दिए जाएंगे, जबकि मरूस्थलीय इलाकों में यह राशि 15-15 करोड़ रूपयेे होगी। प्रदेश के प्रमुख शहरों में ट्रैफिक के बढ़ते दबाव से राहत दिलाने के लिए 15 शहरों में रिंग रोड़ के निर्माण का कार्य हाथ में लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार दीर्घकालिक योजनाओं पर काम कर रही है और आदिवासी क्षेत्रों में पर्याप्त वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। इसके अंतर्गत जनजातीय उपयोजना क्षेत्र तथा अनुसूचित जाति की बसावटों के निवासियों को आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दृष्टि से एससी एसटी एवं टीएसपी फंड्स की राशि को बढ़ा कर 1750 करोड़ रूपये किया जाएगा। गुरू गोलवलकर ब्लॉक्स डेवलपमेंट स्कीम लागू कर प्रदेश में सबसे पिछड़े 35 ब्लॉक में विकास को गति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार आगामी 2 वर्षों में शेष रहे 2 हजार 500 से अधिक ग्राम पंचायतों पर ग्राम सहकारी समिति स्थापना के लिए मापदण्डों में शिथिलता देगी। प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में सैनिटेशन तथा वेस्ट डिस्पोजल हेतु लगभग 12 हजार 50 करोड़ रूपये की लागत से पंडित दीनदयाल उपाध्याय शहरी विकास योजना लागू की जाएगी। श्री शर्मा ने कहा कि यह बजट सबका साथ, सबका विकास के सिद्धांत पर आधारित है और राजस्थान को एक समृद्ध और समावेशी राज्य बनाने की ओर ले जाएगा।

Ram Jal Setu Project: पूर्वी राजस्थान के लिए जीवनदायिनी बन रही है राम जल सेतु परियोजना -जल संसाधन मंत्री

जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि प्रदेशवासियों के सर्वांगीण विकास के लिए हमारी सरकार संकल्पित है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में उपमुख्यमंत्री सुश्री दिया कुमारी द्वारा राजस्थान विधानसभा में बुधवार को प्रस्तुत राज्य बजट हमारी प्रतिबद्धता को परिलक्षित करता है। समावेशी बजट से हर वर्ग का सामाजिक और आर्थिक विकास सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है। जल संसाधन मंत्री ने कहा कि बजट में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के भागीरथी प्रयासों से शुरू पूर्वी राजस्थान के लिए जीवनदायिनी ‘ राम जल सेतु लिंक परियोजना (संशोधित पीकेसी-ईआरसीपी)’ को लेकर बड़ी घोषणाएं की हैं। इसमें कार्य को गति देते हुए 9 हजार 416 करोड़ रुपये के कार्यादेश दिए गए हैं और 12 हजार 64 करोड़ रुपये की निविदाएं जारी की जा चुकी हैं। साथ ही, 12 हजार 807 करोड़ रुपये की स्वीकृति जारी की गई हैं। श्री रावत ने कहा कि राम जल सेतु लिंक परियोजना को और वृहद् रूप देते हुए 9 हजार 300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विभिन्न कार्य कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि राजस्थान इरिगेशन वाटर ग्रिड मिशन के अंतर्गत ईआरसीपी कॉर्पोरेशन का उन्नयन करते हुए अब राजस्थान वाटरग्रिड कॉर्पोरेशन के रूप में स्थापित किया जाएगा। इसके जरिए 4 हजार करोड़ रुपये के कार्यों का प्रावधान किया गया है। जल संसाधन मंत्री ने बताया कि राजस्थान वाटर सेक्टर लाइवलीहुड इंप्रूवमेंट प्रोजेक्ट फेज-III में 36 सिंचाई उप परियोजनाओं के सिंचाई सम्बन्धी कार्य से 1 लाख 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को लाभान्वित किया जाएगा। इसमें 342 करोड रुपये व्यय होंगे। श्री रावत ने बताया कि मनोहरथाना वृहद सिंचाई परियोजना में 2 हजार 250 करोड़ रुपये और धौलपुर लिफ्ट परियोजना व कालीतीर परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए 950 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सीमावर्ती जिले हनुमानगढ़ के संगरिया, टिब्बी, रावतसर, हनुमानगढ़, पीलीबंगा के 1 लाख 7 हजार हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र में पक्के खालों का 590 करोड़ रुपये से पुनर्निर्माण कराया जाएगा। साथ ही, 100 एनिकटों के निर्माण एवं जीर्णोद्धार के लिए 500 करोड़ रुपये व्यय होंगे। श्री रावत ने बताया कि बीसलपुर परियोजना की दायीं व बायीं मुख्य नहर व विभिन्न माइनर प्रणालियों की मरम्मत व जीर्णोद्धार के कार्यों पर 2 करोड़ 71 लाख रुपये का व्यय किए जाएंगे। साथ ही, नदी बेसिन की विभिन्न परियोजनाओं की डीपीआर व निर्माण कार्य, इंदिरा गांधी नहर परियोजना के अंतर्गत चरणबद्ध रूप से सिंचाई कार्य, भाखड़ा सिंचाई प्रणाली की नहरों, वितरिकाओं व माइनर कार्य सहित विभिन्न कार्यों की घोषणा राज्य के विकास को गति देगी। श्री रावत ने बताया कि ब्रह्माणी नदी के फीडर का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। साथ ही, ब्रह्माणी नदी का जल बीसलपुर बांध में डाला जाएगा, ताकि संबंधित नदियों को पुनर्जीवित किया जा सकेगा।

Rajasthan News: सरकार प्रदेश को पानी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध —मुख्यमंत्री

0
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को पानी के क्षेत्र में पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए एक वर्ष के कार्यकाल में हमने प्रदेश में जल उपलब्धता बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लेने के साथ अभूतपूर्व कार्य किए हैं। श्री शर्मा कल सोमवार रात्रि को उदयपुर स्थित एक निजी होटल में जल संसाधन विभाग की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास में पानी एक मूलभूत आवश्यकता है। प्रदेश की 8 करोड़ जनता को पर्याप्त मात्रा में पेयजल और सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने जल स्रोतों का विकास कर उनकी जल संग्रहण क्षमता बढ़ाने सहित कई कदम उठाए हैैैं। श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्षाकाल में घग्गर नदी में पानी की अधिक आवक होने पर पानी बहकर नहीं जाए इसके लिए एक प्रभावी योजना बनाई जाए और अधिक आवक का उपयोग पेयजल और सिंचाई के लिए किया जाए। मुख्यमंत्री ने पंजाब सीमा क्षेत्र में इंदिरा गांधी नहर के पक्कीकरण के शेष कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने जंवाई डेम, माही डेम, देवास परियोजना, यमुना जल समझौते आदि के कार्यों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए। इस दौरान अधिकारियों ने नक्शे के माध्यम से मुख्यमंत्री को घग्गर नदी के प्रवाह मार्ग के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

CM NEWS: सुरक्षित और समृद्ध भविष्य के लिए जल आत्मनिर्भरता बेहद महत्वपूर्ण —मुख्यमंत्री

0
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमें जल संरक्षण के उपायों को अपनाकर जल आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर होना चाहिए। जिससे आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित और समृद्ध भविष्य प्रदान किया जा सके। उन्होंने कहा कि जल आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमें एक सुव्यवस्थित रोडमैप की आवश्यकता है, जिसमें कृषि और शहरी जल प्रबंधन और तकनीकी नवाचार जैसे प्रमुख पहलुओं का समावेश हो। श्री शर्मा मंगलवार को उदयपुर में राज्य जल मंत्रियों के दूसरे अखिल भारतीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस आयोजन के लिए केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह सम्मेलन सहयोगात्मक संघवाद की परिकल्पना की जीती-जागती मिसाल है।