Assembly: मरीजों को निजी चिकित्सालयों में रेफर करने पर चिकित्सक के विरुद्ध होगी सख्त का कार्रवाई – चिकित्सा शिक्षा मंत्री

चिकित्सा शिक्षा मंत्री गजेंद्र सिंह ने गुरुवार को विधानसभा में कहा कि राजकीय चिकित्सकों द्वारा मरीजों को अनावश्यक रूप से निजी चिकित्सालयों में रेफर किए जाने की शिकायत प्राप्त होने पर सम्बंधित चिकित्सक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस सम्बन्ध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में तत्कालीन सरकार द्वारा चिकित्सा संस्थाओं के पीपीपी मोड पर संचालन को बंद कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि पीपीपी मोड पर संचालित चिकित्सा संस्थाओं में 1 मेडिकल ऑफिसर और 11 अन्य स्टाफ पर राज्य सरकार द्वारा प्रतिमाह 1 लाख 80 हजार से 2.50 लाख रुपये तक का व्यय किया जाता था। चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरक़ार द्वारा वर्तमान में प्रदेश में चिकित्सा संस्थाओं को पीपीपी मोड पर दिए जाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। विधायक बहादुर सिंह के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान में भरतपुर जिले में किसी भी चिकित्सा संस्थाओं को पीपीपी मोड पर नही दिया गया है।

Assembly: आभानेरी होगा आइकोनिक टूरिज्म डेस्टीनेशन के रूप में विकसित -पर्यटन मंत्री

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पर्यटन मंत्री दिया कुमारी ने गुरूवार को विधानसभा में कहा कि बजट वर्ष 2025-26 में रूरल और हैरिटेज टूरिज्म को बढ़ाना देने के लिए आभानेरी-दौसा को आइकोनिक टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा आभानेरी चांद बावड़ी व हर्षद माता मंदिर में संरक्षण और मरम्मत कार्य करवाए जा रहे हैं। मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रही थीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आवश्यकता और बजट की उपलब्धता एवं प्राथमिकता के आधार पर जन सुविधाओं का विकास, जीर्णोद्धार, संरक्षण, उन्नयन, मरम्मत, पार्किंग स्थल विकसित करना आदि कार्य करवाए जाते हैं। विधायक भागचन्द टाकड़ा के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में मंत्री ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र बांदीकुई में स्थित आभानेरी चांद बावड़ी व हर्षद माता मंदिर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (भारत सरकार) के अधीन संरक्षित स्मारक हैं। उन्होंने आभानेरी चांद बावड़ी व हर्षद माता मंदिर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा कराये जा रहे संरक्षण एवं मरम्मत कार्यों का विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा पर्यटन विकास कार्यों से संबंधित प्राप्त प्रस्तावों के संबंध में पारस्परिक प्राथमिकता के आधार पर युक्तियुक्त निर्णय लिया जाता है। उन्होंने दौसा जिले के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर स्वीकृत पर्यटन विकास कार्यों का विवरण सदन के पटल पर रखा।

High Court: सूचना एवं प्रौद्योगिकी के युग में कानून की प्रक्रिया बैलगाड़ी या घोंघे की गति से नहीं चल सकती —राजस्थान हाईकोर्ट

हाईकोर्ट ने कहा कि SC/ST एक्ट की धारा 15ए का अनुपालन, जिसके तहत SC/ST Act के तहत आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई से पहले शिकायतकर्ता को सूचना भेजना जरूरी है, तब भी पूरा होता है, जब ऐसी सूचना SMS व्हाट्सएप के जरिए मोबाइल पर भेजी गई हो। कोर्ट ने कहा पुलिस महानिदेशक और राज्य के प्रमुख सचिव को सभी जांच अधिकारियों/सभी पुलिस स्टेशनों के स्टेशन हाउस अधिकारियों को निर्देश देने का निर्देश दिया कि SC/ST Act के तहत अपराधों के लिए दायर जमानत याचिकाओं के लिए जब भी कोर्ट सरकारी वकील को शिकायतकर्ता/पीड़ित/पीड़ित पक्ष को सूचना भेजने का निर्देश दे, तो वे रिकॉर्ड पर मैसेज/टेक्स्ट मैसेज/व्हाट्सएप मैसेज का सबूत/स्क्रीनशॉट पेश करें। यह कोर्ट को सक्षम बनाने के लिए है। संदर्भ के लिए, SC/ST Act की धारा 15ए में यह अनिवार्य किया गया कि SC/ST Act के तहत दंडनीय अपराधों के लिए आरोपी व्यक्तियों की जमानत पर सुनवाई से पहले शिकायतकर्ता को सूचना भेजी जानी चाहिए।

जस्टिस अनूप कुमार ढंड ने अपने आदेश में कहा-

“यह न्यायालय इस तथ्य पर गौर करता है कि हम सूचना एवं प्रौद्योगिकी के युग में रह रहे हैं। सूचना एवं प्रौद्योगिकी के युग में कानून की प्रक्रिया बैलगाड़ी या घोंघे की गति से नहीं चल सकती। सभी पुलिस थानों के थाना प्रभारी और जांच अधिकारी को नवीनतम तकनीकी विकास के साथ अपग्रेड किया जाना आवश्यक है। प्रौद्योगिकी के लाभों को लोगों की सेवा में लगाया जाना चाहिए। कानूनी प्रक्रिया में प्रौद्योगिकी विशेष रूप से नागरिकों के मौलिक अधिकारों को प्रभावी बनाने और सामान्य रूप से कानून की प्रक्रिया को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। राजस्थान राज्य के प्रत्येक जिले में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाना आवश्यक है, जो पीड़ितों को नोटिस देने और उनकी तामील करने के कर्तव्य का निर्वहन करने के लिए सौंपे गए कर्मचारियों की निगरानी करेगा।” जस्टिस ने आगे कहा, “इन विचित्र परिस्थितियों में यह न्यायालय पुलिस महानिदेशक (DGP) और प्रमुख सचिव, गृह विभाग, राजस्थान सरकार को सभी जांच अधिकारियों/सभी पुलिस स्टेशनों के स्टेशन हाउस अधिकारियों को यह निर्देश देने के लिए सामान्य परमादेश जारी करता है कि अब से उन सभी जमानत आवेदनों (आपराधिक अपील) में, जो SC/ST Act के तहत प्रस्तुत किए जाते हैं या अपराध, BNSS के लागू होने से पहले हुए हैं, जब भी अदालत लोक अभियोजक को शिकायतकर्ता/पीड़ित/पीड़ित पक्ष को सूचना भेजने का निर्देश देती है तो वे रिकॉर्ड पर मैसेज/टेक्स्ट संदेश/व्हाट्सएप मैसेज का सबूत/स्क्रीनशॉट पेश करेंगे, जिससे अदालत आरोपी व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत जमानत आवेदन (आपराधिक अपील) पर फैसला करने से पहले उचित आदेश पारित कर सके।” न्यायालय ने नोट किया, “ऐसा प्रतीत होता है कि महेंद्र छीपा के मामले में 28.11.2022 को जमानत दिए जाने के बाद 03.12.2022 को शिकायतकर्ता को फिर से सूचना भेजने के लिए संबंधित जांच अधिकारी की ओर से गलती हुई। यह भी प्रतीत होता है कि आरोपी व्यक्ति महेंद्र छीपा के मामले में जमानत का आदेश पारित होने के बाद भी सरकारी वकील/लोक अभियोजक और जांच अधिकारी के बीच कुछ गलतफहमी या गैर-संचार था।” न्यायालय ने कहा, “यह न्यायालय इस तथ्य पर ध्यान देता है कि हम सूचना और प्रौद्योगिकी के युग में रह रहे हैं। सूचना और प्रौद्योगिकी के युग में कानून की प्रक्रिया बैलगाड़ी की गति या घोंघे की गति से नहीं चल सकती प्रौद्योगिकी के फलों को लोगों की सेवा में लगाया जाना चाहिए।” इस पृष्ठभूमि में पुलिस महानिदेशक और प्रमुख सचिव, राजस्थान को सभी जांच अधिकारियों/स्टेशन हाउस अधिकारियों को निर्देश देने का निर्देश दिया गया कि जब भी अधिनियम की धारा 15 ए के तहत नोटिस भेजा जाता है तो वे रिकॉर्ड पर मैसेज/टेक्स्ट संदेश/व्हाट्सएप मैसेज का सबूत/स्क्रीनशॉट पेश करेंगे। कोर्ट ने कहा कि धारा 15 ए (3) के तहत नोटिस अनिवार्य था। हालांकि, जमानत की सुनवाई के दौरान पीड़ित की उपस्थिति अनिवार्य नहीं थी। इस तरह की भागीदारी का विकल्प पीड़ित पर छोड़ा जा सकता था। तदनुसार आवेदन खारिज कर दिए गए। केस टाइटल: रमेश बैरवा बनाम राजस्थान राज्य और अन्य संबंधित आवेदन

REET-2024: परीक्षार्थियों को परीक्षा समय से 2 घंटे पहले परीक्षा केन्द्र पर करनी होगी रिपोर्टिंग, एक घंटे पहले बंद हो जाएगा परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वार

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गुरुवार, 27 फरवरी एवं शुक्रवार, 28 फरवरी, 2025 को माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर द्वारा आयोजित होने वाली राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट-2024) का आयोजन किया जाएगा। 27 फरवरी को प्रथम पारी में प्रातः 10 बजे से लेवल-1 एवं अपरान्ह 3.00 बजे लेवल-2 तथा 28 फरवरी को प्रातः 10.00 बजे से लेवल-2 की परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। परीक्षा के लिए परीक्षार्थियों को परीक्षा समय से दो घण्टे पूर्व परीक्षा केन्द्रों पर फ्रिस्किंग एवं बायोमैट्रिक उपस्थिति हेतु रिपोर्टिंग की जानी है एवं परीक्षा प्रारम्भ होने से एक घण्टा पूर्व परीक्षा केन्द्र का मुख्य द्वार बन्द कर दिये जायेगा। 28 फरवरी से खाटू श्याम जी का मेला भी प्रारम्भ होगा। अतः सभी परीक्षार्थीयों को सलाह दी जाती है कि वे अपने परीक्षा केन्द्र पर समय से पहुंचने की सुनिश्चितता का विशेष ध्यान रखें। गुरुवार, 27 फरवरी को प्रथम पारी (प्रातः 10 बजे से दोपहर 12ः30 बजे तक) में लेवल प्रथम (कक्षा 1 से 5) की परीक्षा आयोजित होगी जिसमें 87 हजार 413 उम्मीदवार पंजीकृत हैं। द्वितीय पारी में (दोपहर 3 बजे से सायं 5ः30 बजे तक) लेवल द्वितीय (कक्षा 6 से 8) की परीक्षा का आयोजन होगा जिसमें 91 हजार 537 उम्मीदवार पंजीकृत हैं। वहीं, शुक्रवार 28 फरवरी को प्रातः 10 बजे से दोपहर 12ः30 बजे तक लेवल द्वितीय (कक्षा 6 से 8) की परीक्षा आयोजित होगी जिसमें 91 हजार 68 उम्मीदवार पंजीकृत हैं। जयपुर स्थित परीक्षा केन्द्रों के लिए नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नम्बर 0141-2209910 एवं 0141-2209908 रहेगा। उक्त नियंत्रण कक्ष पर जयपुर में स्थापित किये गए परीक्षा केन्द्रों से संबंधित जानकारियां प्रदान की जाएंगी एवं जयपुर स्थित परीक्षा केन्दों से संबंधित शिकायतों का निस्तारण किया जाएगा। उपखण्ड अधिकारी जयपुर प्रथम राजेश जाखड़ (दूरभाष नंबर- 0141-2209008) को नियंत्रण कक्ष प्रभारी नियुक्त किया गया है। राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के अध्युपाय) अधिनियम-2022 (2022 का अधिनियम संख्याक 6) एवं संशोधन अधिनियम 2023 (2023 का अधि. संख्याक-17) की धारा 10 (1) के अन्तर्गत 3 वर्ष का कारावास और एक लाख रुपये का जुर्माना से दंडित किया जाएगा, जुर्माना नहीं होने पर 9 माह के कारावास से दण्डित किया जाएगा। इसी तरह धारा 10 (2) के अन्तर्गत 10 वर्ष का कारावास जो आजीवन कारावास तक का हो सकेगा और जुर्माना 10 लाख रूपये जो 10 करोड़ तक का हो सकेगा से दण्डित किया जाएगा, जुर्माना नहीं देने पर 5 वर्ष का कारावास और हो सकेगा। इस प्रकार के संगीन अपराध करने पर दोषी व्यक्तियों की सम्पत्ति की कुर्की और अधिहरण भी किया जा सकेगा।

C M NEWS: हर जिले में मिलेट्स उत्पाद आउटलेट खोले जाएंगे -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जयपुर के राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान में आयोजित राज्य स्तरीय किसान सम्मान समारोह से वीसी के माध्यम से राष्ट्र स्तरीय कार्यक्रम से जुड़े। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हमारी सरकार किसानों-पशुपालकों के कल्याण के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। अन्नदाता की सेवा, उन्नति और खुशहाली को एकमात्र ध्येय मानकर राज्य सरकार ने नीतिगत निर्णय लिए हैं। श्री शर्मा ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत लाभान्वित किसानों को बधाई देते हुए कहा कि योजना के तहत आज प्रदेश के 72 लाख से अधिक किसानों के खातों में 1 हजार 400 करोड़ रुपये से अधिक की राशि 19वीं किस्त के रूप में हस्तांतरित की गई है। उन्होंने कहा कि आज का यह समारोह प्रधानमंत्री के किसानों को खुशहाल बनाने के संकल्प और समर्पण की एक मिसाल है। श्री शर्मा ने कहा कि बजट में किसानों के लिए अनेक प्रावधान किए गए हैं ताकि किसानों की समृद्धि की राह खुल सके। बजट में करीब 34 हजार सौर संयंत्रों की स्थापना के लिए वित्तीय सहायता, ड्रिप एवं फव्वारा सिंचाई के लिए अनुदान के प्रावधान, आगामी वित्त वर्ष में 25 हजार फार्म पौंड, 10 हजार डिग्गी, 50 हजार सौर पंप संयंत्र तथा 20 हजार किलोमीटर सिंचाई पाइप लाइन के लिए 900 करोड़ रुपये के अनुदान के प्रावधान किए गए हैं। इन योजनाओं से प्रदेश के 4 लाख किसान लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान श्री अन्न बाजरे के उत्पादन में देशभर में पहले स्थान पर है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में मिड-डे-मील कार्यक्रम और मां-बाड़ी केंद्रों में पायलट आधार पर श्री अन्न आधारित उत्पाद व हर जिले में मिलेट्स उत्पाद आउटलेट खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए अगले वित्त वर्ष में ग्लोबल राजस्थान एग्री टेक मीट का आयोजन, ढाई लाख गोपालक परिवारों को ब्याज मुक्त ऋण, आगामी 2 वर्षों में शेष रहे ढाई हजार से अधिक ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर जीएसएस के साथ ही 8 नए जिलों में केवीएसएस की स्थापना भी की जाएगी।

C M NEWS: प्रभावी निगरानी के लिए गिरफ्तार व्यक्ति के लिए जाएं फिंगरप्रिंट्स -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में आवश्यक संसाधनों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। श्री शर्मा सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रदेश में क्रियान्वयन के संबंध में गृह विभाग की उच्चस्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आमजन को सुरक्षा व त्वरित न्याय देना राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है, जिसके क्रम में राज्य सरकार ने कई नीतिगत निर्णय लिए हैं। वहीं गृह विभाग को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए राज्य बजट 2025-26 में कई प्रावधान भी किए गए हैं। श्री शर्मा ने गृह विभाग में रिक्त पदों को शीघ्र भरने एवं पदोन्नति करने के निर्देश दिए ताकि पर्याप्त मानव संसाधन के नियोजन से प्रदेश के हर क्षेत्र में अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगे। उन्होंने कहा कि गृह विभाग आगामी वर्षों में रिक्त होने वाले पदों का भी पूर्ण विवरण तैयार करे ताकि कार्मिक के सेवानिवृत्त होते ही तुरंत भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा सके। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि गृह विभाग से जुड़े शत प्रतिशत कार्मिकों को नए कानूनों के बारे में प्रशिक्षण देना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आपराधिक गतिविधियों से संपत्तियां अर्जित करने वाले अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी संपत्तियां जब्त की जाए जिससे उनके हौंसले पस्त हों। उन्होंने प्रत्येक गिरफ्तार व्यक्ति के फिंगरप्रिंट लेने एवं ई-सम्मन की प्रभावी तामील कराने के निर्देश दिए ताकि अपराधियों पर सतत् निगरानी के साथ प्रभावी नियंत्रण भी रहे। उन्होंने कहा कि पहली बार अपराध करने वाले को नवीन कानूनों में एक तिहाई सजा पूर्ण होने पर रिहा करने का प्रावधान है। ऐसे मामलों में संवेदनशीलता रखते हुए शीघ्र निर्णय लिया जाए।

Education: मंत्रिमंडलीय उपसमिति में होगा महात्मा गाँधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों का निर्णय -शिक्षा मंत्री

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शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सोमवार को विधानसभा में आश्वस्त किया कि प्रदेश के महात्मा गाँधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों के संचालन के सम्बन्ध में उचित निर्णय लेकर विद्यार्थियों के हित में कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा मंत्रिमंडलीय उपसमिति का गठन किया गया है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस सम्बन्ध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि गत सरकार द्वारा केवल नाम के लिए महात्मा गाँधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय खोल दिए गए। इन विद्यालयों में ना तो कक्षा- कक्षों की व्यवस्था की गई और न ही प्रशिक्षित अंग्रेजी माध्यम शिक्षक उपलब्ध करवाए गए। जिनका विद्यार्थियों की शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इस सम्बन्ध में गठित की गई मंत्रिमंडलीय उपसमिति की समय-समय पर बैठकें आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि समिति द्वारा निश्चित तौर पर शीघ्र ही इस दिशा में उचित निर्णय लेकर विद्यार्थियों के हित में कार्यवाही की जाएगी। विधायक ललित मीणा के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में शिक्षा मंत्री ने प्रदेश में संचालित 134 स्वामी विवेकानन्द राजकीय मॉडल स्कूल एवं 3737 महात्मा गांधी राजकीय (अंग्रेजी माध्यम) विद्यालयों का ब्लॉकवार व जिलेवार विवरण सदन के पटल पर रखा। श्री दिलावर ने स्वामी विवेकानन्द मॉडल स्कूल व महात्मा गांधी राजकीय (अंग्रेजी माध्यम) विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों का कक्षावार संख्यात्मक विवरण सदन के पटल पर रखा।

Politics: राज—शक्ति से प्रभावित होना या उससे भयभीत होना हमारी अज्ञानता, मूर्खता व कायरता की निशानी है

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—अनिल यादव

‘न्यायपूर्ण व्यवस्था’ का भ्रम या न्यायपूर्ण व्यवस्था की आस दो ऐसे महत्वपूर्ण कारण है जिसके कारण स्वयं ‘जन—शक्ति’, राज—शक्ति को मान्यता यानी कार्य करने की शक्ति प्रदान करती है। यदि राज—शक्ति, ‘जन—शक्ति’ की सेवा एवं उसे न्यायपूर्ण व्यवस्था प्रदान करने की बजाय उस पर शासन करने का कुत्सित प्रयास करे तो जन—शक्ति को चाहिए कि वो ‘राज—शक्ति’ को मान्यता देना बंद कर दे और व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेहिता, जन सहभागिता एवं जन—हित सुनिश्चित करने के लिए स्वयं आगे आए और अपने ही द्वारा पैदा किए गए कृतघ्न प्रतिनिधियों पर लगाम लगाने में तनिक भी देरी ना करे। क्योंकि कर्तव्यविमुख एवं कृतघ्न प्रतिनिधियों की सहभागिता से बनाए जाने वाले कानून, हम मतदाताओं के हितों व अधिकारों को कुचलकर हमें पूंजीपतियों के अंतहीन शोषण के लिए लावारिस छोड़ देने की मंशा रखते हैं। याद रहे कृतघ्न प्रतिनिधियों पर लगाम लगाने में हम जितनी अधिक देरी करेगें, हमारी समस्याओं में उतनी ही अधिक वृद्धि होती चली जाएगी, अत: जल्द से जल्द हमें अपने अपने जनप्रतिनिधि पर ‘जन नियंत्रण’ स्थापित करने का आगाज़ करना ही होगा। लोकतांत्रिक व्यवस्था में ये काम हम अपने वोट को ‘दान’ करने की बजाय उसे सशर्त बनाकर बेहद आसानी से कर सकते हैं, इसके लिए हमें सिर्फ दो काम करने हैं —1.बिना लिखित सर्विस एग्रीमेंट किसी भी प्रत्याशी को वोट ना देने का दृढ़ संकल्प, 2. जनप्रतिनिधि पर नियंत्रण एवं उसके मार्गदर्शन हेतु बूथ लेवल के जागरूक नागरिकों की सहभागिता युक्त समितियों का विषयवार गठन व उनका समन्वय। कभी कभी अहंकार एवं मूर्खतावश ‘राज—शक्ति’, ‘जन—शक्ति’ के दमन के लिए पुलिस एवं सेना की सहायता लेने लगती है और बल—प्रयोग से ‘जन—शक्ति’ को कुचलने का प्रयास करती है। वो ये भूल जाती है कि पुलिस व सेना का बल ‘जन—शक्ति’ के आगे ना सिर्फ नगण्य होता है वरन् पुलिस व सेना के लोग भी उसी जन—शक्ति का एक अभिन्न अंग होते हैं। ‘राज—शक्ति’ की ‘बल प्रयोग’ की ताकत सिर्फ तभी तक प्रभावी हो सकती है जब तक ‘जन—शक्ति’ बिखरी हुई हो। यदि ‘जन—शक्ति’ को भयमुक्त होकर ‘राज—शक्ति’ से वो काम कराने हैं, जिनके लिए ‘जन—शक्ति’ ने ‘राज—शक्ति’ को मान्यता दी थी तो ‘जन—शक्ति’ को दलबंदी या राज—शक्ति की बांटो और राज करो की नीति में फंसने की बजाए चुनाव मैदान में उतरने वाले हर उस प्रत्याशी की ‘वोटबंदी’ करनी होगी जो जनता को एक ‘लिखित सर्विस एग्रीमेंट’ साईन करके करके देने से इंकार कर दे। याद रहे देश में व्याप्त समस्त अव्यवस्थाओं व समस्याओं का मूल स्रोत ‘राजनीतिक निर्णय या कानून’ ही हैं । यदि हमने अपने प्रतिनिधियों पर नियंत्रण स्थापित करके देश में कानून निर्माण की प्रक्रिया को जनता के नियंत्रण में ले लिया और कानून जनमत संग्रह के माध्यम में बनने लग गए तो विकास की गति आज की तुलना में लगभग 90 गुना तेज़ हो जाएगी, ‘जन—हित’ राज्य की नीति यानी राजनीति का केन्द्रीय विषय बन जाएगा और हमारी लगभग सभी समस्याओं का अंत हो जाएगा। ‘जन संप्रभुता संघ’ के रूप में हम कदम बढ़ा चुके हैं, मिशन में जुट चुके हैं , क्या आप भी जन—नाद की इस आवाज को गुंजायमान करने में सहभागी बनना चाहते हैं? यदि हाँ तो अविलम्ब ‘जन संप्रभुता संघ’ से जुड़ें और समस्या मुक्त भारत के सपने को सच करने में अपने हिस्से का योगदान देने में पीछे ना रहें। लेखक:— संपादक,बैस्ट रिपोर्टर न्यूज -9414349467

C M NEWS: मंत्री बजट घोषणाओं की समीक्षाकर राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर अपलोड करें —मुख्यमंत्री

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विधानसभा में बजट 2025-26 प्रस्तुत किए जाने के तुरंत बाद राज्य सरकार एक्शन मोड पर आ गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंत्रियों और सचिवों को बजट घोषणाओं का त्वरित और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार बजट घोषणाओं को समय पर पूरा करने के लिए प्रभारी सचिव और प्रभारी मंत्री 22 और 23 फरवरी को अपने प्रभार वाले जिलों का दौरा करेंगे। मंत्रीगण 23 फरवरी को अपने-अपने प्रभार वाले जिलों का दौरा कर बजट घोषणाओं का क्रियान्वयन एवं प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करेंगे। साथ ही, बजट घोषणा 2025-26 के संबंध में भूमि चिन्हीकरण और आवंटन की स्थिति के साथ ही वर्ष 2024-25 की बजट घोषणाओं की प्रगति व जिलों से संबंधित अन्य मुद्दों पर प्रभारी सचिव, जिला कलक्टर और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा करेंगे व इस संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित करेंगे। इसके पश्चात वे अपनी समीक्षा और निरीक्षण रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय भिजवाएंगे। जिलों के प्रभारी सचिव 22 व 23 फरवरी को जिलों के दौरे पर रहेंगे और अपनी रिपोर्ट 24 फरवरी तक राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर अपलोड करेंगे।

Albert Hall: अल्बर्ट हॉल पर कल्चर डायरीज के छठे एपिसोड का हुआ आयोजन

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राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और प्रचारित करने के उद्देश्य से जयपुर के अल्बर्ट हॉल पर में शुक्रवार को रंगारंग सांस्कृतिक संध्या कल्चर डायरीज के छठे एपिसोड का आयोजन हुआ। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के प्रयासों से ‘कल्चरल डायरीज’ के तहत हुए इस कार्यक्रम में हाड़ौती अंचल की पारंपरिक लोक कलाओं का भव्य मंचन हुआ। यह सुखद संयोग था कि आज अल्बर्ट हॉल का 139वां स्थापना दिवस भी था, जिससे इस आयोजन का महत्व और बढ़ गया। हाड़ौती के लोक कलाकारों ने अपने रंग में ढूंढ़ाढ को रंग दिया। देश-विदेश से आए पर्यटकों और स्थानीय दर्शकों ने बड़ी संख्या में शिरकत कर कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना की, जिससे पूरे आयोजन में उत्साह और उमंग की लहर दौड़ गई। गौरतलब है कि उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी की पहल पर राजस्थान पर्यटन विभाग द्वारा नवाचारों के क्रम में शुरू की गई ‘कल्चरल डायरीज’ पारंपरिक लोक कलाकारों को मंच प्रदान करते हुए राज्य की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देने का कार्य कर रही है।