C M NEWS: प्रदेश में ओलावृष्टि पर मुख्यमंत्री ने गिरदावरी करवाने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को भरतपुर के जिला कलक्ट्रेट सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विभिन्न जिला कलक्टरों से ओलावृष्टि पर वार्ता की। उन्होंने जिला कलक्टर्स से विगत दिनों कुछ जिलों में हुई ओलावृष्टि और इससे हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी ली। श्री शर्मा ने राजस्व विभाग के प्रमुख शासन सचिव को निर्देश दिए कि ओलावृष्टि से प्रभावित जिलों में फसल खराबे का आकलन करने के लिए शीघ्र गिरदावरी करवाई जाए। मुख्यमंत्री ने सीकर, चूरू, बीकानेर, झुंझुनूं, और खैरथल-तिजारा के जिला कलक्टर को निर्देशित किया कि गिरदावरी करवाकर रिपोर्ट शीघ्र भेजें। उन्होंने 7डी रिपोर्ट को भी 5 मार्च तक प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, जिससे प्रभावित किसानों को एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के फंड से तुरंत मुआवजा दिया जा सके।

Medical: मेडिकल यूनिवर्सिटी के स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश अब नीट यूजी से

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राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्ववविद्यालय द्वारा विभिन्न स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश नीट यूजी-2025 के प्राप्तांको के आधार पर लिया जाएगा। साथ ही, फार्मेसी पाठ्यक्रम (बी.फार्म.और डी.फार्म.) व पोस्ट बेसिक बी.एससी.नर्सिंग में प्रवेश विश्वविद्यालय स्तर से प्रवेश परीक्षा के माध्यम से दिया जाएगा। चिकित्सा शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कार्यशाला में विश्ववविद्यालय की विद्यापरिषद् की कार्यशाला में इस संबंध में लिए गए निर्णय से अवगत कराया गया। कार्यशाला में बताया गया कि स्नातक पाठ्यक्रम यथा-बी.एससी. नर्सिंग, बी.एससी. एमल.टी, बी.आर.टी., टैक्सनिक्स और फिजियोथेरेपी पाठ्यक्रमों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए प्रवेश नीट-यूजी-2025 के प्राप्तांको के आधार पर दिया जाएगा। फार्मेसी प्रवेश पाठ्यक्रम (बी.फार्म. व डी.फार्म.) और पोस्ट बेसिक बी.एससी.नर्सिंग में प्रवेश के लिए विश्वविद्यालय स्तर से प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। विद्यापरिषद के समस्त सदस्यों ने अपनी सहमति प्रदान करते हुये पैरामेडिकल संकाय के बी. ऑफ्थ. टैक्सनिक्स पाठ्यक्रम के प्रवेश के संबध में सुझाव दिया गया कि विश्वविद्यालय द्वारा फार्मेसी संकाय के बी.फार्म. और डी.फार्म. पाठ्यक्रमों हेतु आयोजित प्रवेश परीक्षा के माध्यम से ही उक्त पैरामेडिकल पाठ्यक्रम बी.ऑफ्थ. टैक्सनिक्स में प्रवेश दिये जाएं। इस सुझाव के संबंध में विश्वविद्यालय स्तर से आवश्यक कार्यवाही की जाने का निर्णय लिया गया। राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय द्वारा संचालित नर्सिंग, पैरामेडिकल एवं फिजियोथेरेपी संकाय के स्नातक पाठ्यक्रम यथा- बी.एससी. नर्सिंग, बी.एससी. एमल.टी, बी.आर.टी. और फिजियोथेरेपी संकाय के बीपीटी पाठ्यक्रमों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए प्रवेश नीट-यूजी के प्राप्तांकों के आधार पर मेरिट कम च्वाइस के आधार पर देने से विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं के आयोजन की बोझिल प्रक्रिया से बचा जा सकेगा और विद्यार्थियों पर वित्तीय भार भी कम होगा। विश्वविद्यालय द्वारा केवल फार्मेसी संकाय के डी.फार्म. एवं बी.फार्म. और नर्सिंग संकाय के पोस्ट बेसिक बी.एससी. नर्सिंग व पैरामेडिकल संकाय के बी. ऑफ्थैलेमिक टेकनिक्स पाठ्यक्रमों हेतु पूर्व की भांति विश्वविद्यालय स्तर पर प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करायी जाएंगी।

Finance corporation: राजस्थान वित्त निगम का औद्योगिक शिविर 4 मार्च को, मौके पर ही होगी ऋण स्वीकृति

राजस्थान वित्त निगम द्वारा प्रदेश में युवाओं को स्वरोजगार की तरफ़ अग्रसर करने और उनके उद्यमिता विकास के उद्देश्य से आगामी 4 मार्च को निगम के सी-स्कीम स्थित शाखा कार्यालय पर औद्योगिक शिविर का आयोजन किया जाएगा। राजस्थान वित्त निगम के उपप्रबंधक ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि इस शिविर में निगम के अधिकारियों द्वारा औद्योगिक शिविर में भाग लेने वाले औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों को विभिन्न योजनाओं के तहत सरल और सुगम शर्तो और कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध करवाने और युवा उद्यमिता प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 45 वर्ष से कम आयु के सीनियर सैकेंडरी, स्नातक, डिप्लोमाधारी, तकनीकी स्नातक युवाओं को उद्योग लगाने के लिए राज्य सरकार द्वारा छह प्रतिशत की ब्याज में छूट की योजनाओं के संबंध में जानकारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि युवा उद्यमिता प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत युवा उद्यमियों से आवेदन शुल्क व प्रोसेसिंग शुल्क नहीं लिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि कैम्प में ऋण आवेदन पत्रावलियाँ तैयार करवाकर मौके पर ही ऋण स्वीकृति जारी की जाएगी।

Education: माध्यमिक शिक्षा बोर्ड सहित समस्त कार्यालयों पर रेस्मा लागू

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राजस्थान अत्यावश्यक सेवाएँ अनुरक्षण अधिनियम— 1970(रेसमा) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान व उसके समस्त कार्यालयों और उसके क्रियाकलापों से संबंधित सेवाओं को अत्यावश्यक सेवा घोषित कर दिया है। इससे यहां कार्यरत कार्मिकों के हडताल पर जाने पर प्रतिबंध लग गया है। गृह विभाग के संयुक्त शासन सचिव श्री अविचल चतुर्वेदी के द्वारा राज्यपाल महोदय की आज्ञा से जारी अधिसूचना के अनुसार बोर्ड व उसके समस्त कार्यालयों एवं उसके क्रियाकलापों से संबंधित सेवाओं में हडताल किये जाने को 10 जून तक के लिये प्रतिषेध किया गया है।

Assembly: सदन में चल रहा गतिरोध समाप्त, मुख्यमंत्री ने कहा अच्छे को अच्छा और गलत को गलत कहना होगा

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश की 8 करोड़ जनता का ध्यान रखते हुए विकसित और उत्कृष्ट राजस्थान बनाने के लिए सत्ता पक्ष और प्रतिपक्ष को साथ मिलकर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि सदन की मर्यादा कैसे रहे, यह सुनिश्चित करना सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के सदस्यों की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कई दिन से चले आ रहे गतिरोध के समाप्त होने के बाद गुरुवार को सदन में अपने वक्तव्य में कहा कि जब हम सभी सदस्य सदन में चर्चा करते हैं और वाद-विवाद होता है तो कई बात ऐसी भी निकल जाती है जो हम कहना नहीं चाहते लेकिन उसके लिए सदन बाधित होना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि हम चाहे पक्ष के हों या प्रतिपक्ष के सदस्य हों, राजस्थान की जनता को हम सभी से बहुत बड़ी उम्मीदें हैं। जनप्रतिनिधि के प्रति जनता के मन में जो सम्मान और समर्पण का भाव होता है, उसका अगर ध्यान रखेंगे तो मेरा और तेरा का फर्क खत्म हो जाएगा। श्री शर्मा ने कहा कि हमारा कोई भी वक्तव्य जो सदन की गरिमा के अनुरूप नहीं होता है, वह जनता या अन्य सदस्यों के लिए ही गलत नहीं होता बल्कि खुद के लिए भी गलत और रात काली करने वाला होता है। जो भी सदस्य गलत बोलता है उसको पश्चाताप होता है। इसलिए हम जो भी बात बोलें, उसे सोच-विचार कर रखना चाहिए क्योंकि छोटी सी बात धीरे-धीरे बढ़ते-बढ़ते कितनी बड़ी हो जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अध्यक्ष के आसन पर बहुत बड़ी-बड़ी विभूतियां विराजमान रही हैं, वो सभी हमारे लिए सम्मानीय रहे हैं। अध्यक्ष हम सभी के लिए सम्माननीय होते हैं। सदन को चलाने के लिए अध्यक्ष ही हमारे प्रमुख होते हैं। उन्होंने कहा कि सदन में हमारे साथी कई बार प्रूफ देते हैं, नियमों की जानकारी देते हैं लेकिन सबसे बड़ा नियम और संयम यह है कि हम इन नियमों की पालना करें। जोर से हल्ला मचाते हुए या एक दिन किसी सुर्खी को बनाने से पहले हमें ध्यान देना चाहिए क्योंकि सदन का समय बहुत कीमती होता है और इसका पूरा खर्च राजस्थान की जनता वहन करती है। हमें सोचना चाहिए कि सदन में हमारा एक-एक मिनट कैसे उपयोगी हो सकता है। राजस्थान की जनता के लिए हम क्या कर सकते हैं। अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति के प्रति हमारी सद्भावना क्या है, उस पर विचार करने के लिए यह सदन है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन में हमारे विपक्ष और पक्ष के जो भी सदस्य अच्छा बोलते हैं, मैं उनको फोन करता हूँ कि आप बहुत अच्छे बोले। मैंने नेता प्रतिपक्ष को भी एक बार फोन करके कहा कि आपने अच्छी बात बोली। उन्होंने कहा कि अच्छे को अच्छा कहना हमें सीखना होगा। अच्छी बात बोलने वालों को उत्साहित करना होगा और गलत को गलत भी कहना होगा। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से मंत्री द्वारा बोले शब्दों को विलोपित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जनता हमें देखती है इसलिए टिप्पणी चाहे उधर से हो या इधर से हो, कहीं भी ठीक नहीं होती है। जिस उद्देश्य, भाव और भावना से सदन में राजस्थान की जनता ने हमें भेजा ह,ै हमें उसे पूरा करना है। उन्होंने कहा कि हम तो विपक्ष को अपनी ताकत मानते हैं और विपक्ष जो भी कहता है, उस बात पर संज्ञान भी लेते हैं जिससे राजस्थान की जनता को उसका फायदा मिले। मुख्यमंत्री ने अपने वक्तव्य में प्रतिपक्ष के नेता और मुख्य सचेतक को भी धन्यवाद दिया कि उन्होंने गतिरोध समाप्त करने की पहल करने के लिए संपर्क किया। इससे पहले नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सदन में गतिरोध समाप्त करने की पहल करते हुए वार्ता करने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद व्यक्त किया।

Assembly: जनता का विश्वास ही हमारी ताकत -उप मुख्यमंत्री

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उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी ने गुरुवार को विधान सभा में कहा कि बजट पर सदस्यों ने सार्थक विचार प्रस्तुत किए। हम प्राप्त सुझावों का अध्ययन कर प्रदेश की विकास यात्रा में और आगे बढ़ेंगे। बजट घोषणाओं से प्रदेशवासियों में नवीन आशा का संचार होने के साथ राज्य सरकार के प्रति विश्वास और दृढ़ हुआ है। सरकार के प्रति जनता का विश्वास ही हमारी ताकत है। वित्त मंत्री आय-व्ययक अनुमान 2025-26 पर सामान्य चर्चा के बाद जवाब दे रहीं थी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का ध्येय ‘सर्वजन हिताय और समावेशी विकास‘ है। यह सुनिश्चित करते हुए अंतिम छोर तक प्रत्येक व्यक्ति का सर्वांगीण विकास किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में प्रदेश के दीर्घकालीन लक्ष्यों और विकसित राजस्थान @2047 को ध्यान में रखकर 1.20 लाख से अधिक सुझावों के साथ बजट तैयार किया था। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपने पूर्व बजट की 58 प्रतिशत बजट घोषणाओं को पूरा कर लिया है। उन्होंने सदन से प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि सभी घोषणाओं को समयबद्ध पूरा कर, राजस्थान को ‘खुशहाल प्रदेश‘ बनाया जाएगा।

Housing board: आवासन मण्डल ने बकाया लीज पर ब्याज को किया माफ

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नगरीय विकास विभाग ने सोमवार को नगरीय निकायों, नगरीय विकास न्यासों, राजस्थान आवासन मण्डल और समस्त विकास प्राधिकरणों की 31 मार्च 2024 तक की बकाया लीज राशि 30 सितम्बर 2025 तक एक मुश्त राशि जमा कराने पर ब्याज राशि में शत-प्रतिशत छूट प्रदान की थी जिसकी अनुपालना में आज आवासन मण्डल ने भी आमजन के हितार्थ बकाया लीज 30 सितम्बर तक जमा कराने पर शत-प्रतिशत ब्याज माफ करने के निर्देश जारी किये है। उल्लेखनीय है कि नगरीय विकास विभाग के आदेशानुसार पूर्व में निस्तारित प्रकरणों को पुनः नहीं खोला जायेगा और जमा राशि पुनः लौटाई नहीं जायेगी।

Animal husbandry: पशुपालन डिप्लोमा परीक्षाओं में सेवानिवृत अधिकारियों की नियुक्ति होगी बंद

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पशुपालन, डेयरी, गोपालन और मत्स्य विभाग के शासन सचिव डॉ समित शर्मा ने कहा है कि पशुपालन डिप्लोमा कार्यक्रम के सैद्धांतिक और व्यवहारिक परीक्षाओं की सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना बहुत आवश्यक है। यह देखा गया है कि इन परीक्षाओं में पर्यवेक्षक और निरीक्षक के रूप में सेवानिवृत अधिकारियों की नियुक्ति की जाती है जिससे कई बार परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठते हैं। शासन सचिव ने परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इन भूमिकाओं में सेवानिवृत्त अधिकारियों की नियुक्ति की प्रथा को बंद करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि अब प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर कम से कम दो पर्यवेक्षक/ परीक्षक की नियुक्ति की जाए जिनमें से एक अधिकारी राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (राजूवास) से तथा दूसरा पशुपालन विभाग से नामित हो। अगर किसी कारणवश राजूवास के अधिकारी उपलब्ध नहीं है तो पशुपालन विभाग के दो अधिकारियों को नियुक्त किया जा सकता है। उन्होंने परीक्षा के दौरान नैतिक मानकों को बनाए रखने और किसी भी प्रकार के कदाचार को रोकने के लिए सभी नामित पर्यवेक्षकों और निरीक्षकों को नकद उपहार, मुफ्त या किसी प्रकार के भौतिक लाभ सहित किसी भी प्रकार केे आतिथ्य को स्वीकार करने से बचने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्रों के लीक होने और परीक्षा के दौरान अनुचित साधनों के प्रयोग को रोकने के लिए सभी स्तर पर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। किसी भी प्रकार की अनियमितता या कानून का उल्लंघन पाए जाने पर संस्थान की संबद्धता और एनओसी निरस्त कर दी जाएगी। शासन सचिव ने बताया कि सभी परीक्षा केंद्र अधीक्षक, डीन और प्रिंसीपल को परीक्षा हॉल में रिकॉर्डिंग सिस्टम के साथ सीसीटीवी कैमरा लगाने के निर्देश दिए गए हैं जिसकी अधिसूचना राजूवास, बीकानेर द्वारा जारी की जा चुकी है। उन्होंने निर्देश दिया कि परीक्षा हॉल में कैमरा इस तरह लगाया जाए कि प्रश्न पत्र के लिफाफे खोलने से लेकर उत्तर पुस्तिका के लिफाफे सील करने तक की पूरी प्रक्रिया बिना किसी रूकावट के रेकार्ड हो सके। साथ ही परीक्षा कक्ष का प्रत्येक विद्यार्थी कैमरे की जद में रहे। सभी रिकॉर्डिंग को दैनिक आधार पर डीवीडी में स्थानांतरित करना भी सुनिश्चित किया जाना आवश्यक होगा जिसकी एक प्रति संबंधित संस्थान अथवा कॉलेज के पास रहेगी तथा दूसरी प्रति राजूवास के परीक्षा नियंत्रक को भिजवाना होगा। किसी भी प्रकार की अपूर्ण अथवा अनुचित रिकार्डिंग के लिए कोई बहाना स्वीकार्य नहीं होगा। डॉ शर्मा ने निष्पक्ष, पारदर्शी और नकल मुक्त परीक्षा आयोजित करने और परीक्षा की सत्यनिष्ठा के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को तत्काल और उचित कार्रवाई करते हुए सभी आवश्यक कदम उठाने के लिए निर्देश दिए।

Assembly: मरीजों को निजी चिकित्सालयों में रेफर करने पर चिकित्सक के विरुद्ध होगी सख्त का कार्रवाई – चिकित्सा शिक्षा मंत्री

चिकित्सा शिक्षा मंत्री गजेंद्र सिंह ने गुरुवार को विधानसभा में कहा कि राजकीय चिकित्सकों द्वारा मरीजों को अनावश्यक रूप से निजी चिकित्सालयों में रेफर किए जाने की शिकायत प्राप्त होने पर सम्बंधित चिकित्सक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस सम्बन्ध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में तत्कालीन सरकार द्वारा चिकित्सा संस्थाओं के पीपीपी मोड पर संचालन को बंद कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि पीपीपी मोड पर संचालित चिकित्सा संस्थाओं में 1 मेडिकल ऑफिसर और 11 अन्य स्टाफ पर राज्य सरकार द्वारा प्रतिमाह 1 लाख 80 हजार से 2.50 लाख रुपये तक का व्यय किया जाता था। चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरक़ार द्वारा वर्तमान में प्रदेश में चिकित्सा संस्थाओं को पीपीपी मोड पर दिए जाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। विधायक बहादुर सिंह के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान में भरतपुर जिले में किसी भी चिकित्सा संस्थाओं को पीपीपी मोड पर नही दिया गया है।

Assembly: आभानेरी होगा आइकोनिक टूरिज्म डेस्टीनेशन के रूप में विकसित -पर्यटन मंत्री

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पर्यटन मंत्री दिया कुमारी ने गुरूवार को विधानसभा में कहा कि बजट वर्ष 2025-26 में रूरल और हैरिटेज टूरिज्म को बढ़ाना देने के लिए आभानेरी-दौसा को आइकोनिक टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा आभानेरी चांद बावड़ी व हर्षद माता मंदिर में संरक्षण और मरम्मत कार्य करवाए जा रहे हैं। मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रही थीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आवश्यकता और बजट की उपलब्धता एवं प्राथमिकता के आधार पर जन सुविधाओं का विकास, जीर्णोद्धार, संरक्षण, उन्नयन, मरम्मत, पार्किंग स्थल विकसित करना आदि कार्य करवाए जाते हैं। विधायक भागचन्द टाकड़ा के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में मंत्री ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र बांदीकुई में स्थित आभानेरी चांद बावड़ी व हर्षद माता मंदिर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (भारत सरकार) के अधीन संरक्षित स्मारक हैं। उन्होंने आभानेरी चांद बावड़ी व हर्षद माता मंदिर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा कराये जा रहे संरक्षण एवं मरम्मत कार्यों का विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा पर्यटन विकास कार्यों से संबंधित प्राप्त प्रस्तावों के संबंध में पारस्परिक प्राथमिकता के आधार पर युक्तियुक्त निर्णय लिया जाता है। उन्होंने दौसा जिले के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर स्वीकृत पर्यटन विकास कार्यों का विवरण सदन के पटल पर रखा।