C M NEWS: बारिश के पानी का अधिक से अधिक उपयोग हमारी प्रमुख प्राथमिकता -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को रावतभाटा स्थित राणा प्रताप सागर बांध के अपस्ट्रीम में सैडल डैम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रस्तावित कार्यों की प्रगति का जायजा लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। श्री शर्मा को जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने राणाप्रताप सागर-ब्राह्मणी के बाढ़ सुरक्षा प्रबंधन एवं उक्त बाढ़ के जल के बीसलपुर बांध में जल अपवर्तन परियोजना पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राणाप्रताप सागर के सैडल डैम के सरप्लस पानी को ब्राह्मणी नदी में डालने के लिए प्रस्तावित कैरिज के मार्ग एवं यहां से पानी बीसलपुर बांध के अपस्ट्रीम तक पहुंचाने की कार्य योजना पर कार्य किया जा रहा है। इस परियोजना से सरप्लस पानी का अधिक से अधिक उपयोग होगा और पानी व्यर्थ नहीं बहेगा। उल्लेखनीय है कि राणाप्रताप सागर बांध एवं ब्राह्मणी नदी से बीसलपुर बांध की बनास नदी में जल अपवर्तन की संभावित लागत 8 हजार 300 करोड़ रूपये है। इस परियोजना के अंतर्गत ब्राह्मणी नदी पर एक बैराज श्रीपुरा गांव में बनाया जाना प्रस्तावित है। इस बैराज के अतिरिक्त वर्षाकालीन जल को राणाप्रताप सागर के सैडल डैम से बनास नदी के लिए निकली चैनल को फीड किया जाएगा। साथ ही, परियोजना के अंतर्गत सुरंगों का निर्माण एवं बूंदी जिले के गरडदा, अभयपुरा एवं गुढ़ा बांध को भी भरा जाना प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने यहां स्थानीय लोगों से संवाद करते हुए कहा कि राज्य सरकार वर्षा के जल का संचय कर अधिक से अधिक उपयोग करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विकसित रावतभाटा के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। यहां पर परिवहन सुविधा का विस्तार करने सहित अन्य विषयों पर राज्य सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है।

Education: राजस्थान के उच्च शिक्षण संस्थान अब होंगे ओपन डिस्टेंस लर्निंग के अध्ययन केंद्र

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राजस्थान केन्द्रीय विश्वविद्यालय ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) कार्यक्रमों की शुरुआत इस वर्ष से की है। यह पहल उन विद्यार्थियों के लिए एक सुनहरा अवसर प्रदान करती है, जो किसी कारणवश नियमित पाठ्यक्रमों में हिस्सा लेने में असमर्थ हैं। विश्वविद्यालय का यह प्रयास शिक्षा को सुलभ और समावेशी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। ओपन डिस्टेंस लर्निंग और ओपन प्रोग्राम उन छात्रों को शिक्षा का अवसर प्रदान करेगा, जो विभिन्न कारणों से पारंपरिक शिक्षा प्राप्त करने में सक्षम नहीं है। यह उन्हें आवश्यक ज्ञान और कौशल से सशक्त बनाएगा जिससे वे अपने अकादमिक और व्यावसायिक लक्ष्यों को प्राप्त कर सकें। इसी के चलते राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय अपने शैक्षणिक दायरे का विस्तार करते हुए ओपन डिस्टेंस लर्निंग (ODL) और ओपन प्रोग्राम (OP) केंद्र स्थापित करने जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य उन व्यक्तियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है जो पारंपरिक शैक्षणिक कार्यक्रमों को जारी नहीं रख सकते। यह लचीले शिक्षण अवसर प्रदान कर शैक्षणिक समावेशन को बढ़ावा देने की दिशा में राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो आनंद भालेराव ने बताया कि ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) कार्यक्रमों के लिए हम राजस्थान में विभिन्न स्थानों पर लर्निंग सेंटर स्थापित करेंगे जिसके लिए इच्छुक उच्च शिक्षण संस्थान जिनके पास अनुभव और आवश्यक बुनियादी ढांचा हो वो अपनी अभिरुचि बता सकते है। इस तरह के लर्निंग सेंटर भौगोलिक बाधाओं का सामना कर रहे छात्रों को शिक्षा से जोड़ने में सहायक होंगे।यह पहल संस्थागत सहयोग को बढ़ावा देने और ओपन एवं डिस्टेंस लर्निंग मोड के माध्यम से उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने के लिए तैयार की गई है। प्रो आनंद भालेराव ने आगे बताया कि हाल ही में शिक्षा मंत्रालय ने उच्च शिक्षा में डिजिटलीकरण को बढ़ावा देते हुए इसे समाज की आवश्यकताओं के अनुरूप समृद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है जिसके चलते ओपन डिस्टेंस लर्निंग (ODL) प्रोग्राम्स को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस कदम का उद्देश्य ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो (GER) को वर्तमान में 28.26% से बढ़ाकर वर्ष 2050 तक 50% तक ले जाना है, ताकि उच्च शिक्षा साक्षरता में उल्लेखनीय वृद्धि हो सके। उन्होंने आगे बताया कि जो भी लर्निंग सेंटर राजस्थान में बनाए जाएंगे और उन्हें कुछ पात्रता मानदंड पूरे करने होंगे ताकि शिक्षा कि गुणवत्ता में कमी न हो। जैसे लर्निंग सेंटर को ओपन डिस्टेंस लर्निंग (ODL) मोड के लिए स्व-अध्ययन सामग्री (SLM) विकसित करनी होगी, कम से कम 60% SLM विश्वविद्यालय के आंतरिक संकाय द्वारा विकसित करना होगा और स्व-अध्ययन सामग्री ऐसी हो जो स्वयं स्पष्ट” हो। ऑनलाइन मोड के लिए पात्रता मानदंड में शामिल होंगे यूजीसी (UGC) विनियमों के अनुसार फोर-क्वाड्रेंट अप्रोच (Four-Quadrant) का पालन किया जाना, ऑनलाइन कार्यक्रमों को विकसित करने के लिए आवश्यक तकनीकी क्षमता व स्वीकृत प्लेटफार्मों जैसे SWAYAM के माध्यम से ऑनलाइन कार्यक्रम प्रदान किए जाना। प्रवेश, परीक्षा और शिक्षार्थी सहायता सेवाओं के संबंध में यूजीसी (UGC) मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा। पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया सुनिश्चित करनी होगी और उचित दस्तावेजों का रख – रखाव करना होगा। अधिक जानकारी के लिए केंद्रीय राजस्थान विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कार्यालय से संपर्क कर सकते है या आधिकारिक वेबसाइट www.curaj.ac.in देख सकते है।

Political News: दिल्ली में किसकी पर्ची खुलेगी

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■ ओम माथुर ■

दिल्ली में 27 साल बाद भाजपा की वापसी के बाद अब कौन होगा मुख्यमंत्री के नाम पर मीडिया में कयासबाजी शुरू हो गई है। भाजपा यानी मोदी-शाह की रणनीति को मीडिया कभी भी समझ नहीं पाया,न समझ पाएगा।इसीलिए हर राज्य में भाजपा के चुनाव जीतने के बाद न्यूज चैनल फोकटी पंचायत करने बैठ जाते हैं। इन पंचायतों में कई-कई नाम सामने लाकर उनकी खूबियों और खामियां गिनाई जाती है। मानो भाजपा नेतृत्व इन बहसों को देखकर ही सीएम के नाम का फैसला करेगा। राजस्थान, हरियाणा और मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री के चेहरे पर मुंह की खाने के बाद भी मीडिया सुधरता नहीं है और कयासबाजी में कोई कसर नहीं छोड़ता। इन राज्यों में मीडिया ने जिन बड़े नामों को सीएम फेस माना था,उनमें किसी का चयन भाजपा ने नहीं किया। इनमें वसुंधरा राजे और शिवराज सिंह चौहान जैसे दिग्गज नेता भी शामिल थे। क्या ये संभव है कि दिल्ली चुनाव शुरू होने के साथ ही मोदी और शाह के दिलोदिमाग में या ना हो कि अगर पार्टी को बहुमत मिला,तो दिल्ली का सीएम कौन होगा? जो पार्टी हमेशा चुनावी मूड में रहती हो, जो पार्टी दूसरे राजनीतिक दलों से बहुत आगे की सोचती हो,वह सीएम फेस भी तय करके ही रखती ही होगी। लेकिन मीडिया भी क्या करें। कुछ तो दिखाना-बताना ही है। इसलिए दिल्ली में भी उसने अब तक करीब एक दर्जन दावेदारों को सामने ला दिया है। इनमें कुछ तो ऐसे भी है, जिन्हें खुद को अपना नाम दावेदारों में देखकर यकीन नहीं हो रहा होगा? अखबार भी इसी गप्पबाजी में उलझे हैं। इन दावेदारों के नामों का चयन मीडिया इस तरह करता है कि उसमें हर जाति का दावेदार शामिल हो जाए। जैसे दिल्ली में अब तक उसने जो सीएम दावेदार बताए हैं, उनमें प्रवेश वर्मा जाट, मनोज तिवारी पूर्वांचली,मनजिंदर सिरसा और आशीष सूद पंजाबी, सतीश उपाध्याय ब्राह्मण, विजेंद्र गुप्ता और जितेंद्र महाजन वैश्य शामिल है। इनके अलावा महिलाओं के नाम पर बांसुरी स्वराज और स्मृति ईरानी सहित वीरेंद्र सचदेवा का नाम भी चर्चाओं में लिया जा रहा है। इनमें मनोज तिवारी और स्वराज सांसद हैं और स्मृति ईरानी कुछ भी नहीं। बीते सालों में कुछ राज्यों में मुख्यमंत्री चयन में भाजपा का जो ट्रैक रिकार्ड रहा है, उसमें वह बिल्कुल नए चेहरों को दाव लगाती रही है। इनमें फर्स्ट टाइमर या सैकंड टाइमर विधायक शामिल है़। इसमें राजस्थान में भजनलाल शर्मा पहली बार विधायक बने और मुख्यमंत्री बना दिए गए। मोहन यादव भी दूसरी बार के विधायक हैं और मध्य प्रदेश के सीएम बन गए। इसे भाजपा में नया नेतृत्व विकसित करने की कवायद के साथ-साथ मोदी और शाह के विश्वस्त नेताओं की राज्यों में तैनाती भी माना जाता रहा है। भले ही प्रक्रिया के तौर पर विधायकों की बैठक बुलाकर ही नेता का चयन भाजपा करती है। लेकिन यह किसी से छुपा नहीं है कि पर्यवेक्षक पर्ची में लिखे नाम लाकर उसे बैठक में खोलते हैं। राजस्थान में तो ये सबने देखा है। जब राजनाथ सिंह ने वसुंधरा राजे को सीएम के नाम की घोषणा की पर्ची दी, तो वह उसमें भजनलाल शर्मा का नाम देखकर चौंक पड़ी थी और यह उनके चेहरे से जाहिर हो रहा था। गुजरात में भूपेंद्र पटेल, उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी भी ऐसे ही चयध थे। ऐसे में क्या दिल्ली में भी भाजपा किसी फेस को सरप्राइज पैकेज के रूप में लाएगी या किसी स्थापित नेता को अपना चेहरा बनाएगी ? पिछली 5 बार से दिल्ली का मुख्यमंत्री नई दिल्ली विधानसभा सीट से जीतने वाला उम्मीदवार बन रहा है। पहले दो बार शीला दीक्षित और उसके बाद तीन बार अरविंद केजरीवाल। इस बार इस सीट से भाजपा के जाट नेता प्रवेश शर्मा ने केजरीवाल को ही हराया है और दिल्ली के आसपास के राज्यों यानी हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के जाटों को संदेश देने के लिए उनकी दावेदारी सबसे ऊपर है। तीनों राज्यों में जाटों की संख्या काफी है और भाजपा वर्मा को सीएम बनाकर चार राज्यों के जाटों को साद सकती है। वह अमित शाह से मुलाकात कर चुके हैं,जबकि जेपी नड्डा से आज रात मुलाकात करने वाले हैं। वैसे भाजपा और कांग्रेस में मूल अंतर यही है कि कांग्रेस के कई नेता अपने राज्यों में चुनाव शुरू होने के साथ ही खुद को मुख्यमंत्री का दावेदार बताने लग जाते हैं और भाजपा में किसी मुख्यमंत्री के मजबूत दावेदार से भी सवाल पूछा जाता है, तो यही कहता है आलकमान तय करेगा।

Rajasthan News: टोंक जिले में ‘जनप्रतिनिधि आपके द्वार’

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‘जनप्रतिनिधि आपके द्वार’ के तहत जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी रविवार को टोंक जिले के विधानसभा क्षेत्र टोडारायसिंह के दौरे पर रहे। लगभग एक दर्जन से अधिक गांवों का दौरा कर ग्रामीणों की व्यक्तिगत और सार्वजनिक समस्याओं को सुना और पात्र लोगों को आवासीय पट्टे सौंपे व कचरा गाड़ी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। श्री चौधरी ने ग्रामीणों से कहा कि वे अपनी समस्याएं लिखकर दें और उसमें अपना नाम व मोबाईल नंबर भी दर्ज करें, ताकि आपको आगामी 15 दिन में फोन से और लिखित में सूचना दी जा सकें। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों की समस्याओं का निस्तारण नियत समय पर करें और नहीं हो सकने वाले काम का कारण उन्हें लिखित में बताएं। पात्र लोगों को कार्यालय के चक्कर नहीं कटवाएं अन्यथा ऐसे लापरवाह अधिकारियों व कार्मिकों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। श्री चौधरी ने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान और आधारभूत विकास में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। ग्रामीण प्राथमिकता के आधार पर काम बताएं ताकि आगामी 4 साल में क्षेत्र का विकास चरणबद्ध रूप से किया जा सकें। उन्होंने कहा कि राजमहल, बोटूंदा, कंवरावास, सालग्यावास में फ्लोराइड युक्त पानी की समस्या के समाधान के लिए 21 करोड़ रुपये की योजना बनाई गई है। इसे शीघ्र ही धरातल पर उतारा जाएगा। मंत्री ने थड़ोली, बोटूंदा समेत अन्य गांवों में कचरा पात्र गाड़ी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने लोगों से कहा कि गांव में साफ-सफाई रखना बेहद जरूरी है। इससे हम कई बीमारियों से बचे रहते है। वहीं बोटूंदा ग्राम पंचायत में ग्रामीणों को आवासीय पट्टे सौंपे।

Rajasthan News: कोई भी संगठन मांग व आंदोलन से जीवित रहता है -श्री देवनानी

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विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि आज का भारत एक वृहद दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रहा है। हम विश्वगुरू थे और रहेंगे और वर्ष 2047 तक हम निश्चित रूप से विकसित भारत बन जाएंगे। नेशनल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंश्योरेंस वर्कर्स की 19वीं त्रैवार्षिकी ऑल इण्डिया कॉन्फ्रेंस रविवार को अजमेर में आयोजित हुई। इसमें पूरे देश के भारतीय जीवन बीमा निगम के कार्मिकों ने भाग लिया। श्री देवनानी एलआईसी कार्मिकों का आह्वान किया कि देश के लिए वे भी अपना सम्पूर्ण योगदान दें। उन्होने कहा कि भारतीय जीवन बीमा निगम देश की तरक्की और आमजन में सुरक्षा के भाव का एक महत्वपूर्ण अंग है। निगम का बीमा यानि सुरक्षा की गारंटी, आमजन को किसी भी स्तर पर परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने कहा कि बीमा सदैव साथ रहता है। निगम के कर्मचारी उपभोक्ता हित व राष्ट्रहित में निरन्तर कार्य करते रहे। देश के हित में पॉलिसीधारकों के हितों की पूरी तरह रक्षा हो और उन्हें अधिक से अधिक सेवाएं प्राप्त हो। वर्तमान समय एआई का है। हम एआई और तकनीकी सहायता से अधिक से अधिक आमजन को अपनी सेवाओं का सम्पूर्ण लाभ पहुंचाए। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि कोई भी संगठन मांग व आंदोलन से जीवित रहता है लेकिन इसे सकारात्मक बनाए रखने की आवश्यकता है। देश में एक नारा प्रचलित है ‘‘देश के हित में करेंगे पूरा काम, काम के लेंगे पूरे दाम’’ यह सोच रखकर हम स्वंय को और संगठन को आगे बढ़ाए। एलआईसी ने देश के उपभोक्ताओं में जो विश्वास व प्रभाव बनाया है वह अपनेआप में अनूठा व अद्वितीय है।

C M NEWS: डबल इंजन की सरकार प्रदेश के विकास के लिए कृतसंकल्पित —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा रविवार को कोटा के दशहरा मैदान में श्री धाकड़ महासभा द्वारा आयोजित 32वें राष्ट्रीय अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार धाकड़ समाज के ग्रामीण पृष्ठभूमि के होनहार बच्चों और विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए छात्रावास हेतु जयपुर में भूमि आवंटित करेगी। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को पानी और बिजली की बेहतर सुविधाएं देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। हमारी सरकार ने प्रदेश के ऐसे साढ़े सात लाख किसानों को इस सम्मान निधि से जोड़ने का काम किया है। इसके साथ ही राज्य सरकार ने किसानों के हित में गेंहू की एमएसपी में बढ़ोतरी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान और मध्य प्रदेश के सामूहिक प्रयासों से प्रदेश के विभिन्न जिलों में पानी पहुंचाने के लिए रामजल सेतु लिंक परियोजना पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार आने वाले समय में प्रदेश का तेजी से विकास करने के लिए कृतसंकल्पित है।

Mahakumbh: प्रयागराज में राजस्थान मंत्रिपरिषद की बैठक सम्पन्न

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प्रयागराज स्थित राजस्थान मंडपम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में शनिवार को मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में देवस्थान विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय किए गए। मंत्रिपरिषद की बैठक में देवस्थान विभाग के प्रत्यक्ष प्रभार श्रेणी के 390 मंदिरों और आत्म निर्भर श्रेणी के 203 मंदिरों में सेवा पूजा, भोग, प्रसाद, उत्सव, पोशाक, जल एवं प्रकाश, सुरक्षा संचालन व्यवस्था के लिए भोगराग को दोगुना करते हुए 3 हजार रुपए प्रति मंदिर प्रति माह किए जाने का निर्णय लिया गया। एक और महत्वपूर्ण फैसला करते हुए देवस्थान विभाग में प्रत्यक्ष प्रभार और आत्म निर्भर मंदिरों में कार्यरत अंशकालीन पुजारियों को दिए जा रहे मानदेय को 5 हजार रुपए से बढ़ाकर 7500 रुपए प्रतिमाह करने की स्वीकृति प्रदान की गई। देवस्थान विभाग के प्रबंधित और नियंत्रित राजकीय प्रत्यक्ष प्रभार के 6 मंदिरों व आत्म निर्भर श्रेणी के 26 मंदिरों के जीर्णोद्धार, मरम्मत और विकास कार्यों के लिये 101 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। राज्य के बाहर स्थित देवस्थान विभाग के मंदिरों का सर्वे करवाते हुए इनकी वास्तविक संख्या पता कर इन्हें सूचीबद्ध किया जाएगा। जीर्ण-शीर्ण हो चुके ऐसे मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए 25 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। इन निर्णयों की स्वीकृति भी मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदान की गई।

Mahakumbh: मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष सहित मंत्रिपरिषद ने संगम में लगाई डुबकी

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प्रयागराज के महाकुंभ में राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी सहित मंत्रिपरिषद, सांसदों व विधायकों ने संगम में लगाई डुबकी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुंभ में आस्था का जनसैलाब उमड़ रहा है। यह हमारी संस्कृति और संत, ऋषि व मुनियों की विरासत का प्रतीक है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार विकास के पथ पर विरासत संरक्षण के ध्येय के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर महाकुंभ मेले में राजस्थान से जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए राजस्थान मंडप तैयार करवाकर निःशुल्क आवास, भोजन एवं चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवायी जा रही हैं। वहीं इस दौरान मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं को भोजन वितरित किया। दुसरी ओर अध्यक्ष देवनानी ने भी त्रिवेणी संगम घाट पर पवित्र स्नान कर मां गंगा की पूजा अर्चना की। उन्होंने इस पावन, ऐतिहासिक और सनातन संस्कृति के अद्भुत मौके पर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

Assembly: मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा 8 करोड़ लोगों का कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई बहस का जवाब देते हुए कहा कि हमारी सरकार का मुख्य उद्देश्य जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाते हुए प्रदेश को खुशहाल व विकसित बनाने का है। राज्य सरकार गरीब, युवा, अन्नदाता, महिला के साथ-साथ समस्त वंचित वर्गों के उत्थान के लिए कृतसंकल्पित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गत सरकार के समय जल जीवन मिशन में प्रदेश सम्पूर्ण देश में अंतिम पायदान पर खड़ा था। कार्य की गति धीमी थी, इस कारण मार्च 2025 में जेजेएम समाप्ति पर लाखों घर इस योजना का लाभ लेने से वंचित रह जाते। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने केन्द्रीय बजट में जेजेएम की अवधि बढ़ाकर मार्च 2028 तक कर दी है। यह हमारी डबल इंजन की सरकार की शक्ति से संभव हुआ है। श्री शर्मा ने कहा कि गत सरकार द्वारा जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार और घोटाले किए गए थे। हमारी सरकार इनकी जांच करवा रही है। गत सरकार के समय योजना के तहत टेंडर्स में अत्यधिक प्रीमियम आ रहा था, उस पर भी अब नियंत्रण हो गया है। इसी तरह गत सरकार के समय सहकारिता विभाग द्वारा दुर्घटना एवं जीवन बीमा के लिए प्रीमियम राशि 450 करोड़ रूपये से अधिक हो गई थी, जबकि अब वह 269 करोड़ रूपये ही है। श्री शर्मा ने कहा कि गत सरकार द्वारा अतार्किक रूप से थोथी घोषणाएं की गई। किसानों से 10 दिन में संपूर्ण कर्जमाफी का वादा कर वादाखिलाफी की गई। हमारी सरकार ने प्रथम वर्ष में ही प्रदेश के विकास का एक्शन प्लान घोषित किया है। उन्होंने कहा कि वह किसान परिवार से आते है, इसलिए किसानों की जरूरतों को समझते है। आपणो अग्रणी राजस्थान संकल्प पत्र के तहत किसान सम्मान निधि की राशि को दोगुना करने का वादा किया था। प्रथम फेज में इसे 6 हजार रूपये से बढाकर 8 हजार रूपये किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने बजट में 5 वर्षों में 4 लाख सरकारी नौकरियों की घोषणा की है, जिसमें से 1 वर्ष में ही 59 हजार 236 पदों पर नियुक्तियां हो चुकी हैं, जिनमें 19033 शिक्षक, 22310 पैरामेडिकल, 4748 कनिष्ठ लेखाकार, 2563 वनकर्मी तथा 3100 से अधिक पुलिस कांस्टेबल शामिल हैं। साथ ही, 1 लाख 72 हजार 990 पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है, जिनमें से 81 हजार पदों पर भर्ती परीक्षाओं का कलेण्डर जारी कर दिया गया है। श्री शर्मा ने कहा कि गत सरकार के समय कानून व्यवस्था बदहाल स्थिति में थी, जिससे आमजन परेशान था और पूरे प्रदेश में अराजकता का माहौल था। हमने आते ही कानून का राज स्थापित किया तथा संगठित अपराधों को रोकने के लिए एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स का गठन किया। साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए भी प्रभावी कार्यवाही शुरू कर दी गई है। महिला सुरक्षा के लिए 250 कालिका पेट्रोलिंग यूनिट तथा प्रभावी पुलिसिंग के लिए 19 नए पुलिस थाने सृजित किए गए हैं। परिणामस्वरूप महिला अत्याचार के मामलों में 10.61 प्रतिशत की कमी आई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गत सरकार ने बिना गुण-अवगुण के आधार पर जल्दबाजी में नये जिले एवं सम्भाग बनाये। 3 जिलों की तो आचार संहिता लगने से ठीक पहले ही घोषणा की गई। उन्होंने कहा कि वर्ष 1956 में प्रदेश में 26 जिले थे, तब से 67 वर्षों में मात्र 7 नये जिलों का गठन किया गया। गत सरकार ने अन्तिम वर्ष में एक साथ बिना सोचे-समझे 17 जिले बनाने का निर्णय लिया। हमारी सरकार ने विभिन्न मापदंडों के आधार पर परीक्षण कर जिलों एवं सम्भागों का पुनर्गठन किया। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में हर वर्ग को राहत प्रदान करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। हमने सामाजिक सुरक्षा पेंशन को 1 हजार रूपये से बढ़ाकर 1150 रूपये किया। हमने गत सरकार द्वारा बकाया छोड़ी गई पेंशन का भी भुगतान किया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने दिसम्बर, 2024 तक देय पेंशन का भुगतान कर दिया है और इस वित्तीय वर्ष में माह अप्रैल, 2024 से लेकर जनवरी, 2025 तक 10 हजार 552 करोड़ रूपये की राशि का भुगतान कर दिया गया है।

Assembly: सदन में गतिरोध बेहद पीड़ादायक —स्पीकर

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राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने शुक्रवार को सोलहवीं विधान सभा के तृतीय सत्र में राज्यपाल अभिभाषण पर मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान प्रतिपक्ष द्वारा किये गये व्यवधान को दूर करने के लिए अनेक प्रयास किये। श्री देवनानी ने सदन में उत्पन्न गतिरोध दूर करने के लिए नेता प्रतिपक्ष सहित वरिष्ठ नेताओं से चर्चा का प्रयास किया। उन्होने कहा कि सदन में आज जो कुछ भी व्यवधान की स्थिति बनी, वह राजस्थान विधान सभा के गौरवशाली संसदीय परम्पराओं पर गम्भीर आघात है। सदन में नेता प्रतिपक्ष का भाषण नहीं होना और सदन के नेता के राज्यपाल अभिभाषण के जवाब के दौरान पूरे समय व्यवधान संसदीय इतिहास की अनहोनी घटनाओं में से एक है। श्री देवनानी ने इस व्यवधान को दूर करने की समझाइस के लिए भरपूर प्रयास किया। शुक्रवार को प्रात: नेता प्रतिपक्ष श्री टीकाराम जूली ने विधान सभा में अध्यक्ष से उनके कक्ष में हुई मुलाकात के दौरान राज्यपाल के अभिभाषण पर प्रतियुत्तर को लेकर शांति के वातावरण में विधान सभा की कार्यवाही के संचालन का वायदा किया था। सदन को दो बार स्थगित करके श्री देवनानी ने श्री जूली से सदन के गतिरोध के संबंध में चर्चा भी की। श्री देवनानी ने कहा कि प्रतिपक्ष के असहयोग के बावजूद भी उन्होंने शुक्रवार को कार्यसूची के अनुरूप प्रश्नकाल और शून्यकाल में सदन की कार्यवाही को चलाया। लोकतंत्र में सदन चलाने का दायित्व पक्ष के साथ प्रतिपक्ष का भी होता है। सदन संचालन लोकतंत्र के लिए आवश्यक होता है। विधान सभा के प्रत्येक सदस्य को सदन संचालन के कार्य में अपनी भूमिका का निर्वहन निष्ठा से करना चाहिए।