Housing board: जयपुर के मानसरोवर में जल्द आयेगी 160 फ्लैट्स की योजना —आवासन मंडल

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आवासन मंडल द्वारा बने फ्लैट, विला और भूखंड खरीदने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए सुखद खबर है। मंडल द्वारा जयपुर में 160 फ्लैट्स जल्द ही बनाए जाएँगे। मंडल जल्द ही इनकी आवेदन प्रक्रिया भी शुरू कर देगा। यह निर्णय शुक्रवार को नगरीय विकास विभाग के प्रमुख शासन सचिव वैभव गालरिया की अध्यक्षता में परियोजना समिति की 172वीं बैठक में लिया गया। राजस्थान आवासन मण्डल मुख्यालय में हुई इस बैठक में आधा दर्जन से ज्यादा प्रकरणों पर विस्तार से चर्चा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। बैठक में उच्च अधिकारियों द्वारा गत 21 जनवरी को हुई 171वीं बैठक में लिए गए निर्णयों की क्रियान्विति के बारे में भी जानकारी दी गई। श्री गालरिया ने बताया की जयपुर के मानसरोवर सेक्टर-5 में विभिन्न आय वर्गों के लिए 160 फ्लैट्स, सेवारामपुरा, टोंक में 5 हजार 229 भूखण्ड, देवली, टोंक में 1 हजार 70 आवासीय भूखण्ड और देवाली, उदयपुर में 200 आवासीय व 7 मिश्रित भू उपयोग के भूखण्ड की योजना का अनुमोदन भी कुछ आंशिक संशोधन के साथ इस बैठक में किया गया है। यह योजनाएँ आमजन के हितार्थ जल्द ही धरातल पर उतारी जायेगी ।

Assembly: ई-रिक्शा संचालन के लिये जयपु 6 जोन में विभाजित -मंत्री बैरवा

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परिवहन एवं सड़क सुरक्षा मंत्री प्रेम चंद बैरवा ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि अवैध वाहनों के संचालन से जयपुर शहर में उत्पन्न यातायात जाम की समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार ठोस और प्रभावी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि ई-रिक्शा के सुव्यवस्थित संचालन हेतु थाना क्षेत्रानुसार क्लस्टर बनाकर 6 जोन में विभाजित किया गया है और 15 अक्टूबर 2024 को अधिसूचना जारी कर प्रत्येक जोन में ई-रिक्शा की संख्या भी निर्धारित की जा चुकी है। परिवहन एवं सड़क सुरक्षा मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस सम्बन्ध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि ई-रिक्शा संचालन वाले 6 जोन में पार्किंग व चार्जिंग के स्थान भी चिन्हित किये गए हैं एवं ई-रिक्शा को जोनवार क्यूआर कोड जारी करने के लिए 28 जनवरी 2025 को सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग को पत्र लिखा गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रादेशिक परिवहन कार्यालय जयपुर प्रथम व द्वितीय में कुल 45 हजार 508 ई–रिक्शा पंजीकृत हैं। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि शहर में यातायात जाम की स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों के समन्वय से कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। विधायक बालमुकुंदाचार्य के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में मंत्री ने बताया कि जयपुर शहर में विशेष आयोजनों व पीक ऑवर्स के दौरान यातायात का दबाव बढ़ जाता है, यातायात दबाव वाले स्‍थानों पर यातायात पुलिस द्वारा अतिरिक्‍त जाप्‍ता लगाकर यातायात व्‍यवस्‍था करावायी जाती है। जयपुर शहर में यातायात नियमों का उल्‍लंघ्‍न करने वाले वाहन चालकों के विरूद्ध नियमानुसार एम.वी.एक्‍ट के तहत कार्यवाही की जा रही है।

Assembly: किसानों को सरकार देगी 130 करोड़ रुपये का ऋण — मंत्री दक

राज्य भूमि विकास बैंक प्रदेश के 36 प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों को 130 करोड़ रुपये के दीर्घकालीन ऋण वितरण करेगा। सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार दक ने बताया कि राज्य के सभी जिलों के किसानों और लघु उद्यमियों को अब सहकारी भूमि विकास बैंकों के माध्यम से दीर्घकालीन कृषि एवं अकृषि ऋण उपलब्ध हो पाएंगे। मंत्री ने बताया कि कृषकों और लघु उद्यमियों को यह ऋण राज्य सरकार की बजट घोषणा के अनुरूप क्रमश: 7 प्रतिशत एवं 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान योजना के तहत उपलब्ध करवाये जाएंगे। उन्होंने बताया कि नाबार्ड से पुनर्वित्त के अभाव में काफी समय से अधिकांश भूमि विकास बैंकों द्वारा उक्त योजनाओं के अंतर्गत ऋण वितरण नहीं हो पा रहा था। विगत दिनों नाबार्ड द्वारा पुनर्वित्त जारी करने और एनसीडीसी द्वारा ब्याज दरों में कमी किये जाने के परिणामस्वरूप अब ऋण वितरण संभव हो सकेगा। उन्होने बताया कि राज्य सरकार द्वारा ब्याज अनुदान उपलब्ध करवाये जाने के फलस्वरूप भूमि विकास बैंकों द्वारा वितरित दीर्घकालीन कृषि ऋण मात्र 5.05 प्रतिशत एवं दीर्घकालीन अकृषि उत्पादक ऋण मात्र 7.05 प्रतिशत की ब्याज दर पर उपलब्ध होगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के ऐसे लगभग 15 प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों, जहां पिछले 5-6 वर्षों से दीर्घकालीन ऋण वितरण नहीं किया जा रहा था, को भी ऋण वितरण के लक्ष्य आवंटित किये गये हैं। इनमें अजमेर, केकड़ी, टोंक, हिण्डौन, सवाई माधोपुर, जालौर, पाली, सिरोही, बारां, बूंदी, झालावाड़, कोटा, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और उदयपुर प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंक शामिल हैं। प्रदेश की दीर्घकालीन सहकारी साख संरचना के पुनरुद्धार की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

Assembly: मदिरा के अवैध विक्रय को रोकने के लिए नियमित गश्त और जाँच की जाती है –वित्त मंत्री

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वित्त मंत्री दिया कुमारी ने गुरुवार को विधानसभा में कहा कि प्रदेश में मदिरा के अवैध विक्रय और नियमों के उल्लंघन को रोकने हेतु आबकारी विभाग द्वारा नियमित रेड, गश्त व जांच की कार्यवाही की जाती है। उन्होंने सदन में आश्वासन दिया कि अवैध शराब बिक्री अथवा शराब की दुकानों द्वारा नियमों के उल्लंघन की कोई भी शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। वित्त मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस सम्बन्ध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का आबकारी मंत्री की तरफ से जवाब दे रहीं थीं। उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र सूरतगढ़ में गत एक वर्ष में 373 गश्त की कार्यवाही की गई एवं 869 बार शराब की दुकानों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। नियमों में उल्लंघन के 20 मामलों में अभियोग दर्ज कर 2 लाख 10 हजार की राशि का जुर्माना भी आरोपित किया गया। विधायक डूंगरराम गेदर के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में मंत्री ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र सूरतगढ़ में ब्रांच के नाम पर अवैध शराब की दुकानें संचालित नहीं हैं। उन्होंने जानकारी दी कि विधानसभा क्षेत्र सूरतगढ़ में वर्ष 2024-25 में मदिरा दुकानों के 20 लाइसेंस-धारकों द्वारा नियमों का उल्लंघन पाये जाने पर कुल 20 अभियोग दर्ज किये गये हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में रात्रि 8.00 बजे बाद मदिरा बेचान करते पाये जाने पर 01 प्रकरण में कार्यवाही की गई। मदिरा के अवैध विक्रय एवं नियमों के उल्लंघन को रोकने हेतु विभाग द्वारा निरन्तर रेड, गश्त एवं नियमित जांच की कार्यवाही का विवरण उन्होंने सदन के पटल पर रखा।

मंत्री की अभ्यर्थियों से अपील, 10 फरवरी तक अनुप्रति कोचिंग योजना में करें ऑनलाइन आवेदन

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सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि विभाग ने मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के तहत विभिन्न प्रोफेशनल कोर्स और परीक्षाओं की तैयारी के लिए विभागीय पोर्टल पर सूचीबद्ध कोचिंग संस्थानों में कोचिंग के लिए इच्छुक अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं। उन्होंने अभ्यर्थियों से योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि आवेदक 10 फरवरी 2025 तक पोर्टल पर ऑनलाईन आवेदन करना ना भूलें। श्री गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन में चलाई जा रही ‘मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग’ योजना के तहत विभिन्न प्रोफेशनल कोर्स जैसे मेडीकल/इंजीनियरिंग, सीए, सीएस, सीएमए, क्लैट हेतु आयोजित प्रवेश परीक्षाओं एवं सरकारी नौकरियों जैसे यूपीएससी द्वारा आयोजित सिविल सेवा एवं सीडीएस परीक्षा, आरपीएससी द्वारा आयोजित आरएएस, पुलिस सब इस्पेक्टर परीक्षा, आरएसएसबी द्वारा आयोजित पटवारी, कनिष्ट सहायक इत्यादि परीक्षा, आरआरबी एवं एसएससी द्वारा आयोजित परीक्षाओं, बैकिंग एवं इंश्योरेन्स की भर्ती परीक्षाओं, रीट और कास्टेबल परीक्षाओं की तैयारी उत्कृष्ट ढंग से कराने व रोजगार के समान अवसर प्रदान करने के लिए पोर्टल पर सूचीबद्ध कोचिंग संस्थानों में कोचिंग करने हेतु इच्छुक अभ्यर्थियों से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री गहलोत ने बताया कि विभागीय वेबसाइट www.sje.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के संशोधित नवीनतम विस्तृत दिशा-निर्देश एवं मानक संचालन प्रक्रिया के प्रावधानों के अनुसार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा वर्ग, आर्थिक पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग, विशेष योग्यजन वर्ग के पात्र अभ्यर्थी योजनान्तर्गत कोचिंग करने हेतु अपने आवेदन SSO Portal (https://sso.rajasthan.gov.in) द्वारा लॉगिन कर SJMS SMS APP पर जाकर CM Anuprati Coaching Icon पर क्लिक कर अंतिम तिथि 10 फरवरी 2025 तक पोर्टल पर ऑनलाईन भर सकते हैं। उन्होंने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे राज्य सरकार की इस योजनान्तर्गत विभिन्न पाठ्यक्रम एवं परीक्षाओं हेतु निर्धारित कुल 30 हजार सीटों के लिए नजदीकी ई-मित्र/मोबाईल के माध्यम से पात्रतानुसार अधिकाधिक आवदेन करना सुनिश्चित करें।

Assembly: लोक सभा और राज्‍य सभा की तर्ज पर विधानसभा में भी चलेगा प्रश्‍न काल —अध्‍यक्ष

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राजस्‍थान विधान सभा अध्‍यक्ष वासुदेव देवनानी ने गुरूवार को सदन में व्‍यवस्‍था देते हुये कहा कि प्रश्‍न काल में विधायकगण के प्रश्‍न और राज्‍य सरकार से प्राप्‍त जवाब जब सदन के पटल पर आने के बाद उन्‍हें सभी के संज्ञान में आना माना जाता है। उन्‍होंने कहा कि ऐसी स्थिति में प्रश्‍नों और उनके जवाबों को पढ़ने की आवश्‍यकता नहीं है। श्री देवनानी ने कहा कि विधायकगण उस प्रश्‍न से संबंधित पूरक प्रश्‍न पूछ सकते हैं जिस पर संबंधित मंत्रीगण जवाब देंगे। श्री देवनानी ने कहा कि उन्‍होंने राज्‍य सभा, लोक सभा सदस्‍य व सचिवालय और अन्‍य राज्‍यों के विधान सभा सचिवालयों से इस संबंध में जानकारी ले ली है। वहां भी पटल पर रखें जाने वाले प्रश्‍न और उनके जवाबों को बोला नहीं जाता है। श्री देवनानी ने कहा कि राजस्‍थान विधान सभा में भी अब यहीं व्‍यवस्‍था रहेगी। उन्‍होंने कहा कि इससे सदन के महत्‍वपूर्ण समय के प्रत्‍येक पल का अधिक सदुपयोग होगा और प्रश्‍नकाल के निर्धारित समय में अधिक से अधिक प्रश्‍नों पर चर्चा हो सकेगी।

विधानसभा अध्‍यक्ष और मुख्यमंत्री ने कर्नल राठौड़ के निधन पर जताया शोक

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राजस्‍थान विधानसभा अध्‍यक्ष वासुदेव देवनानी ने गुरूवार को मंत्री राज्‍यवर्धन राठौड के पिता कर्नल लक्ष्‍मण सिंह राठौड़ के निधन पर गहरा शोक जताया है। श्री देवनानी ने दिवगंत आत्‍मा की शांति और शोक संतप्‍त परिजनों को इस दुख को सहन करने शक्ति प्रदान करने के लिये परमपिता परमेश्‍वर से प्रार्थना की है। वहीं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी मंत्री राठौड़ के निजी आवास पर पहुंचकर उनके स्व.पिता की पार्थिव देह पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और स्व. कर्नल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।

Assembly: जिले बनाने या समाप्त करने का सरकार को पूर्ण अधिकार -संसदीय कार्य मंत्री

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संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने गुरुवार को विधानसभा में कहा कि प्रदेश के जिलों, क्षेत्रों, डिवीजन आदि के निर्माण, समाप्ति अथवा परिवर्तन करने की शक्ति राज्य सरकार के पास है। राज्य सरकार प्रदेश में नए जिले, उपखंड, तहसील, उपतहसील और गांवों का गठन/पुनर्गठन कर सकती है। श्री पटेल ने शून्यकाल में विधान सभा सदस्य द्वारा पूछे गए प्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि राजस्थान भू—राजस्व अधिनियम 1956 के सेक्शन 15 और 16 के अनुसार जिले बनाने या समाप्त करने का राज्य सरकार को पूर्ण अधिकार है। उन्होंने कहा कि पूर्व में बनी परमेश चंद्र कमेटी के आधार पर और इसके अनुरूप ही वर्तमान कमेटी का निर्धारण किया गया है। इसमें किसी प्रकार का कोई राजनैतिक प्रभाव नहीं रहा। वर्तमान में जिलों को समाप्त करने का निर्णय पूर्ण बारीकी व गहन अध्ययन के बाद ही किया गया है। इसमें भौगोलिक स्थिति, जनसंख्या, प्रशासनिक व्यवस्था, पिछड़ापन और बुनियादी सुविधाओं जैसे आधारभूत मापदंडों के आधार पर ही नवीन जिलों में से 9 जिलों को समाप्त किया गया है। श्री पटेल ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के आमजन के हितार्थ सदैव आवश्यक कदम उठा रही है। राज्य सरकार ने पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता और दूरगामी सोच के साथ ही जिलों को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।

Assembly: जयपुर शहर में 450 बसों का होगा संचालन -स्वायत्त शासन मंत्री

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स्वायत्त शासन राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि जयपुर शहर में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा में विस्तार करने के लिए 300 सीएनजी चलित एसी मिनी बसों की निविदा प्रक्रिया जारी है। इसकी तकनीकी निविदा 6 फरवरी को खोली जाएगी और तत्पश्चात् परीक्षण कर अग्रिम कार्यवाही की जाएगी। इसके अतिरिक्त पी.एम.ई बस सेवा योजना में नई 150 इलेक्ट्रिक बसें चलाने के लिए भी केन्द्र सरकार के स्तर से निविदा 2 जनवरी 2025 को खोली जा चुकी है। मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस सम्बन्ध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि जयपुर शहर में परिवहन की कमी को दूर करने के लिए सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के आपसी समन्वय एवं संसाधनों का सदुपयोग कर नई इलेक्ट्रिक एवं सीएनजी बसें चलाने की कार्यवाही भी की जा रही है। इन बसों का संचालन प्रतिदिन न्यूनतम किराये के अनुसार भुगतान कर किया जायेगा तथा सरकार इन बसों में परिचालक नियुक्त कर आय अर्जित कर पायेगी। इससे आमजन को कम खर्च में बेहतरीन परिवहन सुविधाएँ मिलेंगी। इससे पहले विधायक कालीचरण सराफ के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में स्वायत्त शासन मंत्री ने बताया कि शहरी मामलों के मंत्रालय के मानकों के तहत पब्लिक ट्रांसपोर्ट में 10 हजार की आबादी पर 6 बसों के हिसाब से 40 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के लिए 2 हजार 400 बसों का प्रावधान है। वर्तमान में जेसीटीएसएल द्वारा जयपुर शहर में 27 मार्गों पर 200 बसों का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त आमजन को सार्वजनिक परिवहन की सुविधा के लिए परिवहन विभाग द्वारा निर्धारित 43 मार्गों पर 2 हजार 424 मिनी बसों पर परमिट जारी हैं। साथ ही 41 हजार 913 ऑटो रिक्शा और 45 हजार 508 ई-रिक्शा पंजीकृत हैं।

Assembly: भट्टा बस्ती में अवैध विद्युत कनेक्शनों पर होगी कार्रवाई -ऊर्जा राज्यमंत्री

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ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि प्रदेश में अवैध विद्युत कनेक्शनों के खिलाफ निरंतर अभियान चलाकर विजिलेंस टीम द्वारा नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि जयपुर के भट्टा बस्ती क्षेत्र सहित अन्य स्थानों पर अवैध विद्युत कनेक्शनों के विरुद्ध विजिलेंस टीम द्वारा जाँच करवाकर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ऊर्जा मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस सम्बन्ध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने सदन को बताया कि भट्टा बस्ती, किशनबाग जयपुर में निगम द्वारा मई 2013 से पूर्व 127 घरेलू कनेक्शन जारी किये गये थे। उसके बाद यहां कोई नया कनेक्शन जारी नहीं किया गया। उन्होंने जारी कनेक्शनों का विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने बताया कि यहां ‘विद्युत आपूर्ति हेतु नियम एवं शर्तें’ में वर्णित नियमावली के अनुसार कब्जेदार की हैसियत से निवास करने वाले घरेलू आवेदकों को कनेक्शन जारी किये गये थे। इससे पहले विधायक बालमुकुंदाचार्य के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में ऊर्जा मंत्री ने बताया कि निगम द्वारा भट्टा बस्ती क्षेत्र में उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति के लिए पूर्व में विद्युत लाइन व दो ट्रांसफार्मर स्थापित किये गये। इस संबंध में किसी कर्मचारी और अधिकारी को दोषी नहीं पाया गया। उन्होंने बताया कि इन विद्युत कनेक्शनों को विच्छेद करने का नियमों में कोई प्रावधान नहीं है। स्थानीय निकाय अथवा वन विभाग द्वारा अतिक्रमण हटाये जाने पर विद्युत कनेक्शन हटा लिये जायेंगे। वहीं विधायक गोपाल लाल शर्मा के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में ऊर्जा राज्य मंत्री ने बताया कि कृषि कनेक्शन नीति.2017 के अनुसार जमा मांग पत्र आवेदकों के कृषि कनेक्शन उपलब्ध संसाधनों के आधार पर वरीयतानुसार जारी किये जा रहे हैं। श्री नागर ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा बजट घोषणा वर्ष 2022-23 के अनुसार सामान्य श्रेणी में 22 फरवरी 2022 तक आवेदकों के कनेक्शन करने का निर्णय लिया गया था। विधानसभा क्षेत्र मांडलगढ में सामान्य श्रेणी के 22 फरवरी, 2022 तक आवेदक एवं तुरन्त प्राथमिकता वाले जमा मांग पत्र आवेदकों के 981 कृषि विद्युत कनेक्शन जारी किया जाना लम्बित है। जिनमें से 102 कनेक्शन फसल खड़ी होने एवं रास्ता् उपलब्ध न होने के कारण कनेक्शन जारी करने का कार्य बाधित है। उन्होंने इसका विवरण सदन के पटल पर रखा।