C M NEWS: मंदिर सनातन संस्कृति की आत्मा —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि मंदिर सनातन संस्कृति की आत्मा हैं। धार्मिक आस्था के प्रतीक होने के साथ-साथ मंदिर हमारी सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना के भी प्रमुख केन्द्र हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में सांस्कृतिक व आध्यात्मिक विकास के लिए निरंतर काम कर रही है। श्री शर्मा बुधवार को जालोर के नरसाणा में श्री दुदेश्वर महादेव मंदिर मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मंदिरों ने भारतीय परंपराओं, संस्कृति और मूल्यों को संरक्षित करने का काम किया है। उन्होंने नरसाणा में भव्य दुदेश्वर महादेव मंदिर में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई दी और कहा कि यहां भोले भंडारी महादेव की कृपा बरसेगी और यह मंदिर एक महत्वपूर्ण आस्था स्थल के रूप में उभरकर सामने आएगा।

Assembly: विधानसभा अध्‍यक्ष ने मुख्‍य सचेतक को जन्‍मदिवस पर शुभकामनायें दी

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राजस्‍थान विधान सभा अध्‍यक्ष वासुदेव देवनानी ने बुधवार को सरकारी मुख्‍य सचेतक जोगेश्‍वर गर्ग को उनके जन्‍मदिवस के अवसर पर विधान सभा में पुष्‍प गुच्‍छ भेंट कर बधाई और शुभकामनायें दी। वहीं सदन में दोनो के तालमेल कमी देखने मिली जिसके कारण सदन में गतिरोध उत्पन्न हो गया। मामला नये जिलों के गठन को लेकर था। नये जिलों पर सदन में चर्चा होनी थी। इसको लेकर विधानसभा अध्यक्ष ने सदन में चर्चा करने की व्यवस्था दी थी। लेकिन इसके विपरीत मुख्‍य सचेतक ने अध्यक्ष की व्यवस्था के खिलाप सवाल उठाते हुए ​सदन में कहा कि नये जिलों का मामला माननीय न्यायालय में विचाराधिन है। इस लिये मामले की चर्चा सदन में नहीं हो सकती। इस कारण सदन में गतिरोध उत्पन्न हो गया और सदन की चर्चा को दोपहर दो बजे तक रोक दिया गया। दो बजे अध्यक्ष ने व्यवस्था देते हुये कहा कि उपरोक्त मामले पर कल चर्चा ​की जायेगी जिसमें विपक्ष के दो सदस्यों को बालने की अनुमती होगी और सरकार की और से मंत्री जवाब देगें। तब कहीं जा कर विधानसभा में गतिरोध समाप्त हुआ। दुसरी और छुटपुट तकरार को छोड़ कर सदन में चर्चाएं जारी रही।

Farmer: प्रदेश में आज से तीन दिवसीय किसान रजिस्ट्री शिविरों का होगा आयोजन

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में किसानों को सशक्त करने के लिए डिजिटल रूप से सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। एग्रीस्टैक योजना में किसान रजिस्ट्री प्रोजेक्ट को आज से सम्पूर्ण राजस्थान में लागू किया जा रहा है । इस योजना के तहत राज्य के सभी जिलों में 5 फरवरी से 31 मार्च तक प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर तीन दिवसीय शिविरों का आयोजन किया जाएगा। जहाँ किसानों की फार्मर आई.डी. बनाई जाएगी। इन शिविरों में किसान जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित तिथियों को प्रातः 9:30 बजे से सायं 5:30 बजे तक अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकेंगे। शिविर में किसान आईडी तैयार करने के साथ साथ प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना, मुख्यमंत्री आरोग्य आयुष्मान योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, मंगला पशु बीमा योजना, पशु टीकाकरण, पशु चिकित्सा एवं उपचार सहित पशु पालन विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग सहित अन्य विभागों की योजनाओं से भी किसानों को लाभांवित किया जाएगा। सभी ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर तीन दिवसीय शिविरों का कार्यक्रम जिला कलक्टर द्वारा निर्धारित किया गया है जिसकी जानकारी ग्राम पंचायत कार्यालय, तहसील कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है। इसके लिए एक पोर्टल भी बनाया गया है। इस पोर्टल WWW.Rjfrc.Rajasthan.gov.in से आप अपने शिविर की तिथियों व स्थान की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। शिविरों में किसान को रजिस्ट्रेशन होने पर एक एनरोलमेंट स्लिप दी जाएगी। जिसके 24 घंटे के अंदर किसान के मोबाइल नंबर पर फार्मर रजिस्ट्री मैसेज के माध्यम से प्राप्त हो सकेगी । वहीं किसान रजिस्ट्री, एग्रीस्टैक परियोजना के तहत कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार की एक पहल है। कृषक विवरण, उसके द्वारा धारित कृषि भूमि का विवरण, प्रत्येक कृषि भूखण्ड के जीपीएस निर्देशांक, उस पर बोई गई फसलों का विवरण आदि को डिजिटल रूप में संकलित किया जाकर, प्रदेश के प्रत्येक किसान को ’आधार’ आधारित एक 11 अंकों की एक यूनिक आईडी (विशिष्ट किसान आईडी) आवंटित की जाएगी, जिससे किसान डिजिटल रूप से अपनी पहचान प्रमाणित कर सकेंगे। किसान आईडी डिजिटली सत्यापन योग्य पहचान है, जिसे www.rjfr.agristack.gov.in पोर्टल पर जाकर प्राप्त कर सकते है। फार्मर आईडी जनरेट होने के बाद भूमि संशोधन (खसरा जोड़ने या हटाने) के लिए पटवारी, भू-अभि. निरीक्षक या तहसीलदार से सम्पर्क किया जा सकता है। इसके लिये मोबाइल एप/वेबसाइट द्वारा प्रदेश के समस्त कृषकों के स्वामित्व वाले सभी खसरों को सम्मिलित करते हुए कृषक के ‘आधार’ से लिंक कराया जाएगा, तत्पश्चात कृषक से ऑनलाइन सहमति प्राप्त करते हए ई-हस्ताक्षर की कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। किसान आईडी (बिना अतिरिक्त दस्तावेज) के माध्यम से सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं तक पहुंच आसान हो सकेगी। पात्र किसान का प्रधानमंत्री-किसान/मुख्यमंत्री-किसान सम्मान निधि योजना, अन्य योजनाओं में स्वतः जुड़ना सम्भव होगा। किसानों से फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्यों एवं अन्य योजनाओं में त्वरित (बिना किसी अतिरिक्त दस्तावेज के) खरीद संभव हो सकेगी। किसान की फसल के अनुसार डिजिटल तरीके से फसलों का बीमा संभव होगा। इसके अतिरिक्ति किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड द्वारा ऋण आसानी और शीघ्रता से मिल सकेगा। किसानों को फसलों के लिए सेवाओं और बाजारों का व्यापक विकल्प मिल सकेगा। किसान अपनी फसलों, मृदा की स्थिति और कृषि-जलवायु परिस्थितियों के अनुसार परामर्श सेवाएं प्राप्त कर सकेंगे । साथ ही, सरकारी योजनाओं में लाभों का समान वितरण सुनिश्चित हो सकेगा, साथ ही लाभ से वंचित पात्र किसानों की पहचान संभव होगी ।

Assembly: विधानसभा अपनी परंपरा नियम और सिद्धांतों से चलेगी —देवनानी

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तकनीकी एवं प्रौद्योगिकी के नवाचारों के माध्यम से राजस्थान विधानसभा को देश की एक श्रेष्ठ विधानसभा बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान में जारी विधानसभा सत्र के दौरान इन नवाचारों का सकारात्मक असर देखने को मिला है। विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने कहा कि विधानसभा की सभी 200 सीटों पर आईपैड टैबलेट लगाए गए हैं। सदस्यों को उनके उपयोग के बारे में विधिवत प्रशिक्षण दिया गया है। वर्तमान सत्र का अधिकांश कार्य इन्हीं के माध्यम से ऑनलाइन किया जा रहा है। सदन में 12 टेक्नीशियन तैनात किए गए हैं जो सदस्यों को किसी भी प्रकार की तकनीकी मदद के लिए तत्पर रहते हैं। प्रयास किये जा रहे हैं कि सभी सदस्य ऑनलाइन कार्यप्रणाली में प्रवीण हो जाए एवं पूरा सदन पेपरलेस तरीके से चलने लगे। अभी तक की प्रगति को देखते हुए अगले सत्र में विधानसभा के कार्य शत प्रतिशत पेपरलेस हो जाने की उम्मीद है। सर्किट हाउस में पूर्व उप महापौर पारस सिंघवी, समाजसेवी मांगीलाल जोशी, गजपाल सिंह, पुष्कर तेली सहित कई गणमान्य लोगों ने विधानसभाध्यक्ष का स्वागत किया। श्री देवनानी ने कहा कि पेपरलेस व्यवस्था से सदस्यों को काफी सुविधा हो रही है और समय की बचत हो रही है। सदस्यों को अपने प्रश्नोंके ऑनलाइन उत्तर मिल जाने से वे सीधे ही पूरक प्रश्न कर रहे हैं इससे विधानसभा की उत्पादकता में वृद्धि हो रही है। इसके अलावा सदस्यों को दो तीन दिन की बजाय उसी दिन शाम को कार्यवाही का फुटेज उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होने कहा कि इस बात के पूरे प्रयास किया जा रहे हैं की विधानसभा सदस्यों द्वारा पटल पर रखे गए सभी प्रश्नों के उत्तर समय पर मिल सके। उच्चाधिकारियों को इस बात से अवगत कराने के पश्चात पूर्ववर्ती विधानसभाओं के अनुत्तरित पांच हजार प्रश्नों में से अब सिर्फ बारह सौ प्रश्नों के उत्तर आना बाकी रह गए हैं। पिछले बजट में पटल पर रखे गए दस हजार में से नौ हजार दो सौ पचास प्रश्नों के उत्तर प्राप्त हुए जो कि लगभग 92 प्रतिशत हैं। जल्द ही यह आंकड़ा 95 तक पहुंच जाएगा। अब ध्यान आकर्षण प्रस्ताव एवं याचिका आदि के उत्तर भी प्राप्त होने लगे हैं। अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा अपनी परंपरा नियम और सिद्धांतों से चलेगी। इसके सुचारू संचालन के लिए सत्र से पूर्व सर्वदलीय बैठक के परिणाम भी सकारात्मक प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि नियमों के तहत सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का अधिकार है जिससे जनता के मुद्दों को पूरी संवेदनशीलता के साथ पटल पर रखा जा रहा है। सदन में अनुशासन बनाए रखना अति महत्वपूर्ण है, अतः हल्के आचरण करने वाले सदस्यों पर पहले भी कड़ी कार्रवाई की गई थी और आगे भी ऐसा करने वालों को के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे।

Cabinet: मंत्रिमण्डल की बैठक में लिये कई महत्वपूर्ण निर्णय

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में मंत्रिमण्डल की बैठक आयोजित हुई। बैठक में प्रदेश के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास के लिए राजस्थान टैक्सटाइल एण्ड अपैरल पॉलिसी, राजस्थान डेटा सेंटर पॉलिसी एवं राजस्थान लॉजिस्टिक्स पॉलिसी लाने, युवाओं को सक्षम एवं सशक्त बनाकर विकसित राजस्थान के संकल्प की सिद्धि के लिए नई युवा नीति के अनुमोदन, विश्वविद्यालयों के वाइस-चांसलर्स को कुलगुरू की पदवी प्रदान करने के लिए राजस्थान यूनिवर्सिटीज लॉज (अमेण्डमेंट) बिल लाने, रीको औद्योगिक क्षेत्रों के विकास को गति देने के उद्देश्य से राजस्थान लैण्ड रेवेन्यू (अमेण्डमेंट वैलिडेशन) बिल लाने सहित कार्मिक कल्याण और सेवा नियमों में संशोधन से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले किए गए।

Education: प्रदेश में शुरू होगा मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान

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शिक्षामंत्री मदन दिलावर की अध्यक्षता में शिक्षा संकुल के सभागार में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन पर एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन और राज्य में शिक्षा के संरचनात्मक सुधार के लिए शिक्षा विभाग की ओर से चलाए जाने वाले मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान (MSRA) के बिंदूओं सहित शिक्षा के क्षेत्र में समग्र विकास, आधुनिक शिक्षा पद्धति एवं आवश्यक सुधार के सम्बन्ध में विस्तृत चर्चा हुई। शिक्षा मंत्री ने प्रारंभिक शिक्षा के सुढढीकरण और मातृभाषा में प्रारंभिक शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि अब तक 12 जिलों का स्थानीय शब्दकोश तैयार किया जा चुका है। अन्य जिलों का शब्दकोश भी जल्द तैयार कर लिया जाएगा। उन्होंने आरएससीईआरटी में योग्य शिक्षाविदों की सहायता लेकर गुणवत्तापूर्ण कार्य व विद्या​र्थी हितों से जुड़े कार्यों को चरणबद्ध रूप से संपादित करने की प्रतिबद्धता दिखाई। साथ ही शिक्षाविदों द्वारा साझा किए सुझावों पर विचार विमर्श करने और अमल में लाने का आश्वासन भी दिया। शिक्षा सचिव कृष्ण कुणाल ने मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि इस अभियान का उद्देश्य एनईपी में राजस्थान को मॉडल स्टेट बनाना, राजकीय विद्यालयों में नामांकन बढ़ाना और शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना है। अभियान के तहत एनईपी 2020 के 202 टास्क में से 185 टास्क शामिल होंगे, जिन्हें चार बिंदूओं में संपादित किया जाएगा। उन्होंने विद्यार्थी, शिक्षक, समग्र शिक्षा एवं शैक्षणिक परिणाम के उन्नयन केंद्रित कार्यों, आगामी समय में किए जाने वाले बेहतर प्रयास, विद्यालयों में संसाधनों की उपलब्धता, पूर्ण साक्षरता के लक्ष्य को प्राप्त करना और पाठ्यक्रम में आवश्यक परिवर्तन सहित अन्य नवाचारों की जानकारी भी दी।

Assembly: विधानसभा में शुरू हुई नेवा सेवा केन्‍द्र की व्यवस्था

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मुख्‍यमंत्री भजनलाल शर्मा और विधान सभा अध्‍यक्ष वासुदेव देवनानी ने सोमवार को विधानसभा में नेवा सेवा केन्‍द्र का फीता खोलकर शुभारम्‍भ किया। इस अवसर पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और राज्‍य सभा सदस्‍य मदन राठौड सहित विधायकगण भी मौजूद थे। श्री देवनानी ने बताया कि नेशनल ई-विधान एप्‍लीकेशन के इस केन्‍द्र से विधान सभा को पेपरलैस बनाये जाने से संबंधित नेवा माडयूल्‍स का प्रशिक्षण और इससे संबंधित तकनीकी सहायता विधायकगण को उपलब्‍ध करवाई जायेगी। यह केन्‍द्र विधायकगण के साथ अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए भी ई-लर्निंग कम ई-फैसिलेशन सेन्‍टर के रूप में कार्य करेगा। उन्‍होंने बताया कि केन्‍द्र सरकार की राज्‍य की विधान सभाओं को डिजिटल बनाये जाने के लिए नेवा एप्‍लीकेशन का संचालन राजस्‍थान विधानसभा में भी किया जा रहा है। अध्‍यक्ष बताया कि वन-नेशन-वन एप्‍लीकेशन के तहत नेशनल ई-विधान एप्‍लीकेशन के उपयोग से राजस्‍थान विधान सभा का सदन और विधानसभा सचिवालय भी लोकसभा और अन्‍य विधान सभाओं की तर्ज पर डिजिटल हो गये है। उन्‍होंने बताया कि इस ई-विधान एप्‍लीकेशन से राज्‍य विधान सभा के सदस्‍यों और राज्‍य के अधिकारियों के साथ-साथ मीडिया प्रतिनिधिगण, अनुसंधानकर्ता और आम नागरिकगण को विधान सभा से संबंधित विधेयक, रिर्पोटस, सदन के पटल पर रखे जाने वाले विधेयक, प्रश्‍न, बुलेटिन सहित अन्‍य कार्यवाही विवरण संबंधित सूचनाओं की जानकारी आसानी से उपलब्‍ध हो सकेगी।

Assembly: सदन में नेवा संचालन के लिये अध्यक्ष ने जारी की गाईड लाईन

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राजस्‍थान विधान सभा अध्‍यक्ष वासुदेव देवनानी ने सोमवार को सदन में पेपरलैस व्‍यवस्‍था में विधायकगण को सहभागी बनने का आग्रह करते हुए कहा कि आईपैड का सुचारू संचालन कर विधायकगण विधान सभा की पेपरलैस व्‍यवस्‍था में सहयोग करें। उन्‍होंने कहा कि इस व्‍यवस्‍था के लिए सदन में विधायकगण को तकनीकी सहायता उपलब्‍ध करवाने के लिए तकनीकी सहायक मौजूद है। विधायकगण आवश्‍यकता होने पर तकनीकी मदद सदन में ले सकते है। सदन की गरिमा और उपकरणों की सुरक्षा की दृष्टि से यह निर्देश है कि प्रत्येक माननीय सदस्य अपनी फेस आईडी से उपकरणों को लॉक नहीं करें और ना ही एपल आईडी उसमें प्रविष्ठ करें। ऐसा करने से उपकरणों का विधान सभा सचिवालय द्वारा संधारण करना असुविधाजनक हो जायेगा। अध्‍यक्ष ने सदन में कहा कि सदन की कार्यवाही के दौरान हॉटस्पाट प्रयुक्त कर नेवा की ई-बुक के अतिरिक्त अन्य कोई वैबसाइट सर्फ नहीं करें। आईपैड का कैमरा ऑन कर फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी नहीं करें। किसी प्रकार का ऑडियो सदन में प्ले नहीं करें। आईपैड पर नेटवर्क और चार्जिंग केबल के द्वारा हो रही है। अतः चार्जिंग केबल को अनप्लग्ड नहीं करें। आईपैड की सेटिंग्स में भी परिवर्तन नहीं करें। श्री देवनानी ने कहा कि नेवा पर प्रयुक्त लॉगिन का पासवर्ड यदि बदलें तो विधायकगण स्‍वयं याद भी रखें। यदि विधायकगण को पासवर्ड याद ना रहें तो नेवा के तकनीकी अधिकारियों की मदद से इसे रिसेट करवा सकते हैं। विधायकगण द्वारा आईपैड में लॉगिन करने पर उनकी उपस्थिति भी दर्ज होती है। सदन में विधायकगण की सहायता के लिये तकनीकी कार्मिक उपलब्ध है। आवश्यक होने पर विधायकगण उनकी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। आईपैड के माध्यम से पेपरलैस विधान सभा हेतु आप और हम सभी जो प्रयोग कर रहे हैं उसमें सभी का सहयोग वांछनीय है।

land registry: जमीन रजिस्ट्री के नियमों में हुआ बदलाव

सरकार ने जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और कुशल बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। ये बदलाव 1 जनवरी 2025 से लागू होंगे। बदलाव का मुख्य उद्देश्य रजिस्ट्री प्रक्रिया को डिजिटल बनाना, धोखाधड़ी रोकना और प्रक्रिया को सरल बनाना है। ये है जमीन रजिस्ट्री के नए नियम 2025: 1. नए नियमों के तहत, पूरी रजिस्ट्री प्रक्रिया डिजिटल हो जाएगी। इसमें निम्नलिखित बदलाव शामिल हैं। सभी दस्तावेज ऑनलाइन जमा होंगे। रजिस्ट्रार ऑफिस जाने की जरूरत खत्म होगी डिजिटल सिग्नेचर और तुरंत डिजिटल सर्टिफिकेट मिलेगा। प्रक्रिया तेज, सरल और पारदर्शी होगी। 2. सुरक्षा और पहचान सत्यापन के लिए, आधार कार्ड से लिंकिंग अनिवार्य है। बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के जरिए फर्जीवाड़ा रोका जाएगा। संपत्ति का रिकॉर्ड आधार से जुड़ेगा। बेनामी संपत्ति की ट्रैकिंग आसान होगी। 3. पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए, रजिस्ट्री प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य की गई है। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य है। यह भविष्य में किसी भी विवाद को सुलझाने में मदद करेगा। 4. रजिस्ट्री शुल्क का भुगतान अब ऑनलाइन किया जा सकेगा। डिजिटल पेमेंट गेटवे के माध्यम से फीस का भुगतान नकद लेनदेन में कमी से भ्रष्टाचार कम होगा। वहीं नए नियमों में जमीन रजिस्ट्री को कैंसिल करने की प्रक्रिया में भी बदलाव किया है। रजिस्ट्री कैंसिल करने का समय अधिकांश राज्यों में अलग—अलग है। लेकिन ज्यादर रजिस्ट्री कैंसिल करने का समय 90 दिन तक का निर्धारित किया गया है। इसके लिये रजिस्ट्री कैंसिल करने के लिए वैध कारण भी होना चाहिए। इनमें गैरकानूनी तरीके से की गई रजिस्ट्री, आर्थिक कारण और पारिवारिक आपत्ति आवेदन प्रक्रिया प्रमुख कारण है। वहीं कुछ राज्यों में ऑनलाइन रजिस्ट्री कैंसिलेशन की सुविधा भी शुरू की गई है। जमीन रजिस्ट्री के लिए आवश्यक दस्तावेज: टाइटल डीड: संपत्ति का कानूनी स्वामित्व दर्शाने वाला दस्तावेज सेल डीड: खरीद-बिक्री का अनुबंध कर रसीदें: संपत्ति कर के भुगतान के प्रमाण आधार कार्ड: खरीदार और विक्रेता दोनों का पैन कार्ड: आयकर विभाग द्वारा जारी पहचान पत्र फोटो पहचान पत्र: वोटर आईडी, पासपोर्ट, या ड्राइविंग लाइसेंस