Chief Minister: चार जातियों से होगा प्रदेश का उत्थान -मुख्यमंत्री
Marathon: राजस्थान के युवाओं की उम्मीदों को पूरा करेगी राज्य सरकार : मुख्यमंत्री
Rajasthan: प्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के कार्यक्रम होगें सालभर
Solar: रूफ टॉप सोलर को बढ़ावा देने के लिए, डिस्कॉम्स और टाटा के बीच हुआ एमओयू
Villages News: गावों में रात्रि विश्राम करेंगे अधिकारी
C M NEWS: प्रदेश में राज्य स्तरीय एपेक्स समिति का गठन, मुख्यमंत्री होंगे समिति के अध्यक्ष
वहीं प्रदेश में राज्य सहकारी विकास समिति का भी पुनर्गठन किया है। यह समिति मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कार्य करेगी। श्री कुशवाहा ने बताया कि समिति में विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सहकारी संगठनों के प्रतिनिधि और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं। उन्होने कहा कि प्रदेश में सहकारी आंदोलन को सशक्त बनाने और इसे जमीनी स्तर तक विस्तार देने के की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इस उद्देश्य से राज्य सहकारी विकास समिति का पुनर्गठन किया गया है। मुख्य सचिव सुधांशु पंत को राज्य सहकारी विकास समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। इस समिति का मुख्य उद्देश्य राज्य में सहकारी समितियों को अधिक प्रभावी बनाना और इनके संचालन में पारदर्शिता और कार्यक्षमता को बढ़ावा देना है। श्री कुशवाहा ने बताया कि समिति में विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सहकारी संगठनों के प्रतिनिधि और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं। Food Safety: गिव अप अभियान के तहत 8 लाख लोगों ने छोड़ी खाद्य सुरक्षा
श्री गोदारा ने कहा कि अधिकतम लोगों को खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु ई— केवाईसी की प्रक्रिया को प्रभावी रूप से संपन्न करवाया जा रहा है। आगामी 28 जनवरी तक खाद्य सुरक्षा के अंतर्गत आने वाले 88 प्रतिशत से अधिक लोगों की ई— केवाईसी सम्पन्न हो चुकी है। राज्य सरकार द्वारा संवेदनशीलता के आधार पर 70 साल से ऊपर के लोगों को ई— केवाईसी से छूट दी गई है। साथ ही 10 साल की आयु से कम के बच्चों को भी ई— केवाईसी की बाध्यता से बाहर रखा गया है।
श्री गोदारा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित गिव अप अभियान के अंतर्गत राज्य में अब तक 8.38 लाख से अधिक व्यक्तियों ने खाद्य सुरक्षा सूची से स्वत: अपना नाम हटवाया है। उन्होंने कहा कि गिव अप अभियान 28 फरवरी तक अनवरत जारी रहेगा। गरीबी रेखा से ऊपर उठ चुके लोगों द्वारा स्वत: अपना नाम हटवाने से राज्य सरकार और अधिक पात्र लोगों को खाद्य सुरक्षा दे पाएगी। उन्होंने खाद्य सुरक्षा सूची में शामिल सक्षम लोगों से स्वत: गिव अप अभियान से जुड़कर अपना नाम हटवाने की अपील की। उन्होंने कहा की स्वत: नाम नहीं हटवाने की स्थिति में खाद्य सुरक्षा से जुड़े अपात्र परिवारों को चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वसूली अथवा अन्य दंडात्मक कार्रवाई से बचने हेतु अपात्र व्यक्ति अपना नाम खाद्य सुरक्षा सूची से हटवाएं।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार ऐसा परिवार, जिनका कोई भी सदस्य आयकर दाता हो, जिसका कोई भी सदस्य सरकारी/अर्द्ध सरकारी/स्वायत्तशासी संस्थाओं में नियमित कार्मिक हो अथवा एक लाख रूपये वार्षिक से अधिक पेंशन प्राप्त करता है, जिसके किसी भी सदस्य के पास चार पहिया वाहन हो (ट्रेक्टर एवं एक वाणिज्यिक वाहन को छोडकर), जिनके सभी सदस्यों के स्वामित्व में कुल कृषि भूमि लघु कृषक हेतु निर्धारित सीमा से अधिक हो, खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत अपात्र होंगे। वहीं ऐसे परिवार, जिनके सभी सदस्यों की कुल आय एक लाख रुपए वार्षिक से अधिक हो, जिनके पास ग्रामीण क्षेत्र में 2000 वर्गफीट से अधिक स्वयं के निवास हेतु पक्का मकान हो, नगर निगम/नगर परिषद क्षेत्र में 1000 वर्गफीट से अधिक क्षेत्रफल में पक्का आवासीय/व्यावसायिक परिसरधारी परिवार(कच्ची बस्ती को छोडकर), नगर पालिका क्षेत्र में 1500 वर्गफीट से अधिक क्षेत्रफल में निर्मित पक्का आवासीय/व्यावसायिक परिसरधारी परिवार(कच्ची बस्ती को छोडकर), खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत अपात्र होंगे। 


