Rajasthan Legislative: 12 करोड़ 60 लाख से राजस्थान विधान सभा हुआ डिजिटल

राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा है कि इस सूचना और तकनीकी युग में डिजिटल पद्धति से कार्य किया जाना समय की आवश्यकता है। राजस्थान विधान सभा भी इस क्षेत्र में निरंतर आगे बढे, इसके लिये वन नेशन-वन एप्लीकेशन के तहत विधान सभा में यह प्रयास किया जा रहा है। राजस्थान विधान सभा का सदन सूचना तकनीक के साथ नये कलेवर में तैयार हो गया है। सदन में 200 विधायकों की सीटों पर आईपेड लगाये गये हैं। इन आईपेड के माध्यम से विधायकगण सदन में ऑनलाईन पद्धति से विधान कार्यों का सम्पादन करेंगे। श्री देवनानी ने बताया कि सदन में विधायकगण की प्रत्येक सीट पर एक आई-पैड लगाया गया है। एक लैपटोप मय प्रिन्टर विधायकगण को उनके आवास के लिए भी उपलब्ध कराया जायेगा। इस परियोजना में 12.61 करोड़ रूपये की राशि व्यय हुई है। इस राशि में भी 60 प्रतिशत केन्द्र सरकार और 40 प्रतिशत भागीदारी राज्य सरकार की है। विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि विधान सभा में विधायकगणों को ऑनलाईन कार्य करने में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिये सात दिवस का व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है। इसके तहत विधान सभा समितियों की बैठकों में ही विधायकगण को आईपेड पर व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। विधायकगण के लिये यह प्रशिक्षण निरंतर जारी रहेंगे ताकि यह कार्य पद्धति उनके स्वभाव में आ सके और विधान सभा की कार्यवाही पेपरलैस हो सके। वहीं सदन में आयोजित समारोह में लगभग एक सौ दस विधायकगण ने बुधवार को आइपेड के माध्यम से सदन से संबंधित कार्यों को करने का एक दिवसीय प्रशिक्षण लिया। लोक सभा सचिवालय से आये नेता और एनआईसी के अधिकारियों ने तकनीकी प्रशिक्षण दिया। विधायकगण को विधान संबंधी कार्य सम्पादित करने के लिये आईपेड पर दिये गये भौतिक प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुये विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि अब विधायकगण ऑफलाइन के साथ-साथ नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन के माध्यम से ऑनलाइन पद्धति से भी कार्य सम्पादित कर सकेगे। उन्होने कहा कि वन नेशन- वन एप्लीकेशन नेवा के तहत राजस्थान विधान सभा के सदन में भी लोक सभा व राज्य सभा की तर्ज पर विधान संबंधी कार्य होंगे।

Registration and seal: पंजीयन और मुद्रांक विभाग के जागरूकता ई-पोस्टर का हुआ विमोचन

जयुपर कलेक्ट्रेट में स्थित मॉडल उप पंजीयक कार्यालय में रजिस्ट्री एवं अन्य प्रयोजनों के लिए ई-स्टाम्प खरीदने वाले नागरिकों में व्यापक जागरूकता लाने के लिए पंजीयन और मुद्रांक विभाग ने ‘अपने ई-स्टाम्प सर्टिफिकेट को जाने’ नवाचार शुरू किया है। इसका शुभारंभ बुधवार को इलेक्ट्रिक क्लिप ऑन बोर्ड पोस्टर के माध्यम से डीआईजी स्टाम्प डॉ गोरधन लाल शर्मा ने किया। आम जनता के बीच ई-स्टाम्प और इसमें मौजूद सुरक्षा मानकों की जानकारी व्यापक रूप से बनी रहे, इसकी जानकारी इस इलेक्ट्रिक क्लिप बोर्ड के माध्यम से डीआईजी शर्मा द्वारा दी गई। डीआईजी ने संपत्तियों के पंजीकरण के लिए आने वाले आम जनता को ई-स्टाम्पिंग मोबाइल ऐप के माध्यम से ई-स्टाम्प पेपर में मौजूद 2डी बार कोड को स्कैन कर ई-स्टांप की प्रमाणिकता की जांच करने के साथ ही, बदलते डिजिटल युग में आम आदमी द्वारा ई-स्टाम्प खरीदते समय उसमें मौजूद सभी सुरक्षा मानकों की जांच करने का सुझाव दिया। इस जन जागरूकता अभियान में आम लोगों, पंजीयन स्टाफ, अधिवक्ताओं और डीड राइटर्स को संबोधित करते हुए पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के डीआईजी ने ई-स्टाम्प के विभिन्न सुरक्षा मानकों जैसे माइक्रो प्रिंट, तीन स्थानों पर वॉटरमार्क में स्टाम्प ड्यूटी, टेक्स्ट थ्रेड में भुगतान की गई स्टाम्प ड्यूटी, टेक्स्ट थ्रेड में दिनांक समय, टू डी बार कोड, असममित क्रम में प्रमाणपत्र संख्या और टेक्स्ट रिबन में एसएचसीआईएल के बारे में जानकारी दी।

Women’s Commission: आयोग महिलाओं के मायके जैसा, बेझिझक रखें अपनी बात —महिला आयोग

महिलाओं से जुड़ी शिकायतों की त्वरित सुनवाई सुनिश्चित कर राहत देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय महिला आयोग की ओर से प्रारंभ किए गए महिला आयोग आपके द्वार अभियान के तहत सोमवार को उदयपुर में महिला आयोग की ओर से संभाग स्तरीय जनसुनवाई रखी गई। इसमें राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया के. रहाटकर ने तसल्ली से महिलाओं की परिवेदनाएं सुनी और हाथों-हाथ मौजूद अधिकारियों को त्वरित राहत देने के लिए निर्देशित किया। जिला परिषद सभागार में आयोजित जनसुनवाई के दौरान श्रीमती रहाटकर ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि दूरस्थ क्षेत्र की महिलाएं अपनी समस्याएं लेकर दिल्ली तक नहीं पहुंच पाती हैं, इसलिए आयोग ने उन तक पहुंचकर उनकी परिवेदनाओं को समझ कर राहत देने के लिए विशेष अभियान चलाया है। उन्होंने कहा कि आयोग महिलाओं के मायके जैसा है। महिलाएं जिस तरह से अपने मायके में जाकर अपनी पीड़ा खुलकर बता सकती हैं, ऐसे ही आयोग में भी अपनी बात बेझिझक रखें, ताकि उसके समाधान की दिशा में सार्थक प्रयास किए जा सकें। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से लें और उन्हें प्राथमिकता देते हुए त्वरित राहत प्रदान करें।

Animal welfare: प्रदेश में 14 से 30 जनवरी तक मनाया जायेगा पशु कल्याण पखवाड़ा

हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी प्रदेश में 14 जनवरी से 30 जनवरी 2024 तक पशु कल्याण पखवाड़ा मनाया जायेगा। पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि इस पखवाड़े के दौरान विभागीय अधिकारी और कर्मचारी अपने कार्यों के साथ-साथ जीव जन्तुओं के प्रति प्रेम व दया भाव जाग्रत करने की दृष्टि से विभिन्न गतिविधियों का संचालन कर आमजन को जागरूक करने का प्रयास करेंगे। मंत्री ने बताया कि इस अवसर पर पशुपालक गोष्ठी का आयोजन भी किया जायेगा, जिसमें पशुपालकों को सामान्य रोगों की जानकारी के साथ पशु क्रूरता निवारण के उपायों, उचित पशु प्रबन्धन और पशु कल्याण के संबंध में विस्तार से जानकारी दी जायेगी। सम्पूर्ण प्रदेश में बांझपन निवारण और पशु शल्य चिकित्सा शिविरों का आयोजन कर अधिकाधिक संख्या में पशुओं को लाभान्वित भी किया जायेगा। उन्होंने बताया कि पखवाड़े के दौरान पशु चिकित्सकों द्वारा राज्य की विभिन्न शिक्षण संस्थाओं में व्याख्यानों के माध्यम से जीव जन्तुओं के प्रति पशु क्रूरता निवारण पर जानकारी दी जायेगी। और शिक्षण संस्थाओं के सहयोग से पशु कल्याण विषय पर आधारित चित्रकला व वाद विवाद प्रतियोगितायें भी आयोजित की जायेंगी। श्री कुमावत ने बताया कि पशु कल्याण पखवाडे के दौरान आगामी 26 जनवरी गणतंत्र दिवस और 30 जनवरी सर्वोदय दिवस के अवसर पर राज्य में पशु पक्षियों का वध व मांस बिक्री अनिवार्य रूप से प्रतिबन्धित रहेगी। वहीं उन्होने स्वयंसेवी संस्थाओं और गैर सरकारी संस्थाओं का भी आह्वान किया कि वे पखवाड़े के दौरान मूक पशु पक्षियों की सेवा के इस पुनीत कार्य से जुड़कर अपना योगदान दें।

C M NEWS: ग्राम पंचायत पर खेल मैदान हमारी प्रमुख प्राथमिकता -मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद युवाओं के लिए सबसे बड़े प्रेरणा स्रोत है। उनके “उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए“ के संदेश को युवा आत्मसात करते हुए राष्ट्र निर्माण में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दें। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी भीतर की शक्ति और क्षमता को पहचाने और अपने सपनों को पूरा करते हुए सफलता की नई उंचाईयों को छूएं। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को हर क्षेत्र में प्रोत्साहित करने के लिए पूर्ण रूप प्रतिबद्ध है। श्री शर्मा रविवार को एसएमएस स्टेडियम में स्वामी विवेकानंद की जयंती पर आयोजित राज्य स्तरीय युवा महोत्सव के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवा प्रतिभाओं को महोत्सव में पुरस्कृत कर उन्हें प्रोत्साहित कर रही है ताकि वे आसमान में एक लम्बी उड़ान भरे। प्रदेश का हर युवा विकसित राजस्‍थान की दिशा में पूरी क्षमता के साथ काम करे और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत के संकल्‍प को पूरा करे।

हमारे युवाओं की प्रतिभा विश्वभर में विख्यात

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा हमारे समाज के सबसे बड़े स्तंभ हैं। हमारे युवा जिस देश और प्रदेश में गए हैं, उन्होंने मेहनत कर राजस्थान का नाम रोशन किया है। आज विश्वभर में प्रवासी राजस्थानियों को अपनी हुनर और प्रतिभा से जाना जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कई देशों को प्रदेश में भाषाई संस्थान खोलने के लिए आमंत्रित किया है ताकि हमारी युवा प्रतिभाएं विदेशी भाषाओं में पारंगत होकर अधिक से अधिक रोजगार के अवसर प्राप्त कर सके। हम युवाओं की शैक्षणिक योग्यता के साथ ही, कौशलपरक योग्यता तथा अभिरूचि के संबंध में पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण भी करेंगे। श्री शर्मा ने कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के अन्तर्गत किए गए एमओयू के माध्यम से युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने गत एक वर्ष में युवाओं के कौशल विकास और उनके लिए रोजगार के अवसरों के सृजन हेतु कई महत्वपूर्ण पहल की है। राजकीय महाविद्यालयों में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर नई शाखाओं की शुरुआत भी की गई है, ताकि हमारे विद्यार्थियों को व्यावसायिक और उद्योग आधारित शिक्षा मिल सके। अटल इनोवेशन स्‍टूडियो एंड एक्‍सेलरेटर और एवीजीसी-एक्सआर पॉलिसी के तहत हमने युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोले हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 144 कैम्पस प्लेसमेंट शिविर आयोजित कर करीब 30 हजार युवाओं का चयन और करीब 10 हजार युवाओं को करियर के लिए मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया।

नई खेल नीति से खेल प्रतिभाओं को मिलेगा प्रोत्साहन

श्री शर्मा ने कहा कि पेरिस पैरालिंपिक में प्रदेश के खिलाड़ियों ने स्वर्ण, कांस्य सहित कुल 3 पदक जीतकर पूरे राज्य का सिर गर्व से ऊंचा किया। अब हम मिशन ओलिंपिक 2028 पर काम करते हुए 50 प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नई खेल नीति तैयार कर रही है जिसमें खेल के बुनियादी ढांचे के साथ विज्ञान, विश्‍लेषण, परामर्श और पोषण का समावेश होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण बालिकाओं की खेल प्रतिभा को निखारने के लिए राज्य सरकार जयपुर, भरतपुर और उदयपुर में आवासीय बालिका खेल संस्थान स्थापित करेंगी। साथ ही, एक जिला-एक खेल योजना के अन्तर्गत प्रत्येक जिले में प्रचलित खेलों की अकादमी भी स्थापित की जा रही है। हम ग्राम पंचायत स्तर पर खेल मैदान के निर्माण पर प्राथमिकता से कार्य कर रहे है। उन्होंने कहा कि कोेच और खेल विशेषज्ञ तैयार करने के लिए शीघ्र ही महाराणा प्रताप खेल विश्‍वविद्यालय की स्थापना भी की जाएगी।

Ajmer News: अजमेर में स्वामी विवेकानन्द की 13 फीट ऊंची प्रतिमा का विधानसभा अध्यक्ष ने किया अनावरण

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भारतीय जनमानस में बसे स्वामी विवेकान्द की जयन्ती पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने अजमेर शहर को एक नए पर्यटन स्थल की सौगात दी। उन्होंने कोटड़ा स्थित विवेकानन्द पार्क में स्वामी विवेकानन्द की 13 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया। शहर के सबसे ऊचांई वाली जगह पर बनाए गए इस पार्क से एक साथ फायसागर और आनासागर का नजारा देखा जा सकता है। पार्क को योग एवं पर्यटन के लिए विकसित किया गया है। अजमेर शहर के लोग यहां घूमने, स्वामी विवेकानन्द की मूर्ति के साथ सेल्फी लेने तथा आनासागर व फायसागर का नजारा देखने आ सकते हैं। श्री देवनानी ने विधानसभा अध्यक्ष बनते ही अजमेर विकास प्राधिकरण को निर्देश दिए थे कि यहां विवेकानन्द जी की मूर्ति स्थापित की जाए। श्री देवनानी ने रविवार को कोटड़ा पत्रकार कॉलोनी के ऊपर पहाड़ी पर बनाए गए विवेकानन्द पार्क में स्वामी विवेकानन्द की 13 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया। इस प्रतिमा के निर्माण पर 73 लाख रूपए की लागत आई है। इसे अष्टधातु से बनाया गया है। पार्क बनने के 17 वर्ष बाद श्री देवनानी के प्रयासों से यहां पर मूर्ति की स्थापना की गई। यह पार्क अब शहर के पर्यटन के लिए एक नया टूूरिस्ट पॉइन्ट बनेगा। इसे अजमेर के टूरिस्ट मैप पर भी अंकित किया जाएगा। आमजन और पर्यटक यहां घूमने, स्वामी विवेकानन्द की मूर्ति के साथ सेल्फी लेने तथा आनासागर व फायसागर का नजारा देखने आ सकते हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि स्वामी विवेकानन्द और उनके विचार युगों युगों तक भारतीय जनमानस को प्रेरित करते रहेंगे। स्वामी विवेकानन्द ने भारतीय सनातन संस्कृति और भारतीय विचार दर्शन से पूरी दुनिया को अवगत कराया। उन्होंने विदेश में जाकर जब भारतीय संस्कृति का परिचय दिया तो पूरी दुनिया हमारी गौरवशाली सभ्यता और संस्कृति का परिचय जानकर उसकी प्रशंसक हो गई। असंख्य लोगों ने भारतीय दर्शन, सभ्यता, संस्कृति और हमारी विपुल परम्पराओं को अंगीकार किया। श्री देवनानी ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द भारतीय युवाओं के रोड मॉडल हैं। उन्होंने युवाओं से कहा कि उठो, जागो और तब तक मत रूको जब तक कि तुम अपने लक्ष्य की प्राप्ति ना कर लो। युवाओं को इस वाक्य अपने जीवन में अंगीकार करना चाहिए। युवा उनके बताए मार्ग पर चलते है तो वे जीवन में सदैव सफल रहेंगे। विवेकानन्द की शिक्षाएं और उनके विचार भारतीय समाज को सदैव प्रेरित करते रहेंगे।

women-children: महिलाओं-बच्चों के उत्थान के लिए राज्य सरकार संवेदनशील -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि महिला एवं बाल विकास देश एवं प्रदेश की प्रगति की आधारशिला है। इनके सशक्तीकरण से एक अच्छे परिवार, समाज और राष्ट्र का निर्माण होता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं एवं बच्चों के उत्थान के लिए पूरी संवेदनशीलता से कार्य कर रही है। हम इनसे जुड़ी योजनाओं और कार्यक्रमों का प्रभावी, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रहे हैं ताकि विकसित भारत-विकसित राजस्थान के लक्ष्य को साकार किया जा सके। श्री शर्मा शनिवार को उदयपुर में केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित चिंतन शिविर के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह चिंतन शिविर महिलाओं एवं बच्चों के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। इस शिविर में हम साथ मिलकर इनके भविष्य को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में चिंतन करें जिससे महिला एवं बाल विकास को नई दिशा मिले। श्री शर्मा ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर 3 से 6 वर्ष के बच्चों को पोषाहार के साथ अतिरिक्त पोषण के लिए सप्ताह में तीन दिन गर्म दूध उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री अमृत आहार योजना शुरू की गई है। राज्य सरकार 2 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों को आदर्श आंगनबाड़ी के रूप में विकसित कर रही है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों के संचालन में सहयोग करने वाले स्थानीय आमजन का सम्मान करना चाहिए। राज्य सरकार महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित प्रत्येक योजना की निरंतर मॉनिटरिंग, मूल्यांकन तथा आकलन कर रही है जिससे योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित हो सके।

विभिन्न योजनाओं के माध्यम से अंत्योदय की संकल्पना हो रही साकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि को राज्य सरकार ने 5 हजार से बढ़ाकर 6 हजार 500 रुपये कर दिया गया है। साथ ही, दिव्यांग गर्भवती महिलाओं को 10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। श्री शर्मा ने कहा कि बालिका सशक्तीकरण हेतु लाडो प्रोत्साहन योजना, कालीबाई भील उड़ान योजना जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। राज्य सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए भी कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पालनहार योजना से राज्य के 6 लाख बच्चों के लिए आर्थिक सहायता भी उपलब्ध करवाई जा रही है। श्री शर्मा ने कहा कि महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण की देखरेख के साथ उनकी सुरक्षा, शिक्षा, कौशल संवर्द्धन, रोजगार, उद्यमिता, सामाजिक सम्मान, महिला हितैषी नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन सहित विभिन्न पहलुओं के प्रति सरकार पूरी तरह संवेदनशील है। केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से अंत्योदय की संकल्पना को साकार किया जा रहा है।

Panchayati Raj: 20 जनवरी से पंचायती राज में होगा पुनर्गठन, बदलेगा राज का ढांचा

प्रदेश में 20 जनवरी से 15 अप्रैल तक पंचायती राज संस्थाओं के पुनर्गठन का कार्य होगा। इस दौरान ग्राम पंचायत और पंचायत समितियां के साथ जिला परिषदों के पुनर्गठन का खाका तैयार किया जायेगा। वहीं नई ग्राम पंचायत और पंचायत समितियां बनाने पर पंचायती राज संस्थाओं की सीमाओं में भी बदलाव किया जायेगा। पुनर्गठन से दूरियां खत्म होगी और आमजन को जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे कार्याें के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। सरकार के आदेशानुसार कलेक्टर 20 जनवरी से 18 फरवरी तक प्रस्ताव तैयार कर 20 फरवरी से 21 मार्च तक आमजन से आपत्तियां मांगेगें। वहीं 23 मार्च से 1 अप्रैल तक ड्राफ्ट प्रस्ताव पर आपत्तियां और सुझावों का निपटारा किया जाएगा। और 3 अप्रैल से 15 अप्रैल तक प्रस्तावों को पंचायती राज विभाग भेजा जायेगा। नई ग्राम पंचायत और पंचायत समितियां के पुनर्गठन का आधार 2011 की जनगणना से की जायेगी। सामान्यत: नई ग्राम पंचायत के गठन के लिए 3000 से 5500 की जनसंख्या की सीमा रखी गई है। panchayat सरकार ने रेगिस्तानी जिलों में ग्राम पंचायत के गठन के ​लिये छूट प्रदान की है। जिसमें अधिकतम जनसंख्या 4000 रखी गई है। रेगिस्तान जिलों बीकानेर, बाड़मेर, जैसलमेर और जोधपुर में डेढ़ लाख की आबादी और 40 से ज्यादा ग्राम पंचायत वाली पंचायत समितियों को पुनर्गठित किया जाएगा। दुसरीओर आमजन की मांग पर पंचायत क्षेत्र में बदल भी किया जा सकेगा। लेकिन क्षेत्र में ग्राम पंचायत की दूरी 6 किलोमीटर से ज्यादा नहीं होगी। नये नियमों के अनुसार अब 25 ग्राम पंचायत पर एक पंचायत समिति बनाई जायेगी उपरोक्त सरकारी कसरत से प्रदेश में वन स्टेट वन इलेक्शन का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। इस पुनर्गठन से 8 नई जिला परिषदें भी बनेगी। आपको बतादें कि कैबिनेट ने 28 दिसंबर 2024 को पंचायती राज संस्थाओं के पुनर्गठन के लिये फैसला लिया था। कैबिनेट के फैसले को धरातल पर लाने के लिये पंचायती राज विभाग पुनर्गठन की कसरत कर रहा है।

C M NEWS: मुख्यमंत्री ने कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर राज्य के विकास पर सार्थक चर्चा की

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर राजस्थान में विकास और जनकल्याणकारी परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भेंट की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय रक्षा मंत्री को राजस्थान सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों, जन कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और भावी परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की तथा उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। वहीं मुख्यमंत्री ने केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण से भी शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर राजस्थान में विकास कार्यों, ऊर्जा क्षेत्र में नवीन संभावनाओं, आवासीय परियोजनाओं व शहरी विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों और केंद्रीय वित्त मंत्री से राज्य के सम्बन्ध में वित्तीय सुधारों एवं केंद्रीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर सार्थक चर्चा की।

Eelectrical Connection: निर्माणाधीन आवासीय भवनों के लिए मिल सकेंगे स्थायी विद्युत कनेक्शन

स्वयं के आवासीय उपयोग हेतु भवन निर्माणकर्ताओं को अब स्थाई घरेलू विद्युत कनेक्शन मिल सकेंगे। जयपुर विद्युत वितरण निगम ने ऐसे आवेदकों के हित में यह बड़ा निर्णय किया है। इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। डिस्कॉम्स चेयरमैन एवं जयपुर विद्युत वितरण निगम की प्रबंध निदेशक सुश्री आरती डोगरा ने बताया कि पूर्व में स्वयं के उपयोग के लिए आवासीय भवन निर्माण कराने वाले आवेदकों को अस्थायी कनेक्शन जारी किए जाते थे। जिस पर उन्हें उपभोग के आधार पर सामान्य टैरिफ की डेढ़ गुना दर वहन करनी होती थी। साथ ही, निर्माण पूरा होने के बाद स्थाई कनेक्शन के लिए उपभोक्ताओं को अलग से आवेदन करना पड़ता था। जिसके लिए फिर से कनेक्शन और निरीक्षण संबंधी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता था। एमडी के आदेशानुसार अब आवेदक सुगमता से स्थायी कनेक्शन ले सकें इसके उनसे वांछित दस्तावेज के साथ ही मात्र घरेलू प्रयोजन से बिजली उपभोग का स्व प्रमाणित प्रमाण पत्र लिया जाएगा और निर्माण पूरा होने के बाद मीटर को उपयुक्त स्थान पर स्थापित कर दिया जाएगा।