Youth News: युवा शक्ति से भारत बनेगा विश्व गुरू —विधानसभा अध्यक्ष

राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी पाली जिले की एक दिवसीय यात्रा पर रहे। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति से भारत विश्व गुरू बनेगा और स्वामी विवेकानन्द व अन्य महापुरूषों के आदर्शा पर चलकर आगे बढेगा। अध्यक्ष श्री देवनानी रविवार को पाली के मंडिया रोड स्थित तारकेश्वर रामेश्वर सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय में आयोजित अधिवेशन के उद्घाटन के बाद समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने युवाओ से जुडे कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित कर प्रदेश में युवाओं की भूमिका के महत्व के बारे में प्रकाश डाला। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था और युवाओं की भूमिका के बारे बताया। उन्होंने युवाओं से देश को आगे बढाने का आह्वान किया। स्वामी विवेकानन्द के आदर्शो पर चलने के लिये कहा साथ ही, उन्होंने कहा कि भारत जल्द ही विश्व गुरू बनेगा इसके लिये सहयोग और समन्वय से कार्य किया जाए।

C M NEWS: जनसहभागिता से पेयजल के पारंपरिक स्रोतों का संरक्षण जरूरी —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश की 40 प्रतिशत आबादी को ईआरसीपी-पीकेसी लिंक परियोजना से पेयजल एवं सिंचाई के लिए जल मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि शेखावाटी क्षेत्र में यमुना जल लाने के लिए एमओयू किया गया है। उदयपुर में देवास योजना के माध्यम से जल उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही, माही बांध से बांसवाड़ा-डूंगरपुर को पेयजल और सिंचाई के लिए योजना प्रारंभ की गई है। श्री शर्मा शनिवार को डूंगरपुर के खड़गदा में नदियों के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु आयोजित श्रीराम कथा कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि खड़गदा एवं आस-पास के क्षेत्र के ग्रामीणों ने 9 महीने की कड़ी मेहनत और दृढ़संकल्प से एक किलोमीटर के दायरे में मोरन नदी को चौड़ा और गहरा कर जल की उपलब्धता बढ़ाकर अभूतपूर्व कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि सभी को मिलकर गांवों में उपलब्ध पेयजल के पारंपरिक स्रोतों कुएं, तालाब, बावड़ी, नदी आदि के संरक्षण के लिए सहभागिता से काम करना चाहिए, ताकि हम इस पीढ़ी और आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करा सकंे। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से खड़गदा वासियों ने प्रदेश को यह संदेश दिया है कि स्थानीय पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण किया जाना बहुत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डूंगरपुर में 44 करोड़ रुपये की लागत से शिल्पग्राम बनाया जाएगा। इससे सोमपुरा मूर्तिकारों, बांसड (बांस की लकड़ियों से कलाकृति बनाने वाले) एवं पारेवा पत्थरों से कलाकृति बनाने वाले स्थानीय कलाकारों एवं अन्य प्रतिभाओं को जिला स्तर पर मंच एवं प्रोत्साहन प्राप्त होगा। साथ ही, जिले में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

Art board News: लॉटरी से किया गया मिट्टी कामगारों का चयन, 20 कामगार को दी मिट्टी गूंथने की मशीन

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श्रीयादे माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद राय टाक ने शनिवार को उद्योग भवन के सभागार में लॉटरी के माध्यम से करौली जिले के 20 मिट्टी कामगारों का चयन किया। श्री टाक ने बताया कि राजस्थान सरकार के बजट घोषणा वर्ष 2024-2025 में 1000 विद्युत चालित चाक व मिट्टी गूंथने की मशीन मिट्टी के कामगारों को देने के लिए की गई थी। इसी की क्रियान्विति में श्रीयादे माटी कला बोर्ड ने ऑनलाइन आवेदन मांगे गए और जागरूकता शिविरों का आयोजन कर ऑनलाइन आवेदन भरवाए गए। सभागार में माटी कला बोर्ड व बोर्ड के अधिकारियो, करौली जिले के कामगार, जनप्रतिनिधि तथा अन्य जिलों से आए जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में लॉटरी निकाली गई। श्री टाक ने बताया कि करौली जिले से प्राप्त कुल 150 ऑनलाइन आवेदन में से 4 दिव्यांगजन व 1 विधवा महिला कामगार का चयन वरीयता क्रम में किया गया और 15 कामगारों का चयन लॉटरी के माध्यम किया गया। उन्होंने बताया कि कुल 20 चयनित कामगारों को करौली जिले में 10 दिवस का प्रशिक्षण दिया जाएगा। अध्यक्ष ने बताया कि राजस्थान के सभी जिलों से लगभग 13 हजार ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से चयनित 1000 कामगारों को विद्युत चालित चाक व मिट्टी गूंथने की मशीनों का वितरण किया जाना है। प्रथम चरण में 25 जिलों का चयन किया गया है, उनमें से करौली जिला प्रथमता चयनित कर लॉटरी निकाली गई है। श्री टाक ने बताया कि अन्य जिलों के आवेदनों की जांच प्रक्रियाधीन है। उसके बाद जिलों से कामगारों व जनप्रतिनिधियों को सूचित किया जाकर उनकी निश्चित तिथियों में उनकी उपस्थिति में नियमानुसार लॉटरी द्वारा चयन किया जाना है। उन्होंने बताया कि चयनित कामगारों को जिला मुख्यालय पर 20 के समूह में 10 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जावेगा 10वें दिन प्रशिक्षण प्राप्त कामगारों को विद्युत चालित चाक व पगमिल (मिट्टी गूंथने की मशीन) वितरित किया जायेगा।

Transfer News:चिकित्सा शिक्षा विभाग में स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित

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राज्य सरकार द्वारा स्थानांतरण से हटाए गए प्रतिबंध के तहत चिकित्सा शिक्षा विभाग में चिकित्सक शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया ऑनलाइन संपादित की जाएगी। इस संबंध में विभाग की ओर से परिपत्र जारी किया गया है। परिपत्र के अनुसार स्थानांतरण प्रक्रिया को पूर्ण रूप से पारदर्शी रखते हुए चिकित्सा शिक्षा विभाग ग्रुप 1 में स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। स्थानांतरण के इच्छुक चिकित्सक शिक्षक एसएसओ आईडी के माध्यम से लॉग इन कर राजकाज ऐप पर स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन की अंतिम तिथि 7 जनवरी, 2025 है। परिपत्र में स्पष्ट किया गया है कि पूर्व में जिस किसी भी चिकित्सक शिक्षक ने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर, ईमेल या अन्य किसी भी माध्यम से आवेदन किया है, उन्हें भी राजकाज ऐप के माध्यम से आवेदन करना अनिवार्य होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आवेदन करने मात्र से किसी को भी स्थानांतरण का अधिकार प्राप्त नहीं होगा। स्थानांतरण विभागीय आवश्यकता और नीतिगत आधार पर किए जाएंगे। पारस्परिक स्थानांतरण के लिए दोनों आवेदनकर्ता को हस्ताक्षरित आवेदन की प्रति ऑनलाइन अपलोड करनी होगी।

Budget News: बजट के लिए 10 जनवरी तक ऑनलाइन दे सकते हैं सुझाव

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार विकसित राजस्थान 2047 के संकल्प को केन्द्र बिन्दु मानकर आगामी बजट वर्ष 2025-26 की रूपरेखा तैयार कर रही है। इसी दिशा में आम नागरिक, युवा, महिला, किसान, श्रमिक, उद्यमी, गैर सरकारी संगठनों सहित विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आगामी बजट पर सुझाव भी लिए जा रहे हैं। वहीं बजट को लेकर मुख्यमंत्री 16 जनवरी से 22 जनवरी तक विभिन्न हितधारकों के साथ आयोजित होने वाली बजट पूर्व बैठकों में चर्चा करेंगे। 16 जनवरी को कर्मचारी संघों, 17 जनवरी को चिकित्सा क्षेत्र और जनजातीय क्षेत्र, 20 जनवरी को उद्योग एवं सेवा व कर सलाहकारों, व्यापार और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से बजट पर सुझाव हेतु चर्चा की जाएगी। इसी प्रकार 21 जनवरी को युवा व खेल क्षेत्र और महिला प्रतिनिधियों व प्रतिभाशाली छात्र, 22 जनवरी को किसान, पशुपालक व डेयरी संगठनों और एनजीओ व उपभोक्ता फोरम आदि से भी सुझाव लिए जाएंगे। आगामी बजट के लिये वित्त विभाग की वेबसाइट https://finance.rajasthan.gov.in पर 10 जनवरी तक सुझाव ऑनलाइन दर्ज किए जा रहे हैं। अब तक हितधारकों एवं विभिन्न वर्गों द्वारा 75 हजार सुझाव प्राप्त हो चुके हैं।

Assembly News: विधानसभा आमजन की समस्या के समाधान का सशक्त प्लेटफार्म —विधानसभा अध्यक्ष

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राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि विधानसभा आमजन की समस्या के समाधान का सशक्त प्लेटफार्म है। विधायकों द्वारा जन समस्याओं के संबंध में उठाये गये मुद्दों के निराकरण विधानसभा के पवित्र सदन में होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के अधिकारीगण समस्याओं के निराकरण करने में सहयोगी बने और अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन समय सीमा में करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मिशन रूप में कार्य करने से ही राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यों का परिणाम धरातल पर दिखाई दे सकेगा। श्री देवनानी ने कहा कि विधानसभा से संबंधित प्रश्नों के जवाब के मामले में उल्लेखनीय सुधार हुए है, लेकिन अभी और अधिक बेहतर किये जाने की आवश्यकता है। श्री देवनानी शुक्रवार को विधानसभा में लम्बित प्रश्नों, ध्यानाकर्षण प्रस्तावों, विशेष उल्लेख प्रस्तावों, आश्वासनों और याचिकाओं के संबंध में राज्य सरकार के मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। श्री देवनानी ने कहा कि प्रश्नों के जवाब लम्बे समय तक विधानसभा को प्राप्त नहीं होना चिन्ता का विषय है। उन्होंने अधिकारियों को सख्‍त निर्देश दिये कि विधानसभा के प्रश्नों के जवाब समय सीमा में भेजा जाना सुनिश्चित करें। यह महत्वपूर्ण कार्य है। सोलहवीं राजस्थान विधानसभा के तीसरे सत्र से पहले 20 जनवरी तक सभी प्रश्नों के जवाब विधानसभा को आवश्यक रूप से भेजे। उन्होने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, स्वायत्त शासन विभाग, शिक्षा विभाग, ऊर्जा विभाग, नगरीय विकास विभाग और गृह विभाग का नाम प्रमुखता से लेकर कहा कि इन विभागों में विधानसभा के प्रकरण अधिक संख्या में लम्बित है। श्री देवनानी ने कहा कि इन विभागों को प्राथमिकता से गम्भीर होकर विधानसभा के मामलों का निस्तारण समय सीमा में करना होगा। श्री देवनानी अधिक प्रश्नों के बकाया जवाबों वाले विभागों के अधिकारियों से रूबरू हुए और उनसे प्रश्नों के जवाब नहीं आने के कारणों की जानकारी ली। श्री देवनानी ने कहा की विधानसभा की समितियों की कार्यवाही को भी प्रशासनिक अधिकारी गंभीरता से लें ताकि ऑडिट पैराओ पर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध समय पर कार्रवाई हो सके।

Anganwadi News: आंगनबाड़ी केन्द्रो पर चलेगा जिला कलेक्टर के आदेश

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महिला एवं बाल विकास विभाग के शासन सचिव महेन्द्र सोनी ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में शीतलहर के प्रकोप के जारी होने की वजह से आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आने वाले बच्चों को शीतलहर से बचाने के लिए संबंधित जिले के जिला कलेक्टर को उनके जिले की स्थिति के अनुसार आंगनबाड़ी केन्द्र संचालन के समय में परिवर्तन अथवा आंगनबाड़ी केन्द्र पर आने वाले बच्चों के लिए अवकाश के संबंध में समुचित निर्णय लेने के लिए एक आदेश जारी कर, अधिकृत किया गया है। उन्होंने बताया कि जिले के संबंधित उप निदेशक शीतलहर की स्थिति के अनुसार जिला कलेक्टर से समन्वय स्थापित कर इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करायेंगे। साथ ही यह भी आदेशित किया गया है कि समस्त मानदेयकर्मी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर निर्धारित समय में नियमित रूप से उपस्थित रहकर अन्य आवश्यक कार्य यथावत् संपादित करेंगे। अवकाश अवधि के दौरान 3-6 आयुवर्ग के बच्चों को देय पूरक पोषाहार (नाश्ता एवं गरम पूरक पोषाहार) का वितरण टेक होम राशन के रूप में किया जाने एवं पोषण ट्रेकर पर दैनिक एंट्री सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

Agriculture News: मुख्यमंत्री ने कृषि उपज मंडियों के विकास के लिये 27 करोड़ रुपये किये मंजूर

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा कृषकों के कल्याण और कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। अन्नदाता किसानों की आय बढ़ाने और उनका जीवन खुशहाल बनाने के लिए सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण फैसले किए गए हैं। सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र के बुनियादी ढ़ाचे को मजबूत बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2024-25 की राज्य बजट घोषणा की अनुपालना में प्रदेश की विभिन्न कृषि उपज मंडियों में 27 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की मंजूरी दी है। इन कार्यों में कृषि उपज मंडी समिति (अनाज) बीकानेर में 3.08 करोड़ रुपये और कृषि उपज मंडी समिति (विशिष्ट श्रेणी) अलवर में 5.40 करोड़ रुपयेे के नवीन निर्माण कार्य, कृषि उपज मंडी समिति (फल एवं सब्जी) जयपुर के जमवारामगढ़ सब यार्ड में 9.02 करोड़ रुपये के नवीन निर्माण व विद्युत कार्य और कृषि उपज मंडी समिति (विशिष्ट श्रेणी) बारां में 9.49 करोड़ रुपये के नवीन निर्माण, विद्युत व ऑयल टेस्टिंग मशीन के कार्य शामिल हैं। राज्य सरकार के इस निर्णय से प्रदेश में कृषि आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी।

Rajasthan News: प्रदेश में “कर्मभूमि से मातृभूमि“ अभियान से सहेजा जायेगा वर्षा जल

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर वर्षाजल सहेजने की परम्परा को पुनर्जीवित करने के लिए शुरू किया गया “कर्मभूमि से मातृभूमि“ अभियान प्रदेश में भूजल स्तर की गिरावट को रोकने में महती भूमिका निभाने जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत राज्य सरकार भामाशाहों और प्रवासी राजस्थानियों को साथ लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में रिचार्ज शाफ्ट संरचनाओं का निर्माण करवाने जा रही है। शुरुआती स्तर पर इस अभियान के अंतर्गत सिरोही, पाली, जोधपुर, भीलवाड़ा, झुंझुनूं और जयपुर जिलों में कार्य प्रारम्भ किए गए हैं। अन्य प्रदेशों को अपनी कर्मभूमि बना चुके प्रवासी राजस्थानी व्यवसायी, उद्यमी और अन्य अग्रणी लोगों को जोड़कर भावनात्मक रूप से प्रेरित करते हुए राजस्थान में अपने गांव में जल संरक्षण गतिविधियों में शामिल होकर वर्षा जल संचयन और जल पुनर्भरण को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। स्थानीय भामाशाहों के अलावा प्रवासी राजस्थानी क्राउड फंडिंग के माध्यम से और कॉरपोरेट्स सीएसआर फंडिंग के माध्यम से इस अभियान के अंतर्गत रिचार्ज शाफ्ट संरचनाओं के निर्माण में सहयोग दे सकते हैं। उल्लेखनीय है कि भूजल पर अत्यधिक निर्भरता के कारण 216 पंचायत समितियां यानी प्रदेश का 72 प्रतिशत भाग अतिदोहित श्रेणी में आ गया है, जिसमें भूजल की गुणवत्ता भी खराब हुई है। इस अभियान से भूजल स्तर में गिरावट रोकने के साथ-साथ घरेलू उपयोग और कृषि कार्यों के लिए जल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी। अभियान में पर्यावरण अनुकूल रिचार्ज शाफ्ट संरचनाओं से व्यर्थ बह जाने वाले वर्षा जल और भाप बन कर उड़ जाने वाले सतही जल की एक-एक बूंद के संचय, संग्रहण एवं पुर्नभरण पर फोकस किया जाएगा।

Rajasthan News: राज्य सरकार निवेश एमओयू के क्रियान्वयन के लिए करेगी त्रि-स्तरीय समीक्षा

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक बेहतरीन विजन व रोडमैप के साथ कार्य कर रही है। इसी दिशा में कार्यकाल के पहले ही वर्ष में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के सफल आयोजन के बाद हस्ताक्षरित हुए एमओयू के समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री ने त्रि-स्तरीय समीक्षा व्यवस्था की पहल की है। एमओयू की त्रि-स्तरीय समीक्षा व्यवस्था के अनुसार, एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि वाले एमओयू की समीक्षा मुख्यमंत्री स्तर पर मासिक रूप से की जाएगी। वहीं, 100 करोड़ से लेकर 1 हजार करोड़ रुपये तक की राशि वाले एमओयू की समीक्षा मुख्य सचिव स्तर पर पाक्षिक रूप से की जाएगी। साथ ही, 100 करोड़ रुपये से कम राशि वाले एमओयू की समीक्षा विभागीय सचिव स्तर पर साप्ताहिक रूप से की जाएगी। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत कुल 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू किए गए थे। जिनमें से लगभग 32 लाख करोड़ रुपये के 261 एमओयू एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि वाले हैं। इसी तरह, 100 करोड़ से अधिक एवं 1 हजार करोड़ रुपये से कम की राशि वाले एमओयू की संख्या 1 हजार 678 और इनकी कुल राशि 3.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। साथ ही, 100 करोड़ रुपये तक के एमओयू की संख्या 9 हजार 726 तथा इनकी कुल राशि लगभग 90 हजार करोड़ है।