Chief Minister News: सफाईकर्मियों की राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सफाईकर्मियों की राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका है। वे हमें बीमारियों और गंदगी से बचाकर स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि सफाईकर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण राज्य सरकार की प्राथमिकता और जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री सोमवार को संयुक्त वाल्मीकि श्रमिक संघ द्वारा आयोजित स्वागत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नगरीय निकायों में होने वाली करीब 24 हजार सफाई कर्मचारियों की भर्ती में सफाईकर्मियों की मांगों एवं सुझावों के अनुरूप संशोधन कर नियमों का सरलीकरण किया है और लॉटरी के माध्यम से पारदर्शी तरीके से भर्ती का काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सफाईकर्मियों को उनका यह हक पहले ही मिल जाना चाहिए था लेकिन पूर्ववर्ती सरकार ने इन भर्तियों को अटकाने, लटकाने और भटकाने का काम किया। इससे पहले भी 2018 में हमारी ही सरकार ने 21 हजार से अधिक पदों पर सफाईकर्मियों की भर्ती की थी। श्री शर्मा ने कहा कि सफाई कर्मचारी विषम परिस्थितियों में काम करते हैं। ऐसी स्थिति में उनके स्वास्थ्य का ख्याल रखते हुए आरजीएचएस के तहत फेफड़ों, किडनी एवं त्वचा से संबंधित बीमारियों के निःशुल्क इलाज की व्यवस्था की गई है। साथ ही, सफाई कर्मचारियों को राज्य सरकार द्वारा रियायती दर पर ऋण भी उपलब्ध करवाया जा रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वाल्मीकि समाज के छात्रावास हेतु भूमि आवंटन और जोधपुर में नवल जी महाराज का पैनोरमा बनवाने का सकारात्मक आश्वासन दिया।

Rajivika News: ग्रामीण विकास विभाग का दिपावली मेला 21 से 27 अक्टूबर तक

ग्रामीण विकास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती श्रेया गुहा ने सोमवार को राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद् (राजीविका) ग्रामीण विकास विभाग के तहत आयोजित दीपावली मेले का उद्घाटन इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान में फीता काटकर कर किया। श्रीमती गुहा ने मेले में आयी महिला सदस्यों से स्टॉल्स पर प्रदर्शित उत्पादों की जानकारी ली और हस्तनिर्मित समस्त उत्पादों को सराहा। दीपावली मेले का आयोजन 21 से 27 अक्टूबर तक प्रात: 11 से रात्रि 9 बजे तक इंदिरा गांधी पंचायतीराज संस्थान परिसर, जयपुर में आयोजित किया जा रहा है| इस दीपावली मेले में विभिन्न जिलों की संस्कृति, परिधान, भाषा, एवं पारंपरिक उत्पादों का बेजोड़ नमूना देखने को मिलता है। राजस्थान के ब्लू पोटरी, कोटा डोरिया, लोहे के सामान, रोज प्रोडक्ट्स, लाख की चूड़ियां, आचार, नमकीन, मंगोड़ी, पापड़, टेरा कोटा, जूट के उत्पाद, बाजरे के उत्पाद, सांगानेरी प्रिंट, कैर सांगरी, कसूरी मेथी, पेपर प्रोडक्ट्स, तीर कमान, सॉफ्ट टॉयज, राजस्थानी जूतियाँ मुख्य रूप से आकर्षण का केंद्र है। इसके साथ ही मेले में आने वाले आमजन फूड जोन में राजस्थानी व्यंजन का लुफ्त उठा सकेंगे। मेले में 65 स्वयं सहायता समूह की महिला सदस्य, अपने उत्पादों को प्रदर्शित एवं विक्रय का कार्य कर रही है। यह दीपावली मेला ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने एवं उनकी आय में वृद्धि के लिए एक प्रमुख पहल है, जिससे उनकी वित्तीय स्थिरता और जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो सकेगा।

RSSB News: राजस्थान राज्य कर्मचारी चयन बोर्ड ने जारी किया भर्ती कलेण्डर

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राजस्थान राज्य कर्मचारी चयन बोर्ड ने अक्टूबर, 2024 से जून, 2026 तक आयोजित होने वाली 70 भर्ती परीक्षाओं का विस्तृत कलेण्डर जारी कर दिया है जिसमें आवेदन, परीक्षा, दस्तावेज सत्यापन समेत विभिन्न बिन्दुओं की तिथिवार घोषणा की गई है। कलेण्डर के अनुसार 2024 में अक्टूबर से दिसम्बर तक 11 भर्ती परीक्षाएं आयोजित की जाएगी। राजस्थान में अगले 2 साल में परीक्षाये कब-कब होंगी और उनके परिणाम कब जारी होंगे, इसका सम्पूर्ण विवरण इस कलेण्डर में निहित है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए भर्ती परीक्षा आयोजित करवाने वाली एजेंसियों (कर्मचारी चयन बोर्ड, आरपीएससी) को भर्ती परीक्षा का शेड्यूल जारी करने और जल्द परीक्षाएं करवाने के निर्देश दिये थे। इसी निर्देश की पालना में कर्मचारी चयन बोर्ड ने सोमवार को अपनी भर्ती परीक्षाओं की तारीखों का संशोधित कलेण्डर जारी किया है। राज्य में दिसम्बर, 2024 तक लगभग 1 लाख से ज्यादा विभिन्न सरकारी पदों पर नियुक्ति देने के लिए विज्ञप्तियां जारी कर दी गई हैं।

Chief Minister News: विदेश यात्रा से लौटने पर मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जर्मनी और यूनाइटेड किंगडम की विदेश यात्रा के बाद रविवार को जयपुर लौटे। श्री शर्मा का जयपुर एयरपोर्ट परिसर में राज्य मंत्रिपरिषद् के सदस्यों और विधायकों सहित उच्च अधिकारियों ने स्वागत कर सफल विदेश यात्रा के लिए बधाई दी। उल्लेखनीय है कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट-2024 के तहत राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए अन्य देशों में इन्वेस्टर मीट और रोड-शो आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने जर्मनी के म्यूनिख और यूनाइटेड किंगडम के लंदन में आयोजित इन्वेस्टर मीट में हिस्सा लिया और निवेशकों से मुलाकात कर उन्हें प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित

Marriage News: आपके लिये जरूरी है यह जानना— समान गौत्र में इस कारण नहीं होता विवाह और क्यों किया जाता कन्यादान

भारतीय सनातन संस्कृति में परिवार पितृसत्तात्मक होते हैं अर्थात वंश परंपरा में पिता का ही सर्वोपरि स्थान होता है। पिता का ही गौत्र, पुत्र को प्राप्त होता है और यही परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ती जाती है। सनातन संस्कृति में इसके पीछे कोई रूढि नहीं अपितु वैज्ञानिक कारण है, जो की पूर्ण रूप से अनुवांशिक सिद्धांत पर आधारित है। आनुवंशिक विज्ञान के अनुसार प्रत्येक स्त्री में X गुणसूत्र होते हैं, जबकि प्रत्येक पुरुष में XY गुणसूत्र होते हैं। मान लो किसी संतति में पुत्र पैदा होता है (XYगुणसूत्र) इसमें यह निश्चित तथ्य है कि Y गुणसूत्र पिता से प्राप्त हुआ है, क्योंकि माता के Y गुणसूत्र होता ही नहीं है और यदि पुत्री पैदा हुई है एक्स वाई गुणसूत्र तो (XXगुणसूत्र) माता और पिता दोनों से ही आते हैं। X गुणसूत्र का संयोजन अर्थात पुत्री। इस X के जोड़े में एक X गुणसूत्र पिता से तथा दूसरा X गुणसूत्र माता से आता है और इन दोनों गुणसूत्र के सहयोग से एक गांठ जैसी रचना बन जाती है जिसे क्रॉसओवर कहा जाता है। XY गुणसूत्र के संयोजन से पुत्र उत्पत्ति होती है। इस XY गुणसूत्र के जोड़े में Y गुणसूत्र केवल पिता से ही आना संभव है, क्योंकि माता के Y गुणसूत्र होता ही नहीं है और दोनों गुणसूत्र असमान होने के कारण पूर्ण क्रॉसओवर नहीं होता अपितु यह केवल 5% तक ही होता है और 95% Y गुणसूत्र ज्यों का त्यों (इंटैक्ट) ही रहता है। यहां Y गुणसूत्र अधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि हम इसके विषय में निश्चित रूप से कह सकते हैं कि यह पिता से ही आया है। बस इसी गुणसूत्र का पता लगाना ही गोत्र प्रणाली का उद्देश्य है। जो हजारों वर्ष पूर्व हमारे ऋषि मुनियों ने जान लिया था और यही गोत्र प्रणाली भारतीय संस्कृति में परिवार के पितृसत्तात्मक होने का कारण है। Marriage News अब तक हम यह समझ चुके हैं कि वैदिक गोत्र प्रणाली गुणसूत्र पर आधारित है अथवा बाय Y गुणसूत्र को ट्रेस करने का एक माध्यम है। उदाहरण के लिए यदि किसी व्यक्ति का गोत्र कश्यप है तो उस व्यक्ति में विद्यमान Y गुणसूत्र कश्यप ऋषि से आया है या कश्यप ऋषि उस Y गुणसूत्र के मूल है, क्योंकि वह गुणसूत्र स्त्रियों में नहीं होता। यही कारण है कि विवाह के पश्चात स्त्रियों को उसके पति के गोत्र से जोड़ दिया जाता है। वैदिक हिंदू संस्कृति में एक ही गोत्र में विवाह वर्जित है इसका मुख्य कारण यह है कि एक ही गोत्र से होने के कारण वह पुरुष और स्त्री भाई बहिन कहलाए क्योंकि उनका पूर्वज एक ही है। परंतु यह थोड़ी अजीब बात नहीं की जिन स्त्री व पुरुष ने एक दूसरे को कभी देखा तक नहीं और दोनों अलग-अलग देश में परंतु एक ही गोत्र में जन्मे तो वह भाई-बहन हो गए। इसका एक मुख्य कारण एक ही गोत्र होने के कारण गुणसूत्र में समानता का भी है। आज की आनुवंशिक विज्ञान के अनुसार यदि समान गुणसूत्र वाले दो व्यक्तियों में विवाह हो तो उनकी संतति आनुवंशिक विकारों के साथ उत्पन्न होगी ऐसी दंपतियों की संतान में एक ही विचारधारा, पसंद और व्यवहार आदि में कोई नयापन नहीं होता। ऐसे बच्चों में रचनात्मक का अभाव होता है। विज्ञान द्वारा भी इस संबंध में यही बात कही गई है कि सगौत्र शादी करने पर अधिकांश ऐसे दंपति की संतानों में अनुवांशिक दोष अर्थात मानसिक विकलांगता और अपंगता गंभीर रोग आदि जन्मजात ही पाए जाते हैं। शास्त्रों के अनुसार इन्हीं कारणों से सगौत्र विवाह पर प्रतिबंध लगाया था। इस गोत्र का संवहन यानी उत्तराधिकार पुत्री को एक पिता प्रेषित ना कर सके इसलिए विवाह से पहले कन्यादान कराया जाता है और गोत्र मुक्त कन्या का पाणिग्रहण कर भावी वर अपने कुल गौत्र में उसे कन्या को स्थान देता है। यही कारण था कि विधवा विवाह भी स्वीकार्य नहीं था। क्योंकि कुल गौत्र प्रदान करने वाला पति तो मृत्यु को प्राप्त कर चुका है, इसलिए कुंडली मिलान के समय वैधव्य पर खास ध्यान दिया जाता था और मांगलिक कन्या होने पर ज्यादा सावधानी बरती जाती है। Marriage News आत्मज या आत्मजा का संधि विच्छेद तो कीजिए। आत्म+जया= जन्म या जन्मी यानी जो मैं ही जन्मा या जन्मी हूं। यदि पुत्र है तो 95% पिता और 5% माता का सम्मिलन है। यदि पुत्री है तो 50% पिता और 50% माताका सम्मिलन है। फिर यदि पुत्री की पुत्री हुई तो वह डीएनए 50% का 50% रह जाएगा फिर यदि उसके भी पुत्री हुई तो उस 25% का 50% डीएनए रह जाएगा इस तरह सातवीं पीढ़ी में पुत्री जन्म में यह घटकर एक प्रतिशत रह जाएगा। अर्थात एक पति—पत्नी का ही डीएनए सातवीं पीढ़ी तक पुनः पुनः जन्म लेता रहता है और यही है सात जन्मों का साथ। लेकिन जब पुत्र होता है तो पुत्र का गुणसूत्र पिता के गुणसूत्र का 95% गुणों को आनुवंशिकी में ग्रहण करता है, और माता का 5% (जो की किन्हीं परिस्थितियों में एक प्रतिशत से भी कम हो सकता है) डीएनए ग्रहण करता है और यही क्रम अनवरत चलता रहता है। जिस कारण पति और पत्नी के गुणों युक्त डीएनए बारंबार जन्म लेते रहते हैं अर्थात यह जन्म जन्मांतर का साथ हो जाता है। इसलिए, अपने ही अंश को पितृ जन्मों जन्म तक आशीर्वाद देते रहते हैं और हम भी अमूर्त रूप से उनके प्रति श्रद्धा भाव रखते हुए आशीर्वाद ग्रहण करते रहते हैं। और यही सोच हमें जन्मों तक स्वार्थी होने से बचाती है और संतानों की उन्नति के लिए समर्पित होने का संबल देती है। एक बात और माता-पिता यदि कन्यादान करते हैं, तो इसका यह अर्थ कदापि नहीं है कि वह कन्या को कोई वस्तु समकक्ष समझते हैं बल्कि इस दान का विधान इस निमित्त किया गया है कि दूसरे कुल की कुलवधू बनने के लिए और उस कुल की कुल धात्री बनने के लिए उसे गौत्र मुक्त होना चाहिए। डीएनए गौत्र मुक्त हो नहीं सकती, क्योंकि भौतिक शरीर में वह डीएनए रहेंगे ही इसलिए मायका अर्थात माता का रिश्ता बना रहता है। गौत्र यानी पिता के गोत्र का त्याग किया जाता है। तभी वह भावी वर को यह वचन दे पाती है कि उसके कुल की मर्यादा का पालन करेगी यानी उसके गौत्र और डीएनए को करप्ट नहीं करेगी, वर्णसंकर नहीं करेगी। क्योंकि कन्या विवाह बाद कुल वंश के लिए रज का रजदान करती है और मातृत्व को प्राप्त करती है। यही कारण है कि हर विवाहित स्त्री माता समान पूजनीय हो जाती है। यह रजदान भी कन्यादान की तरह उत्तम दान है और पति को किया जाता है। यह सुचिता अन्य किसी सभ्यता में दृश्य नहीं है।

—डा.अमर सिंघल

London News: मुख्यमंत्री ने ब्रिटिश फिल्म निर्माताओं से राजस्थान में शूटिंग के लिये की अपील

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मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने प्राकृतिक संसाधन समूह वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल से आज लंदन में मुलाकात की और उन्हें ‘राजस्थान की प्रगति में भागीदार’ बनने के लिए आमंत्रित किया। राजस्थान में एक लाख करोड़ रुपये अधिक के निवेश की अपनी प्रतिबद्धता दुहराते हुए वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अग्रवाल ने कहा कि यह निवेश वेदांता की कंपनियों – हिंदुस्तान जिंक, केयर्न ऑयल एंड गैस और सेरेंटिका रिन्यूएबल्स – के विस्तार में होगा और इसके अलावा, लघु और मध्यम उद्योगों के लिए गैर-लाभकारी (नॉन प्रॉफिट) आधार पर वेदांता उदयपुर के पास एक औद्योगिक पार्क भी स्थापित करेगी। मुख्यमंत्री और श्री अग्रवाल के बीच ‘पूंछरी का लौठा’ (गोवर्धन परिक्रमा से संबंधित एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल) और उसके आस-पास के क्षेत्रों के एकीकृत विकास पर भी चर्चा हुई और सरकारी प्रतिनिधिमंडल द्वारा राजस्थान के कृष्ण भूमि विकास के तहत आने वाले क्षेत्रों पर एक विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया गया। ‘पूंछरी का लौठा’ की विकास योजना से प्रभावित होकर श्री अग्रवाल ने राज्य सरकार की इस परियोजना को आगे बढ़ाने में मदद करने की अपनी इच्छा व्यक्त की। london news
मुख्यमंत्री ने कहा- “इस बैठक में हमारे बीच बहुत ही सार्थक चर्चा हुई और श्री अनिल अग्रवाल व्यापार जगत के अनुकूल हमारी नीतियों से काफी प्रभावित हुए। राजस्थान में अपने निवेश को दोगुना करने एवं राज्य के व्यापारिक माहौल को और मजबूत बनाने के लिए उन्होंने हमारी सरकार से हाथ मिलाया है। मैंने उन्हें ‘राजस्थान की प्रगति में भागीदार’ बनने और ‘विकसित राजस्थान’ के हमारे प्रयासों का समर्थन करने के लिए भी आमंत्रित किया।”
  इस अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने राजस्थान के पर्यटन क्षेत्र में अपार संभावनाओं की चर्चा की और राज्य की विरासत और वन्यजीव पर्यटन में निवेश का आह्वान किया। श्री शर्मा ने पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए ब्रिटिश फिल्म निर्माताओं से राजस्थान में शूटिंग करने की भी अपील की।

JDA News: 12 मुख्य सडकों से 31 अक्टूबर तक हटायें जाएंगे अतिक्रमण और अवरोध

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जयपुर विकास प्राधिकरण सचिव निषांत जैन की अध्यक्षता में शनिवार को जेडीए के मंथन सभागार में जेडीए की समीक्षा कार्यशाला संपन्न हुई। कार्यशाला में जेडीए सचिव ने प्रवर्तन शाखा के अधिकारियों को शहर में संचालित कोचिंग इंस्टीट्यूट के संबंध में संबंधित बिंदुओं की जांच करने के निर्देश दिये। उन्होंने अभियांत्रिकी शाखा के अधिकारियों को 12 मुख्य सडकों पर अवरोधों और अतिक्रमणों के कारण सडक निर्माण नहीं हो पा रहा है, ऐसे अवरोधों व अतिक्रमणों को 31 अक्टूबर, 2024 तक हटवाने के भी निर्देश दिये। श्री जैन ने आमजन की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए जेडीए के नागरिक सेवा केंद्र की समस्त ऑनलाईन सेवाओं की पेडेंसी शून्य करने के निर्देश दिये। उन्होंने डीटीएस और सम्पर्क पोर्टल पर लम्बित प्रकरणो को गुणात्मक रूप से 30 दिवस में लंबित प्रकरणों का तत्काल निस्ताकरण करने के निर्देश दिये। उन्होने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट -2024 के लिये आवश्यक सुधारीकरण और सौंदर्यीकरण कार्यो को शीघ्र पूर्ण करवाने, जोनवार समीक्षा करते हुए कर्व स्टोन की मरम्मत करवाने, मीडियन में पेड लगवाने, रोड पेच वर्क और साफ-सफाई करवाने, विभिन्न आवश्यक स्थानों पर लाईटिंग, फुटपाथ-मीडियन मरम्तीकरण व सौंदर्यीकरण, साफ-सफाई करवाना, पेड लगवाने और गू्रमिंग, विद्युतीकरण कार्य, जैसे कार्य करवाने के निर्देश दिये। लाईट्स प्रकरणों (कोर्ट कैसेज) का निस्तारण त्वरित गति से करने और इससे संबंधित प्रकरणों की निरंतर मॉनिटरिंग कर पेन्डेन्सी शून्य करने के भ्सी निर्देश दिये। उन्होंने कोर्ट में लंबित प्रकरणों की प्रभावी और पुख्ता पैरवी नहीं करने वाले अधिवक्ताओं को बदलने के निर्देश दिये, जिससे जेडीए के पक्ष में निर्णय पारित हो सके।

Thermal Power Plant News: थर्मल पॉवर के निजीकरण का विरोध जारी

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प्रदेश का सबसे बड़ा बिजली उत्पादन बारां-छबड़ा थर्मल पॉवर प्लांट पर अधिकारियों और कर्मचारियों का विरोध जारी है। यह विरोध थर्मल पॉवर के निजीकरण करने को लेकर किया जा रहा है। शनिवार को अधिकारी और कर्मचारियों ने करीब एक घंटे तक प्लांट के गेट प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने संचार माध्यमों को बताया कि प्लांट निर्माण से लेकर आज दिन तक अपनी पूर्ण क्षमता पर बिजली उत्पादन कर रहा है। उन्होने निजीकरण का विरोध करते हुये बताया कि सरकार की यह सोच प्रदेश के लिये ही नहीं राष्ट्र के लिए भी घातक है। उन्होने प्रदर्शन के दौरान एमओयू को रद्द करने की मांग की और सरकार को चेतावनी देते हुये कहा कि मांगे नहीं मानने पर आंदोलन ओर उग्र किया जायेगा। आपको बतादें कि यह विरोध—प्रदर्शन राज्य सरकार द्वारा थर्मल की 6 यूनिटों का ntpc के साथ जेबी कम्पनी बना निजीकरण किये जाने के समाचार सामने आने के पर किया जा रहा है।

Heritej Nigam News: मोती डूंगरी गणेश मंदिर से जयपुर स्थापना दिवस समारोह का हुआ आगाज

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नगर निगम हेरिटेज की ओर से जयपुर स्थापना दिवस समारोह का आगाज मोती डूंगरी गणेश मंदिर से शुक्रवार को हो गया है। यह समारोह महिना भर चलेगा। गणेश मंदिर में पूजा अर्चना कर महापौर और आयुक्त ने कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की। महापौर कुसुम यादव ने बताया कि इस बार समारोह के अंतर्गत राजस्थानी रीति रिवाज और संस्कृति को बढ़ावा देते हुए कई आयोजन किए जाएंगे। शहरवासी समारोह के अंतर्गत जयपुर की विरासत को नजदीक से झलक देख पाएंगे। कार्यक्रम में राजस्थानी कार्यक्रम, सूफी कार्यक्रम, हेरिटेज वॉक, कत्थक नृत्य और बॉक्स क्रिकेट को भी शामिल किया गया है। मोतीडूंगरी मंदिर में पूजन के दौरान जयपुर सांसद मंजू शर्मा ने परकोटे में अपने पुराने दिनों का जिक्र करते हुए महापौर कुसुम यादव को बधाई दी। समारोह के अंतर्गत शहर के आराध्य श्री गोविंददेव जी मंदिर में कत्थक नृत्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महापौर ने बताया कि इस बार पर्यटक और स्थानीय लोगों को जयपुर शहर के हेरिटेज से परिचय कराने के लिए हेरिटेज वॉक का भी आयोजन किया गया। हेरिटेज वॉक सायं छह बजे चांदपोल हनुमान मंदिर से प्रारंभ होकर हवामहल तक गई। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में शहरवासियों को स्वच्छता का संदेश भी दिया। उन्होने बताया कि 21 अक्टूबर को शहरवासियों को समारोह के अंतर्गत जल महल की पाल पर सांस्कृतिक कार्यक्रमो की झलक देखने को मिलेगी। 22 अक्टूबर को बड़ी चौपड़ पर कव्वाली कार्यक्रम किया जाएगा। 26 अक्तूबर को जय क्लब में बॉक्स क्रिकेट भी खेला जाएगा। इसके अलावा तीन नवंबर को स्टेच्यू सर्कल पर सवाई जय सिंह जयंती मनाई जाएगी।

London News: राजस्थान रॉयल्स साथ मिलकर जयपुर को बनाएंगे स्पोर्टस हब —मुख्यमंत्री

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‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 के तहत ब्रिटेन के निवेशकों तक पहुंचने के प्रयास को जारी रखते हुए, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और राजस्थान सरकार के प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों ने कई ब्रिटिश कंपनियों के साथ बैठकें कीं और कल शाम लंदन में आयोजित ‘राइजिंग राजस्थान’ इन्वेस्टर रोड शो में भाग लिया। इसके अलावा, राज्य में खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल ने लंदन के लॉर्ड्स क्रिकेट मैदान में राजस्थान रॉयल्स क्रिकेट टीम के मालिक रॉयल मल्टीस्पोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारियों के साथ मुलाकात की। इस दौरान रॉयल मल्टीस्पोर्ट और राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल के बीच जयपुर शहर को एक स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित करने (जिसमें स्वास्थ्य और मनोरंजन की सुविधाएं भी होंगी) के लिए एक एमओयू पर भी हस्ताक्षर किया गया, जिसके तहत इसमें स्टेडियम, खेल प्रशिक्षण केंद्र, खेल चिकित्सा और अन्य खेल सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के अलावा, राजस्थान रॉयल्स के मालिक मनोज बडाले और पूर्व श्रीलंकाई क्रिकेट खिलाड़ी और राजस्थान रॉयल्स के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट कुमार संगकारा भी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने कहा, “जयपुर को स्पोर्ट्स का हब बनाने के हमारे प्रयासों को आज बड़ी सफलता मिली है। इसके लिए हमने राजस्थान रॉयल्स क्रिकेट टीम की मालिक कंपनी रॉयल मल्टीस्पोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारियों के संग आज लॉर्ड्स क्रिकेट स्टेडियम में एक एमओयू किया है। इसके तहत, जयपुर के अंदर खेलों को बढ़ावा देने के लिए स्टेडियम और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर को भी विकसित किया जाएगा।”