Transport Department: परिवहन विभाग की छवि को बनाएं सकारात्मक —शासन सचिव

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परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग की शासन सचिव एवं आयुक्त श्रीमती शुचि त्यागी ने आज प्रदेश भर के प्रादेशिक परिवहन अधिकारियों (आरटीओ) की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला में शासन सचिव ने सभी अधिकारियों को अनुशासित होने के साथ विभागीय पेंडेंसी खत्म कर कामकाज में गति लाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने सड़क सुरक्षा नियमों के सख़्ती से पालन करने और आमजन को भी जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी नियमों की पालना से विभाग की छवि सकारात्मक बनाएं। साथ ही इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आमजन के विभागीय कार्यों में कोई विलंब ना हो। transport departmentश्रीमती त्यागी ने कहा कि सभी उच्चाधिकारियों का स्वयं अनुशासित होना जरूरी है जिससे उनके अधीन सभी संबंधित विभागीय अधिकारी और कर्मचारी भी अनुशासित होने की प्रेरणा लें। उन्होंने सभी कार्यालयों को साफ सुथरे, स्वच्छ और व्यवस्थित करने के निर्देश दिए ताकि कार्य करने का अच्छा माहौल मिल सके। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग आमजन से जुड़ा महत्वपूर्ण विभाग है। विभागीय अधिकारियों के प्रभावी नेतृत्व के साथ टीमवर्क के रूप में कार्य आमजन को राहत पहुंचाएगा। उन्होंने विभाग के दो महत्वपूर्ण सारथी एवं वाहन पोर्टल पर प्रत्येक स्तर पर पेंडेंसी को जल्द से जल्द खत्म करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि यदि इन पोर्टल पर तकनीकी समस्या है तो उसका भी तुरंत समाधान किया जाए और कामकाज में गति लाई जाए। शासन सचिव ने सड़क सुरक्षा संबंधी नियमों के प्रभावी रूप से पालन के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के ज्यादातर मामलों में वाहन के फिटनेस, गलत साइड से वाहन आने या क्षमता से अधिक सवारी होने के कारण होती है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना में किसी भी जनहानि से पूरे परिवार को भुगतना पड़ता है। इसलिए जरूरी है कि वाहन संबंधी और सड़क सुरक्षा के नियमों की प्रभावी पालना हो और सड़क दुर्घटना में शामिल नियमों के उल्लंघनकर्ता और वाहन चालक के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्यवाही हो। सभी अधिकारी पूरी संवेदनशीलता बरतें और सड़क सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करें। शासन सचिव ने प्रत्येक स्तर पर मॉनिटरिंग और ई फाइलिंग पर भी जोर दिया जिससे कामकाज की गति में तेजी आए।

Domestic Gas: कोटा में पाइप लाइन से घरेलू गैस कनेक्शन पर मिलेगी फ्री गैस

राजस्थान सरकार के संयुक्त उपक्रम राजस्थान स्टेट गैस लिमिटेड (आरएसजीएल) ने ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए स्थापना दिवस अवसर पर 20 सितंबर से 4 अक्टूबर तक पाइप लाइन से घरेलू गैस (डीपीएनजी) के नए कनेक्शन लेने वालों के लिए प्रोत्साहन योजना शुरु की है। आरएसजीएल के प्रबंध निदशक श्री रणवीर सिंह ने बताया कि इस अवधि के दौरान कोटा शहर में डीपीएनजी कनेक्शन लेने वाले पहले एक हजार उपभोक्ताओं को लगभग एक माह के उपभोग की गैस निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। श्री सिंह ने गुरुवार को नए डीपीएनजी गैस कनेक्शन लेने वालों के लिए निःशुल्क पीएनजी गैस कनेक्शन अवसर पोस्टर जारी किया। कोटा शहर में सीएनजी एवं पीएनजी उपलब्ध कराने का कार्य आरएसजीएल द्वारा किया जा रहा है। पाइप लाइन द्वारा घरेलू गैस वितरण किफायती, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल होने से ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही बार-बार सिलेण्डर बुक कराने और बदलने की आवश्यकता भी नहीं होगी। उन्होंने बताया कि कोटा शहर में आरएसजीएल द्वारा सीएनजी पीएनजी सुविधा के लिए आधारभूत ढांचा विकसित करने के साथ ही घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक कनेक्शनों के साथ ही सीएनजी सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। प्रोत्साहन योजना के अनुसार डीपीएनजी कनेक्शन लेने वालों को प्रत्येक बिलिंग चक्र में 3.3 स्टेण्डर्ड क्यूबिक मीटर एससीएम गैस 3 बिलिंग चक्र अवधि के लिए निःशुल्क उपलब्ध होगी। नए डीपीएनजी कनेक्शन के लिए आरएसजीएल के कोटा कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है।

Cold storage application: प्रदेश में कोल्ड स्टोरेज लगाने के लिये 4 अक्टूबर तक कर सकते हैं आवेदन

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कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के प्रमुख शासन सचिव वैभव गालरिया ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा कृषक उद्यमी या कृषक समूह को कोल्डस्टोरेज बनाने पर अधिकतम 1 करोड़ 40 रुपये तक का अनुदान दिये जाने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि आवेदनकर्ता 4अक्टूबर तक सम्बन्धित जिले के उद्यानिकी विभाग कार्यालय में आवेदन कर अनुदान का लाभ ले सकते हैं। श्री गालरिया ने गुरूवार को पंत कृषि भवन के सभा कक्ष में राजस्थान हॉर्टिकल्चर डवलपमेन्ट सोसायटी की कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बतायाकि कोल्ड स्टोरेज पर राष्ट्रीय हॉर्टिकल्चर मिशन योजनान्तर्गत 250 मेट्रिक टन से लेकर अधिकतम 5 हजार मेट्रिक टन का कोल्ड स्टोरेज बनाने पर अनुदान दिये जाने का प्रावधान है। कोल्ड स्टोरेज बनाने पर इकाई लागत का 8 हजार रूपये प्रति मेट्रिक टन से गणना कर अधिकतम 5 हजार मेट्रिक टन पर इकाई लागत का 35 प्रतिशत या अधिकतम 1 करोड़ 40 लाख रूपये का अनुदान दिया जाता है।

Chief Minister: मेवाड़ का शौर्य-पराक्रम देश-विदेश के लिए प्रेरणास्रोत —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि वृक्ष हमारे जीवन का मूल हैं। एक व्यक्ति के पेड़ लगाने से आने वाली कई पीढ़ियों को वृ़क्षों द्वारा प्राणवायु मिलती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए कृतसंकल्पित होकर कार्य कर रही है। हमने ‘हरियालो राजस्थान’ के अंतर्गत प्रदेशभर में 7 करोड़ से अधिक पेड़ लगाए हैं और एक दिन में दो करोड़ पेड़ लगाकर कीर्तिमान स्थापित किया है। पांच साल में 50 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का हमने लक्ष्य भी निर्धारित किया है।
Chief Minister
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श्री शर्मा गुरूवार को चित्तौड़गढ़ के नरबदिया स्थित अनगढ़ बावजी परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रकृति की सेवा और मां के प्रति सम्मान के लिए शुरू किए गए अभियान के अंतर्गत आमजन एक पेड़ लगाने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि श्री मोदी सामाजिक सरोकारों के प्रेरणापुंज हैं। उनके द्वारा चलाए गए स्वच्छ भारत अभियान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जन जागरूकता के प्रमुख वाहक बन गए हैं। इस दौरान श्री शर्मा ने अनगढ़ बावजी तपोस्थली पहुंचने पर संत शिरोमणि श्री श्री 1008 श्री अमरा भगत की धूणी पर घी की आहूति दी एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने सभास्थल पर ही मंत्रोच्चार के साथ पीपल का वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण में जनसहभागिता बढ़ाने का संदेश दिया। इस अवसर पर 1008 जोड़ों ने भी विधि विधान के साथ पूजा कर वृक्षारोपण किया।

हमारी सरकार दिन-रात जनता की सेवा में तत्पर

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे मंत्रिगण प्रदेशभर का दौरा कर, सचिवालय में बैठक और जनसुनवाई कर दिन-रात जनता की सेवा कर रहे हैं। हमने संकल्प पत्र में किए वादों एवं परिवर्तित बजट 2024-25 की घोषणाओं को अविलम्ब धरातल पर उतारा है। हाल ही में 10 हजार करोड़ रूपए से ज्यादा की परियोजनाओं एवं कार्यक्रमों का शुभारंभ, शिलान्यास एवं लोकार्पण हर क्षेत्र और हर वर्ग के विकास के प्रति हमारे दृढ़संकल्प को दर्शाते हैं। श्री शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश की 200 विधानसभाओं की करीब 8 करोड़ जनता के विकास एवं कल्याण के लिए कृतसंकल्पित होकर कार्य कर रही है। प्रदेश की हर पंचायत एवं गांव में विकास कार्य स्वीकृत कर उनकी क्रियान्विति सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक विधानसभा की प्रोफाइलिंग करने के निर्देश दिए हैं, जिससे एक कार्ययोजना के अंतर्गत वर्षाजनित समस्याओं का समयबद्ध रूप से निस्तारण एवं विकास कार्यों की रूपरेखा सुनिश्चित की जा सकेगी। 2027 तक किसानों को मिलेगी दिन में भी बिजली

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बिजली तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार ठोस कार्य योजना पर काम कर रही है और वर्ष 2027 तक किसानों को दिन के समय में भी बिजली उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही, उद्योग एवं घरेलू उपभोक्ताओं को भी पर्याप्त बिजली मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि उद्योग, पर्यटन, कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों के विकास के लिए पानी की आवश्यकता होती है। इसको ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार ईआरसीपी, देवास परियोजना, इंदिरा गांधी नहर एवं यमुना जल समझौता जैसे अहम कदमों से राज्य में जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए गतिशील है। गोपालक लें 1 लाख रुपए तक ब्याजमुक्त ऋण सुविधा का लाभ श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से गोपालकों के लिए एक लाख रुपये तक ब्याजमुक्त ऋण की सुविधा प्रदान की है। इसके तहत गोपालक गाय-भैंस खरीद सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अनगढ़ बावजी परिसर में स्थित गौशाला को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। साथ ही, उन्होंने भादसोड़ा उप तहसील को तहसील बनाने एवं अनगढ़ बावजी स्थित विद्यालय के क्रमोन्नयन करने की मांग पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन भी दिया। मुख्यमंत्री ने चितौड़गढ़ के गौरवशाली इतिहास का स्मरण करते हुए यहां के शौर्य एवं पराक्रम को नमन किया। उन्होंने कहा कि मेवाड़ शक्ति और भक्ति की भूमि है। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप, भक्त शिरोमणि मीरा बाई, पन्नाधाय की स्वामीभक्ति और भामाशाह जैसे दानवीरों की यह भूमि हमारे लिए प्रेरणा स्त्रोत है।

Mines Department: प्रदेश में एमनेस्टी योजना लागू, मिलेगी ब्याज में छूट

राज्य सरकार ने माइंस विभाग की अप्रधान खनिजों के बकाया प्रकरणों की विभागीय बकाया एवं ब्याज माफी की एमनेस्टी योजना लागू की है। योजना में अप्रधान खनिजों के खनन पट्टों, क्वारी लाइसेंसों, बजरी हेतु जारी अस्थाई कार्यानुमति के स्थिर भाटक/रेंट, अधिशुल्क, अधिक अधिशुल्क, शास्ति, आरसीसी, ईआरसीसी ठेकों की बकाया, परमिट, एसटीपी एवं निर्माण विभाग के ठेकेदारों की बकाया, अन्य विभागीय बकाया के 31 मार्च, 2023 तक के प्रकरणों पर लागू की गई है। विभागीय एमनेस्टी योजना 31 मार्च, 2025 तक प्रभावी रहेगी। Mines Departmentमुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने विभागीय एमनेस्टी योजना लागू करने की आवश्यकता प्रतिपादित करते हुए कहा कि इस योजना से राज्य सरकार के बकाया राजस्व की वसूली हो सकेगी। साथ ही वसूली प्रयासों में लगने वाले अनावश्यक समय व धन की बचत होने से वसूली कार्य में नियोजित मानव संसाधन का प्रोडक्टिव कार्यों में उपयोग होगा। मुख्यमंत्री के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने परिवर्तित बजट 2024 में खनन एमनेस्टी- बकाया प्रकरणों में कुल राशि का श्रेणीवार मात्र 10 से 30 प्रतिशत जमा कराने पर शेष राशि माफ करने की घोषणा की है। विभाग द्वारा बजट घोषणा के क्रियान्वयन में यह एमनेस्टी योजना जारी कर दी है। खान एवं पेट्रोलियम विभाग के प्रमुख शासन सचिव टी. रविकान्त ने बताया कि एमनेस्टी योजना में ब्याज माफी के साथ ही बकाया अवधि के अनुसार अलग-अलग स्लेब में मूल राशि में अधिकतम 90 प्रतिशत तक की राहत दी गई है। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए बकाया धारकों द्वारा योजना के प्रावधानों के अनुसार निर्धारित राशि योजना अवधि में जमा करानी होगी। डीएमएफटी, आरएसएमईटी, एनजीटी अथवा सक्षम न्यायालय द्वारा निर्धारित शास्ती राशि या अन्य राशि व आदेश जारी होने की तारीख को प्रभावशील ठेकों, खनिज रियायतों पर यह योजना लागू नहीं होगी। खनन पट्टाधारी (खण्डित/प्रभावशील) द्वारा मासिक रिटर्न प्रस्तुत करने में हुये विलम्ब/रिटर्न प्रस्तुत नहीं करने से आरोपित/देय शास्ति के प्रकरणों में मासिक रिटर्न 31.03.2025 तक प्रस्तुत करने पर समस्त शास्ति राशि माफ की जावेगी। खनन पट्टों/क्वारी लाइसेंस/बजरी हेतु जारी अस्थाई कार्यानुमति (टीड्ब्लूपी) व ईंट भट्टा परमिटों की बकाया के प्रकरणों में मूल बकाया का 10 प्रतिशत से 60 प्रतिशत तक जमा कराने पर शेष मूल बकाया एवं सम्पूर्ण ब्याज राशि माफ होगी। नियमों की पालना नहीं करने यथा माईनिंग प्लान/पर्यावरण स्वीकृति/कन्सेन्ट टू ऑपरेट से अधिक उत्पादन के दोषी तथा किसी निर्णय के कारण खनिज रियायत को नल एण्ड वाईड घोषित किए जाने पर, घोषित करने की तिथि से पूर्व की अवधि में खनिज के हुए निर्गमन को अवैध निर्गमन मानकर कायम की गई शास्ति की 31.3.2023 तक की बकाया की 20 प्रतिशत राशि जमा कराने पर शेष बकाया राशि एवं सम्पूर्ण ब्याज माफ की जावेगी। आर.सी.सी./ई.आर.सी.सी. ठेकों की बकाया के मामलों में खण्डित ठेकों में मूल बकाया का 30 से 40 प्रतिशत तक जमा कराने एवं पूर्ण ठेका अवधि तक प्रभावशील ठेकों में 40 से 50 प्रतिशत मूल बकाया जमा कराने पर शेष मूल बकाया राशि व सम्पूर्ण ब्याज राशि माफ की जावेगी। एस.टी.पी. एवं निर्माण विभाग के ठेकेदारों के विरुद्ध 31.03.2023 तक शास्ति स्वरूप कायम की गई मांग के प्रकरणों में बकाया की 20 प्रतिशत राशि जमा कराने पर शेष बकाया व सम्पूर्ण ब्याज राशि माफ की जावेगी। अप्रधान खनिज की खण्डित/अध्यर्पित/अवधि समाप्त खनिज रियायतों यथा खनन पट्टा/क्वारी लाईसेंस/ईंट मिट्टी परमिट/बजरी खनन हेतु जारी अस्थाई कार्यानुमति के रियायतधारकों द्वारा स्वीकृत क्षेत्र से खनिज के बिना रवन्ना या रवन्नाओं का दुरूपयोग कर निर्गमन के मामलों यथा स्वयं की लीज के उत्पादन को किसी अन्य लीज की रवन्नाओं से निर्गमन, स्वयं की एक लीज के उत्पादित खनिज के लिये अपनी अन्य लीज की रवन्नाओं का उपयोग करना, किसी अन्य व्यक्ति की लीज से उत्पादित खनिज के लिये स्वयं की लीज के लिये जारी रवन्नाओं का उपयोग इत्यादि में बकाया का 10 से 15 प्रतिशत जमा कराने पर शेष बकाया राशि माफ की जावेगी। अप्रधान खनिज की खण्डित/अध्यर्पित/अवधि समाप्त खनिज रियायतों यथा खनन पट्टा/क्वारी लाईसेंस/ईंट मिट्टी परमिट/बजरी खनन हेतु जारी अस्थाई कार्यानुमति के रियायतधारकों द्वारा स्वीकृत क्षेत्र के बाहर अवैध खनन के प्रकरणों में अप्रधान खनिज की खण्डित/अध्यर्पित/अवधि समाप्त खनिज रियायतों यथा खनन पट्टा/क्वारी लाईसेंस/ईंट मिट्टी परमिट/बजरी खनन हेतु जारी अस्थाई कार्यानुमति के रियायतधारकों द्वारा स्वीकृत क्षेत्र के बाहर अवैध खनन के प्रकरणों में बकाया का 15 से 25 प्रतिशत राशि जमा कराने पर शेष बकाया राशि माफ की जावेगी। परिवर्तित बजट घोषणा की क्रियान्विति में यह योजना लागू की गई है।

Coaching: सरकार ने राजस्थान कोचिंग केंद्र विधेयक 2024 के लिये मांगे सुझाव

उच्च एवं तकनीकी शिक्षा की शासन सचिव डॉ.आरूषी मलिक अध्यक्षता में गुरूवार को हिंदी ग्रंथ अकादमी सभागार में ’’राजस्थान कोचिंग केंद्र विधेयक, 2024’’ के प्रारूप पर स्टेकहोल्डर्स के साथ एक कार्यशाला आयोजित हुई। डॉ. मलिक ने सभी हितधारकों के सुझावों को विभाग के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि कोचिंग और स्कूल संचालक भी अभिभावक हैं, बच्चें का उन्नयन, स्वस्थ वातातरण में बेहतर भविष्य का निर्माण हम सभी का लक्ष्य है। उन्होंने कोचिंग संस्थानों से फीस रिफण्ड पॉलिसी और उनके सुझावों को एक सप्ताह की अवधि में विभाग के ई-मेल secretaryhte@gmail.com पर भिजवाए जाने का आग्रह किया। कॉलेज शिक्षा विभाग के आयुक्त ओमप्रकाश बैरवा ने स्टेक हॉल्डर्स को सम्बोधित करते हुए आह्वान किया कि वे प्रस्तावित विधेयक के प्रावधानों के संदर्भ में अपने स्पष्ट एवं सारगर्भित सुझाव प्रस्तुत करें ताकि उन पर केन्द्र के दिशा-निर्देशों के आलोक में विचार करते हुए राज्य सरकार के स्तर पर निर्णय लिया जाकर विधेयक को और अधिक उपयोगी बनाया जा सके।

MNIT: जयपुर में एमएनआईटी का 18वां दीक्षांत समारोह संपन्न

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राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में देश विश्वभर में अग्रणी बने। इसके लिए प्रौद्योगिकी संस्थानों को विश्वस्तरीय बनाने के लिए सभी मिलकर कार्य करें। उन्होंने राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षण संस्थाओं को शोध अनुसंधान में मौलिक दृष्टि रखते हुए कार्य करने, पर्यावरण अनुकूल तकनीक अपनाने और विकसित भारत की संकल्पना के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य करने का आह्वान किया।
MNIT
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श्रीमती मुर्मु बुधवार को एमएनआईटी के 18वें दीक्षांत समारोह में संबोधित कर रही थीं। उन्होंने समारोह में 20 में से 12 स्वर्ण पदक छात्राओं को मिलने पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि लड़कियां आगे बढ़ती हैं, तो देश तेजी से विकास पथ पर आगे बढ़ेगा। उन्होंने संस्थान की फैकल्टी में एक तिहाई महिलाएं होने को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि देश के प्रौद्योगिकी संस्थानों को नेशनल इंस्टीट्यूट के रूप में राष्ट्र महत्व के संस्थान का दर्जा दिया गया है कि ताकि इनके जरिए भारत तेजी से विकास पथ पर आगे बढ़े। राष्ट्रपति ने समारोह में 805 स्नातक, 477 स्नातकोत्तर और 79 पीएचडी विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की और 20 स्वर्ण पदक प्रदान किए। उन्होंने छात्रों के लिए निर्मित अरावली छात्रावास का लोकार्पण भी किया। India should become a leader in agriculture sector राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘विकसित भारत 2047‘ की जो संकल्पना संजोई है, उसका मूल आधार यही है कि देश सभी क्षेत्रों में तेजी से विकास की ओर आगे बढे़। इसमें युवाओं की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से अर्जित तकनीकी ज्ञान का राष्ट्र के विकास में उपयोग करने पर जोर दिया। श्री बागडे ने एमएनआईटी में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस‘ विभाग की स्थापना की सराहना करते हुए कहा कि युवा टेक्नोक्रेट्स के लिए आने वाले समय में इससे महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि यांत्रिक ज्ञान जरूरी है, परन्तु इस ज्ञान के साथ यदि नैतिक और मानवीय मूल्य जुड़े रहेंगे तभी हम सबका साथ, सबका विकास को सही मायने में सफलीभूत कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति राष्ट्र की बौद्धिक संपदा है। उन्हें देश के लोकतंत्र और बहुलता के आदर्शों को पूरी तरह से समझते हुए ‘वसुधैव कुटुम्बकम‘ की भारतीय संस्कृति और ‘सर्वे भवन्तु सुखिन‘ के अंतर्गत सबके मंगल की कामना को ध्यान में रखते हुए भविष्य के लिए कार्य करना चाहिए। उन्होंने सभी को राष्ट्र आराधना करते हुए देश और समाज की उन्नति के लिए कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को व्यसन मुक्त रहने और अपने अंदर नैतिक गुणों का अधिक से अधिक विकास किए जाने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रकृति के साथ तालमेल रखने, पर्यावरण के प्रति संवेदनशील रहने और जो भी काम मिले, उसे लगन से करने पर जोर दिया।श्री बागडे ने कहा कि प्रयास रहेगा कि राजस्थान के सभी विश्वविद्यालय नैक रैंकिंग प्राप्त करें। पूरे देश में राज्य के विश्वविद्यालय गुणवत्ता की शिक्षा में अग्रणी रहें। उन्होंने संस्थान के आचार्यों का आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता में वृद्धि के लिए कार्य करें। नई शिक्षा नीति की मंशा के अनुरूप विद्यार्थियों को ऐसी शिक्षा प्रदान करें, जिससे वे रोजगार पाने के योग्य नहीं बल्कि रोजगार देने वाले बनें।
MNIT
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समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में नित नए आयाम स्थापित कर रही है। सरकार द्वारा आगामी 5 वर्षों में चार लाख सरकारी भर्तियां की जाएगी। इस वर्ष भी एक लाख से अधिक पदों पर भर्ती की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए युवा नीति-2024 तथा कौशल क्षमता विकास के लिए नई स्टेट स्किल पॉलिसी लाई जा रही है, जिससे युवाओं की प्रगति का मार्ग प्रशस्त हो सके। श्री शर्मा ने कहा कि युवाओें को स्टार्टअप स्थापित करने और उनमें उद्यमिता बढ़ाने के लिए अटल एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम शुरू किया जा रहा है, जिसके माध्यम से युवाओं को देश-विदेश के उत्कृष्ट सीईओ का मार्गदर्शन मिलेगा। साथ ही, इसके तहत चयनित स्टार्टअप्स को 10 करोड़ रूपए तक की फंडिंग भी उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जयपुर, भरतुपर, बीकानेर और उदयपुर में एक हजार करोड़ रूपए की लागत से अटल इनोवेशन स्टूडियो एंड एक्सीलरेटर्स स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हो सके। श्री शर्मा ने कहा कि तेजी से बदलते हुए परिदृश्य में विद्यार्थी अपनी विशेषज्ञता से न केवल नई तकनीक का विकास कर सकते हैं, बल्कि अनेक समस्याओं के समाधान में भी अपनी भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वे अपनी असीमित क्षमता का उपयोग करते हुए देश और प्रदेश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

Chief Minister Ayushman Health Scheme: प्रदेश में मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना का बढ़ेगा दायरा —चिकित्सा मंत्री

प्रदेश में संचालित मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना का दायरा अब और बढ़ाया जाएगा। इस योजना के तहत राजकीय अस्पतालों के साथ निजी अस्पतालों का नेटवर्क अब गांवों तक भी उपलब्ध हो सकेगा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने जन-जन तक इस योजना का लाभ पहुंचाने के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी से अस्पतालों का नेटवर्क बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए आवश्यतानुसार नियमों में बदलाव एवं सरलीकरण किया जाए। साथ ही, योजना से संबंधित समस्याओं को दूर करने के लिए ग्रिवांस रिड्रेसल सिस्टम को और मजबूत किया जाए। मंत्री ने यह निर्देश बुधवार को स्वास्थ्य भवन में आयोजित बैठक में योजना से जुड़े विभिन्न हित धारकों के साथ चर्चा के दौरान दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का उन्नयन एवं विस्तार प्रतिबद्धता के साथ कर रही है। गांव-ढाणी तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं एवं जरूरतमंद लोगों को इलाज खर्च की चिंता से मुक्त करने की दिशा में मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना एक महत्वाकांक्षी और मानवीय पहल है। सभी हितधारक संवेदनशील सोच के साथ इस योजना का लाभ आमजन को पहुंचाएं। श्री खींवसर ने कहा कि इस योजना में पोर्टेबिलिटी की सुविधा जल्द शुरू की जायेगी। इससे बाहर के राज्यों के नागरिक भी इस योजना का लाभ ले सकेंगे और राजस्थान के रोगी दूसरे राज्यों में इलाज प्राप्त कर सकेंगे। इस सुविधा के लिए पोर्टल को अपडेट किया जा रहा है। यह सुविधा शुरू होने से प्रदेश में मेडिकल वैल्यू ट्रैवल को बढ़ावा मिलेगा। यहां के अस्पतालों में रोगी भार बढ़ने से उन्हें अस्पताल संचालन में लाभ होगा। साथ ही, चिकित्सा के क्षेत्र में निवेश एवं रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गांव-गांव तक सुगमता पूर्वक उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में चिकित्सा विभाग मिशन मोड में काम कर रहा है। आयुष्मान आरोग्य योजना को बेहतर बनाने के लिए नियमों का सरलीकरण किया जा रहा है। श्रीमती राठौड़ ने कहा कि प्रदेश में मेडिकल वैल्यू ट्रैवल को बढ़ावा देने के लिए पॉलिसी को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जल्द ही यह नीति लाई जाएगी। साथ ही, चिकित्सा के क्षेत्र में निजी सहभागिता बढ़ाने के लिए भी नीतिगत निर्णय लिए जा रहे हैं। हमारा अंतिम लक्ष्य यही है कि राजकीय एवं निजी सहभागिता से आमजन को बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हों।

Tourism Department: ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट—2024 में होगे शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम —शासन सचिव पर्यटन

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शासन सचिव पर्यटन, कला एवं संस्कृति और पुरातत्व विभाग रवि जैन की अध्यक्षता में बुधवार को पर्यटन भवन में “राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट-2024 के आयोजन और इससे पूर्व 8 अक्टूबर को जयपुर में आयोजित होने वाली प्री-समिट की व्यवस्थाओं के क्रियान्वयन हेतु पर्यटन विभाग को सौंपे गए दायित्व के निर्वहन के संबंध में एक कार्यशाला आयोजित कर चर्चा की गई। श्री जैन ने निर्देश दिए कि उक्त आयोजन की व्यवस्थाओं का मुस्तैदी से क्रियान्वयन किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि आयोजन के दौरान राजस्थान की कला और संस्कृति का प्रतिनिधित्व करने हेतु शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाए। इसके साथ समिट के दौरान आने वाले डेलिगेट्स के ठहरने की बेहतरीन व्यवस्था, बेहतरीन भोजन व्यवस्था के साथ अन्य सभी व्यवस्थाओं को उत्कृष्टता से सुनिश्चित करें और पर्यटन में अग्रणी हमारे राज्य राजस्थान के महल किले और म्यूजियम का भ्रमण करवाने की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित करें। शासन सचिव ने राजस्थान राज्य में निवेशकों द्वारा पर्यटन के क्षेत्र में नए निवेश करने लिए जिलों और राज्य स्तर पर एमओयू किए जाने के सम्बन्ध में आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि निवेशकों की सुविधा के लिए विभिन्न विभागों से क्लियरेन्स हेतु राजस्थान का सिंगल विंडो पोर्टल, राज निवेश पोर्टल महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि राजस्थान राज्य में निवेशकों द्वारा पर्यटन के क्षेत्र में नए निवेश करने लिए राज निवेश पोर्टल पर एमओयू प्रस्ताव स्वीकार किये जा रहे हैं। उन्होंने जिला पर्यटन अधिकारियों को कहा कि वे अपने क्षेत्र के निवेशकों को जो एम ओ यू हेतु प्रोत्साहित किये जा सकते हैं उनकी सूची प्रेषित करें। श्री जैन ने जिलों के पर्यटन अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिलों में पर्यटन इकाई के प्रोजेक्ट को शुरू किए जाने हेतु कोई अनुमति की आवश्यकता है तो आज ही सूचित करें ताकि उसके अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए।

Chief Minister did Shramdaan: मुख्यमंत्री ने किया श्रमदान

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को जयपुर में मालवीय नगर पुलिया के पास स्वयं श्रमदान कर प्रदेश में ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान की शुरूआत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आमजन को जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य निभाते हुए शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए स्वच्छता की शपथ भी दिलाई। Chief Minister did Shramdaan श्री शर्मा ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को उनके जन्मदिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्री मोदी द्वारा 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत मिशन राष्ट्रीय आंदोलन के रूप में शुरू किया गया था, जिसके सार्थक परिणाम हम सभी को देश में दिख रहे हैं। इसी क्रम में प्रदेशभर में आज से ‘स्वच्छता ही सेवा’ पखवाड़े की शुरूआत की जा रही है। जिसके तहत 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक प्रदेशभर में सामूहिक जन भागीदारी के श्रमदान के माध्यम से गांवों एवं शहरों में सफाई तथा स्वच्छता का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता एवं स्वस्थता एक दूसरे के पर्याय हैं। जिस जगह स्वच्छता रहती है, वहां स्वस्थता अवश्य होगी। उन्होंने कहा कि सम्पूर्ण स्वच्छता बिना जन सहयोग के संभव नहीं है। ऐसे में हम सभी स्वच्छता के विजन को ध्यान में रखते हुए अपने नागरिक कर्तव्य निभाकर इस अभियान का हिस्सा बनें। श्री शर्मा ने सफाई मित्रों को आयुष्मान कार्ड वितरित कर सम्मानित भी किया। इस दौरान महिला सफाई मित्र ने मुख्यमंत्री को तिलक लगाकर रक्षा सूत्र बांधा। श्री शर्मा ने नगर निगम की ‘रिसाइकिल’ एवं ‘जयपुर 311’ एप्स का बटन दबाकर शुभारंभ किया। उन्होंने इन दोनों एप्स का पोस्टर विमोचन भी किया। ‘रिसाइकिल एप’ के माध्यम से नगर निगम द्वारा सूचना प्राप्त होने पर अब घर से ही सूखा कचरा श्रेणीवार एकत्रित किया जाएगा। साथ ही, घर पर ही निगम द्वारा ऑनलाइन भुगतान भी किया जाएगा। नगर निगम संबंधी समस्याओं के निस्तारण के लिए शहरवासी जयपुर 311 एप का प्रयोग कर सकते हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण किया तथा निगम द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। वहीं कार्यक्रम समापन के बाद मुख्यमंत्री आराध्य श्री गोविन्द देवजी मंदिर पहुंचे। उन्होंने यहां सपत्नीक विधिवत पूजा-अर्चना की व प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। वहां उपस्थित जनसमूह ने मुख्यमंत्री को माला पहनाकर स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस के अवसर पर मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में महिलाओं को तुलसी के पौधे भी वितरित किए।