श्रीमती त्यागी ने कहा कि सभी उच्चाधिकारियों का स्वयं अनुशासित होना जरूरी है जिससे उनके अधीन सभी संबंधित विभागीय अधिकारी और कर्मचारी भी अनुशासित होने की प्रेरणा लें। उन्होंने सभी कार्यालयों को साफ सुथरे, स्वच्छ और व्यवस्थित करने के निर्देश दिए ताकि कार्य करने का अच्छा माहौल मिल सके।
उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग आमजन से जुड़ा महत्वपूर्ण विभाग है। विभागीय अधिकारियों के प्रभावी नेतृत्व के साथ टीमवर्क के रूप में कार्य आमजन को राहत पहुंचाएगा। उन्होंने विभाग के दो महत्वपूर्ण सारथी एवं वाहन पोर्टल पर प्रत्येक स्तर पर पेंडेंसी को जल्द से जल्द खत्म करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि यदि इन पोर्टल पर तकनीकी समस्या है तो उसका भी तुरंत समाधान किया जाए और कामकाज में गति लाई जाए।
शासन सचिव ने सड़क सुरक्षा संबंधी नियमों के प्रभावी रूप से पालन के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के ज्यादातर मामलों में वाहन के फिटनेस, गलत साइड से वाहन आने या क्षमता से अधिक सवारी होने के कारण होती है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना में किसी भी जनहानि से पूरे परिवार को भुगतना पड़ता है। इसलिए जरूरी है कि वाहन संबंधी और सड़क सुरक्षा के नियमों की प्रभावी पालना हो और सड़क दुर्घटना में शामिल नियमों के उल्लंघनकर्ता और वाहन चालक के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्यवाही हो। सभी अधिकारी पूरी संवेदनशीलता बरतें और सड़क सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करें। शासन सचिव ने प्रत्येक स्तर पर मॉनिटरिंग और ई फाइलिंग पर भी जोर दिया जिससे कामकाज की गति में तेजी आए। Transport Department: परिवहन विभाग की छवि को बनाएं सकारात्मक —शासन सचिव
श्रीमती त्यागी ने कहा कि सभी उच्चाधिकारियों का स्वयं अनुशासित होना जरूरी है जिससे उनके अधीन सभी संबंधित विभागीय अधिकारी और कर्मचारी भी अनुशासित होने की प्रेरणा लें। उन्होंने सभी कार्यालयों को साफ सुथरे, स्वच्छ और व्यवस्थित करने के निर्देश दिए ताकि कार्य करने का अच्छा माहौल मिल सके।
उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग आमजन से जुड़ा महत्वपूर्ण विभाग है। विभागीय अधिकारियों के प्रभावी नेतृत्व के साथ टीमवर्क के रूप में कार्य आमजन को राहत पहुंचाएगा। उन्होंने विभाग के दो महत्वपूर्ण सारथी एवं वाहन पोर्टल पर प्रत्येक स्तर पर पेंडेंसी को जल्द से जल्द खत्म करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि यदि इन पोर्टल पर तकनीकी समस्या है तो उसका भी तुरंत समाधान किया जाए और कामकाज में गति लाई जाए।
शासन सचिव ने सड़क सुरक्षा संबंधी नियमों के प्रभावी रूप से पालन के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के ज्यादातर मामलों में वाहन के फिटनेस, गलत साइड से वाहन आने या क्षमता से अधिक सवारी होने के कारण होती है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना में किसी भी जनहानि से पूरे परिवार को भुगतना पड़ता है। इसलिए जरूरी है कि वाहन संबंधी और सड़क सुरक्षा के नियमों की प्रभावी पालना हो और सड़क दुर्घटना में शामिल नियमों के उल्लंघनकर्ता और वाहन चालक के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्यवाही हो। सभी अधिकारी पूरी संवेदनशीलता बरतें और सड़क सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करें। शासन सचिव ने प्रत्येक स्तर पर मॉनिटरिंग और ई फाइलिंग पर भी जोर दिया जिससे कामकाज की गति में तेजी आए। Domestic Gas: कोटा में पाइप लाइन से घरेलू गैस कनेक्शन पर मिलेगी फ्री गैस
Cold storage application: प्रदेश में कोल्ड स्टोरेज लगाने के लिये 4 अक्टूबर तक कर सकते हैं आवेदन
Chief Minister: मेवाड़ का शौर्य-पराक्रम देश-विदेश के लिए प्रेरणास्रोत —मुख्यमंत्री

हमारी सरकार दिन-रात जनता की सेवा में तत्पर
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे मंत्रिगण प्रदेशभर का दौरा कर, सचिवालय में बैठक और जनसुनवाई कर दिन-रात जनता की सेवा कर रहे हैं। हमने संकल्प पत्र में किए वादों एवं परिवर्तित बजट 2024-25 की घोषणाओं को अविलम्ब धरातल पर उतारा है। हाल ही में 10 हजार करोड़ रूपए से ज्यादा की परियोजनाओं एवं कार्यक्रमों का शुभारंभ, शिलान्यास एवं लोकार्पण हर क्षेत्र और हर वर्ग के विकास के प्रति हमारे दृढ़संकल्प को दर्शाते हैं। श्री शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश की 200 विधानसभाओं की करीब 8 करोड़ जनता के विकास एवं कल्याण के लिए कृतसंकल्पित होकर कार्य कर रही है। प्रदेश की हर पंचायत एवं गांव में विकास कार्य स्वीकृत कर उनकी क्रियान्विति सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक विधानसभा की प्रोफाइलिंग करने के निर्देश दिए हैं, जिससे एक कार्ययोजना के अंतर्गत वर्षाजनित समस्याओं का समयबद्ध रूप से निस्तारण एवं विकास कार्यों की रूपरेखा सुनिश्चित की जा सकेगी। 2027 तक किसानों को मिलेगी दिन में भी बिजली
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बिजली तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार ठोस कार्य योजना पर काम कर रही है और वर्ष 2027 तक किसानों को दिन के समय में भी बिजली उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही, उद्योग एवं घरेलू उपभोक्ताओं को भी पर्याप्त बिजली मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि उद्योग, पर्यटन, कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों के विकास के लिए पानी की आवश्यकता होती है। इसको ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार ईआरसीपी, देवास परियोजना, इंदिरा गांधी नहर एवं यमुना जल समझौता जैसे अहम कदमों से राज्य में जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए गतिशील है। गोपालक लें 1 लाख रुपए तक ब्याजमुक्त ऋण सुविधा का लाभ श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से गोपालकों के लिए एक लाख रुपये तक ब्याजमुक्त ऋण की सुविधा प्रदान की है। इसके तहत गोपालक गाय-भैंस खरीद सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अनगढ़ बावजी परिसर में स्थित गौशाला को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। साथ ही, उन्होंने भादसोड़ा उप तहसील को तहसील बनाने एवं अनगढ़ बावजी स्थित विद्यालय के क्रमोन्नयन करने की मांग पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन भी दिया। मुख्यमंत्री ने चितौड़गढ़ के गौरवशाली इतिहास का स्मरण करते हुए यहां के शौर्य एवं पराक्रम को नमन किया। उन्होंने कहा कि मेवाड़ शक्ति और भक्ति की भूमि है। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप, भक्त शिरोमणि मीरा बाई, पन्नाधाय की स्वामीभक्ति और भामाशाह जैसे दानवीरों की यह भूमि हमारे लिए प्रेरणा स्त्रोत है।Mines Department: प्रदेश में एमनेस्टी योजना लागू, मिलेगी ब्याज में छूट
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने विभागीय एमनेस्टी योजना लागू करने की आवश्यकता प्रतिपादित करते हुए कहा कि इस योजना से राज्य सरकार के बकाया राजस्व की वसूली हो सकेगी। साथ ही वसूली प्रयासों में लगने वाले अनावश्यक समय व धन की बचत होने से वसूली कार्य में नियोजित मानव संसाधन का प्रोडक्टिव कार्यों में उपयोग होगा। मुख्यमंत्री के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने परिवर्तित बजट 2024 में खनन एमनेस्टी- बकाया प्रकरणों में कुल राशि का श्रेणीवार मात्र 10 से 30 प्रतिशत जमा कराने पर शेष राशि माफ करने की घोषणा की है। विभाग द्वारा बजट घोषणा के क्रियान्वयन में यह एमनेस्टी योजना जारी कर दी है।
खान एवं पेट्रोलियम विभाग के प्रमुख शासन सचिव टी. रविकान्त ने बताया कि एमनेस्टी योजना में ब्याज माफी के साथ ही बकाया अवधि के अनुसार अलग-अलग स्लेब में मूल राशि में अधिकतम 90 प्रतिशत तक की राहत दी गई है। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए बकाया धारकों द्वारा योजना के प्रावधानों के अनुसार निर्धारित राशि योजना अवधि में जमा करानी होगी। डीएमएफटी, आरएसएमईटी, एनजीटी अथवा सक्षम न्यायालय द्वारा निर्धारित शास्ती राशि या अन्य राशि व आदेश जारी होने की तारीख को प्रभावशील ठेकों, खनिज रियायतों पर यह योजना लागू नहीं होगी।
खनन पट्टाधारी (खण्डित/प्रभावशील) द्वारा मासिक रिटर्न प्रस्तुत करने में हुये विलम्ब/रिटर्न प्रस्तुत नहीं करने से आरोपित/देय शास्ति के प्रकरणों में मासिक रिटर्न 31.03.2025 तक प्रस्तुत करने पर समस्त शास्ति राशि माफ की जावेगी। खनन पट्टों/क्वारी लाइसेंस/बजरी हेतु जारी अस्थाई कार्यानुमति (टीड्ब्लूपी) व ईंट भट्टा परमिटों की बकाया के प्रकरणों में मूल बकाया का 10 प्रतिशत से 60 प्रतिशत तक जमा कराने पर शेष मूल बकाया एवं सम्पूर्ण ब्याज राशि माफ होगी। नियमों की पालना नहीं करने यथा माईनिंग प्लान/पर्यावरण स्वीकृति/कन्सेन्ट टू ऑपरेट से अधिक उत्पादन के दोषी तथा किसी निर्णय के कारण खनिज रियायत को नल एण्ड वाईड घोषित किए जाने पर, घोषित करने की तिथि से पूर्व की अवधि में खनिज के हुए निर्गमन को अवैध निर्गमन मानकर कायम की गई शास्ति की 31.3.2023 तक की बकाया की 20 प्रतिशत राशि जमा कराने पर शेष बकाया राशि एवं सम्पूर्ण ब्याज माफ की जावेगी।
आर.सी.सी./ई.आर.सी.सी. ठेकों की बकाया के मामलों में खण्डित ठेकों में मूल बकाया का 30 से 40 प्रतिशत तक जमा कराने एवं पूर्ण ठेका अवधि तक प्रभावशील ठेकों में 40 से 50 प्रतिशत मूल बकाया जमा कराने पर शेष मूल बकाया राशि व सम्पूर्ण ब्याज राशि माफ की जावेगी। एस.टी.पी. एवं निर्माण विभाग के ठेकेदारों के विरुद्ध 31.03.2023 तक शास्ति स्वरूप कायम की गई मांग के प्रकरणों में बकाया की 20 प्रतिशत राशि जमा कराने पर शेष बकाया व सम्पूर्ण ब्याज राशि माफ की जावेगी। अप्रधान खनिज की खण्डित/अध्यर्पित/अवधि समाप्त खनिज रियायतों यथा खनन पट्टा/क्वारी लाईसेंस/ईंट मिट्टी परमिट/बजरी खनन हेतु जारी अस्थाई कार्यानुमति के रियायतधारकों द्वारा स्वीकृत क्षेत्र से खनिज के बिना रवन्ना या रवन्नाओं का दुरूपयोग कर निर्गमन के मामलों यथा स्वयं की लीज के उत्पादन को किसी अन्य लीज की रवन्नाओं से निर्गमन, स्वयं की एक लीज के उत्पादित खनिज के लिये अपनी अन्य लीज की रवन्नाओं का उपयोग करना, किसी अन्य व्यक्ति की लीज से उत्पादित खनिज के लिये स्वयं की लीज के लिये जारी रवन्नाओं का उपयोग इत्यादि में बकाया का 10 से 15 प्रतिशत जमा कराने पर शेष बकाया राशि माफ की जावेगी।
अप्रधान खनिज की खण्डित/अध्यर्पित/अवधि समाप्त खनिज रियायतों यथा खनन पट्टा/क्वारी लाईसेंस/ईंट मिट्टी परमिट/बजरी खनन हेतु जारी अस्थाई कार्यानुमति के रियायतधारकों द्वारा स्वीकृत क्षेत्र के बाहर अवैध खनन के प्रकरणों में अप्रधान खनिज की खण्डित/अध्यर्पित/अवधि समाप्त खनिज रियायतों यथा खनन पट्टा/क्वारी लाईसेंस/ईंट मिट्टी परमिट/बजरी खनन हेतु जारी अस्थाई कार्यानुमति के रियायतधारकों द्वारा स्वीकृत क्षेत्र के बाहर अवैध खनन के प्रकरणों में बकाया का 15 से 25 प्रतिशत राशि जमा कराने पर शेष बकाया राशि माफ की जावेगी। परिवर्तित बजट घोषणा की क्रियान्विति में यह योजना लागू की गई है। Coaching: सरकार ने राजस्थान कोचिंग केंद्र विधेयक 2024 के लिये मांगे सुझाव
MNIT: जयपुर में एमएनआईटी का 18वां दीक्षांत समारोह संपन्न

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘विकसित भारत 2047‘ की जो संकल्पना संजोई है, उसका मूल आधार यही है कि देश सभी क्षेत्रों में तेजी से विकास की ओर आगे बढे़। इसमें युवाओं की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से अर्जित तकनीकी ज्ञान का राष्ट्र के विकास में उपयोग करने पर जोर दिया। श्री बागडे ने एमएनआईटी में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस‘ विभाग की स्थापना की सराहना करते हुए कहा कि युवा टेक्नोक्रेट्स के लिए आने वाले समय में इससे महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि यांत्रिक ज्ञान जरूरी है, परन्तु इस ज्ञान के साथ यदि नैतिक और मानवीय मूल्य जुड़े रहेंगे तभी हम सबका साथ, सबका विकास को सही मायने में सफलीभूत कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति राष्ट्र की बौद्धिक संपदा है। उन्हें देश के लोकतंत्र और बहुलता के आदर्शों को पूरी तरह से समझते हुए ‘वसुधैव कुटुम्बकम‘ की भारतीय संस्कृति और ‘सर्वे भवन्तु सुखिन‘ के अंतर्गत सबके मंगल की कामना को ध्यान में रखते हुए भविष्य के लिए कार्य करना चाहिए। उन्होंने सभी को राष्ट्र आराधना करते हुए देश और समाज की उन्नति के लिए कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को व्यसन मुक्त रहने और अपने अंदर नैतिक गुणों का अधिक से अधिक विकास किए जाने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रकृति के साथ तालमेल रखने, पर्यावरण के प्रति संवेदनशील रहने और जो भी काम मिले, उसे लगन से करने पर जोर दिया।श्री बागडे ने कहा कि प्रयास रहेगा कि राजस्थान के सभी विश्वविद्यालय नैक रैंकिंग प्राप्त करें। पूरे देश में राज्य के विश्वविद्यालय गुणवत्ता की शिक्षा में अग्रणी रहें। उन्होंने संस्थान के आचार्यों का आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता में वृद्धि के लिए कार्य करें। नई शिक्षा नीति की मंशा के अनुरूप विद्यार्थियों को ऐसी शिक्षा प्रदान करें, जिससे वे रोजगार पाने के योग्य नहीं बल्कि रोजगार देने वाले बनें।

Chief Minister Ayushman Health Scheme: प्रदेश में मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना का बढ़ेगा दायरा —चिकित्सा मंत्री
Tourism Department: ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट—2024 में होगे शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम —शासन सचिव पर्यटन
Chief Minister did Shramdaan: मुख्यमंत्री ने किया श्रमदान
श्री शर्मा ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को उनके जन्मदिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्री मोदी द्वारा 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत मिशन राष्ट्रीय आंदोलन के रूप में शुरू किया गया था, जिसके सार्थक परिणाम हम सभी को देश में दिख रहे हैं। इसी क्रम में प्रदेशभर में आज से ‘स्वच्छता ही सेवा’ पखवाड़े की शुरूआत की जा रही है। जिसके तहत 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक प्रदेशभर में सामूहिक जन भागीदारी के श्रमदान के माध्यम से गांवों एवं शहरों में सफाई तथा स्वच्छता का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता एवं स्वस्थता एक दूसरे के पर्याय हैं। जिस जगह स्वच्छता रहती है, वहां स्वस्थता अवश्य होगी। उन्होंने कहा कि सम्पूर्ण स्वच्छता बिना जन सहयोग के संभव नहीं है। ऐसे में हम सभी स्वच्छता के विजन को ध्यान में रखते हुए अपने नागरिक कर्तव्य निभाकर इस अभियान का हिस्सा बनें। श्री शर्मा ने सफाई मित्रों को आयुष्मान कार्ड वितरित कर सम्मानित भी किया। इस दौरान महिला सफाई मित्र ने मुख्यमंत्री को तिलक लगाकर रक्षा सूत्र बांधा। श्री शर्मा ने नगर निगम की ‘रिसाइकिल’ एवं ‘जयपुर 311’ एप्स का बटन दबाकर शुभारंभ किया। उन्होंने इन दोनों एप्स का पोस्टर विमोचन भी किया। ‘रिसाइकिल एप’ के माध्यम से नगर निगम द्वारा सूचना प्राप्त होने पर अब घर से ही सूखा कचरा श्रेणीवार एकत्रित किया जाएगा। साथ ही, घर पर ही निगम द्वारा ऑनलाइन भुगतान भी किया जाएगा। नगर निगम संबंधी समस्याओं के निस्तारण के लिए शहरवासी जयपुर 311 एप का प्रयोग कर सकते हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण किया तथा निगम द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
वहीं कार्यक्रम समापन के बाद मुख्यमंत्री आराध्य श्री गोविन्द देवजी मंदिर पहुंचे। उन्होंने यहां सपत्नीक विधिवत पूजा-अर्चना की व प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। वहां उपस्थित जनसमूह ने मुख्यमंत्री को माला पहनाकर स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस के अवसर पर मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में महिलाओं को तुलसी के पौधे भी वितरित किए। 


