Chief Ministe: ऋषि-मुनि समाज के पथ-प्रदर्शक —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि गलती होना स्वाभाविक है लेकिन उस गलती को स्वीकार करते हुए क्षमा मांग लेना बहुत बड़ा मानवीय गुण है और सामने वाले को क्षमा करना उससे भी बड़ी बात है। उन्होंने कहा कि क्षमा मांगने से कटुता और द्वेष-भाव समाप्त हो जाता है जिससे समाज में शांति एवं सद्भाव का मार्ग प्रशस्त होता है। श्री शर्मा रविवार को ‘सामूहिक क्षमापन पर्व समारोह’ को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह दिन हमारे आत्मिक शुद्धिकरण का पर्व होने के साथ-साथ समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारियों का स्मरण भी करवाता है। जैन धर्म में क्षमा याचना का बहुत महत्व है। क्षमा याचना से आत्म-शुद्धि होती है जिससे संबंधों में सुधार होता है और मानसिक शांति तथा आध्यात्मिक विकास होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों और ऋषि-मुनियों ने देश की गौरवशाली संस्कृति और परम्पराओं को संरक्षित रखने का महती कार्य किया है। मुनियों ने समाज को रास्ता दिखाया और देश की प्रगति में उनका योगदान अप्रतिम है। श्री शर्मा ने कहा कि जैन समाज के मुनि देश भर में भ्रमण कर समाज को आध्यामिक रूप से मजबूत कर रहे है। समारोह को संबोधित करते हुए मुनि शशांक सागर, पावन सागर और समत्व सागर महाराज ने मुख्यमंत्री के व्यक्तित्व को रेखांकित करते हुए उनकी सादगी-सहृदयता की सराहना की। साथ ही, उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सेवाभावी हैं, ये नाम और काम दोंनो से झलकता है।

Chief Minister: राजस्थान मूल के प्रशासनिक अधिकारियों के सुझाव अहम —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि विकसित राजस्थान की यात्रा में राजस्थान मूल के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उनके अनुभव, सुझाव और संपर्क राज्य की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि इन अधिकारियों से प्राप्त सुझावों को राज्य की महत्वपूर्ण नीतियों में शामिल किया जाएगा। श्री शर्मा शनिवार को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से विभिन्न राज्यों में पदस्थापित राजस्थानी मूल के भारतीय प्रशासनिक सेवा के उच्च अधिकारियों के साथ राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के संबंध में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आगामी 9 से 11 दिसम्बर तक राजस्थान में वैश्विक निवेश शिखर सम्मेलन राइजिंग राजस्थान समिट का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य राजस्थान को निवेश के लिए एक प्रमुख स्थान के रूप में स्थापित करना है और इसके माध्यम से राज्य के विकास में नए आयाम जोड़ने हैं। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों के लिए अनुकूल नीतियां बनाने सहित उनको हरसंभव मदद दे रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थान देश का सबसे बड़ा राज्य है। यहां सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, पर्यटन, कृषि एवं ऑटोमोबाइल सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं। इन क्षेत्रों में निवेश राजस्थान के विकास को गति देगा और हमारे राज्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। राइजिंग राजस्थान समिट के माध्यम से राज्य सरकार राजस्थान को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय निवेश के लिए भी एक आकर्षक राज्य बनाना चाहती है। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यरत प्रवासी राजस्थानी उद्यमियों, उद्योगपतियों और निवेशकों को राजस्थान में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करें। श्री शर्मा ने कहा कि राइजिंग राजस्थान समिट के दौरान राज्य सरकार ने 10 दिसंबर को प्रवासी राजस्थानियों के लिए राजस्थानी कॉन्क्लेव आयोजित किया है। उनके साथ ही विभिन्न राज्यों में पदस्थापित राजस्थानी मूल के प्रशासनिक अधिकारी भी इसमें शामिल होकर अपने अमूल्य सुझाव दें। उन्होंने कहा कि अधिकारियों का अनुभव राजस्थान को निवेश के एक प्रमुख केंद्र में बदलने में अहम भूमिका निभाएगा। साथ ही, उन्होंने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सभी अधिकारियों से सुझाव भी मांगे।

अधिकारियों ने दिए विभिन्न रचनात्मक सुझाव

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अपने-अपने राज्यों में निवेश के लिए किए जा रहे नवाचारों की जानकारी देते हुए कई रचनात्मक सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियों और सौर एवं पवन ऊर्जा तथा खनिज क्षेत्र में अपार संभावनाओं को देखते हुए निवेशक आकर्षिक हो रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने उद्योगों के लिए स्थाई जल प्रबंधन सौर ऊर्जा को बढ़ावा, कृषि का आधुनिकीकरण करने, नवीन औद्योगिक नीतियों को जल्द लागू करने, सिंगल विंडो सिस्टम का सुदृढीकरण करने, श्रीअन्न को प्रोत्साहित करने, पर्यटन एवं शिक्षा को मुख्य विकास क्षेत्रों के रूप में बढ़ावा देने के साथ ही धार्मिक स्थलों को पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित करने के सुझाव दिए।

RAS Council:अधिकारियों की जवाबदेही जरूरी —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि आमजन की सेवा में प्रतिबद्धता को मजबूत करने के लिए प्रभावी प्रशासन की आवश्यकता होती है। हम सभी को मिलकर एक सशक्त और अग्रणी राजस्थान की दिशा में आगे बढ़ना है और इसके लिए अधिकारियों का जवाबदेह होना बहुत जरूरी है। कार्यों के प्रति उत्तरदायी होने से हमें प्रेरणा मिलती और हमारे काम की गुणवत्ता में भी सुधार आता है। श्री शर्मा शनिवार को राजस्थान प्रशासनिक सेवा परिषद् के अधिवेशन एवं नवगठित कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नई कार्यकारिणी इस सेवा को एक नई ऊर्जा और सकारात्मक दिशा प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के लिए अपने अनुभवों को साझा करने, नए विचारों का आदान-प्रदान करने और नए प्रशासनिक प्रयासों को दिशा देने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। श्री शर्मा ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में नीतियों और योजनाओं को लागू करने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि राजस्व मामलों में उपखण्ड व अतिरिक्त जिला कलक्टर स्तर पर ग्रामीण क्षेत्रों में दौरे कर पुराने प्रकरणों का निस्तारण करने की दिशा में पहल करनी चाहिए।

Rising Rajasthan: ‘राइजिंग राजस्थान’ को लेकर मुख्यमंत्री ने पूर्व आईएएस और आईपीएस के साथ की चर्चा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में औद्योगिक विकास एवं निवेश को बढ़ावा देने के लिए बेहतर अवसरों का निर्माण किया जाए। इसी क्रम में प्रदेश में ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेन्ट समिट’ का आयोजन किया जा रहा है। इस समिट के माध्यम से निवेश के साथ ही रोजगार के अवसरों में वृद्धि हो सकेगी और राजस्थान देश में अग्रणी राज्य बनेगा। श्री शर्मा शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेन्ट समिट के संबंध में भारतीय प्रशासनिक सेवा और भारतीय पुलिस सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारियों के साथ चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को सेवा-काल के दौरान लोक सेवक के रूप में विभिन्न क्षेत्रों का अनुभव प्राप्त होता है। इनके अनुभवों के आधार पर प्राप्त महत्वपूर्ण सुझाव प्रदेश में निवेश को बढ़ाने में निर्णायक साबित होंगे।

आपको बतादें कि 9 से 11 दिसम्बर तक आयोजित होने वाली ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेन्ट समिट’ में देश-विदेश के प्रसिद्ध उद्योगपति, औद्योगिक समूह, विभिन्न देशों के व्यापारिक एवं राजनीतिक प्रतिनिधि मंडल इत्यादि सम्मिलित होंगे। इस समिट की पूर्व गतिविधियों के रूप में अंतरराष्ट्रीय रोडशो, कॉन्फ्रेन्सेज, राउंडटेबल्स तथा विभागों के साथ प्री-समिट आयोजित की जा रही है। इसी क्रम में साउथ कोरिया, जापान, यूएई एवं कतर में भी इन्वेस्टर मीट आयोजित की जा चुकी हैं। साथ ही, प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से विभिन्न देशों, राज्यों, केन्द्रीय मंत्रालयों एवं पीएसयू से समन्वय करने के लिए अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।

मुख्यमंत्री के साथ चर्चा में पर भारतीय प्रशासनिक और पुलिस सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारियों ने राइजिंग राजस्थान व निवेश संवर्द्धन को लेकर अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। इन अधिकारियों में चन्द्रमोहन मीणा, रवि माथुर, पुरुषोत्तम अग्रवाल, ललित के. पंवार, श्रीमत पांडे, श्याम अग्रवाल, दीपक उप्रेती, मुकेश शर्मा, संजय दीक्षित, राजेश्वर सिंह, डी.बी. गुप्ता, श्रीमती वीनू गुप्ता और अजीत सिंह शामिल हुए। Rising Rajasthan   वहीं मुख्यमंत्री से मुख्यमंत्री कार्यालय में दक्षिण पश्चिमी कमांड के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिन्दर सिंह और ब्रिटिश उप उच्चायुक्त स्टीव हिकलिंग ने भी मुलाकात की। श्री सिंह की यह शिष्टाचार भेंट थी।   Rising Rajasthanदूसरी ओर श्री शर्मा ने श्री हिकलिंग से आगामी 9 से 11 दिसंबर तक राजस्थान में आयोजित होने वाले ‘राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट’ में ब्रिटिश निवेशकों की सहभागिता पर चर्चा की। साथ ही, मुख्यमंत्री ने राजस्थान में निवेश के अवसरों, आर्थिक विकास की संभावनाओं तथा प्रदेश की निवेश अनुकूल नीतियों के बारे में ब्रिटिश उप उच्चायुक्त के साथ जानकारी साझा की। श्री हिकलिंग ने मुख्यमंत्री को सौर ऊर्जा क्षमता में राजस्थान को देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर बधाई भी दी।

Cyber Security: सरकार ने साईबर सुरक्षा और साइबर स्वच्छता पर की एडवायजरी जारी

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सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग ने साईबर सुरक्षा एवं साइबर स्वच्छता के प्रति आम जनता में जागरूकता बढ़ाने के लिए यूपीआई फिशिंग धोखाधड़ी और ऑनलाईन नौकरी धोखाधड़ी के संबंध में एडवायजरी जारी की है। गृह विभाग की संयुक्त शासन सचिव पूजा पार्थ ने बताया कि इस संदर्भ में आवश्यक कार्यवाही करने के लिए पुलिस महानिदेशक, साइबर क्राईम, एससीआरबी एवं तकनीकी सेवाएं को पत्र लिखा गया है। उन्होंने बताया कि बैंकिंग संबंधी मुद्दों में मदद के बहाने जालसाल पीड़ितों से उनके पंजीकृत मोबाईल नम्बर पर लिंक अग्रेषित करने के लिए कहते हैं और पीड़ित के बैंक खातों तक पहुंच जाते है। धोखेबाज लोग केवाईसी/आधार अपडेट करने के बहाने से भी ओटीपी साझा करने की कहकर धोखाधड़ी कर सकते हैं। स्वयं को बैंक अधिकारी बताने वाले किसी भी व्यक्ति को ओटीपी या लिंक साझा न करें। रिफंड पाने आदि के लिए गूगल सर्च से प्राप्त कस्टमर केयर नम्बर पर कॉल करने वाले लोग इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार बन सकते है। इसके अतिरिक्त नौकरी की तलाश में अपना डेटा विभिन्न वेबसाइटों पर या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करने वाले उपयोगकर्ता के डेटा का उपयोग साइबर अपराधी अच्छी नौकरी दिलाने के नाम पर पंजीकरण एवं सेवा शुल्क की मांग करते है। ऐसी धोखाधड़ी से बचने के लिए अपना आवेदन केवल पंजीकृत वेबवाईट पर ही जमा कराए। नौकरी के लिए कोई अग्रिम भुगतान न करें। Cyber

सामान्य जागरूकता टिप्स

1. ऐसे संकेतों पर ध्यान दें कि आपको कोई संदिग्ध ईमेल मिला है, जैसे ईमेल भेजने वाला, विषय, हस्ताक्षर। 2. किसी ईमेल पर तुरत भरोसा न करें, ध्यान से पढ़े और फिशिंग संकेतों की जाँच करें। जब तक लिंक किसी विश्वसनीय स्रोत से न हों, तब तक उन पर क्लिक करने से बचें। 3. अगर आपको किसी ऐसे नंबर से टेक्स्ट मिलता है जिसे आप पहचानते नहीं है तो उसे ध्यान से पढ़ें। 4. अगर आपको लगता है कि आपको स्मिशिंग टेक्स्ट मैसेज मिला है, तो उसका जवाब न दें। कभी भी किसी ऐसे व्यक्ति या असुरक्षित साइट को व्यक्तिगत या संवेदनशील जानकारी न दे जिसे आप नहीं जानते। 5. अगर मैसेज/कॉल में किसी तरह की अत्यावश्यकता की भावना हो, तो हमेशा संदेह करें। 6. फोन कॉल के दौरान सतर्क रहें और ध्यान दे। 7. व्यक्तिगत रूप से या फोन पर जानकारी माँगने वालों की पहचान सत्यापित करें। 8. फोन कॉल पर अपने बैंक खाते का विवरण, व्यक्तिगत जानकारी, ओटीपी आदि साझा न करें। 9. याद रखें कि बैंक कभी भी कार्ड नंबर/सीवीवी नंबर/ओटीपी नहीं पूछता। 10. ईमेल साझा नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि इससे साइबर अपराधियों द्वारा इंटरनेट बैंकिंग सक्रिय हो सकती है, जिससे किसी के पैसे की हेराफेरी हो सकती है। 11. अपने सेल फोन को स्वचालित रूप से अपडेट करने के लिए सॉफ़्टवेयर सेट करके सुरक्षित रखें। 12. पासवर्ड को नियमित रूप से बदलें। 13. मल्टी- फेक्टर ऑथेटिकेशन का उपयोग करके अपने खातों को सुरक्षित रखें। 14. एंटीवायरस इंस्टॉल करें और नियमित रूप से अपडेट करें।

Gopal Credit Card: प्रदेश में गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण योजना के लिये लगेंगे 25 सितम्बर से कैम्प

मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा द्वारा गोपालक परिवारों के लिये किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर शुरु की गई गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना की क्रियान्विति के लिये राज्यभर में अगले सप्ताह से एक पखवाड़े तक कैम्प लगेंगे। योजना में पात्र गोपालको को एक वर्ष की अवधि के लिये एक लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण मिलेगा। 25 सितम्बर से 9 अक्टूबर तक की अवधि के दौरान ब्लॉक स्तर पर डेयरी समितियों और केन्द्रीय सहकारी बैंक (पैक्स) के संयुक्त कैम्पों में गोपालको से ऑनलाईन आवेदन लिये जायेंगे। Gopal Credit Cardयह जानकारी देते हुए राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फैडरेशन की प्रबन्ध संचालक श्रीमती श्रुति भारद्वाज ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2024-25 के बजट में गोपालको को डेयरी से संबंधित गतिविधियों जैसे गौवंश हेतु शैड, खेली का निर्माण तथा दुग्ध, चारा, बांट के उपकरण खरीदने के लिये किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर गोपाल क्रेडिट योजना की क्रियान्विति की जा रही है। प्रथम चरण में 5 लाख गोपालक परिवारों को ऋण उपलब्ध कराये जायेंगे और इस योजना पर आगामी वर्ष 150 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उन्होंने बताया कि गोपालको को ऋण के लिये ऑनलाईन आवेदन हेतु राज्यभर के जिला दुग्ध संघों को पैक्स बैंक के साथ मिलकर ब्लॉक स्तर पर कैम्प आयोजित करने के निर्देश जारी कर दिये गये हैं। एक गोपालक परिवार से एक सदस्य जो कि सहकारी डेयरी समिति को दूध का बेचान करता हो, को प्राथमिक दुग्ध समिति की अनुशंषा पर ऋण प्राप्त कर सकता है। गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के अन्तर्गत ऋण हेतु गोपालक से कोई प्रोसेसिंग शुल्क नहीं लिया जायेगा। गोपालक द्वारा समय पर अथवा समय से पूर्व चुकारा किये जाने पर आगामी एक वर्ष के लिये नवीन ऋण स्वीकृत किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि 25 सितम्बर से 9 अक्टूबर के दौरान गोपालक संयुक्त शिविरों में आसानी से आवेदन कर योजना का लाभ उठा सकते हैं।

Transport Department: परिवहन विभाग की छवि को बनाएं सकारात्मक —शासन सचिव

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परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग की शासन सचिव एवं आयुक्त श्रीमती शुचि त्यागी ने आज प्रदेश भर के प्रादेशिक परिवहन अधिकारियों (आरटीओ) की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला में शासन सचिव ने सभी अधिकारियों को अनुशासित होने के साथ विभागीय पेंडेंसी खत्म कर कामकाज में गति लाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने सड़क सुरक्षा नियमों के सख़्ती से पालन करने और आमजन को भी जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी नियमों की पालना से विभाग की छवि सकारात्मक बनाएं। साथ ही इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आमजन के विभागीय कार्यों में कोई विलंब ना हो। transport departmentश्रीमती त्यागी ने कहा कि सभी उच्चाधिकारियों का स्वयं अनुशासित होना जरूरी है जिससे उनके अधीन सभी संबंधित विभागीय अधिकारी और कर्मचारी भी अनुशासित होने की प्रेरणा लें। उन्होंने सभी कार्यालयों को साफ सुथरे, स्वच्छ और व्यवस्थित करने के निर्देश दिए ताकि कार्य करने का अच्छा माहौल मिल सके। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग आमजन से जुड़ा महत्वपूर्ण विभाग है। विभागीय अधिकारियों के प्रभावी नेतृत्व के साथ टीमवर्क के रूप में कार्य आमजन को राहत पहुंचाएगा। उन्होंने विभाग के दो महत्वपूर्ण सारथी एवं वाहन पोर्टल पर प्रत्येक स्तर पर पेंडेंसी को जल्द से जल्द खत्म करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि यदि इन पोर्टल पर तकनीकी समस्या है तो उसका भी तुरंत समाधान किया जाए और कामकाज में गति लाई जाए। शासन सचिव ने सड़क सुरक्षा संबंधी नियमों के प्रभावी रूप से पालन के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के ज्यादातर मामलों में वाहन के फिटनेस, गलत साइड से वाहन आने या क्षमता से अधिक सवारी होने के कारण होती है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना में किसी भी जनहानि से पूरे परिवार को भुगतना पड़ता है। इसलिए जरूरी है कि वाहन संबंधी और सड़क सुरक्षा के नियमों की प्रभावी पालना हो और सड़क दुर्घटना में शामिल नियमों के उल्लंघनकर्ता और वाहन चालक के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्यवाही हो। सभी अधिकारी पूरी संवेदनशीलता बरतें और सड़क सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करें। शासन सचिव ने प्रत्येक स्तर पर मॉनिटरिंग और ई फाइलिंग पर भी जोर दिया जिससे कामकाज की गति में तेजी आए।

Domestic Gas: कोटा में पाइप लाइन से घरेलू गैस कनेक्शन पर मिलेगी फ्री गैस

राजस्थान सरकार के संयुक्त उपक्रम राजस्थान स्टेट गैस लिमिटेड (आरएसजीएल) ने ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए स्थापना दिवस अवसर पर 20 सितंबर से 4 अक्टूबर तक पाइप लाइन से घरेलू गैस (डीपीएनजी) के नए कनेक्शन लेने वालों के लिए प्रोत्साहन योजना शुरु की है। आरएसजीएल के प्रबंध निदशक श्री रणवीर सिंह ने बताया कि इस अवधि के दौरान कोटा शहर में डीपीएनजी कनेक्शन लेने वाले पहले एक हजार उपभोक्ताओं को लगभग एक माह के उपभोग की गैस निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। श्री सिंह ने गुरुवार को नए डीपीएनजी गैस कनेक्शन लेने वालों के लिए निःशुल्क पीएनजी गैस कनेक्शन अवसर पोस्टर जारी किया। कोटा शहर में सीएनजी एवं पीएनजी उपलब्ध कराने का कार्य आरएसजीएल द्वारा किया जा रहा है। पाइप लाइन द्वारा घरेलू गैस वितरण किफायती, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल होने से ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही बार-बार सिलेण्डर बुक कराने और बदलने की आवश्यकता भी नहीं होगी। उन्होंने बताया कि कोटा शहर में आरएसजीएल द्वारा सीएनजी पीएनजी सुविधा के लिए आधारभूत ढांचा विकसित करने के साथ ही घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक कनेक्शनों के साथ ही सीएनजी सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। प्रोत्साहन योजना के अनुसार डीपीएनजी कनेक्शन लेने वालों को प्रत्येक बिलिंग चक्र में 3.3 स्टेण्डर्ड क्यूबिक मीटर एससीएम गैस 3 बिलिंग चक्र अवधि के लिए निःशुल्क उपलब्ध होगी। नए डीपीएनजी कनेक्शन के लिए आरएसजीएल के कोटा कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है।

Cold storage application: प्रदेश में कोल्ड स्टोरेज लगाने के लिये 4 अक्टूबर तक कर सकते हैं आवेदन

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कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के प्रमुख शासन सचिव वैभव गालरिया ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा कृषक उद्यमी या कृषक समूह को कोल्डस्टोरेज बनाने पर अधिकतम 1 करोड़ 40 रुपये तक का अनुदान दिये जाने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि आवेदनकर्ता 4अक्टूबर तक सम्बन्धित जिले के उद्यानिकी विभाग कार्यालय में आवेदन कर अनुदान का लाभ ले सकते हैं। श्री गालरिया ने गुरूवार को पंत कृषि भवन के सभा कक्ष में राजस्थान हॉर्टिकल्चर डवलपमेन्ट सोसायटी की कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बतायाकि कोल्ड स्टोरेज पर राष्ट्रीय हॉर्टिकल्चर मिशन योजनान्तर्गत 250 मेट्रिक टन से लेकर अधिकतम 5 हजार मेट्रिक टन का कोल्ड स्टोरेज बनाने पर अनुदान दिये जाने का प्रावधान है। कोल्ड स्टोरेज बनाने पर इकाई लागत का 8 हजार रूपये प्रति मेट्रिक टन से गणना कर अधिकतम 5 हजार मेट्रिक टन पर इकाई लागत का 35 प्रतिशत या अधिकतम 1 करोड़ 40 लाख रूपये का अनुदान दिया जाता है।

Chief Minister: मेवाड़ का शौर्य-पराक्रम देश-विदेश के लिए प्रेरणास्रोत —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि वृक्ष हमारे जीवन का मूल हैं। एक व्यक्ति के पेड़ लगाने से आने वाली कई पीढ़ियों को वृ़क्षों द्वारा प्राणवायु मिलती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए कृतसंकल्पित होकर कार्य कर रही है। हमने ‘हरियालो राजस्थान’ के अंतर्गत प्रदेशभर में 7 करोड़ से अधिक पेड़ लगाए हैं और एक दिन में दो करोड़ पेड़ लगाकर कीर्तिमान स्थापित किया है। पांच साल में 50 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का हमने लक्ष्य भी निर्धारित किया है।
Chief Minister
Chief Minister
श्री शर्मा गुरूवार को चित्तौड़गढ़ के नरबदिया स्थित अनगढ़ बावजी परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रकृति की सेवा और मां के प्रति सम्मान के लिए शुरू किए गए अभियान के अंतर्गत आमजन एक पेड़ लगाने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि श्री मोदी सामाजिक सरोकारों के प्रेरणापुंज हैं। उनके द्वारा चलाए गए स्वच्छ भारत अभियान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जन जागरूकता के प्रमुख वाहक बन गए हैं। इस दौरान श्री शर्मा ने अनगढ़ बावजी तपोस्थली पहुंचने पर संत शिरोमणि श्री श्री 1008 श्री अमरा भगत की धूणी पर घी की आहूति दी एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने सभास्थल पर ही मंत्रोच्चार के साथ पीपल का वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण में जनसहभागिता बढ़ाने का संदेश दिया। इस अवसर पर 1008 जोड़ों ने भी विधि विधान के साथ पूजा कर वृक्षारोपण किया।

हमारी सरकार दिन-रात जनता की सेवा में तत्पर

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे मंत्रिगण प्रदेशभर का दौरा कर, सचिवालय में बैठक और जनसुनवाई कर दिन-रात जनता की सेवा कर रहे हैं। हमने संकल्प पत्र में किए वादों एवं परिवर्तित बजट 2024-25 की घोषणाओं को अविलम्ब धरातल पर उतारा है। हाल ही में 10 हजार करोड़ रूपए से ज्यादा की परियोजनाओं एवं कार्यक्रमों का शुभारंभ, शिलान्यास एवं लोकार्पण हर क्षेत्र और हर वर्ग के विकास के प्रति हमारे दृढ़संकल्प को दर्शाते हैं। श्री शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश की 200 विधानसभाओं की करीब 8 करोड़ जनता के विकास एवं कल्याण के लिए कृतसंकल्पित होकर कार्य कर रही है। प्रदेश की हर पंचायत एवं गांव में विकास कार्य स्वीकृत कर उनकी क्रियान्विति सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक विधानसभा की प्रोफाइलिंग करने के निर्देश दिए हैं, जिससे एक कार्ययोजना के अंतर्गत वर्षाजनित समस्याओं का समयबद्ध रूप से निस्तारण एवं विकास कार्यों की रूपरेखा सुनिश्चित की जा सकेगी। 2027 तक किसानों को मिलेगी दिन में भी बिजली

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बिजली तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार ठोस कार्य योजना पर काम कर रही है और वर्ष 2027 तक किसानों को दिन के समय में भी बिजली उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही, उद्योग एवं घरेलू उपभोक्ताओं को भी पर्याप्त बिजली मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि उद्योग, पर्यटन, कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों के विकास के लिए पानी की आवश्यकता होती है। इसको ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार ईआरसीपी, देवास परियोजना, इंदिरा गांधी नहर एवं यमुना जल समझौता जैसे अहम कदमों से राज्य में जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए गतिशील है। गोपालक लें 1 लाख रुपए तक ब्याजमुक्त ऋण सुविधा का लाभ श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से गोपालकों के लिए एक लाख रुपये तक ब्याजमुक्त ऋण की सुविधा प्रदान की है। इसके तहत गोपालक गाय-भैंस खरीद सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अनगढ़ बावजी परिसर में स्थित गौशाला को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। साथ ही, उन्होंने भादसोड़ा उप तहसील को तहसील बनाने एवं अनगढ़ बावजी स्थित विद्यालय के क्रमोन्नयन करने की मांग पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन भी दिया। मुख्यमंत्री ने चितौड़गढ़ के गौरवशाली इतिहास का स्मरण करते हुए यहां के शौर्य एवं पराक्रम को नमन किया। उन्होंने कहा कि मेवाड़ शक्ति और भक्ति की भूमि है। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप, भक्त शिरोमणि मीरा बाई, पन्नाधाय की स्वामीभक्ति और भामाशाह जैसे दानवीरों की यह भूमि हमारे लिए प्रेरणा स्त्रोत है।