Atal Pragati Path will be built in the villages of the state with Rs 1,000 crore -प्रदेश के गांवों में बनेंगे 1 हजार करोड़ रुपये से अटल प्रगति पथ

मुख्यमंत्री ने राजस्थान विनियोग एवं वित्त विधेयक पर चर्चा के प्रत्युत्तर के दौरान सदन में प्रदेश के गांवों में अटल प्रगति पथ की घोषण ​की। श्री शर्मा ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना 4.0 के अंतर्गत प्रदेश की ढाई हजार से अधिक ग्रामीण बसावटों को सड़क से जोड़ने का प्रावधान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार प्रकट किया। उन्होंने प्रदेश में सड़कों के निर्माण एवं उन्नयन संबंधी कार्यों के लिए 1 हजार 100 करोड़ रुपये के अधिक की राशि के कार्यों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि 2 वर्षों में 1 हजार करोड़ रुपये व्यय कर 10 हजार से अधिक आबादी वाले ग्रामीण क्षेत्रों में सीमेंट कंक्रीट के अटल प्रगति पथ निर्मित किए जाएंगे। उन्होंने बड़े शहरों में सार्वजनिक परिवहन के लिए 500 के स्थान पर 1000 ई-बस उपलब्ध करवाये जाने की भी घोषणा की।

Chief Minister responded in the Assembly —मुख्यमंत्री ने सदन को कांग्रेस के बारे में बताया

मुख्यमंत्री ने राजस्थान विनियोग एवं वित्त विधेयक पर चर्चा के प्रत्युत्तर के दौरान सदन को बताया कि 25 जून 1975 भारत के लोकतंत्र में काला दिवस था। उस दिन पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी ने अपना पद बचाने के लिए लोकतंत्र की हत्या की। नेताओं को मीसा कानून के तहत जेल में डाला, न्यायालय के अधिकारों पर कुठाराघात किया और मीडिया पर सेंसरशिप लागू की। साथ ही 1953 से 2014 के बीच 50 बार से अधिक राज्यों में चुनी हुई सरकारों को बर्खास्त किया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों पर विश्वास करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार जनहित का काम करती है, नाम बदलने की राजनीति नहीं। पूर्ववर्ती सरकार ने अटल सेवा केन्द्र का नाम राजीव गांधी सेवा केन्द्र करने एवं अन्नपूर्णा रसोई योजना का नाम बदलकर इंदिरा रसोई योजना करने का कार्य किया गया।

Chief Minister responded in the Assembly ​-विधानसभा में वित्त एवं विनियोग विधेयक पर मुख्यमंत्री ने दिया प्रत्युत्तर

मुख्यमंत्री ने राजस्थान विनियोग एवं वित्त विधेयक पर चर्चा के प्रत्युत्तर के दौरान गत सरकार में गठित कर्मचारी वेतन विसंगति परीक्षण समिति की सिफारिशों को लागू करने, पुलिस, आरएसी, जेल प्रहरी, वन रक्षक में अग्निवीर युवाओं को नियुक्ति का प्रावधान, भरतपुर एवं बीकानेर में विकास प्राधिकरण सहित कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने सर्वजनहिताय की सोच वाला, समाज के सभी वर्गाें-युवा, किसान, महिला, मजदूर, गरीब, असहाय, उपेक्षित और अंतिम छोर पर खडे़ व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाने वाला बजट दिया है। इस बजट के 10 संकल्पों से हम प्रदेशवासियों की खुशहाली के साथ विकसित राजस्थान का निर्माण करेंगे।

C M RAJASTHAN -सामाजिक सरोकार के कार्यों में जन-सहभागिता जरूरी -मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार जन-जन तक मूलभूत चिकित्सा सेवाओं को पहुंचाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आमजन को घर के नजदीक ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हो सकें, इसके लिए स्वास्थ्य ढांचे का विस्तार और सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। श्री शर्मा रविवार को बीकानेर के मूलवास-सीलवा में संत श्री दुलाराम कुलरिया राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सामाजिक सरोकार के तहत कुलरिया परिवार की ओर से निर्मित करवाया गया यह प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्थानीय क्षेत्र और आमजन के लिए उपयोगी सिद्ध होगा। संत श्री दुलाराम ने गौ सेवा एवं समाज सेवा को अपने जीवन का मंत्र बनाकर करूणा और परोपकार की भावना को जगाया। उनकी स्मृति में यह पीएचसी उनके आदर्शों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि और कार्यों का सार्थक सम्मान है। उन्होंने कहा कि पीएचसी को सीएचसी बनाने के सामाजिक सरोकार के कार्य में सरकार भी पूर्ण सहभागिता निभायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकल्प पत्र के वादों को पूरा किया जा रहा है। 8 करोड़ आमजन के लिए परिवर्तित बजट 2024-25 के माध्यम से सम्पूर्ण प्रदेश में समान विकास के लिए विकास कार्यों की घोषणाएं की गई हैं। उन्होंने कहा कि 10 जुलाई को बजट पेश होने के बाद उसे धरातल पर मूर्त रूप देने के लिए तुरंत जिलों के प्रभारी मंत्रियों और सचिवों ने कार्य प्रारंभ कर दिया और विकास कार्यों की शुरूआत हो चुकी है। श्री शर्मा ने कहा कि पण्डित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय संकल्प के माध्यम से केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाएं अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के कल्याण के लिए संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि समाज के प्रति हमारे कुछ नागरिक कर्तव्य होते हैं। इसलिए जरूरतमंद को इन योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए मदद अवश्य करें। विकसित राजस्थान के सपने को साकार करने के लिए उन्होंने आमजन से सामाजिक सरोकारों के कार्यों में जन सहभागिता को और अधिक बढ़ाने की अपील की।

Rajasthan Governor —हरिभाऊ किसनराव बागड़े होंगे राजस्थान के नए राज्यपाल

राज्यपाल कलराज मिश्र का कार्यकाल 21 जुलाई 2024 को पूरा हो गया था। लेकिन किसी और की नियुक्त नहीं होने से श्री मिश्रा ही पद पर बने हुए थे। 27 जुलाई 2024 को देर रात राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रदेश के लिये हरिभाऊ किसानराव बागड़े को नए राज्यपाल नियुक्त किया है। हरिभाऊ किसानराव बागड़े महाराष्ट्र विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं। आपको बतादें कि हरिभाऊ किसानराव बागड़े महाराष्ट्र विधानसभा में 2014 से लेकर 2019 तक अध्यक्ष रह चुके हैं और महाराष्ट्र सरकार में कई अहम विभागों के मंत्री भी रह चुके है। श्री बागड़े महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले के रहने वाले हैं। वे पहली बार 1985 में विधायक चुने गए थे। और अब अगस्त माह में 79 साल के हो जाएंगे।

Common people are expressing gratitude to the Chief Minister for the budget announcements -बजट घोषणाओं के लिए आमजन मुख्यमंत्री का जता रहे आभार

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास और विधानसभा में विभिन्न जिलों के प्रतिनिधिमंडलों ने मुलाकात की। जोधपुर जिले के लूणी विधानसभा क्षेत्र से आए प्रतिनिधिमंडल ने संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल के नेतृत्व में लूणी क्षेत्र की बजट घोषणाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। चित्तौड़गढ़ से आए प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिवादन किया और बजट में चित्तौड़गढ़ जिले के विकास कार्यों की घोषणाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। साथ ही, बारां से आए प्रतिनिधिमंडल ने भी श्री शर्मा का अभिनन्दन करते हुए बजट में मिली सौगातों के लिए धन्यवाद दिया। इस अवसर पर सहकारिता राज्य मंत्री गोतम कुमार सहित विभिन्न विधायकगण एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

One State One Election —प्रदेश में बुलाया जा सकता ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ पर विशेष सत्र

प्रदेश के बजट में ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ की हुई घोषण जल्द ही साकार हो सकती है। इसके लिये सरकार विशेष सत्र बुलाकर कानून बनाने के फिराक में है। ये चर्चा राजनीतिक हल्कों में आम है। संचार माध्यमों के अनुसार पूर्ण बजट के बाद अगस्त माह में विशेष सत्र आहूत किया जा सकता है। आपको बतादें कि राजस्थान बजट भाषण में डिप्टी सीएम दिया कुमारी ने ‘वन स्टेट- वन इलेक्शन’ करवाने की घोषणा की थी। जानकारी के अनुसार इस घोषणा को पूरा करने के लिये सरकार विशेषज्ञों से चर्चाएं कर रही है। प्रदेश में सरकारी आंकड़ो के अनुसार 11 नगर निगम, 33 नगर परिषद, 169 नगर निगम बोर्ड और 213 शहरी स्थानीय निकाय है। वहीं अगर पंचायतीराज की बात करें तो प्रदेश में 11,320 सरपंच, 1,09,228 पंच, 6995 पंचायत समिति सदस्य, 1014 जिला पंचायत सदस्य और 7500 पार्षद के पद है। सरकार और सरकार के शुभ चिंतकों का मानना और कहना है कि बार-बार आचार संहिता से सरकार के काम प्रभावित होता है, तो वहीं सरकारी खजाने पर काफी भार पड़ता है। ऐसे में सरकार एकसाथ स्थानीय निकाय और ग्राम पंचायत चुनाव अगस्त और सितंबर माह में करवा सकती है। यदि ऐसा होता है तो राजस्थान देश का पहला राज्य होगा जिसमें चुनाव की ये व्यवस्था लागू होगी।

‘Aapno leading Rajasthan’ -‘आपणो अग्रणी राजस्थान’ के विजन पर सरकार के हुए हस्ताक्षर

सरकार अगले 5 वर्षों में पानी, सिंचाई और बिजली पर करेगी जबरा विकास

मुख्यमंत्री भजनलाल ने ‘आपणो अग्रणी राजस्थान’ के विजन के अनुरूप जैसलमेर में 400 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र का उद्घाटन किया। वहीं आवास और शहरी विकास निगम (हुडको) के साथ महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। उपरोक्त समझौते के अंतर्गत जलापूर्ति, सिंचाई एवं विद्युत जैसी आधारभूत अवसंरचना क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार राजस्थान को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और पेयजल एवं सिंचाई हेतु अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण के लिए कटिबद्ध है। सरकार ने पानी, सिंचाई और बिजली जैसे प्रोजेक्टों को गति देने के लिये हुडको के साथ 1 लाख करोड़ रुपये का MoU साइन किया है। MoU के तहत आने वाले 5 वर्षों में हुडको द्वारा राज्य सरकार को उपरोक्त इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर प्रति वर्ष 20,000 करोड़ रुपये का लोन दिया जाएगा। इसी क्रम में बुधवार को हुडको ने जल जीवन मिशन के लिए 1,577 करोड़ रुपये का चेक राजस्थान जल आपूर्ति एवं सीवरेज निगम को सौंप दिया है। वहीं प्रदेश में सरकार ने ट्रांसमिशन सिस्टम को मजबूत करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के निवेश पर भी हस्ताक्षर किए हैं।

Toll will not be free on state highways -स्टेट हाईवे पर टोल फ्री नहीं होगा —पीडब्ल्यूडी मंत्री दिया कुमारी

विधान सभा में भाजपा विधायक राधेश्याम बैरवा द्वारा स्टेट हाईवे को टोल फ्री करने के सवाल पर पीडब्ल्यूडी मंत्री दिया कुमारी ने कहा कि स्टेट हाईवे को टोल मुक्त नहीं किया जाएगा। आपको बतादें कि वर्ष 2018 में भाजपा सरकार की मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने स्टेट हाईवे पर टोल फ्री किया था। वहीं 2019 में कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने फिर से टोल चालू कर दिया ।

Illegal Gravel Mining: पुलिस और प्रशासन में तालमेल का अभाव, मजे में बजरी माफिया

जयपुर सहित कई शहरों में बनास बजरी की बढ़ती मांग पुलिस और प्रशासन के लिये सर दर्द बना हुआ है। ताजा मामले के अनुसार सवाईमाधोपुर के मलारना डूंगर उपखंड क्षेत्र में अवैध बजरी खनन का खेल संज्ञान में आया है। लेकिन पुलिस और प्रशासन आपस में अरोप—प्रत्यारोप कर संगीन मामले को हल्का करने और अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ते नजर आये। संचार माध्यमों के अनुसार अवैध बजरी खनन का खेल एसडीएम उपखंड अधिकारी बद्रीनारायण विश्नोई के रात में नदी के औचक निरीक्षण पर सामने आया है। एसडीएम के अनुसार मामला सोमवार को रात पौने दस बजे बनास नदी का है। मौके पर पहुंचे उपखंड अधिकारी ने देखा कि करीब 150 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों द्वारा बड़े तादाद में बजारी का अवैध खनन और परिवहन हो रहा है। उपखंड अधिकारी ने पुलिस पर आरोप लगाते हुये बताया कि मांजरा देख उन्होने पुलिस सहायता मांगी लेकिन समय पर सहायता नहीं मिलने के कारण खनन माफिया मौके पर दल-बल के साथ बस में सवार होकर आए और उनके द्वारा जब्त ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को भी छुड़ा ले गए। श्री विश्नोई ने बताया कि वे रात 11 बजे तक पुलिस का इंतजार करते रहे लेकिन पुलिस नहीं आई। उपरोक्त अवैध खनन के वाहन भूखा होते हुए भाड़ौती के रास्ते निकल रहे थे लेकिन पुलिस ने नाकाबंदी तक नहीं कर रखी थी।

पुलिस अधीक्षक और थानाधिकारी के बयानों में विरोधाभास:— वहीं पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता ने उपखंड अधिकारी बद्रीनारायण विश्नोई के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होने बताया कि अवैध बजरी खनन को रोकने के लिये हमने राजस्व विभाग को 25 आरएसी के जवानों का जाप्ता दिया हुआ है। और जरूरत पड़ने पर भी हमारे द्वारा अतिरिक्त पुलिस जाप्ता उपलब्ध करवाया जाता है।

 

थानाधिकारी ने उपखंड अधिकारी पर लगाया अकेले जाने का आरोप :— दूसरी ओर मलारना डूंगर थानाधिकारी राधारमण गुप्ता ने उपखंड अधिकारी पर बिना जाप्ता अकेले जाने का आरोप लगाते बताया कि उपखंड अधिकारी ने सूचना दी थी, लेकिन लोकेशन नहीं भेजी। हम दूसरी लोकेशन पर चले गए थे। वहां भी अवैध बजरी परिवहन की सूचना थी। एसडीएम का अकेले जाना समझ से परे है। वे पुलिस जाप्ते को साथ लेकर जा सकते थे।

 

अकेले जाने पर उपखंड अधिकारी की सफाई:— उपखण्ड अधिकारी बद्रीनारायण विश्नोई ने बताया कि पुलिस को पूर्व में सूचना देते तो अवैध बजरी परिवहन की हकीकत सामने नहीं आती। एसएचओ सहित उच्च अधिकारियों को फोन किया था। और नाकाबन्दी के निर्देश भी दिए थे। लेकिन पुलिस ना हीं मौके पर पहुंची और ना हीं नाकाबन्दी करवाई। उन्होने कहा कि पुलिस कर्मियों की भूमिका की जांच के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिखूंगा।