RAILWAYSराजस्थान राई का बाग पैलेस जंक्शन रेलवे स्टेशन का नाम बदला ◆ अब इस स्टेशन को “राईका बाग पैलेस जंक्शन” के नाम से जाना जाएगा
DLB नगर परिषद की अनदेखी !!!
Chief Minister Bhajan Lal Sharma’s love for the national bird peacock —मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का राष्ट्रीय पक्षी मोर के प्रति प्रेम
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का राष्ट्रीय पक्षी मोर के प्रति प्रेम
सौंदर्य, प्रेम और स्नेह का प्रतीक है, राष्ट्रीय पक्षी मोर। सनातन धर्म में मोर को भगवान श्रीकृष्ण की परछाई के रूप में भी जाना जाता है।
‘PM e-bus service’ —प्रदेश में जल्द शुरू होगी ‘पीएम ई-बस सेवा’
‘पीएम ई-बस सेवा’ को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने और आमजन को सुगम-प्रदूषण मुक्त सफर देने के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के विशेष प्रयासों से पहले की गई 500 बसों के अतिरिक्त अब 175 इलेक्ट्रिक बसों का आवंटन किया गया है। इसी कड़ी में स्वायत्त शासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव टी. रविकांत ने निदेशालय में विभागीय अधिकारियों और स्थानीय निकायों के आयुक्त व अधिशासी अधिकारियों के साथ चर्चा की।
श्री रविकांत ने बताया कि पहले केंद्र से 500 इलेक्ट्रिक बसें मिली थी, लेकिन अब 175 अतिरिक्त बसों का और आवंटन किया गया है। जिसके तहत अजमेर को 50, जोधपुर को 50, कोटा को 50 और बीकानेर को 25 इलेक्ट्रिक बसों का आवंटन किया गया है। चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को जल्द किया जाए डेवलप प्रमुख शासन सचिव ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए डिस्काॅम्स के साथ चर्चा की जाए और पावर लाइन्स के लिए समन्वय के साथ उन्हें जल्द से जल्द डेवलप किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी कमिश्नर भूमि का मौका मुयाअना खुद करें और फील्ड में जाकर साइट्स को देखें, ताकि भूमि आवंटन संबंधी प्रक्रिया जल्द पूरी हो सके।
उन्होने ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए शहरों में खासतौर पर भीड़ वाले इलाकों को चिह्नित किया जाए और बेस्ट रूट्स की पहचान की जाए, ताकि लोगों के सफर को सुगम बनाया जा सके। उन्होने कहा कि ऐसे में प्रोजेक्ट के साथ ट्रांसपोर्ट ऑपरेशन स्पेशलिस्ट जैसे एक्स्पर्ट्स को भी जोड़कर काम किया जाए। उन्होंने कहा कि निदेशालय स्तर पर शहरी ट्रांसपोर्ट सेल बनाई जाए, जो प्रोजेक्ट की सघन माॅनिटरिंग करे और पाॅलिसी लेवल मुद्दों पर अपनी राय रखे। उन्होंने नाॅन फेयर रेवेन्यू जैसे शाॅप्स आदि के लिए भी प्लान बनाने के लिए निर्देश दिए। RAJASTHAN GOVT गहलोत सरकार द्वारा बनाए गए छोटे जिले खत्म होंगे।
marble city makrana सड़क पर बह रहा गाँव का गंदा पानी, आम लोगो का हुआ बुरा हाल ।
Sewerage treatment plants in multi-storey buildings —बहुमंजिला भवनों में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट होने पर ही किया जाएगा पेयजल कनेक्शन —जलदाय सचिव
श्री शर्मा ने बताया कि 2500 वर्ग मीटर अथवा ज्यादा क्षेत्रफल के भवनों में पेयजल कनेक्शन स्वीकृति की प्रक्रिया में और रसोई के अपशिष्ट जल के शुद्धिकरण एवं रिसाईकिलिंग एवं पुनः उपयोग प्रणाली का निर्माण एवं कार्यात्मक होना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि योजना क्षेत्र अथवा एकल भू-खण्ड पर 10 हजार वर्ग मीटर से अधिक सकल निर्मित क्षेत्र होने पर अपशिष्ट जल के शुद्धिकरण हेतु सीवरेज ट्रीटमेन्ट प्लान्ट स्थापित किया जाना एवं कार्यात्मक होना अनिवार्य है। विभागीय अभियन्ता के प्रमाणीकरण उपरान्त ही पेयजल कनेक्शन जारी होगा।
सचिव ने बताया कि पेयजल कनेक्शन हेतु स्वीकृति प्रक्रिया में वर्षा जल पुनर्भरण संरचना प्रणाली के निर्माण, अपशिष्ट जल के शुद्धिकरण एवं पुनः उपयोग प्रणाली तथा सीवरेज ट्रीटमेन्ट प्लांट का निर्माण एवं कार्यात्मक होने का सम्बन्धित कनिष्ठ अभियन्ता द्वारा अपने क्षेत्राधिकार में 100 प्रतिशत निरीक्षण कर प्रमाणीकरण किया जाएगा। सहायक अभियन्ता अपने क्षेत्राधिकार में 40 प्रतिशत, अधिशाषी अभियन्ता अपने क्षेत्राधिकार में 5 प्रतिशत एंव अधीक्षण अभियन्ता अपने क्षेत्राधिकार में 2 प्रतिशत पेयजल कनेवशन आवेदनों पर निरीक्षण कर प्रमाणीकरण सुनिश्चित करेंगे। प्रमाणीकरण पेयजल कनेक्शन आवेदन पत्रावली में संलग्न करना आवश्यक होगा। It is mandatory to have sewerage treatment plant in large land areas of the state —प्रदेश बड़े भू-खण्ड़ों में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट होना अनिवार्य —मंत्री कन्हैया लाल
पर्यावरण संरक्षण हेतु भवन विनियम 2020 की विनियम 10.11.2 में अपशिष्ट जल शुद्धिकरण एवं रिसाईकिलिंग के आवश्यक प्रावधान किये गए है। उन्होंने बताया कि अपशिष्ट जल के परिशोधन की प्राथमिक जिम्मेदारी स्थानीय निकाय की है। उपयोगकर्ता द्वारा आवेदन करने पर जिला कलक्टर की अध्यक्षता में गठित शहर स्तरीय समिति एवं पर्यावरण समिति परिशोधित जल के पुनः उपयोग के सम्बन्ध में वास्तविक उपयोगकर्ता की सलाह पर राज्य सीवरेज एवं वेस्ट वॉटर नीति 2016 में निर्धारित दरों पर निर्णय करने का प्रावधान है।
—मंत्री कन्हैया लालचौधरी, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं भू-जल 


