पुलिस अधीक्षक और थानाधिकारी के बयानों में विरोधाभास:— वहीं पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता ने उपखंड अधिकारी बद्रीनारायण विश्नोई के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होने बताया कि अवैध बजरी खनन को रोकने के लिये हमने राजस्व विभाग को 25 आरएसी के जवानों का जाप्ता दिया हुआ है। और जरूरत पड़ने पर भी हमारे द्वारा अतिरिक्त पुलिस जाप्ता उपलब्ध करवाया जाता है।
थानाधिकारी ने उपखंड अधिकारी पर लगाया अकेले जाने का आरोप :— दूसरी ओर मलारना डूंगर थानाधिकारी राधारमण गुप्ता ने उपखंड अधिकारी पर बिना जाप्ता अकेले जाने का आरोप लगाते बताया कि उपखंड अधिकारी ने सूचना दी थी, लेकिन लोकेशन नहीं भेजी। हम दूसरी लोकेशन पर चले गए थे। वहां भी अवैध बजरी परिवहन की सूचना थी। एसडीएम का अकेले जाना समझ से परे है। वे पुलिस जाप्ते को साथ लेकर जा सकते थे।
अकेले जाने पर उपखंड अधिकारी की सफाई:— उपखण्ड अधिकारी बद्रीनारायण विश्नोई ने बताया कि पुलिस को पूर्व में सूचना देते तो अवैध बजरी परिवहन की हकीकत सामने नहीं आती। एसएचओ सहित उच्च अधिकारियों को फोन किया था। और नाकाबन्दी के निर्देश भी दिए थे। लेकिन पुलिस ना हीं मौके पर पहुंची और ना हीं नाकाबन्दी करवाई। उन्होने कहा कि पुलिस कर्मियों की भूमिका की जांच के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिखूंगा।
Illegal Gravel Mining: पुलिस और प्रशासन में तालमेल का अभाव, मजे में बजरी माफिया
Galta Thikan is not anyone’s property – Rajasthan High Court -गलता ठिकाना किसी की जागीर नहीं —राजस्थान हाईकोर्ट
ये आदेश न्यायाधीश समीर जैन ने स्वर्गीय रामोदराचार्य की पत्नी गायत्री देवी, पुत्र अवधेशाचार्य और सुरेश मिश्रा सहित 7 अन्य याचिकाओं को खारिज करते हुए यह आदेश दिया। मामले में कोर्ट ने 22 फरवरी को ही सुनवाई पूरी कर ली थी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि गलता पीठ की सम्पत्ति का संरक्षण और देखरेख के लिए सरकार जिम्मेदार है। महंत रामोदराचार्य के अधिकार सीमित थे। कोर्ट ने यह भी कहा कि गलता ठिकाना किसी की जागीर और निजी सम्पत्ति नहीं है।
ये है विवाद का कारण:—
गलता पीठ के रामोदराचार्य के निधन के बाद अवधेशाचार्य ने अपनी जागीर मानते हुए स्वयं को महंत घोषित कर दिया। और गायत्री बिल्ड एस्टेट प्रा.लि. नाम से एक कंपनी भी बना ली थी। और कंपनी को गलता पीठ की संपत्ति पर गेस्ट हाउस, बार, पब, केसिनो और रेस्टारेंट संचालन का अधिकार दे दिया गया था। यहां शाकाहारी और मांसाहारी भोजन परोसने का प्रावधान भी रखा गया था। यहीं करण था विवाद का। लोगों ने उपरोक्त मामले में शिकायत करना शुरू कर दिया। राहत नहीं मिलने पर मामला हाईकोर्ट पहुंच गया।
Government New Order —प्रदेश में अब पटवारियों की ड्यूटी निश्चित होगी
सरकार ने राजस्थान भू-राजस्व नियम 1957 के नियम 12(1) को संशोधित किया कर प्रावधान किया है कि पटवारी अपने क्षेत्र में उस गांव में निवास करेगा, जो कि कलेक्टर द्वारा उसका मुख्यालय निश्चित किया गया है। आदेश में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि राज्य सरकार के ध्यान में लाया गया है कि कुछ पटवारी अपने हेडक्वाटर पर निवास नहीं कर रहे हैं।
इसकी निगरानी के लिये उपखंड अधिकारी जिम्मा सौपा है। करेगा। ASP’s head broken in stone pelting in Tonk -पथराव में टोंक में एएसपी का सिर फटा
The state government is making bumper recruitments to provide employment to the youth – Chief Minister -युवाओं को रोजगार देने के लिए राज्य सरकार निकाल रही है बंपर भर्तियां -मुख्यमंत्री
पूर्ववर्ती सरकार ने किए झूठे वादे— मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय में जनता से झूठे वादे किए गए, लेकिन हमने सरकार के गठन के बाद हर वादे को तत्परता से पूरा किया है। 10 जुलाई को परिवर्तित बजट 2024-25 पेश होने के तुरंत बाद ही घोषणाओं की क्रियान्विति के लिए प्रभारी मंत्री एवं सचिवगण जिलों के दौरों पर निकल गए। उन्होंने कहा कि संकल्प पत्र के अनुसार राज्य सरकार ने नकल माफिया पर सख्त कार्रवाई की। लगभग 110 नकल माफियाओं की गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। अपराधियों पर नकेल कसते हुए हमने एंटी गैंगस्टर्स टास्क फोर्स का गठन भी किया है।
ईआरसीपी का कार्य धरातल पर शुरू— मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने ईआरसीपी को संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना में शामिल करते हुए भारत सरकार एवं मध्य प्रदेश के साथ एमओयू कर धरातल पर कार्य भी प्रारंभ कर दिया है। इससे प्रदेश के 21 जिलों में पानी की समस्या दूर होगी। साथ ही हमारी सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत राज्य सरकार ने लगभग 65 लाख किसानों को 650 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए हैं।
मुख्यमंत्री ने पूरी की मांग, विधायक पहने जूते— मुख्यमंत्री ने कहा कि केकड़ी विधायक शत्रुघन गौतम ने नसीराबाद-सरवाड़-केकडी-देवली चारलेन रोड की मांग के क्रम में चरण पादुका त्याग रखी थी और वे नंगे पैर रहते थे। हमने बजट में उनकी मांग संवेनदशीलता के साथ स्वीकार करते हुए 650 करोड़ रुपये की लागत के इस चारलेन रोड़ को मंजूरी दी है। इस दौरान श्री गौतम ने मुख्यमंत्री के समक्ष जूते पहनकर अपना संकल्प पूरा किया।
Chief Minister’s visit to Deeg-Bharatpur -मुख्यमंत्री ने गुरु पूर्णिमा पर गुरु पूजन कर, मांगी प्रदेश की खुशहाली
9 lakh houses in the state will get 300 units of free electricity per month -प्रदेश में 9 लाख घरों को मुफ्त मिलेगी 300 यूनिट बिजली प्रतिमाह
ग्रामीण विकास पंचायती राज विभाग के सचिव रवि जैन ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के 9 लाख 27 हजार 901 घरों को पीएम सूर्य घर मुक्त बिजली योजना के तहत दिसंबर माह तक 300 यूनिट प्रतिमाह बिजली फ्री दी जाएगी। इसके लिए ग्रामीण इलाकों में सोलर रूफटॉप स्थापित किए जाएंगे। उन्होने बताया कि योजना का जिम्मा पंचायती राज संस्थाओं को दिया गया है। योजना को बढ़ावा देने वाली ग्राम पंचायतों को 1000 रुपए प्रति घर के हिसाब से प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जाएगी। जो ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में खर्च होगी। श्री जैन बताया कि योजना के क्रियान्वयन के लिए सभी जिला परिषद के मुख्यकार्यकारियों सीईओं को निर्देश दे दिए गए हैं। Mother-in-law and daughter-in-law died due to electric shock -करंट लगने से सास-बहू की मौत
Government will give Rs 1100 crore to all Gram Panchayats of the state – Additional Chief Secretary -प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों को सरकार देगी 1100 करोड़ रुपए —अतिरिक्त मुख्य सचिव
बोल:— अतिरिक्त मुख्य सचिव के राज्य सरकार उनकी मांगों को लेकर संवेदनशील है एवं गांवों के विकास को लेकर कृत संकल्पित है। इन मांगों पर यथोचित कार्यवाही की जायेगी। अभय कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव, पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग




थानाधिकारी ने उपखंड अधिकारी पर लगाया अकेले जाने का आरोप :—
ये आदेश न्यायाधीश समीर जैन ने स्वर्गीय रामोदराचार्य की पत्नी गायत्री देवी, पुत्र अवधेशाचार्य और सुरेश मिश्रा सहित 7 अन्य याचिकाओं को खारिज करते हुए यह आदेश दिया। मामले में कोर्ट ने 22 फरवरी को ही सुनवाई पूरी कर ली थी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि गलता पीठ की सम्पत्ति का संरक्षण और देखरेख के लिए सरकार जिम्मेदार है। महंत रामोदराचार्य के अधिकार सीमित थे। कोर्ट ने यह भी कहा कि गलता ठिकाना किसी की जागीर और निजी सम्पत्ति नहीं है।

