Registry News: प्रदेश में कृषि भूमि की रजिस्ट्री कराना हुआ 20 प्रतिशत तक महंगा

प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में कृषि भूमि की रजिस्ट्री कराना अब 20 प्रतिशत तक महंगा हो गया है। इसमें शहरी पेराफेरी क्षेत्र को शामिल किया गया है। वहीं अब तक एक हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल की कृषि भूमि पर ही यह लागू था। लेकिन यह पहली बार है, जब सड़क चौड़ाई के आधार पर शुल्क में बढ़ोतरी की गई है। जितनी चौड़ी सड़क, उतनी ही महंगी रजिस्ट्री। प्रदेश में वित्त विभाग ने एक नोटिफिकेशन जारी कर नई दरें लागू की है। नोटिफिकेशन के अनुसार नगर निगम, नगरपालिका, नगर परिषद, नगर विकास न्यास और विकास प्राधिकरण के पेराफेरी में आने वाली कृषि भूमि शामिल है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सरकार ने यह निर्णय कम वैल्यू पर रजिस्ट्री होने से हर साल करोड़ों का नुकसान होने कारण लिया है। सरकार का मानना है कि मानना है कि शहरी क्षेत्र में 2,000 वर्गमीटर तक की कृषि भूमि का उपयोग कृषि कार्य के लिए नहीं किया जाता है। बल्कि आवासीय और वयवसायीक गतिविधियों के लिये उपयोग होता किया जाता है। नोटिफिकेशन के अनुसार अब निम्न प्रकार से रजिस्ट्री पर शुल्क लगेगा। 40 फीट की सड़क चौडाई पर संबंधित जिला स्तरीय कमेटी शुल्क तय करेगी और 40 फीट से ज्यादा व 60 फीट से कम पर 10 प्रतिशत शुल्क में वृद्धि की है। वहीं 60 फीट से ज्यादा और 100 फीट से कम सड़क होने पर शुल्क में 15 फीसदी की बढ़ोतरी की है और 100 फीट व उससे ज्यादा सड़क चौडाई पर 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर शुल्क निर्धारित किया है।

C M NEWS: मुख्यमंत्री ने सहकार सदस्यता अभियान का किया शुभारम्भ, महिलाओं और युवाओं को जोड़ने पर जोर

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि 2 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक सहकारिता से जोड़ने के लिए सहकार सदस्यता अभियान चलाया जा रहा है। इसमें विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं को जोड़ा जाएगा। श्री शर्मा गुरुवार को कांस्टीट्यूशन क्लब में सहकार सदस्यता अभियान के शुभारम्भ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लगभग 8 हजार 300 पैक्स स्तर पर शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इस अभियान में 5 विभागीय गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। साथ ही, सहकारी समितियों की संख्या में 10 प्रतिशत वृद्धि करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि पैक्स विहीन 2 हजार 158 ग्राम पंचायतों में नवीन पैक्स और जिन ग्राम सेवा सहकारी समितियों के पास गोदाम बनाने के लिए भूमि नहीं है, उन्हें भूमि आवंटन का कार्य भी किया जाएगा। हमारी सरकार सहकारिता से जुड़ने वाली महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए दलहन, मसालों आदि को भी इससे जोड़ने का प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता में सभी व्यक्ति सामाजिक और सांस्कृतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए मिलकर काम करते हैं। यह गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है। सहकारिता के माध्यम से राजस्थान का गांव-गांव और जन-जन सशक्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमने लगभग 77 लाख से अधिक किसानों को 42 हजार 765 करोड़ रुपये के अल्पकालीन ब्याज मुक्त फसली ऋण, 2 लाख 48 हजार नए कृषकों को 433 करोड़ रुपये के फसली ऋण, 30 हजार से अधिक लाभार्थियों को 260 करोड़ रुपये के आजीविका ऋण वितरित किए है। साथ ही, अन्न भंडारण योजना के तहत श्रीगंगानगर जिले के घमूड़वाली पैक्स में गोदाम, प्रसंस्करण यूनिट और कस्टम हायरिंग केंद्र शुरू किए हैं। इसी तरह, सहकारी बैंको द्वारा करीब 7 हजार किसानों तथा लघु उद्यमियों को 246 करोड़ रुपये के दीर्घकालीन ऋण भी वितरित किए गए हैं। श्री शर्मा ने कहा कि पशुपालन किसानों की आर्थिक समृद्धि का आधार होता है। इनके लिए गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण योजना संचालित की जा रही है। इसके जरिए डेयरी से संबंधित गतिविधियों के लिए 1 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त अल्पकालीन ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सा के लिए प्रदेश में मोबाइल वेटरनरी यूनिट संचालित की जा रही हैं। किसानों को सौर ऊर्जा के माध्यम से अन्नदाता से ऊर्जादाता बनाने का काम किया गया है। प्रदेश में पेयजल और सिंचाई के लिए राम जल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता व देवास परियोजना के विस्तार को धरातल पर उतारा जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पांच वर्ष में 4 लाख सरकारी नौकरियों के लक्ष्य की प्राप्ति में 91 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए हैं।

Free Electricity: प्रदेश में अब पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत मिलेगी फ्री बिजली

प्रदेश में अब पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत फ्री बिजली मिलेगी। यह बात उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने अपने बजट घोषण में कही। सरकार द्वारा दी जा रही 100 यूनिट फ्री बिजली पर संसय बरकरार है। प्रदेश में 10 लाख बिजली उपभोक्ताओं को 440 का बड़ा झटका धीरे से लग सकता है। वहीं प्रदेश में फ्री बिजली के नए मॉडल पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अनुसार उन उपभोक्ताओं पर तलवार लटक गई है, जिन्होने अपने छत पर सोलर पैनल नहीं लगा रखे हैं और जिनके पास छत नहीं है। वहीं जानकारी के डिस्कॉम ने अनुसार नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने संशोधित गाइडलाइन का हवाला देते हुए अनौपचारिक रूप से सोलर पैनल सामुदायिक रूप से एक जगह लगाने के लिए मना कर दिया है। दूसरी ओर गाइडलाइन में स्पष्ट किया गया है कि पीएम सूर्यघर योजना में केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को सब्सिडी दी जाएगी, जो छत पर पैनल लगाएंगे। मंत्रालय ने इस वर्ष जुलाई में ही संशोधित गाइडलाइन जारी कर दी थी, जिसमें सामुदायिक सोलर मॉडल का प्रावधान हटाया गया था। जबकि इसकी जानकारी डिस्कॉम के अफसरों को थी। बावजूद न तो इस बदलाव की पूरी सच्चाई उच्च स्तर पर साफ की गई और न ही जनता से साझा की। बल्कि डिस्कॉम के अधिकारी जनता को गुमराह करते हुये इस योजना के गुणगान कर रहे थे। डिस्कॉम ने हर माह 150 यूनिट तक फ्री बिजली की इस योजना को सोलर पैनल से जोड़कर तीन मॉडल में बांटा गया है। इसमें ऐसे घरेलू उपभोक्ता जिनके पास छत है, उनके 1.1 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल लगाया जाएगा, जिसकी लागत 17000 रुपए होगी। संचार माध्यमों और गाइडलाइन के अनुसार हर माह 150 यूनिट तक फ्री बिजली की योजना को सोलर पैनल से जोडा है और इसे तीन मॉडल में बांटा गया है। योजना के तहत ऐसे घरेलू उपभोक्ता जिनके पास छत है, उनके 1.1 किलोवाट का सोलर पैनल लगाया जाएगा और जिसकी लागत 17000 रुपए होगी। वहीं केन्द्र सरकार की सब्सिडी भी मिलेगी। दूसरी ओर जिन उपभोक्ताओं के पास छत नहीं है, उनके सोलर पैनल सामुदायिक रूप से लगाया जाना प्रस्तिावित है। ऐसे में पूर्व में दी जा रही 100 यूनिट फ्रि बिजली पर सरकार की रूख स्पष्ट नहीं है।

Politics News: जन्मदिवस पर भी झूठ और धूर्त बातें केवल गोविन्द सिंह डोटासरा ही कर सकते हैं —शिक्षा मंत्री

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कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने अपने जन्म दिवस पर सरकार में 4527 प्रधानाचार्यों के तबादलों को लेकर आरोप लगाये थे। आरोपो का जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि कहा कि अपने जन्मदिवस पर भी झूठ और धूर्त बातें केवल गोविन्द सिंह डोटासरा ही कर सकते हैं। कांग्रेस की राजनीति भ्रष्टाचार और पाखंड का दूसरा नाम है। उनहोने कहा कि डोटासरा का घमंड उस दिन चकनाचूर हो जाना चाहिए था, जब तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सामने शिक्षक दिवस पर शिक्षकों ने खुले मंच से स्वीकार किया था कि तबादलों में खुलेआम पैसों का खेल चलता है। दिलावर ने संचार माध्यमों के प्रतिनिधियों को बताया कि भाजपा सरकार में तबादले पूरी निष्पक्षता से हो रहे हैं। जबकि कांग्रेस शासन में शिक्षा विभाग को लूट का अड्डा बना दिया गया था। वहीं आरएसएस के शस्त्र पूजन को लेकर उनहोने कहा कि भारतीय संस्कृति में शस्त्र पूजन की परंपरा आदिकाल से रही है।

Badmer News: बाडमेर के स्पा सेन्टर में हो रही थी वैयशवृति

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बाडमेर में पुलिस ने एक स्पा सेंटर में छापा मारकर 6 लोगों को अरेस्ट किया है। उनमें 4 महिलाएं और पुरूष हैं। इस कार्यवाही के बाद शहर में हड़कंप मच गया है। यह कार्यवाही कलक्टर के शहर सफाई अभियान के दौरान की गई। अभियान के दौरान एक स्पा सेंटर का मालिक स्पा सेंटर का बाहर से ताला लगाकर जाने लगा इस पर संदेह होने पर तब ताला खेलने को कहा तो मालिक ने ताला नहीं खोला, तब दरवाजे का शिशा तोड़ कर पुलिस स्पा सेन्टर के अन्दर घूसी। इस दौरान अलग अलग कमरों में 6 युवक युवतिया आपत्तिजनक स्थिति में मिले और सभी लोगों को अरेस्ट करलिये गया। पुलिस के अनुसार स्पा सेंटर पर विदेशी युवतियों का आना जाना है। उसके बाद जब और जांच पड़ताल की तो पता चला कि स्पा की आड में देह व्यापार चल रहा है। जिन युवतियों और महिलाओं को पकड़ा गया है उनकी उम्र 28 साल से 35 साल के बीच है। पुलिस ने बताया कि स्पा सेंटर के बारे में जानकारी मिली थी कि शाम होते ही अक्सर यहां भीड़ लगती थी और लोग बड़ी गाड़ियों में यहां आते थे। उसके बाद रात होते-होते और भीड़ लगती थी। लोगों को अंदेशा था कि स्पा की आड़ में अनैतिक गतिविधी चल रही है।

C M NEWS: वरिष्ठ नागरिक समाज और राष्ट्र की भी धरोहर हैं —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य की संवेदनशील सरकार अपने वरिष्ठ नागरिकों के जीवन में नई ऊर्जा और खुशियों के रंग भर रही है। मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में सरकार ने बुजुर्गों को सम्मान, सहारा और सुरक्षा देने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। सरकार का संकल्प है कि बुजुर्ग अपने जीवन की दूसरी पारी को न केवल सहज और आरामदायक ढंग से बिताएं, बल्कि उसमें आनंद और आत्मसम्मान भी महसूस करें। इसी ध्येय के साथ राज्य सरकार ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के माध्यम से वरिष्ठजनों के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। इन योजनाओं से बुजुर्गों को संबल तो मिल ही रहा है, साथ ही उनकी सामाजिक सुरक्षा भी सुनिश्चित हो रही है। बुजुर्गों को जीवन के आखरी पड़ाव में पोषण, स्वास्थ्य और आवास के साथ ही समुचित देखभाल की भी आवश्यकता होती है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए बेसहारा और परित्यक्त बुजुर्गों को वृद्धाश्रमों के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जा रही है। वर्तमान में प्रदेश में 63 वृद्धाश्रम संचालित हो रहे हैं, जिनमें से 44 राज्य सरकार और 19 केन्द्र सरकार द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने इस बात का पूरा ध्यान रखा है कि बुजुर्गों को उनके परिजनों द्वारा उपेक्षित न किया जाए। इसलिए माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण पोषण अधिनियम को सख्ती से लागू किया गया है। इसके अंतर्गत प्रत्येक उपखंड स्तर पर अधिकरण और हर जिले में अपीलीय अधिकरण गठित किए गए हैं। संपत्ति से जुड़े विवादों और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं। राज्य में बेघर और असहाय, निराश्रित, वृद्धजनों व्यक्तियों के लिए 45 पुनर्वास गृह स्थापित किए गए हैं। इनमें आवास, भोजन, वस्त्र, स्वास्थ्य सेवाएं, पोषण और मनोरंजन की सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं, ताकि बुजुर्ग सम्मानजनक और खुशहाल जीवन जी सकें। इसके साथ ही राज्य सरकार ने राज्य बजट 2024-25 में संभाग मुख्यालय वाले जिलों में 50 लोगों की क्षमता वाले स्वयंसिद्धा आश्रम खोलने की घोषणा की थी। इसके दायरे को बढ़ाते हुए बजट 2025-26 में 10 और जिलों में भी नए आश्रम खोलने की घोषणा की गई। इस प्रकार 17 जिलों में स्वयंसिद्धा आश्रम प्रारंभ किए गए हैं। मुख्यमंत्री मानना है कि वरिष्ठ नागरिक केवल परिवार ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की भी धरोहर हैं। उनकी देखभाल और सम्मान पूरे समाज का दायित्व है। यही कारण है कि राज्य सरकार बुजुर्गों को राहत और संबल देने में निरंतर अग्रसर है। संवेदनशीलता, सहानुभूति और सम्मान की यह नीति ही राज्य सरकार को बुजुर्गों का सच्चा संरक्षक बनाती है।

C M NEWS: सेवा शिविरों से सबका साथ, सबका विकास का मूलमंत्र हो रहा साकार -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार गांव और गरीब के उत्थान, किसान एवं महिला के सम्मान के लिए कार्य कर रही है। इसी दिशा में सेवा पखवाड़ा प्रदेश के हर नागरिक तक सुशासन, सुविधाएं और विकास की पहुंच सुनिश्चित करने के साथ ही जनसेवा के ध्येय की प्राप्ति का एक सशक्त माध्यम है। श्री शर्मा मंगलवार को ब्यावर के जैतारण में सेवा पखवाड़ा के अन्तर्गत विभिन्न विकास कार्यों के शिलान्यास व लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए इस सेवा पखवाड़े के अंतर्गत प्रदेशभर में ग्रामीण और शहरी सेवा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण सेवा शिविरों में रजिस्ट्री, पट्टे, गिरदावरी, कुर्रेजात, विभाजन, नामांतरण, प्रमाण पत्र और अन्य विभिन्न कार्य किए जाने के साथ ही जनकल्याणकारी योजनाओं से भी पात्र लोगों को जोड़ा जा रहा है। वहीं शहरी सेवा शिविरों में सड़कों, नालियों और सीवर लाइन की मरम्मत, सार्वजनिक स्थलों के सौंदर्यीकरण आदि के साथ ही जन्म-मृत्यु या विवाह पंजीयन, पट्टे, एनओसी, ट्रेड लाइसेंस, नामांतरण, भवन स्वीकृति, टैक्स जमा, सीवर कनेक्शन, ईडब्लूएस प्रमाण पत्र आदि कार्य किए जा रहे हैं। श्री शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार ने इन डेढ़ वर्षों में जो काम कर दिखाया है, वह काम पूर्ववर्ती सरकार पूरे 5 साल में भी नहीं कर पाई। हमारी सरकार में प्रदेश के युवाओं को सरकारी नौकरियों के भरपूर अवसर मिल रहे हैं। हमने अब तक लगभग 91 हजार नियुक्तियां दी हैं और लगभग 1 लाख 54 हजार पदों पर नियुक्ति देने की प्रक्रिया विभिन्न चरणों में है। उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में प्राप्त 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों में से 3 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं की शुरुआत मार्च में की जा चुकी है तथा अब 4 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट धरातल पर उतरने के लिए तैयार हैं। इन निवेश प्रस्तावों के धरातल पर उतरने से युवाओं को निजी क्षेत्र में भी रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।  

C M NEWS: मुख्यमंत्री ने जयपुर में एलिवेटेड रोड का किया शिलान्यास

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को त्रिवेणी नगर आरओबी से गुर्जर की थड़ी तक निर्मित होने वाले एलिवेटेड रोड का त्रिवेणी नगर चौराहे पर शिलान्यास किया। श्री शर्मा ने विधिवत रूप से मंत्रोच्चार के साथ परियोजना की आधारशिला रखी। इस दौरान उन्होंने परियोजना के मॉडल का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों से जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए। उल्लेखनीय है कि इस फोरलेन एलिवेटेड रोड से गोपालपुरा बाईपास पर आवागमन सुगम होगा। परियोजना के पूर्ण होने पर 10बी, न्यू सांगानेर रोड, रिद्धी-सिद्धी, गुर्जर की थड़ी और इनसे जुड़े क्षेत्रों में यातायात दबाव भारी कमी आएगी। वहीं यह एलिवेटेड रोड मानसरोवर, अजमेर रोड और मालवीय नगर तक बेहतर कनेक्टिविटी भी प्रदान करेगा। लगभग 218 करोड़ की लागत से इस 2160 मीटर लंबे और 17.20 मीटर चौड़े एलिवेटेड रोड का निर्माण किया जाएगा। इस एलिवेटेड रोड में 88 पिलर्स होंगे। इस परियोजना के अंतर्गत महेश नगर जंक्शन पर 20 मीटर लंबाई का अंडरपास भी बनेगा और एलिवेटेड रोड के दोनो तरफ 10.5-10.5 मीटर चौड़ाई में सर्विस रोड व 1.5 मीटर यूटिलिटी सर्विस के साथ 2-2 मीटर के फुटपाथ मय ड्रेन का निर्माण भी होगा।

Mines News: ऑक्शन ब्लॉकों को जल्द परिचालन में लाना दोनों सरकारों की प्राथमिकता —प्रमुख सचिव खान

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प्रमुख सचिव खान, भूविज्ञान एवं पेट्रोलियम टी. रविकान्त ने ऑक्शन ब्लॉकों के मंशापत्रधारकों से ऑक्शन खानों को जल्द परिचालन में लाने के लिए आवश्यक औपचारिकताएं प्राथमिकता से पूरी करने को कहा है। उन्होंने कहा कि आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करने के लिए आवेदन ही ना करने या आधीअधूरी औपचारिकताएं पूरी करने से खानों को परिचालन में लाने में अनावश्यक देरी होती है। श्री रविकान्त सोमवार को खनिज भवन में 13 संस्थाओं के 22 मंशापत्रधारकों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि ऑक्शन ब्लॉकों को जल्द परिचालन में लाना केन्द्र व राज्य सरकार दोनों की प्राथमिकता है और इसके लिए गंभीर प्रयास किये जा रहे हैं। विभाग द्वारा वरिष्ठ अधिकारी अधीक्षण खनि अभियंता सतर्कता को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उल्लेखनीय है कि मंशापत्रधारकों को आईबीएम से माइनिंग प्लान का अनुमोदन, वन विभाग से फारेस्ट क्लीयरेंस, पर्यावरण विभाग से टर्म ऑफ रेफरेंस (टीओआर), एंवायरमेंटल इंपेक्ट एसेसमेंट रिपोर्ट (ईआईए) व जिला कलक्टर के यहां जनसुनवाई आदि और इसके बाद सेक एवं सिया से पर्यावरण अनुमति, प्रदूषण बोर्ड से खनन के लिए कंसेट टू ऑपरेट (सीटीओ) और कंसेट टू एस्टाबलिस (सीटीई), चरागाह भूमि होने की स्थिति में राजस्व विभाग से अनुमति सहित आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करनी होती है। मेजर मिनरल के अधिकांश ब्लॉक लाइमस्टोन से संबंधित है और इन ब्लॉकों के अधिकांश मंशापत्रधारक सीमेन्ट कंपनियां है और इनके द्वारा आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करने में देरी करने से ऑक्शन खानें परिचालन में नहीं आ पा रही। इस दौरान संयुक्त सचिव माइंस अरविन्द सारस्वत सहित अन्य अधिकारी और मंशापत्रधारकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

Jaipur News: छतों पर सब्ज़ी की खेती करने पर 70 प्रतिशत का मिलेगा अनुदान

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अंतर्राष्ट्रीय उद्यानिकी नवाचार और प्रशिक्षण संस्थान (आईएसआईटीसी), दुर्गापुरा, जयपुर द्वारा नगर निगम क्षेत्र में स्थित निजी आवासों की छतों पर सब्जियों की खेती को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘स्मार्ट सिटी रूफ टॉप फार्मिंग परियोजना’ की शुरुआत की गई है। योजना में केवल जयपुर नगर निगम क्षेत्र के निजी आवासीय भवनों के स्वामी ही आवेदन कर सकते हैं। वाणिज्यिक प्रतिष्ठान, संस्थान और अन्य गैर-आवासीय भवन इस योजना के अंतर्गत पात्र नहीं होंगे। रूफ टॉप यूनिट निर्माण की कुल अनुमानित लागत 53 हजार 619 रूपए है। इसमें से 70 प्रतिशत(37हजार 534 रूपए) की राशि अनुदान के रूप में सरकार द्वारा वहन की जाएगी जबकि शेष 30 प्रतिशत (16 हजार 085 रूपए) राशि लाभार्थी को स्वयं वहन करनी होगी। परियोजना के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2025 निर्धारित की गई है। इच्छुक आवेदक 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2025 तक पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया ऑफलाइन रहेगी और आवेदन पत्र संस्थान के कार्यालय से ही प्राप्त किए जा सकेंगे। योजना के दिशा-निर्देश, पात्रता की शर्तें और आवेदन पत्र का प्रारूप आईएसआईटीसी, दुर्गापुरा, जयपुर से प्राप्त किया जा सकता है। अधिक जानकारी हेतु दूरभाष संख्या 9636839317 पर कार्यालय समय में संपर्क किया जा सकता है।