JJM NEWS: जलदाय विभाग की हाइब्रिड एन्युटी परियोजना होगी ठेके पर शुरू

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग प्रदेश में पहली बार हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (हेम) आधारित जलापूर्ति परियोजनाएँ शुरू करने जा रहा है। हेम एक प्रकार की सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) है। जल जीवन मिशन के अन्तर्गत प्रदेश की पांच पेयजल परियोजनाओं को पूरा करने के लिए यह मॉडल लागू किया जाएगा। इन परियोजनाओं से लगभग 5 हजार ग्रामों में जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत 4 लाख 20 हजार घरेलू नल कनेक्शन किए जाएंगे, जिससे इन परियोजना वाले क्षेत्रों के लगभग 20 लाख लोग लाभान्वित होंगे। इन परियोजनाओं पर लगभग 18 हजार 879 करोड़ रूपये व्यय होंगे। जेजेएम के मिशन निदेशक डॉ. रवीन्द्र गोस्वामी ने शुक्रवार को जल भवन में आयोजित ब्रीफिंग सत्र में मुख्य अभियंता सहित निविदाकारों को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रथम चरण में जल जीवन मिशन के अन्तर्गत पीपीपी के तहत पाँच मेगा जलापूर्ति परियोजनाओं में हेम लागू किया जाएगा। मुख्य अभियंता (विशेष परियोजनाएँ) राज सिंह चौधरी ने बताया कि हेम के तहत विभाग कुल पूंजी लागत का 40 प्रतिशत निवेश करेगा और शेष 60 प्रतिशत परियोजना लागत ठेकेदार द्वारा निवेश की जाएगी। ठेकेदार को अपनी निवेश राशि 10 वर्षों की अवधि में 20 किश्तों के माध्यम से एन्युटी भुगतान के रूप में वापस की जाएगी। इस मॉडल से राज्य सरकार की जलापूर्ति परियोजनाओं के लिए प्रारंभिक वित्तीय आवश्यकता कम हो जाएगी। जलापूर्ति परियोजनाओं का संचालन और रखरखाव 10 वर्षों तक परियोजना क्रियान्वयन वाले ठेकेदार द्वारा ही किया जाएगा। इससे निर्माण कार्य में बेहतर गुणवत्ता भी सुनिश्चित होगी। श्री चौधरी ने उपस्थित निविदाकारों को हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के प्री-क्वालिफिकेशन मानदंडों के बारे में भी जानकारी दी। इस ब्रीफिंग सत्र में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से निविदा दस्तावेज के विभिन्न प्रावधानों पर अपने सुझाव और टिप्पणियाँ प्रस्तुत की। जेजेएम के प्रबंध निदेशक और विभागीय मुख्य अभियंताओं ने उनकी जिज्ञासाओं का मौके पर ही समाधान किया। उन्होंने बताया कि विभाग इन बिंदुओं पर आंतरिक रूप से विचार करेगा और ऐसे प्रावधानों को प्राथमिकता देगा जो निविदाकारों की अधिकतम भागीदारी को प्रोत्साहित करें ताकि हेम परियोजनाओं पर शीघ्र कार्य सफलतापूर्वक प्रारंभ किया जा सके। इन जलापूर्ति परियोजनाओं में लागू होगा हाइब्रिड एन्युटी मॉडल:— 1. जिला करौली और सवाई माधोपुर के 1426 ग्रामों के लिए चंबल नदी से जलापूर्ति परियोजना – अनुमानित लागत 3066.90 करोड़ रूपये। 2. जिला अलवर और भरतपुर के 1237 ग्रामों के लिए चंबल नदी से जलापूर्ति परियोजना – अनुमानित लागत 4813.67 करोड़ रूपये। 3. धौलपुर और भरतपुर जिलों की 470 ग्रामों के लिए कालीतीर जलापूर्ति परियोजना (चंबल नदी से)- अनुमानित लागत 606.79 करोड़ रूपये । 4. चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, राजसमंद और उदयपुर जिलों की 1473 ग्रामों के लिए जाखम डैम से जलापूर्ति परियोजना- अनुमानित लागत 3266.18 करोड़ रूपये। 5. सीकर और झुंझुनूं जिलों की शेष ग्रामों के लिए इंदिरा गांधी नहर परियोजना (आईजीएनपी) से जलापूर्ति परियोजना – अनुमानित लागत 7125.97 करोड़ रूपये।

Rajasthan News: चौमू के चीथवाड़ी में नकली मावा और दूध इकाइयों पर बड़ी कार्रवाई

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प्रदेश में आमजन को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाने के लिए शुद्ध आहार, मिलावट पर वार अभियान चलाया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा आयुक्तालय के विशेष अभियान के तहत शुक्रवार को चौमू के पास चीथवाडी में कई मावा निर्माण इकाइयों का आकस्मिक निरीक्षण कर कार्रवाई की गई।आयुक्त खाद्य सुरक्षा और औषधि नियंत्रण राजस्थान डॉ. टी. शुभमंगला ने बताया कि क्षेत्र में लगातार चल रही संदिग्ध मिलावटी मावे की शिकायतों के मद्देनजर पुलिस विभाग और आयुक्तालय खाद्य सुरक्षा की अलग-अलग टीमों का संयुक्त जांच दल का गठित किया गया। उन्होंने बताया कि सूचना के आधार पर अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह, संयुक्त आयुक्त डॉ विजय शर्मा और मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर प्रथम डॉ रवि शेखावत के निर्देशन व पुलिस प्रशासन के सहयोग से चीथवाडी गांव में मध्यरात्रि लगभग 2 बजे पहुंचकर 15 मावा निर्माण ईकाइयों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान 20 मावा और दूध के नमूने लिये गये। 2 निर्माण ईकाइयों पर मावा में मिलावट करने वाली स्कीम मिल्क पाउडर, वनस्पति और इनसे बने लगभग 500 किलोग्राम मिलावटी दूध व मावे को मौके पर नष्ट करवाया गया। आयुक्त ने बताया कि फर्म मावा निर्माता मदनलाल शर्मा द्वारा स्किम्ड मिल्क पाउडर, रिफाइंड सोयाबीन तेल, दूध जैसे पदार्थो से मिलावटी मावा तैयार होना पाया जाने पर लगभग 50 किलो मावा 90 लीटर क्रीम निकला हुआ/कम फेट का दूध, 35 किलोग्राम स्किम्ड मिल्क पाउडर को मौके पर नष्ट कराया गया। इसी तरह फर्म फर्म लाला हरि एल.एच.मावा पनीर, द्वारा स्किम्ड मिल्क पाउडर, वनस्पति, दूध आदि से मिलावटी मावा तैयार होना पाया जाने पर लगभग 100 किलो मावा 125 लीटर घोल (क्रीम निकला हुआ/कम फेट का दूध व मिल्क पाउडर) 75 किलोग्राम स्किम्ड मिल्क पाउडर व 2 किलो वनस्पति को मौके पर नष्ट कराया गया। डॉ.शुभमंगला ने बताया कि फर्म कमल सेठू, फर्म मुकेश मावा पनीर भण्डार, फर्म बाबुलाल मावा पनीर उद्योग, फर्म आर.एल.मिल्क प्रॉडक्ट के निरीक्षण में साफ-सफाई व अन्य कई कमियां पाई गई, जिसके आधार पर उक्त फर्मों को सुधार हेतु खाद्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 32 के तहत नोटिस जारी किये गए। फर्म मुकेश मावा पनीर भण्डार और मदनलाल शर्मा मावा निर्माता के पास खाद्य अनुज्ञा पत्र नहीं होने पर धारा 63 के तहत प्रकरण माननीय न्यायालय में परिवाद दर्ज कराया जायेगा। उक्त कार्यवाही देर रात से अल सुबह तक जारी रही। आयुक्त ने बताया गया कि निरीक्षण के दौरान 20 मावा और दूध के नमूने लिये गये। 2 निर्माण ईकाइयों पर मिलावटी मावा निर्माण में काम आने वाले दूध, स्कीम्ड मिल्क पाउडर, वनस्पति व इनसे बने लगभग 500 किलोग्राम मिलावटी दूध और मावे को मौके पर नष्ट करवाया गया। उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में भी मिलावटी सामान की रोकथाम हेतु कार्यवाही जारी रहेगी। उक्त लिये गये नमूनों को जांच हेतु खाद्य प्रयोगशाला जयपुर भेजे गये है और प्राप्त जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित न्यायालयों में प्रकरण दर्ज करवाये जाएंगे। जिन फर्मों के पूर्व में भी नमूने जांच में फेल पाये गये है एवं न्यायालय द्वारा दंडित किया गया है, पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 64 के अन्तर्गत भी कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।

Mines News: माइंस क्षेत्र में तुलाई और जीपीएस सिस्टम सहित सभी व्यवस्थाएं होगी ऑनलाईन —प्रमुख सचिव माइंस

खान विभाग राज्य में माइंस सेक्टर में पारदर्शी, पेपरलेस, विवादरहित और प्रभावी मोनेटरिंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए साल के अंत तक तुलाई कांटे, व्हीकल ट्रेकिंग और जीपीएस सिस्टम की ऑनलाईन व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू करने की तैयारी में है। प्रमुख सचिव खान एवं पेट्रोलियम टी. रविकान्त ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन में खान विभाग पारदर्शी और पेपरलेस व्यवस्था लागू करने के लिए चरणवद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि ऑनलाईन व्यवस्था खनिज लीजधारकों के लिए सुविधाजनक होने के साथ ही लीजधारकों, रॉयल्टी ठेका धारकों और विभाग के बीच बेहतर मोनेटरिंग व्यवस्था विकसित करने में सहायक सिद्ध होगी। श्री रविकान्त शुक्रवार को निदेशक माइंस महावीर प्रसाद मीणा और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तैयार ऑनलाईन मॉडूल्स के उपयोग और अन्य मॉडूल्स तैयार करने की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि खनिजों की तुलाई, रायल्टी ठेकाधारकों द्वारा अधिक रॉयल्टी वसूली और खनन परिवहन के दौरान अनियमितताओं की शिकायतों को देखते हुए विभाग द्वारा ऑनलाईन सिस्टम विकसित करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। इससे खानधारकों के कार्य में अवरोध के साथ ही राज्य सरकार का राजस्व भी प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा इसके लिए रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन डिवाइस विकसित की जा रही है ताकि सरलीकृत पारदर्शी पेपरलेस ऑनलाईन व्यवस्था विकसित हो सके। यह व्यवस्था खानधारकों और राज्य सरकार दोनों के लिए ही लाभकारी होगी वहीं सरकारी राजस्व के छीजत पर कारगर रोक लग सकेगी। श्री रविकान्त ने बताया कि विभागीय आईटी टीम द्वारा 22 मॉडूल्स पर काम किया जा रहा है जिसमें से ऑनलाईन माइनिंगप्लान स्वीकृत करने, नोड्यूज जारी करने सहित कुछ मॉडूल्स प्रयोग में आना आरंभ हो गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जो मॉडूल्स या मोबाइल एप प्रयोग में आना आरंभ हो गए हैं उन कार्यों को ऑनलाईन ही संपादित किया जाए। इसके साथ ही निदेशालय को भी निर्देशित किया कि प्रयोग में आ रहे मॉडूल्स के फील्ड में अधिकारियों द्वारा उपयोग और कार्य की मॉनेटं​रिंग व्यवस्था सुुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार माइनिंग सेक्टर में पेपरलेस व्यवस्था की और बढ़ रही है ताकि माइन्स से संबंधित कार्य के लिए किसी को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़े।

C M NEWS: राजस्थान की विकास यात्रा से प्रवासी राजस्थानियों को कराएं अवगत -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रवासी राजस्थानी दिवस का आयोजन राजस्थान की ऐतिहासिक और वैभवशाली धरोहर की थीम पर करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि देश और विदेश से आने वाले प्रवासी राजस्थानियों को प्रदेश की विकास यात्रा से भी अवगत कराया जाए। उन्होंने आयोजन की सभी तैयारियां आपसी समन्वय से समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्री शर्मा ने 10 दिसंबर 2025 को प्रस्तावित प्रवासी राजस्थानी दिवस के आयोजन की तैयारियों के लिये समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जयपुर में होने वाले इस आयोजन में राजस्थान की समृद्ध विरासत और संस्कृति की झलक भी दिखाई जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रवासी राजस्थानियों को राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के एमओयू की सफल ग्राउंड ब्रेकिंग की उपलब्धियों से अवगत कराएं। इस संबंध में सोशल मीडिया पर भी प्रचार-प्रसार करें। श्री शर्मा ने राजस्थान फाउंडेशन के सभी चैप्टर्स से आने वाले आगन्तुकों की कार्यक्रम में सहभागिता के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली तथा जरूरी दिशा-निर्देश प्रदान किए। उन्होंने सेक्टोरल सेशन के सफल आयोजन के संबंध में अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में प्रवासी राजस्थानियों को प्रदेश की ऐतिहासिक इमारतों, धरोहरों, पर्यटन केन्द्रों और महत्वपूर्ण स्थलों की भी जानकारी दी जाए।

C M NEWS: सरकार ने अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार के 14 दोषी कार्मिकों प्रदान की अभियोजन स्वीकृति

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प्रदेश में जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही, अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार के दोषी कार्मिकों के विरुद्ध निरंतर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस के तहत मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 14 प्रकरणों में कार्मिकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही और 2 प्रकरणों में अभियोजन स्वीकृति का अनुमोदन किया है। 4 प्रकरणों में सेवानिवृत अधिकारियों की रोकी पेंशन— अभियोजन स्वीकृति के लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण करते हुए 2 प्रकरणों में अभियोजन स्वीकृति प्रदान की गई है। वहीं सेवारत अधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही के 8 प्रकरणों में वार्षिक वेतन वृद्धियां रोकने का निर्णय किया गया है और सेवानिवृत्त अधिकारियों के चार प्रकरणों में पेंशन राशि रोकने का दंड दिया गया है। एक अन्य प्रकरण में नियम 34-सीसीए के अंतर्गत प्रस्तुत अपील को खारिज करते हुए पूर्व में प्रदत्त दंड को यथावत रखा गया है। वहीं, सीसीए नियम-23 के अन्तर्गत प्रस्तुत अपील में राहत देते हुए परिनिंदा तक सीमित किया गया है।

Rajasthan News: विलायती बबूल के राज्यव्यापी उन्मूलन की तैयारी में राज्य सरकार

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प्रदेश में विलायती बबूल उन्मूलन के लिए सरकार व्यापक कार्ययोजना बना रही है। मामले में आज पंचायती राज के सभागार में पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने विभिन्न विभागों के साथ संवाद किया। संवाद के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े मंत्री दिलावर ने कहा कि प्रदेश से विलायती बबूल के प्रभावी और स्थायी उन्मूलन के लिए सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करना होगा। वन और राजस्व विभागों द्वारा एक स्पष्ट और पारदर्शी दिशा-निर्देश जारी होने के बाद प्रदेश के प्रत्येक गांव में अभियान के रूप में विलायती बबूल के उन्मूलन का कार्य निर्बाध रूप से प्रारंभ किया जाएगा। वहीं दोनो विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक आदेश शीघ्र जारी किया जाए ताकि इस पौधे की कटाई के लिए बार-बार अनुमति लेने की आवश्यकता समाप्त हो और किसी प्रकार की वैधानिक बाधा न उत्पन्न हो। श्री दिलावर ने बताया कि विलायती बबूल एक आक्रामक विदेशी प्रजाति है, जो प्रदेश की ग्रामीण भूमि, चारागाहों और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। इसकी गहरी जड़ें (लगभग 30 फीट तक) और अत्यधिक जल सोखने की क्षमता (15 मीटर तक) भूजल स्तर में गिरावट और मृदा की उर्वरता में कमी का कारण बन रही हैं। इसके कारण देशी पौधों की प्रजातियाँ भी नष्ट हो रही हैं। उन्होने कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से एक व्यवस्थित और सक्रिय अभियान के रूप में विलायती बबूल का उन्मूलन करने की दिशा में कार्य करें। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कटाई के दौरान अन्य उपयोगी वृक्षों को कोई क्षति न पहुंचे। विलायती बबूल के कोयले के परिवहन में आने वाली प्रक्रियात्मक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए परिवहन की अनुमति प्रणाली को सरल बनाया जाए। श्री दिलावर ने सुझाव दिया कि इस पौधे के पुनः उगने की प्रवृत्ति को देखते हुए राज्य सरकार को इसके उन्मूलन के लिए तीन से चार वर्ष की दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करनी होगी।

JDA NEWS: जेडीए ने अवैध कॉलोनी को किया ध्वस्त

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जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा जोन-13 में निजी खातेदारी कृषि भूमि पर बसाई जा रही नवीन अवैध कॉलोनी वैषाली नगर के शेष रहे अवैध निर्माण के विरूद्ध पूर्णतः ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की गई। उप महानिरीक्षक राहुल कोटोकी ने बताया कि जोन-13 के क्षेत्राधिकार में अवस्थित आगरा रोड़ ग्राम सिंदोली, सावरियां रोड़, जिला जयपुर में निजी खातेदारी कृषि भूमि पर जेडीए की बिना स्वीकृति-अनुमोदन के और बिना भू रूपान्तरण करवायें भूमि को समतल कर बसाई जा रही नवीन अवैध कॉलोनी वैशाली नगर के विरूद्ध कल दिनांक 14.10.2025 ध्वस्तीकरण की कार्यवाही शुरू की गई थी, उक्त अवैध कॉलोनी की शेष रही मिट्टी-ग्रेवल सड़के व अन्य अवैध निर्माण को आज प्रवर्तन प्रकोष्ठ द्वारा जोन-13 के राजस्व व तकनीकी स्टॉफ की निशादेही पर प्रवर्तन दस्ते द्वारा 03 जेसीबी मषीनों व मजदूरों की सहायता से प्रारिम्भक स्तर पर ही ध्वस्त कर नवीन अवैध कॉलोनी बसाने के प्रयास को विफल किया गया। उक्त कार्यवाही मुख्य नियंत्रक प्रवर्तन आदर्ष चौधरी के पर्यवेक्षण में उपनियंत्रक प्रवर्तन-द्वितीय, प्रवर्तन अधिकारी जोन-13 और प्राधिकरण में उपलब्ध जाप्ते, लेबर गार्ड और जोन में पदस्थापित राजस्व व तकनीकी स्टॉफ की निशादेही पर प्रवर्तन दस्ते द्वारा सम्पादित की गई।

RHB NEWS: राज्य सरकार का लक्ष्य केवल मकान बनाना नहीं, सम्मानजनक जीवन देना है —मंत्री झाबर सिंह खर्रा

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राजस्थान हाउसिंग बोर्ड द्वारा निर्मित समृद्धि अपार्टमेंट, जयपुर के 159 पात्र आवंटियों को बुधवार को उनके आवंटन पत्र सौंपे गए। इस अवसर पर नगरीय विकास और आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने लाभार्थियों को उनके सपनों के घर के दस्तावेज़ सौंपे। यह आयोजन प्रताप नगर स्थित मण्डल के वृत प्रथम कार्यालय में चल रहे “शहरी सेवा शिविर 2025” अभियान के अंतर्गत किया गया, जिसका उद्देश्य नगरीय क्षेत्रों में जनसेवा को त्वरित, पारदर्शी और सुलभ बनाना है। मंत्री श्री खर्रा ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल मकान बनाना नहीं, बल्कि हर परिवार को सम्मानजनक जीवन देना है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में “हर सर को छत” के संकल्प को साकार करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। मंत्री श्री खर्रा ने सभी 159 आवंटियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह घर केवल चार दीवारें नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत और आत्मनिर्भर जीवन की नींव हैं। वहीं आवासन अध्यक्ष देबाशीष पृष्टि ने कहा कि राजस्थान हाउसिंग बोर्ड ने अपनी योजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को प्राथमिकता दी है। उन्होंने बताया कि “समृद्धि अपार्टमेंट” परियोजना आम नागरिकों को किफायती दरों पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त आवास प्रदान करने का सफल उदाहरण है। उन्होंने कहा कि बोर्ड अब पारंपरिक निर्माण से आगे बढ़कर तकनीकी नवाचार और नागरिक सुविधा केंद्रित परियोजनाओं पर कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि आगामी समय में बोर्ड द्वारा राज्यभर में कई नई आवासीय परियोजनाएँ प्रारंभ की जाएँगी। आवासन आयुक्त डॉ रश्मि शर्मा ने बताया की समृद्धि आवासीय योजना में प्रति फ्लैट की कीमत 35 लाख अनुमानित थी लेकिन मण्डल ने उसी उच्च गुणवत्ता के साथ प्रत्येक फ्लैट 31 लाख में दिया है। मण्डल भविष्य में भी विभिन्न आय वर्ग के लिए इसी तरह किफायती दरों पर उच्च गुणवत्ता वाले आवास उपलब्ध करवाता रहेगा ।

C M NEWS: मुख्यमंत्री पहुंचे जैसलमेर बस दुखांतिका पर जताया गहरा शोक

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को जैसलमेर में बस में आग लगने से हुई दुर्घटना पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। हृदयविदारक घटना की सूचना प्राप्त होते ही मुख्यमंत्री विशेष विमान से जयपुर से जैसलमेर पहुंचे, जहां उन्होंने अधिकारियों से घटना की विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने थईयात आर्मी एरिया में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। उन्होंने दुर्घटनाग्रस्त बस का निरीक्षण भी किया। इस दौरान श्री शर्मा ने आर्मी के अधिकारियों, जवानों और स्थानीय नागरिकों को बचाव व राहत कार्यों के लिए धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने पीड़ितों को हर संभव मदद का भरोसा दिया और कहा कि दुःख की इस घड़ी में राज्य सरकार परिजनों के साथ खड़ी हैं। घायलों को समुचित उपचार उपलब्ध कराएं— श्री शर्मा जोधपुर पहुंचे, जहां उन्होंने महात्मा गांधी अस्पताल में बर्न यूनिट में भर्ती घायलों की कुशलक्षेम पूछी और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। मुख्यमंत्री ने घायलों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढ़स बंधाया। उन्होंने घायलों को समुचित उपचार उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से प्रत्येक मरीज की चिकित्सकीय रिपोर्ट, जलन का प्रतिशत, उपचार पद्धति और आवश्यक संसाधनों की जानकारी विस्तार से प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि जरूरत पड़ने पर बर्न स्पेशलिस्ट टीमों को तत्काल बुलाया जाए। वहीं श्री शर्मा ने बर्न यूनिट में वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सपोर्ट, इंटेंसिव केयर बेड्स और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता की जानकारी भी ली। उन्होंने उपस्थित चिकित्सकों को निर्देश दिया कि हर मरीज के लिए विशेष चिकित्सकीय निगरानी दल (डेडिकेटेड डॉक्टर और नर्स) तैनात किया जाए ताकि 24 घंटे मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर घायल के परिजन को अस्पताल में ठहरने, भोजन व अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

C M NEWS: सहकार से समृद्धि की संकल्पना को साकार करने में राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों में —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सहकार से समृद्धि की संकल्पना को साकार करने में राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों में है। राज्य सरकार सहकारी समितियों को सशक्त कर ग्रामीणों की आय बढ़ाने, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों को बेहतर बाजार के अवसर सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित नवीन को-ऑपरेटिव अधिनियम से सहकारिता आंदोलन और अधिक समावेशी बनेगा व सहकारी सोसायटियों में प्रक्रियाओं के सरलीकरण, पारदर्शिता एवं जवाबदेहिता को बढ़ावा मिलेगा। श्री शर्मा मंगलवार को नए को-ऑपरेटिव कोड के संबंध में समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आमजन के हित में सहकारी कानून को अधिक प्रासंगिक बनाने के लिए नवीन सहकारी कोड लाने जा रही है। इस संबंध में अधिकारियों ने महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, केरल इत्यादि राज्यों के सहकारी कानूनों के प्रभावी प्रावधानों का समावेश नए सहकारिता कोड में किया है, जिससे सहकारी संस्थाएं सशक्त हो सके। सतत् विकास में सहकारी समितियों की भूमिका अत्यधिक महत्वपूर्ण— श्री शर्मा ने कहा कि सतत् विकास में सहकारी समितियों की भूमिका अत्यधिक महत्वपूर्ण है। हमारा उद्देश्य है कि प्रदेश में सहकारिता को सभी के लिए सुलभ बनाया जाए, ताकि लोगों को सशक्त होने के अधिक से अधिक अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि इस नवीन को-ऑपरेटिव कोड में सहकारी समितियां अपने कार्यक्षेत्र के बाहर स्वयं की दुकानों अथवा आउटलेट खोलकर सीधे अपने उत्पाद बेच सकेगी। साथ ही, ऑडिट को मजबूत करने के लिए सोसायटी द्वारा समय पर ऑडिट रिपोर्ट को विभाग के पोर्टल पर अपलोड करना होगा। जिससे आमजन को भी इसकी जानकारी समय से मिल सकेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नवीन को-ऑपरेटिव कोड में वे समस्त प्रावधान जोड़े जाएं, जिससे सहकारी समितियों को पारदर्शी एवं आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सके। इस दौरान नवीन को-ऑपरेटिव कोड में सहकारी सोसायटियों की परिभाषा को स्पष्ट करने, पंजीयन एवं उपनियम संशोधन की समय-सीमा घटाने, पात्र व्यक्तियों की सदस्यता सुनिश्चित करने, समितियों के प्रबंधन में अधिक से अधिक लोकतांत्रिक नेतृत्व को विकसित करने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने सहित विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई। वहीं विभिन्न क्रय-विक्रय सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों ने सहकारी समितियों के उपनियमों में संशोधन संबंधी सुझाव दिए।