RGHS NEWS: प्रदेश में अब सीएमएचओ संभालेंगे आरजीएचएस योजना क्रियान्वयन का जिम्मा

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मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की पहल और चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के मार्गदर्शन में राजस्थान गवर्नमेंट हैल्थ स्कीम के सुदृढ़ीकरण हेतु प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में योजना के संचालन और मॉनिटरिंग को लेकर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने आवश्यक बदलाव कर दिशा—निर्देश जारी किए हैं। स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने बताया कि राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर आरजीएचएस के संचालन का जिम्मा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को सौंपा है। विभाग ने योजना के बेहतर संचालन, मॉनिटरिंग व नियंत्रण की दृष्टि से विभागीय निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के अनुसार अब आरजीएचएस की सभी पत्रावलियां राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्यारेंस एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के माध्यम से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को प्रस्तुत की जाएंगी। राजस्थान स्टेट हैल्थ एश्योरेंस एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरजी लाल अटल ने बताया कि जिला स्तर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी योजना के जिले में समग्र क्रियान्वयन, संचालन और मॉनिटरिंग के लिए उत्तरदायी होंगे। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में नियुक्त जिला नोडल अधिकारी ही आरजीएचएस योजना के भी जिला नोडल अधिकारी होंगे। वे योजना से सम्बन्धित समस्त दायित्व व भूमिका का निर्वहन करेंगे। ये अधिकारी ही जिले में योजना से सम्बन्धित न्यायिक मामलों में राज्य सरकार की ओर से प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करेंगे। परियोजना अधिकारी शाहीन अली ने बताया कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के जिला परियोजना समन्वयक (DPC) जिले में आरजीएचएस योजना के समुचित क्रियान्वयन, समन्वय, मॉनिटरिंग व नियंत्रण के कार्य में भी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और नोडल अधिकारी के निर्देशानुसार समस्त कार्य व दायित्व का निर्वहन सुनिश्चित करेंगे।

RHB NEWS: प्रदेश के पांच जिलों में आमजन को मिलेगें आवासन मण्डल के 667 नए आवास

राजस्थान आवासन मण्डल की बहुप्रतीक्षित आवासीय योजनाओं का बुधवार को आवास भवन जयपुर में भव्य शुभारम्भ किया गया। नगरीय विकास, स्वायत्त शासन एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने इन योजनाओं की शुरुआत करते हुए कहा कि यह केवल निर्माण नहीं, बल्कि प्रदेशवासियों को सुरक्षित और सुविधायुक्त जीवन की ओर ले जाने वाला कदम है। श्री खर्रा ने बताया कि इन 5 विशिष्ट पंजीकरण योजनाओं के तहत कुल 667 आवास/फ्लैट्स बनाए जाएंगे, जो उदयपुर, बारां, बूंदी, धौलपुर और बाड़मेर जैसे जिलों में आमजन को एक बेहतर आवासीय विकल्प देंगे।

ये होगी मुख्य योजनाएं –

बूंदी जिले की नैनवा आवासीय योजना, पॉकेट-A एवं पॉकेट-B में विभिन्न आय वर्ग के लिए 72 स्वतंत्र आवास, लागत 7 लाख 80 हजार से प्रारम्भ। बारां जिले की अटरू आवासीय योजना में विभिन्न आय वर्ग के लिए 189 स्वतंत्र आवास, लागत 7 लाख 60 हजार से प्रारंभ। बाड़मेर जिले की लंगेरा आवासीय योजना में ईडब्ल्यूएस, एलआईजी आय वर्ग के लिए 200 स्वतंत्र आवास, लागत 8 लाख 61 हजार से प्रारंभ। धौलपुर जिले की बाड़ी रोड योजना में ईडब्ल्यूएस, एलआईजी (जी+3) आय वर्ग के लिए 64 फ्लैट्स, लागत 12 लाख 45 हजार से प्रारम्भ। उदयपुर जिले की पानेरिया की मादड़ी में ईडब्ल्यूएस, एलआईजी (जी+3) आय वर्ग के लिए 142 फ्लैट्स, लागत 11 लाख 68 हजार से प्रारम्भ। श्री खर्रा ने कहा कि राजस्थान मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार हर वर्ग को आवास उपलब्ध कराने के लिए कृतसंकल्पित है। उन्होंने कहा की राज्य सरकार सिर्फ मकान नहीं दे रही, बल्कि एक सम्मानजनक जीवन का माध्यम दे रही है। उन्होंने बताया कि सभी योजनाएं समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण ढंग से विकसित की जाएंगी, ताकि लाभार्थियों को आधुनिक जीवन की समस्त सुविधाएं मिल सकें। कार्यक्रम में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने भी शिरकत की उन्होने कहा की राजस्थान आवासन मण्डल आमजन के आवास के सपने को साकार करने के लिए आज भी पहली पसंद है। उन्होंने मण्डल की योजनाओं की मुक्त कंठ से सराहना की । समारोह में आवासन मण्डल के अध्यक्ष देबाशीष पृष्टि, आवासन आयुक्त डॉ. रश्मि शर्मा, सचिव डॉ. अनिल पालीवाल, मुख्य अभियंता अमित अग्रवाल, टीएस मीना, प्रतीक श्रीवास्तव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, आम नागरिक व मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

Rajasthan News: सरकार की मंशा, हर ग्राम पंचायत पर खुले गौशाला -पशुपालन मंत्री

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पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि हर ग्राम पंचायत पर गौशाला खुले। राज्य सरकार की ओर से गौशालाओं को सहयोग करने में कोई कमी नहीं रखी जाएगी। श्री कुमावत मंगलवार को बीकानेर जिला परिषद सभागार में जिले के सभी गौशाला संचालकों के साथ संवाद कर रहे थे। उन्होंने गौशाला संचालकों की समस्याओं को सुना और ज्यादातर का मौके पर ही निस्तारण कर दिया। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पीपीपी मोड गो अभयारण्य बनाना चाहती है। कोई संस्था या भामाशाह इसमें आगे आना चाहे तो उनका स्वागत है। उन्होंने पशुपालकों से आह्वान किया कि वे पशुओं में लंपी रोग को लेकर गायों में वैक्सीनेशन करवाएं ताकि ये रोग पशुओं में फिर से ना आए। पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले की सभी गौशालाओं में लंपी को लेकर वैक्सीनेशन कर दिया गया है। श्री कुमावत ने कहा कि सेक्स सोर्टेड सीमन योजना अंतर्गत इस साल राज्य सरकार 10 लाख डोज का वितरण करेगी। पिछले साल 2 लाख डोज का वितरण किया गया था। इस सीमन की खास बात ये कि इससे बछड़ी पैदा होने की संभावना 90 फीसदी होती है। खास बात ये भी कि केन्द्र सरकार बाजार में 1200 रु. में मिलने वाला यह सीमन 275 रू. में राज्य सरकार को और राज्य सरकार इसमें 75 फीसदी सब्सिडी देकर मात्र 70 रू में किसानों को उपलब्ध करवा रही है। उन्हेाने कहा कि सरकार नस्ल सुधार कार्यक्रम के तहत देशी गायों की नस्ल को बढ़ावा दे रही है।ब्राजील की गिर गाय प्रतिदिन 40-50 लीटर दूध का उत्पादन करती है जबकि भारतीय गिर गाय 10-15 लीटर दूध देती है। लिहाजा ब्राजील की गिर नस्ल का 2380 डोज सीमन भारत सरकार से मंगवाया गया था। अब और भी डिमांड भारत सरकार से की गई है जो भविष्य में हमें उपलब्ध होगा। श्री कुमावत ने कहा कि मोबाइल वेटरनरी यूनिट अंतर्गत राज्य में 536 गाड़ियां और बीकानेर जिले में 26 मोबाइल गाड़ियां शुरू की गई है। जिसमें एक डॉक्टर, कंपाउंडर और मुफ्त दवाई रहती हैं। 1962 नंबर पर कॉल करके कोई भी व्यक्ति बीमार पशु के इलाज के लिए इसे घर बुला सकता है जो निशुल्क इलाज करेगी। यह सेवा अब गौशालाओं के लिए भी शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि आमजन मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना अंतर्गत पशुओं का बीमा करवाएं ताकि पशु की मृत्यु पर 40 हजार का क्लेम ले सकें। गौशालाओं में मृत पशुओं के निस्तारण को लेकर उन्होंने कहा कि गांव से 4-5 किलोमीटर दूर सिवायचक भूमि इसके लिए आरक्षित की जा सकती है जहां पशुओं को गड्ढा खोदकर डालने की व्यवस्था की जा सकती है। इस दौरान कार्यक्रम में जिला कलेक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णि, सीईओ जिला परिषद सोहनलाल, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. बिरमा राम, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ लाल चंद शर्मा समेत जिले भर की गौशाला संचालक उपस्थित रहे।

RPSC NEWS: जयपुर विकास प्राधिकरण में होगी 12 कनिष्ठ विधि अधिकारियों की भर्ती

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राजस्थान लोक सेवा आयोग ने जयपुर विकास प्राधिकरण के लिये कनिष्ठ विधि अधिकारी के 12 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया है। शैक्षणिक योग्यता, वर्गवार वर्गीकरण, आवेदन प्रक्रिया और अन्य जानकारी संबंधी विस्तृत सूचनाऐं आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। आयोग सचिव ने बताया कि उक्त पदों हेतु ऑनलाइन आवेदन 27 अगस्त से 25 सितंबर की रात्रि 12 बजे तक किए जा सकेंगे। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। परीक्षा तिथि व स्थान के संबंध में यथा समय सूचित कर दिया जाएगा।

Electricity News: बिजली उपभोक्ता को बेहतर सेवा के लिये जयपुर डिस्कॉम की नई पहल

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जयपुर डिस्कॉम ने फॉल्ट रेक्टिफिकेशन टीम (एफआरटी सेवा) के प्रभावी और बेहतर संचालन के लिए नई पहल की है। निगम ने इस व्यवस्था में सुधार के लिए कई प्रयास किए हैं। जिनसे उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिल पाएंगी और उनकी शिकायतों का त्वरित निराकरण संभव होगा। सेवा प्रदाता द्वारा नियुक्त कार्मिकों का सत्यापन — डिस्कॉम प्रबंधन के निर्देश पर एफआरटी सेवा प्रदाता द्वारा नियुक्त कार्मिकों का आधार आधारित सत्यापन किया जा रहा है। इस कार्य के लिए सर्किलवार कमेटी गठित की गईं हैं। इन समितियों ने जयपुर शहर और जिला सर्किल को छोड़कर शेष सभी 14 सर्किलों में कार्मिकों के दस्तावेज के वेरीफिकेशन का प्रथम चरण का कार्य पूरा कर भी लिया है। इस प्रक्रिया में सेवा प्रदाता कंपनी द्वारा नियुक्त करीब 3 हजार कार्मिकों के दस्तावेज की जांच कर ली गई है। जयपुर शहर व जयपुर जिले के चारों सर्किलों के लिए यह प्रक्रिया तीन-चार दिन में पूर्ण हो जाएगी। इसके माध्यम से कार्यरत लाइनमैन कार्मिकों और ड्राइवरों की योग्यता का सत्यापन किया जाना सुनिश्चित होगा। पूर्व में यह शिकायत सामने आती थी कि एफआरटी वाहनों में निर्धारित संख्या में कार्मिक मौजूद नहीं रहते। इस शिकायत के आधार पर 8 जुलाई को डिस्कॉम के सभी सर्किलों में पहली बार एक साथ एफआरटी वाहनों की आकस्मिक जांच की गई थी, जिसमें सेफ्टी टूल्स, जीपीएस, स्मार्ट फोन नहीं होने के साथ ही कई वाहनों में कार्मिक निर्धारित संख्या में नहीं मिले थे। जिस पर 13 लाख रूपए से अधिक का जुर्माना लगाया गया था। अब वेरीफिकेशन के बाद इस समस्या को दूर करने में मदद मिलेगी। उल्लेखनीय है कि जयपुर डिस्कॉम के सभी 18 सर्किलों के 232 सब डिविजनों में 340 एफआरटी वाहन संचालित हैं। जिसके माध्यम से सेवा प्रदाता कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं की ‘नो करेंट‘ से संबंधित समस्याओं का समाधान किया जाता है। एफआरटी के लिए जयपुर डिस्कॉम ने नया कार्यादेश दिया है। जिसके माध्यम से जल्द ही सेवा प्रदाता फर्म द्वारा कार्य प्रारम्भ किया जाएगा। अब एचटी लाइन से जुड़ी शिकायतों का भी समाधान — एफआरटी सेवा के लिए पहले जो टेंडर किए जाते थे, उसमें सिर्फ एलटी लाइनों से जुड़ी उपभोक्ताओं की नो करेंट संबंधी समस्याओं को दूर करने का काम सेवा प्रदाता कंपनी के माध्यम से होता था। पहली बार इसमें 11 केवी हाई ट्रांसमिशन (एचटी) से जुड़ी शिकायतों को भी सम्मिलित किया गया है। इससे उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिलेंगी और एचटी लाइनों से जुड़ी शिकायतों का भी इस माध्यम से निराकरण किया जा सकेगा। वहीं दो घंटे से अधिक समय तक कंप्लेन को अटैंड नहीं किए जाने की स्थिति में एफआरटी सेवा प्रदाता कंपनी पर पेनल्टी लगाने का प्रावधान है। अब तक कॉल सेंटर व फॉल्ट रेक्टिफिकेशन टीम की गतिविधि एक ही सेवा प्रदाता के माध्यम से संचालित होती थीं। इस व्यवस्था के कारण समाधान नहीं होने के बावजूद शिकायत बंद करने (फॉल्स क्लोजर) जैसी शिकायतें सामने आती थीं। जिससे कि पेनल्टी से बचा जा सके। ऐसे में डिस्कॉम प्रबंधन ने कॉल सेंटर और एफआरटी के लिए अलग-अलग टेंडर किए और इस बार दोनों कार्यों का जिम्मा पृथक-पृथक सेवा प्रदाता कंपनियों के माध्यम से संचालित किया जाएगा। सूचना प्रौद्योगिकी की सहायता से दोनों के अलग-अलग मॉड्यूल विकसित किए गए हैं। इससे फॉल्स क्लोजर तथा शिकायत का निवारण नहीं करने पर पेनल्टी से बचने की समस्या दूर हों सकेंगी। पूर्व में जहां प्रत्येक एफआरटी में एक लाइनमैन, दो हैल्पर और एक ड्राइवर के रूप में चार कार्मिक रहते थे। इस बार एचटी लाइनों के लिए एक अतिरिक्त लाइनमैन की व्यवस्था की गई है। इससे शिकायतों के त्वरित समाधान में सहायता मिलेगी। तीन साल से पुराने वाहन नहीं होने शर्त होने की वजह से सेवा प्रदाता कंपनी द्वारा बड़ी संख्या में नए वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। जिन पर टोल फ्री हेल्पलाईन नम्बर, आईवीआरएस नम्बर दर्शाने जरूरी किए गए हैं। इस सेवा के निशुल्क होने की जानकारी भी वाहनों पर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं जिससे कि उपभोक्ता को यह जानकारी रहे कि यह सेवा निशुल्क है।

Medical News: आयुष्मान टॉवर में होंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं—मार्च में शुरू होगा कार्डियक टॉवर

प्रदेशवासियों को आगामी समय में विश्व स्तरीय उच्च गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ होंगी। इसके लिए सवाई मानसिंह अस्पताल में निर्माणाधीन आयुष्मान टॉवर के काम को गति दी जाएगी और हाई एण्ड सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इसी प्रकार कार्डियक टॉवर का काम जल्द पूरा करते हुए इसे आगामी 30 मार्च से शुरू किया जाएगा। वहीं सवाई मानसिंह अस्पताल में आपातकालीन इकाई का विस्तार करते हुए इसे अत्याधुनिक बनाया जाएगा। इन कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने के लिए चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर की अध्यक्षता में हर माह समीक्षा होगी। चिकित्सा मंत्री ने मंगवालर को सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के सभागार में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा में इस संबंध में दिशा—निर्देश प्रदान किए। उन्होंने आयुष्मान टॉवर, कार्डियक टॉवर और आपातकालीन इकाई के विस्तार कार्यों की गहन समीक्षा की और इन सभी कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन कार्यों को जल्द पूर्ण किया जाए, लेकिन गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं हो। हमारा लक्ष्य इन सुविधाओं को सिर्फ जल्द शुरू करना ही नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश के लोगों को इनका पूरा लाभ मिले और इनका निर्माण हाई एण्ड टेक्नोलॉजी और सभी सुविधाओं के साथ हो। श्री खींवसर ने कहा कि आयुष्मान टॉवर की प्लानिंग में रही खामियों को चिन्हित करने के बाद अब राज्य सरकार ने इसे पूर्ण करने के लिए आवश्यक वित्तीय प्रबंधन किया है। अधिकारी यह ध्यान रखें कि इसके कार्य में किसी तरह की कमी नहीं रहे। इसको विश्वस्तरीय रूप देने के लिए आवश्यकता के अनुसार विशेषज्ञों की राय एवं सेवाएं लें। इस भवन में स्वास्थ्य सुविधाओं का स्तर बनाए रखने के लिए हॉस्पिटल प्रबंधन पर विशेष रूप से कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में किसी भी स्तर पर कोई बाधा या वित्तीय समस्याएं हो तो तुरंत अवगत कराएं। चिकित्सा मंत्री ने कार्डियक टावर के कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि इसके भवन का कार्य पूरा करने के साथ ही उपकरणों की खरीद एवं इंस्टॉलेशन का काम भी जल्द पूरा करें। यह सुनिश्चित करें कि आगामी 30 मार्च से इसे प्रारंभ किया जा सके। उन्होंने सवाई मानसिंह अस्पताल में चल रहे आपातकालीन इकाई विस्तार कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान इमरजेंसी इकाई अस्पताल में आने वाले मरीज भार को देखते हुए काफी छोटी है। इसका विस्तार करने के साथ ही इसे अत्याधुनिक एवं रोगियों के लिए सुविधाजनक बनाया जाए ताकि आपातकालीन स्थितियों में ज्यादा से ज्यादा मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिल सकें। चिकित्सा शिक्षा सचिव अम्बरीष कुमार ने बताया कि आयुष्मान टॉवर को विश्व स्तरीय रूप देने के लिए इसमें उपलब्ध करवाई जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर निरंतर विचार—विमर्श चल रहा है। इसका प्रबंधन भी बेहतरीन हो, इसके लिए विशेषज्ञों से सलाह ली जा रही है ताकि इसका संचालन प्रारंभ होने के बाद किसी तरह की समस्याएं नहीं आएं। उन्होंने कार्डियक टॉवर और आपातकालीन इकाई की प्रगति से भी अवगत कराया। इस अवसर पर सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी, अधीक्षक डॉ. सुशील भाटी, अतिरिक्त निदेशक चिकित्सा शिक्षा मुकेश कुमार, उप निदेशक डॉ. वंदना शर्मा, आर्किटेक्ट अनूप भरतरिया सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 C M NEWS: पंचायत, उपखण्ड और जिला स्तर पर तैयार हो खेलों का वातावरण -मुख्यमंत्री 

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को खेलों के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने और उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए गांवों से लेकर कस्बों तक श्रेष्ठ खेल सुविधाएं उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने युवा मामले एवं खेल विभाग के अधिकारियों को खिलाड़ियों के लिए उत्कृष्ट वातावरण तैयार करने के क्रम में बजटीय घोषणाओं का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के साथ ही खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स – 2025 के सफल आयोजन के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने के लिए निर्देशित किया। श्री शर्मा सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में युवा मामले एवं खेल विभाग की बजट घोषणाओं और खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स- 2025 की कार्ययोजना के संबंध में समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी दिनों में प्रस्तावित खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स- 2025 के आयोजन से प्रदेश में खेलों का वातावरण तैयार होगा।  उन्होंने खेल विभाग को प्रदेशभर में खेल सुविधाओं के निरंतर विस्तार और आधारभूत संरचनाओं के सुदृढ़ीकरण के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का आयोजन किया जा रहा है जिसमें देश-प्रदेश से हजारों प्रतिभाशाली खिलाड़ी शिरकत करेंगे। उनके आवास, आवागमन, भोजन सहित आवश्यक सुविधाओं की सर्वोत्तम व्यवस्थाएं सुनिश्चित करते हुए खेलों का सफल आयोजन किया जाए। श्री शर्मा ने स्थानीय निकायों, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग सहित विभिन्न विभागों को परस्पर समन्वय के साथ कार्य करते हुए आवश्यक सेवाओं की समय से पूर्ति सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने इस आयोजन को राजधानी जयपुर के साथ ही अन्य जिलों में भी कराने की संभावनाओं पर विचार करने के निर्देंश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आयोजन की तैयारियों में किसी भी स्तर पर कोताही नहीं बरती जाए और श्रेष्ठ सुझावों को समाहित करते हुए आयोजन की रूपरेखा बनाई जाए। इस संबंध में उन्होंने विभागीय अधिकारियों को पूर्व आयोजकों से भी संवाद करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने खेलों के आयोजन स्थलों के लिए ऐसे खेल मैदानों का चयन करने के लिए निर्देशित किया जहां खिलाड़ियों को श्रेष्ठ सुविधाएं मिल सकें। मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित गेम्स के सफल संचालन के लिए मोबाइल ऐप डिजाइन करने के लिए भी निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की खेलों में अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए यथासंभव कदम उठाए जाएं। उन्होंने प्रदेश में खेल अवसंरचना के उन्नयन पर विशेष जोर देते हुए इसे आधुनिक बनाने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स से पूर्व की समयावधि में प्रदेशभर में पंचायत स्तर तक खेलों का अनुकूल वातावरण तैयार किया जाए। साथ ही, उपखण्ड एवं जिला स्तर पर प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए पर्याप्त मानव संसाधन होना अति आवश्यक हैं। उन्होंने युवा मामले एवं खेल विभाग को खेल प्रशिक्षक सहित अन्य रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती करने के निर्देंश दिए। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य में विभिन्न खेलों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने वन डिस्ट्रिक्ट वन स्पोर्ट की अवधारणा के तहत प्रत्येक जिले में एक खेल को विशेष रूप से बढ़ावा देने का फैसला किया है। इससे प्रदेश में अलग-अलग खेलों में बेहतरीन खिलाड़ी तैयार हो सकेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देंश दिए कि वे जिला कलक्टर्स से उनके जिले में खेल विशेष से संबंधित उपलब्ध संसाधन और आवश्यकताओं से संबंधित रिपोर्ट मंगवाएं ताकि उसका आंकलन कर वहां आधारभूत ढांचे सहित सुविधाएं विकसित की जा सके। उन्होंने प्रत्येक जिले में खेल विशेषज्ञों को संयोजक के रूप में नियोजित करने के संबंध में कार्यवाही करने के निर्देश दिए जो अपने जिले में प्रतिभाओं को तलाशेंगे। समीक्षा के दौरान युवा मामले एवं खेल कर्नल राज्यवर्धन राठौड़, मुख्य सचिव सुधांश पंत सहित विभाग के उच्च अधिकारीगण उपस्थित थे।

C M NEWS: हाउसिंग बोर्ड अपनी योजनाओं का करें व्यापक प्रचार-प्रसार -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार राज्य के सुनियोजित विकास को गति देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है जिससे प्रदेश के सुदृढ़ बुनियादी ढांचे को गति मिली है। उन्होंने अधिकारियों को नगरीय विकास से संबंधित प्रोजेक्ट्स को समय से पूरा करने और नियमित मॉनिटरिंग के साथ गुणवत्तापूर्ण कार्य पर फोकस करने के निर्देश दिए जिससे जनता को समय से इनका लाभ मिले। श्री शर्मा ने सोमवार को नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग की समीक्षा करते हुए ये निर्देश दिए कि सरकार का लक्ष्य है, शहरों में बुनियादी नागरिक सुविधाओं को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने अधिकारियों को शहरी क्षेत्रों में आधारभूत संरचना, स्वच्छता, पेयजल, सड़क, सीवरेज, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और आवास संबंधी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान हाउसिंग बोर्ड अपनी संपत्तियों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करते हुए उपभोक्ताओं की जरूरत और वर्तमान प्रचलन को ध्यान में रखते हुए कार्य करें ताकि बोर्ड के राजस्व में वृद्धि हो सके। साथ ही, हाउसिंग बोर्ड निजी डेवलेपरर्स से प्रतिस्पर्धा करते हुए आमजन को गुणवत्तायुक्त आवास उचित मूल्य में उपलब्ध करवाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हाउसिंग बोर्ड अपनी संपत्तियों का प्रभावी प्रचार-प्रसार करे, परियोजनाओं में नवाचार लाए और इनके विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी को भी शामिल करे ताकि आमजन को ज्यादा से ज्यादा इनका लाभ मिल सके। श्री शर्मा ने कहा कि जयपुर में द्रव्यवती नदी के दोनों ओर से अतिक्रमण को प्राथमिकता के साथ हटाया जाए, इस क्षेत्र का पर्यटन की दृष्टि से उन्नयन किया जाए ताकि आमजन के साथ ही पर्यटक भी इसका लाभ उठा सकें। उन्हांने कहा कि द्रव्यवती नदी पर पौधारोपण के कार्य में भी गति लाई जाए। बैठक में बताया गया कि जयपुर में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए आमजन की सुगम आवाजाही के लिए रिद्धि-सिद्धि चौराहे पर एलिवेटेड रोड के निर्माण के लिए कार्यादेश जारी किया जा चुका है। साथ ही, अपेक्स सर्किल पर एलिवेटेड रोड़ के निर्माण की डीपीआर के लिए भी कार्यादेश जारी किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन को बेहतर नागरिक सुविधाएं जैसे सीवरेज, ड्रेनेज, पार्क, लोक परिवहन हेतु विस्तृत मोबिलिटी प्लान के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय शहरी विकास योजना शुरु की जाएगी जिससे प्रदेश के सभी नगरीय क्षेत्रों में जनसंख्या के बढ़ते दबाव का प्रबंधन हो सके। उन्होंने अधिकारियों को इस योजना के क्रियान्वयन के संबंध में नियमित बैठक करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न लंबित बजटीय घोषणाओं के एनआईटी, टेण्डर, वर्क ऑर्डर तथा डीपीआर बनाने सहित विभिन्न कार्यों को तय समय में पूरा करने के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्टस को चरणबद्व पूरा करें। साथ ही, हर चरण पर अधिकारियों की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित की जाए। श्री शर्मा ने कहा कि जयपुर मेट्रो फेज-2 के तहत सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र से अम्बाबाडी और विद्याधर नगर (टोडी मोड़ तक) मेट्रो संचालित की जाएगी। अधिकारी इसके काम में गति लाएं ताकि निर्धारित समय में कार्य पूरा हो। उन्होंने जोधपुर के बड़ली में आवासीय योजना लाने तथा भिवाड़ी विकास प्राधिकरण के गठन के संबंध में तेज गति से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 की सभी बजट घोषणाओं में जल्द से जल्द भूमि आवंटित कर कार्य शुरू किया जाए। साथ ही, अधिकारी योजनाओं की अनुमानित लागत के आधार पर योजना का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने बजट की विभिन्न घोषणाओं के अंतर्गत बाड़मेर, धौलपुर, फुलेरा सहित अन्य शहरों की विभिन्न सड़कों के निर्माण एवं चौड़ाईकरण कार्यों की समीक्षा की। भीम-राजसमंद ड्रेनेज सिस्टम, सूरजगढ़-झुंझुंनू में सीवरेज लाईन, दौसा शहर मे सीवरेज मास्टर प्लान, तारानगर-चुरु, नगर व सीकरी-डीग में ड्रेनेज के प्रस्तावित कार्यां की समीक्षा भी की गई। उन्होंने निर्देश दिए कि नगरीय क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार सीवरेज कार्य भी समयबद्ध रूप से करवाए जाएं ताकि आमजन को बेहतर यातायात एवं स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। श्री शर्मा ने अलवर, पाली, भीलवाड़ा, दौसा, हनुमानगढ़, झुंझुनूं में निर्मित सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट का संचालन शीघ्र प्रारम्भ करने तथा इसका व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों की सहभागिता से इस संबंध में एक सेमिनार भी आयोजित करने के निर्देश दिए। श्री शर्मा ने बैठक में शहरी क्षेत्र में सार्वजनिक सेवा को मजबूती देने तथा ई-बसों के सुगम संचालन हेतु मॉडर्न शेल्टर कम चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के भी निर्देश दिए। इस दौरान बजट 2024-25 और 2025-26 की नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग से संबंधित घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। समीक्षा में नगरीय विकास राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा और मुख्य सचिव सुधांश पंत सहित नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

C M NEWS: श्री गोविंददेव जी मंदिर से निकली शोभायात्रा- मुख्यमंत्री ने शोभायात्रा का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दूसरे दिन रविवार को श्री गोविंददेव जी मंदिर में विधिवत पूजा अर्चना के साथ शोभायात्रा का शुभारंभ किया। श्री शर्मा ने शोभायात्रा के रथ में विराजमान जयपुर के आराध्य देव श्री गोविंददेव जी के चित्रस्वरूप की पूजा अर्चना और आरती कर प्रदेश में सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री के मंदिर में पहुंचने पर महंत ने उनका स्वागत किया। श्री शर्मा ने मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं से आत्मीयता के साथ मुलाकात की और उनका अभिवादन स्वीकार किया। इस दौरान मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में उपस्थित भक्तों ने भगवान गोविंददेव जी के जयघोष से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। उल्लेखनीय है कि श्री गोविंददेव जी मंदिर में प्रतिवर्ष जन्माष्टमी के दूसरे दिन धूम-धाम से नंदोत्सव मनाया जाता है और शहर के प्रमुख मार्गों से शोभायात्रा निकाली जाती है। इस शोभायात्रा में विभिन्न मनमोहक झांकियां शामिल की जाती है।

C M NEWS: सरकार की मंशा प्रत्येक गांव-ढाणी तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि प्रदेश की प्रत्येक गांव-ढाणी तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित हो और राज्य का प्रत्येक नागरिक स्वस्थ रहे। इसी मंशा के साथ राज्य सरकार ने अपने पहले बजट में ही कुल बजट का 8.26 प्रतिशत स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए रखा था। उन्होंने कहा कि राज्य में चिकित्सा ढ़ांचा सुदृढ़ करने के लिए चिकित्सा केन्द्रों को क्रमोन्नत करने तथा नवीन चिकित्सालय प्रारम्भ करने जैसी बजट घोषणाएं की गई हैं। इन घोषणाओं के क्रियान्वयन में अधिक आवश्यकता के आधार पर स्थानों का चयन करें, जिससे अधिक से अधिक लोगों को चिकित्सा सुविधाओं का लाभ सुनिश्चित हों। उन्होंने निर्देश दिए कि बजट घोषणाओं में शामिल निर्माण संबंधी कार्यों को पूरा करने की समयसीमा तय कर नियमित रूप से मॉनिटरिंग करें एवं रिपोर्ट प्रस्तुत करें। श्री शर्मा रविवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग से संबंधित राज्य बजट 2024-25 और 2025-26 की लंबित बजटीय घोषणाओं के क्रियान्वयन को लेकर समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश में राजस्थान को स्वास्थ्य के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए राज्य सरकार तत्परता के साथ कार्य कर रही है। इसी दिशा में हमारे प्रयासों से 6 करोड़ 20 लाख से अधिक नागरिकों के आभा आईडी बनाकर राजस्थान देशभर में दूसरे स्थान पर है। साथ ही, बजट घोषणा की अनुपालना में प्रदेश में स्वास्थ्य शिविर लगाकर 1 करोड़ 68 लाख से अधिक आभा लिंक्ड ई-हैल्थ रिकॉर्ड भी बनाए जा चुके हैं। आरयूएचएस को रिम्स के रूप में किया जा रहा विकसित- मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा को नई ऊंचाइयां देने के लिए राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हैल्थ साइसेंज (आरयूएचएस) का उन्नयन कर एम्स, दिल्ली की तर्ज पर राजस्थान इंस्ट्यिट ऑफ मेडिकल साइसेंज (रिम्स) की स्थापना की जा रही है। इस पर चरणबद्ध रूप से 750 करोड़ रूपये व्यय किए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसके डिजाइनिंग एवं प्लानिंग संबंधी प्रगतिरत कार्यों में और अधिक गति लाते हुए इसे समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाना सुनिश्चित करें। आरजीएचएस के दुरूपयोग पर लगे अंकुश- मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के कार्मिकों एवं पेंशनर्स के लिए संचालित आरजीएचएस योजना को अधिक सुलभ करते हुए इसे चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को सौंपा गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि विभाग इस योजना में पूरी तरह पारदर्शिता एवं जवाबदेहिता सुनिश्चित करें एवं इसका दुरूपयोग करने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। श्री शर्मा ने कहा कि इस कार्य में लिप्त संस्थाओं के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाए। योजना के दुरूपयोग की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा फ्रॉड डिडक्शन सॉफ्टवेयर जैसी तकनीकों की मदद ली जाए। बुजुर्गां को घर पर दवा की सुविधा को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर करें प्रारम्भ- मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सवाई मानसिंह अस्पताल जैसे वृहद चिकित्सालयों पर मरीजों का भार कम करने के लिए राजधानी स्थित अस्पतालों के साथ ही प्रदेशभर के अन्य राजकीय चिकित्सालयों का और अधिक सुदृढ़ीकरण करते हुए उनमें चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जाए। उन्होंने कहा कि 70 वर्ष आयु से अधिक के वृद्धजनों को आवश्यकतानुसार घर पर ही निःशुल्क दवा उपलब्ध करवाये जाने की बजट घोषणा को सुचारू रूप से लागू करने के लिए किसी एक जिले में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारम्भ करते हुए चरणबद्ध रूप से प्रदेशभर में लागू किया जाए। चिकित्सा क्षेत्र में निरन्तर की जा रही भर्तियां- मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के क्रम में बुनियादी ढांचे के विकास के साथ ही, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों पर निरन्तर भर्तियां की जा रही है। हाल ही में, चिकित्सा अधिकारियों के 1699 पदों पर नियुक्ति प्रदान की गई है। उन्होंने निर्देश दिए कि भविष्य में रिक्त होने वाले पदों का भी पूर्ण विवरण तैयार किया जाए ताकि कार्मिकों के सेवानिवृत होने पर रिक्त पदों को शीघ्र भरा जा सके। बैठक में मुख्यमंत्री ने जिला अस्पताल, उप जिला अस्पताल एवं अन्य स्वास्थ्य केन्द्रां के मरम्मत और रख-रखाव संबंधी कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि इनमें गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए व सीएचसी और पीएचसी में पर्याप्त दवाओं और अन्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। समीक्षा के दौरान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर, मुख्य सचिव सुधांश पंत सहित चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग और स्वास्थ्य शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।