15 August 2025: 1947 में बढ़ता राजनीतिक तनाव थम गया था और 2025 में राजनीतिक तनाव बढ़ता जा रहा है, -ये वीडियो इस बात का उदाहरण है।

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1947 में स्वतंत्रता मिलने के बाद देश में बढ़ता राजनीतिक तनाव थम गया था और अब हम 2025 में 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं तब वहीं राजनीतिक तनाव देश में बढ़ता जा रहा है। अब बात आजादी, संविधान, लोकतंत्र, राष्ट्र नीति और राष्ट्र भक्ति की बात दौहराई जा रही है। ये वीडियो इस बात का उदाहरण है।

Rajasthan News: प्रदेश में 17 अगस्त से आयोजित होंगी सांस्कृतिक और साहित्यिक गतिविधियां —उपमुख्यमंत्री

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी की अध्यक्षता और प्रमुख शासन सचिव पर्यटन, कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व राजेश यादव की उपस्थिति में बुधवार को शासन सचिवालय में राज्य के कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के अधीन विभिन्न अकादमियों के कार्य, प्रगति की अद्यतन स्थिति, एवं अकादमियों की व्यवहारिक समस्याओं के संदर्भ में चर्चा की गई। उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने निर्देश दिए कि राज्य में 75 स्थानों/शहरों/कस्बों में आगामी 17 अगस्त से 02 अक्टूबर,2025 तक विभिन्न सांस्कृतिक और साहित्यिक गतिविधियों का आयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि उक्त आयोजन के लिए विस्तृत रूप रेखा सभी को प्रेषित कर दी जाएगी, जिसके आधार पर भव्य सांस्कृतिक एवं साहित्यिक गतिविधियों का आयोजन किया जाए। उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कला, साहित्य एवं संस्कृति विभाग, राजस्थान, के अन्तर्गत राजस्थान संगीत नाटक अकादमी, जोधपुर, राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर, राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, बीकानेर, ललित कला अकादमी, जयपुर, राजस्थान उर्दू अकादमी, जयपुर, राजस्थान सिन्धी अकादमी, जयपुर, निदेशालय राजस्थान संस्कृत अकादमी, जयपुर, पण्डित जवाहर लाल नेहरू बाल साहित्य अकादमी, जयपुर, राजस्थान ब्रज भाषा अकादमी, जयपुर, राजस्थान पंजाबी भाषा अकादमी, श्रीगंगानगर, जवाहर कला केन्द्र, जयपुर द्वारा किये जा रहे कला कार्यो एवं साहित्यिक गतिविधियों के बेहतर आयोजन के संबंध में चर्चा करते हुए कहा कि राजस्थान की कला एवं संस्कृति और यहां का साहित्य अत्यन्त गौरवशाली है। दिया कुमारी ने कहा कि राज्य सरकार कलाकारों और साहित्यकारों को उनके कला एवं साहित्य कर्म को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करने हेतु प्रतिबद्ध है। उन्होंने उक्त साहित्य एवं कला अकादमियों के सचिवों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कला एवं साहित्य से जुड़ें लोगों को नियमित रूप से अवसर दिए जाए, मंच दिया जाए। विभिन्न कला एवं साहित्य अकादमियों द्वारा यथा सम्भव साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का नियमित रूप से आयोजन किया जाना चाहिए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया के आज के दौर में कला और साहित्यिक गतिविधियों बेहतर प्रचार-प्रसार किया जाने के अवसर सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म्स पर उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि कला और साहित्यिक गतिविधियों का सोशल मीडिया पर प्रचार प्रसार किये जाने के अवसर का लाभ लिया जाना चाहिए।

DLB NEWS: राजस्थान के नगर निकायों को स्वच्छता की रेस में तेज़ी लाने के निर्देश

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स्वच्छ भारत मिशन (MOHUA) के संयुक्त सचिव श्रीमति रूपा मिश्रा ने बुधवार को प्रदेश के स्वच्छता प्रयासों को नई गति देने के उद्देश्य से आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा में नगर निकायों के लिए कई अहम दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि “स्वच्छता केवल एक लक्ष्य नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा बननी चाहिए”, और सभी नगर निकायों से अपेक्षा की कि वे मिशन के मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन सुनिश्चित करें। समीक्षा में 240 नगर निकायों के साथ-साथ 79 नए निकायों को मिशन में शामिल करने की प्रक्रिया तेज करने पर जोर दिया गया। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 के परिणामों की समीक्षा के दौरान डूंगरपुर की रैंकिंग में गिरावट पर विशेष चर्चा हुई। संयुक्त सचिव ने स्पष्ट किया कि डूंगरपुर को हर पैरामीटर का गहन विश्लेषण कर सुधारात्मक कदम उठाने होंगे, अन्यथा SSL (स्वच्छता स्कोर लिस्ट) से बाहर होने का खतरा है। स्वच्छ वार्ड रैंकिंग पर भी विशेष चर्चा हुई। शासन सचिव रवि जैन ने निर्देश दिए कि हर नगर निकाय न केवल अपने सभी वार्डों को स्वच्छ बनाए, बल्कि प्रत्येक माह उत्कृष्ट कार्यों को पुरस्कार एवं प्रोत्साहन से सम्मानित करे। साथ ही, हर निकाय को “नो डंपिंग सिटी” घोषित करने का संकल्प लेना चाहिए। जयपुर ग्रेटर और हेरिटेज क्षेत्र के लिए स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 (दिसंबर से आरंभ) की तैयारियों पर विशेष बल दिया गया। शासन सचिव ने उदयपुर, जयपुर और डूंगरपुर को आगामी सर्वेक्षण में देश के शीर्ष 5 में स्थान दिलाने का लक्ष्य तय करने के निर्देश दिए। मिशन निदेशक व आयुक्त (ग्रेटर व हेरिटेज) प्रतीक जुइकर , नगर निगम हेरिटेज आयुक्त डॉ निधि पटेल, ग्रेटर आयुक्त डॉ गौरव सैनी, मुख्य अभियंता प्रदीप गर्ग सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

C M NEWS: घरेलू, कृषि और औद्योगिक उपभोक्ताओं को निर्बाध और पर्याप्त बिजली हो सुनिश्चित -मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को विद्युत उत्पादन में क्रमिक रूप से निरंतर वृद्धि करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने के लिए निर्देश दिए हैं, ताकि आने वाले वर्षों में बढ़ती हुई आबादी को पर्याप्त और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में राजस्थान तेजी से प्रगति कर रहा है और राज्य सरकार वर्ष 2027 तक दिन के समय में किसानों को बिजली उपलब्धता सुनिश्चित करेगी। श्री शर्मा बुधवार ने ऊर्जा विभाग की वर्ष 2025-26 की बजट घोषणाओं की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने विद्युत तंत्र के सुदृढ़ीकरण, उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ अक्षय ऊर्जा योजनाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को आगामी रबी सीजन में किसानों के लिए पीक डिमांड अवधि के दौरान विद्युत आपूर्ति को सुचारू रखने के विशेष निर्देश भी दिए। साथ ही, उन्होंने घरेलू एवं औद्योगिक उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया। उत्पादन इकाइयों का समयानुसार रख-रखाव करें सुनिश्चित- मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्पादन इकाइयों एवं प्रसारण तंत्रों का समयानुसार रख-रखाव सुनिश्चित किया जाए। ट्रांसफार्मर्स की मरम्मत, देखभाल एवं उपयोग संबंधी प्रक्रिया में सुधार करते हुए प्रभावी कदम उठाए जाएं। श्री शर्मा ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की विस्तृत समीक्षा करते हुए इसके क्रियान्वयन पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने कृषि कनेक्शन को शीघ्र जारी करने के लिए भी विशेष रूप से निर्देशित किया। गांव-ढाणी तक बिजली की उपलब्धता हो रही सुनिश्चित- श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार विद्युत तंत्र का सुदृढ़ीकरण करते हुए 30/11 के जीएसएस का निर्माण कर रही है, ताकि गांव-ढाणी तक बिजली सुगमता से उपलब्ध हो सके। जिन क्षेत्रों में जीएसएस के लिए भूमि अनुपलब्धता का विषय सामने आया हो, वहां जन सहभागिता से भूमि प्राप्त करने पर कार्य किया जाए। उन्होंने आरडीएसएस योजना के अंतर्गत विद्युत तंत्र के सुदृढ़ीकरण कार्यों और प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत सौर संयत्र की स्थापना की प्रगति की जानकारी ली और दिशा-निर्देश दिए। राजस्व बढ़ाने, छीजत रोकने के लिए करें विशेष प्रयास- मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राजस्व बढ़ाने और ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रब्यूशन में छीजत को प्रभावी रूप से रोकने के लिए भी निर्देशित किया। श्री शर्मा ने कहा कि खराब मीटर की स्थिति में कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। जो कार्मिक राजकीय कार्य में लापरवाह हैं, उन पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही, मुख्यमंत्री ने बिजली चोरी को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने के लिए निर्देशित किया। श्री शर्मा ने प्रस्तावित पम्प स्टोरेज योजनाओं, संचालित कोयला, गैस और जल विद्युत परियोजनाओं और बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली पर विस्तृत चर्चा करते हुए उचित दिशा-निर्देश प्रदान किए। इस दौरान ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर, राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन, प्रसारण व वितरण निगमों सहित ऊर्जा विभाग के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

Mine News: राजस्व वसूली के लिए कोर्ट स्टे वैकेट करायें —प्रमुख शासन सचिव

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खान एवं भूविज्ञान विभाग द्वारा राजस्व बढ़ोतरी के लिए एग्रेसिव रणनीति बनाते हुए रुटिन राजस्व वसूली के साथ ही बकाया राजस्व वसूली व राजस्व के अन्य संभावित स्रोतों पर खास फोकस किया जाएगा। प्रमुख शासन सचिव खान एवं भूविज्ञान टी. रविकान्त ने मंगलवार को खनिज भवन में निदेशक माइंस दीपक तंवर सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संवाद कर राजस्व बकाया वसूली, डेलिनियेशन से ऑक्शन और एलओआई जारी होने से लेकर ऑक्शन खानों को परिचालन में लाने तक की ठोस रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि विभाग की पुरानी बकाया, जुर्माना राशि बकाया, कोर्ट स्टे को छोड़कर शेष बकाया, कोर्ट स्टे प्रकरणों में प्रभावी पैरवी करते हुए स्टे वैकेट करके राशि वसूली और अवैध खनन गतिविधियों के दौरान जुर्माने की राशि सहित पुरानी व चालू बकाया वसूली के ठोस प्रयास किये जाएं। उन्होंने इस तरह की बकाया राशि की वसूली के एमई एएमई कार्यालयानुसार मासिक कार्ययोजना बनाकर राजस्व अर्जन की पाक्षिक समीक्षा पर जोर दिया। प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि 6 अगस्त तक विभाग द्वारा 2968 करोड़ 11 लाख रुपए का राजस्व अर्जित किया है। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री राज्य के माइंस सेक्टर को देश का अग्रणी सेक्टर बनाने पर जोर देते हुए समग्र फोकस पर जोर दिया जा रहा है ताकि एक्सप्लोरेशन से लेकर ऑक्शन और परिचालन से राजस्थान निवेश, रोजगार और राजस्व संग्रहण में अग्रणी बन सके। इस अवसर पर वित्तीय सलाहकार गिरिश कछारा, ओएसडी श्रीकृष्ण शर्मा, जेएलआर गजेन्द्र सिंह, अधीक्षण खनि अभयंता एनएस शक्तावत, प्रताप मीणा, ओपी काबरा, जय गुरुबख्सानी, डॉ.धर्मेन्द्र लोहार, एसपी शर्मा, एमई आसिफ मोहम्मद अंसारी, अनुज गोयल, दीपक गहलोत और एसीपी जयेश नीनामा सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

C M NEWS: ‘राइजिंग राजस्थान’ एक आयोजन ही नहीं, बल्कि राज्य विकास का हिस्सा है —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान अपनी भौगोलिक स्थिति, खनिज सम्पदा ऊर्जा क्षमता और निवेश अनुकूल नीतियों के कारण वैश्विक पटल पर बिजनेस फ्रेंडली स्टेट के रूप में नई पहचान बना रहा है। राज्य सरकार द्वारा गत वर्ष आयोजित राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत राज्य में 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए। इनके धरातल पर मूर्त रूप लेने से प्रदेश में बुनियादी ढ़ांचे का विकास होने के साथ ही वृहद् स्तर पर रोजगार का सृजन होगा। श्री शर्मा मंगलवार को राइजिंग राजस्थान के तहत हुए निवेश समझौतों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह समिट केवल एक आयोजन ही नहीं, बल्कि राज्य की सतत् विकास प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास निवेश, नवाचार और समावेशी विकास के क्षेत्र में प्रदेश के विकास को नई गति देना है। भूमि आवंटन सहित अन्य कार्यों में लाए तेजी— मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एमओयू से संबंधित भूमि आवंटन सहित अन्य कार्यों में भी तेजी लाते हुए सभी एमओयू को समयबद्ध रूप से धरातल पर मूर्तरूप दिया जाए। उन्होंने कहा कि निवेशकों द्वारा चाही गई लोकेशन पर जमीन उपलब्ध ना होने की स्थिति में उन्हें आस-पास के क्षेत्र में वैकल्पिक जमीन दिखाई जाए। श्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान के विकास के लिए हर एक निवेश एमओयू महत्वपूर्ण है। उन्होने कहा कि खनन और पर्यटन क्षेत्र राजस्थान के विकास का इंजन है। हमें इन क्षेत्रों में प्रगति की और अधिक संभावनाओं को तलाशना चाहिए। समीक्षा के दौरान राजधानी जयपुर में दिसम्बर माह में प्रस्तावित राइजिंग राजस्थान पार्टनरशिप कॉन्क्लेव-2025 के आयोजन की तैयारियों को लेकर भी चर्चा की गई। इस दौरान मुख्य सचिव सुधांश पंत सहित संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे और जिला कलेक्टर्स वीसी के माध्यम से जुड़े।

C M NEWS: आमजन को निर्बाध, नियमित जलापूर्ति राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पेयजल आपूर्ति परियोजनाओं के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समय सीमा में पूरा करने के लिए निर्देशित किया है। उन्होंने कहा कि आमजन को निर्बाध और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने में किसी भी स्तर पर कोताही नहीं बरती जाए। श्री शर्मा मंगलवार को अपने निवास पर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की वर्ष 2025-26 की बजट घोषणाओं की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वृहद् जल परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इनसे प्रदेशभर में आमजन को पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित होगी। श्री शर्मा ने लंबित परियोजनाओं की निविदाओं में गति लाते हुए कार्यादेश शीघ्र जारी करने के लिए निर्देश दिए। फील्ड में जाकर अधिकारी करें निरीक्षण— मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल परियोजनाओं के कार्यों को विभिन्न चरणों में विभक्त कर उनका सतत् पर्यवेक्षण किया जाए। अधिकारी फील्ड में जाएं और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करें। अगर कॉन्ट्रेक्टर द्वारा तय समय सीमा में कार्य पूरा नहीं किया जाए तो जुर्माना भी लगाया जाए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में दीर्घकालिक परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है, वहां अन्य विकल्प तलाशते हुए पानी की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। जल जीवन मिशन से पेयजल आपूर्ति होगी सुनिश्चित— उन्होंने जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा इस परियोजना से सबसे ज्यादा लाभ राजस्थान को होगा। उपभोक्ताओं को सुगमता से नल से जल मिल सकेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस योजना के तहत अवैध कनेक्शन धारकों पर कड़ी कार्यवाही की जाए। वहीं मुख्यमंत्री जल जीवन मिशन (शहरी) के क्रियान्वयन के संबंध में भी व्यापक दिशा-निर्देश दिए। रोड कटिंग के बाद संबंधित विभाग समन्वय से करें पुनर्निर्माण— श्री शर्मा ने पाइपलाइन बिछाने के लिए होने वाली रोड़ कटिंग और उसके पुनर्निर्माण के संबंध में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, सार्वजनिक निर्माण एवं स्वायत्त शासन विभाग के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया। साथ ही, उन्होंने सड़क पुनर्निर्माण में गुणवत्ता जांच के लिए तृतीय पक्ष द्वारा आंकलन कराए जाने के लिए भी निर्देशित किया। अमृत 2.0 के अंतर्गत योजनाओं की गहन समीक्षा— मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर में पम्प हाउस एवं जलाशयों का निर्माण, पाइपलाइन कार्य, राइजिंग एवं वितरण पाइपलाइन का निर्माण, जल प्रदाय परियोजनाओं के साथ पेयजल परियोजनाओं के संवर्धन एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अमृत 2.0 के अंतर्गत योजनाओं की वर्तमान स्थिति एवं कार्ययोजनाओं की भी समीक्षा की। इस दौरान जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैया लाल चौधरी, मुख्य सचिव सुधांश पंत सहित विभाग के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

Jaipur News: निगम में अब एक भी पट्टा ऑफलाइन जारी नहीं होना चाहिए —शासन सचिव

स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव रवि जैन ने मंगलवार को नगर निगम हेरिटेज के मुख्यालय में निगम कार्यो की समीक्षा की। इस दौरान श्री जैन ने शिकायतों, मांगों के निस्तारण और बकाया और सफाई व्यवस्था में सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होने कहा कि सफाई व्यवस्था हमारी प्राथमिकता है। जिस तरह हम स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान गंदगी हटाने और सफाई में विशेष फोकस रखते हैं, ऐसा ही जज्बा सालभर रहे। युद्ध स्तर पर सफाई अभियान चलाया जाना चाहिए। हेरिटेज निगम में पेंडिंग चल रही पट्टा फाइलों को लेकर श्री जैन ने निर्देश दिए कि अब एक भी पट्टा ऑफलाइन जारी नहीं होना चाहिए। इस विषय में उन्होंने सभी जोन उपायुक्त और लैंड शाखा उपायुक्त की जिम्मेदारी तय करते हुए कहा कि जोन स्तर पर पट्टा संबंधी जितनी भी ऑफलाइन फाइलें है, उन्हें तुरंत ऑनलाइन किया जाएं। वही आवेदक से संपर्क कर दस्तावेज ऑनलाइन जमा करवाने की जानकारी दें। शासन सचिव ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि सरकारी जमीन के पट्टा संबंधी कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सड़क पर आवारा पशुओं को गंभीरता से लें, त्वरित एक्शन की जरूरत – शासन सचिव श्री रवि जैन शासन सचिव ने सड़क पर विचरण कर रहे आवारा पशुओं के नियंत्रण को लेकर ठोस प्लानिंग बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परकोटे में ये समस्या ज्यादा है। बे—सहारा गाय सड़क पर विचरण करती रहती है। अवैध डेयरियों की शिकायतें भी है। निगम की पशु प्रबंधन शाखा इसे गंभीरता से लें और सख्त एक्शन लें। वहीं विद्युत, सफाई व्यवस्था और अस्थाई अतिक्रमण की शिकायतों पर भी त्वरित कार्रवाई के निर्देश प्रदान किये। कचरे का ढेर न बनें, इसके लिए लगातार की जाएं निगरानी:— श्री जैन ने सफाई व्यवस्था पर विशेष फोकस करते हुए कहा कि सड़क पर स्थित कचरा डिपो की लगातार निगरानी करें। वहां कचरे का ढेर न बने और कचरा पात्र के बाहर कचरा न ड़ाला जाए, यह पात्र ओवरफ्लो न हो। कचरा पात्र के आसपास गन्दगी होने पर लोग उसके पास जाने से कतराते हैं और दूर ही कचरा फैंक जाते हैं जिससे कचरा पात्र रखने का उद्देश्य की समाप्त हो जाता है। कचरा फेंकने वाले को ट्रेस कर उसका चालान किया जाएं। दुकानों के बाहर डस्टबिन नहीं होने पर भी चालान किया जाए। ज्यादा शिकायत आती है तो सीज की कार्रवाई भी करें। उन्होंने हूपर की नियमित मॉनिटरिंग और ट्रैकिंग करने के भी निर्देश दिए गए। समीक्षा के दौरान अतिरिक्त आयुक्त सुरेंद्र यादव, सभी जोन उपायुक्त, शाखा प्रभारी, अभियंता और स्वास्थ्य निरीक्षक मौजूद रहे।

Rajasthan News: धार्मिक स्थलों पर सरकार बीओटी के तहत करेगी नई धर्मशालाओं का निर्माण

प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर आने वाले तीर्थ यात्रियों के ठहरने के लिए देवस्थान विभाग ओर अधिक सुविधाओं को विकसित करेगा। इसके लिए विभाग पूर्व में संचालित धर्मशालाओं में सुविधाओं के विस्तार के साथ नई धर्मशालाओं के लिए भी व्यापक स्तर पर कार्ययोजना बना रहा है। इसके तहत पुरानी धर्मशालाओं में सुविधाएं तो विकसित की जाएंगी वहीं प्रमुख धार्मिक स्थलों पर अत्याधुनिक नई धर्मशालाओं का भी निर्माण किया जाएगा। इसके लिए देवस्थान विभाग अपनी नीति में संशोधन करेगा। इस संबंध में शासन सचिवालय में मंगलवार को देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत की अध्यक्षता में हुई विभाग की समीक्षा में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा के बाद सहमति हुई। समीक्षा में पूर्व संचालित धर्मशालाओं के किराए में बढ़ोतरी करने व बीओटी (बिल्ड ऑपरेट ट्रांसफर) के तहत नई धर्मशालाओं के निर्माण के लिए नई नीति बनाने का निर्णय लिया गया। मंत्री ने अधिकारियों को प्रदेश और अन्य राज्यों के मंदिरों की मरम्मत कार्यों के लिए इसी माह में आवश्यक रूप से डीपीआर बनाने के आदेश भी दिए है। वरिष्ठजन नागरिक तीर्थयात्रा की लॉटरी अगले सप्ताह- समीक्षा के दौरान वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2025 की लॉटरी इसी माह में निकालने का निर्णय लिया गया। श्री कुमावत ने बताया कि इस बार ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से 10 अगस्त-2025 तक कुल एक लाख 84 हजार 495 वरिष्ठजनों ने आवेदन किए हैं। जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित कमेटी अब अगले सप्ताह जिला स्तर पर पात्र लोगों का चयन करेगी। चार नई नीतियों पर हुआ मंथन- समीक्षा में देवस्थान विभाग की ओर से दान नीति, धार्मिक नीति, सह संचालन नीति व किराया नीति में संशोधन को लेकर चर्चा की गई। इसके अलावा देवस्थान विभाग के मंदिरों में धार्मिक आयोजनों को लेकर भी अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए। वहीं, ऋषभदेव मंदिर की आरती को ऑनलाइन शुरू करने, गोगामेड़ी मंदिर के पुजारियों को आवास के लिए आवंटित भूमि के निरस्तीकरण, मंदिरों की कृषि योग्य भूमि को ई-ऑक्शन के माध्यम से लीज पर देने, मंदिरों की भूमि का डाटा ऑनलाइन संधारित करने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। बैठक में शासन सचिव श्री केके पाठक, देवस्थान विभाग के आयुक्त श्री कन्हैयालाल स्वामी, उप शासन सचिव श्री आलोक सैनी, अतिरिक्त आयुक्त श्री अशोक शर्मा सहित विभाग के अनेक अधिकारी मौजूद रहे।

C M NEWS: श्री जगदीश को धार्मिक स्थलों की निःशुल्क यात्रा कराई जाए -मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार सुशासन के उच्च मापदंडो के अनुरूप प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को बेहतर सुविधाएं और सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। जन आकांक्षाओं की पूर्ति और उनकी परिवेदनाओं का त्वरित निस्तारण ही हमारे सुराज का केन्द्र बिंदु है। श्री शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर नियमित जनसुनवाई की। उन्होंने जनसुनवाई में आए प्रत्येक परिवादी से व्यक्तिशः मिलकर उनकी परिवेदनाओं को सुना और अधिकारियों को समस्याओं के निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। जनसुनवाई में बीकानेर से आए विशेष योग्यजन जगदीश प्रसाद ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें धार्मिक स्थलों की यात्रा करनी है, परन्तु आर्थिक तंगी के कारण वे अपनी इच्छा पूरी नहीं कर पा रहे हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्री जगदीश को धार्मिक स्थलों की निःशुल्क यात्रा कराई जाए। जगदीश ने अपनी समस्या के मौके पर ही निस्तारण से खुश होकर श्री शर्मा का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक परिवेदना का समय से निस्तारण किया जाए। साथ ही, अधिकारी जनता से जुड़े कामों को पूरी जिम्मेदारी से करें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण को सूचीबद्ध करने के साथ ही उनका फॉलोअप सुनिश्चित करने और परिवादियों को सूचित करने के लिए भी निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि जो कार्मिक आमजन की परिवेदनाओं के निस्तारण में लापरवाही बरते, उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। श्री शर्मा ने जनसुनवाई में आए लोगों की कई समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया। अपनी परिवेदनाओं के त्वरित निस्तारण से आमजन संतुष्ट नजर आए। मुख्यमंत्री द्वारा जनसुनवाई में गरीब, किसान, महिला और युवा की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया गया। साथ ही, दिव्यांग और बुजुर्ग सहित हर जरूरतमंद की परिवेदनाओं का निस्तारण कर उन्हें राहत दी गई। श्री शर्मा ने इस दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज, गृह, राजस्व, सिंचाई, जयपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल, ऊर्जा सहित विभिन्न विभागों की आमजन से जुड़ी परिवेदनाओं को सुना और उनका मौके पर ही निस्तारण किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।