C M NEWS: नवीन आपराधिक विधियों के क्रियान्वयन में राजस्थान देश में रोल मॉडल बने —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि देश में लागू तीन नवीन कानूनों में सजा की तुलना में न्याय पर अधिक जोर दिया गया है। भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम से न्यायिक व्यवस्था के प्रति आमजन का सकारात्मक विश्वास कायम हो रहा है। राज्य सरकार की मंशा है कि इन नवीन आपराधिक विधियों के क्रियान्वयन में राजस्थान देशभर में रोल मॉडल बने। श्री शर्मा इन नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और नए कानूनों को लागू करने में सभी संसाधनों की पूर्ति सुनिश्चित कर रही है। वीसी रूम्स प्राथमिकता के साथ हो स्थापित- मुख्यमंत्री ने कहा कि नवीन आपराधिक कानूनों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गवाह के साक्ष्य लेने के प्रावधान किए गए हैं। इसकी अनुपालना में कोर्ट रूम, कारागार, अस्पताल, एफएसएल और सरकारी कार्यालयों में प्राथमिकता के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम स्थापित किए जाएं। इन वीसी रूम्स में पर्याप्त सुविधाओं का विकास किया जाए, जिससे कि गवाह को सुरक्षा का भाव मिले। राजकॉप ऐप पर महिलाओं के लिए ‘नीड हैल्प’ सुविधा उपलब्ध- श्री शर्मा ने कहा कि नागरिक केन्द्रित प्रावधानों को लागू करते हुए राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में महिलाओं के लिए राजकॉप नागरिक मोबाइल एप्लिकेशन पर तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए ‘नीड हैल्प’ सुविधा उपलब्ध करवायी जा रही है। साथ ही, प्रदेश के सभी नागरिकों के लिए राजकॉप ऐप पर एसओएस अलर्ट एवं जांच की प्रगति की भी जानकारी उपलब्ध करवायी जा रही है। उन्होंने अभियोजन के प्रकरणों में होने वाले स्थगन संबंधी मामलों की प्रभावी निगरानी के निर्देश दिए। फॉरेंसिक लैब का हो आधुनिकीकरण, पर्याप्त मानव संसाधन हो नियोजित- मुख्यमंत्री ने कहा कि नए कानूनों में फॉरेंसिक दक्षता को लेकर भी बेहतर प्रावधान किए गए हैं। प्रदेश में फॉरेंसिक लैब में आधुनिकीकरण सुनिश्चित करने के साथ ही पर्याप्त मानव संसाधन नियोजित किया जाए। साथ ही, पुलिस स्टेशनों में राजनेट कनेक्टिविटी और हार्डवेयर संसाधनों की शीघ्र पूर्ति की जाए। उन्होंने प्रदेश में चयनित मॉडल जिलों व वृतों में नवीन आपराधिक विधियों के शत प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। संवद के दौरान ई-साक्ष्य और ई-सम्मन ऐप पर सभी जांच अधिकारियों का पंजीकरण किया जा चुका है। ई-सम्मन की तामील राजकॉप ऐप और नए सीसीटीएनएस के माध्यम से करवायी जा रही है व इलेक्ट्रॉनिक तामील का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। संवाद में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म, मुख्य सचिव सुधांश पंत, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा सहित गृह, विधि और विधिक न्याय, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, सूचना प्रौद्योगिकी व संचार सहित संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

Rajasthan News: प्रदेश में कंज्यूमर केयर अभियान के तहत 2 लाख से अधिक का वसूला जुर्माना

उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा रक्षाबंधन के त्योहार के मध्यनजर 6 अगस्त से 8 अगस्त तक चलाये जा रहे कंज्यूमर केयर अभियान के दूसरे दिन गुरूवार को 117 फर्मों पर विधिक मापविज्ञान अधिनियम के अन्तर्गत निरीक्षण किए गए। जिनमें से डिब्बा बंद वस्तुएं नियम के तहत 22 फर्मों पर और सत्यापन प्रमाण पत्र व सत्यापित बाट माप नही पाये जाने पर 58 फर्मो पर प्रकरण दर्ज कर मौके पर ही नोटिस जारी कर 218500 रूपये का जुर्माना लगाया गया। इस अभियान का उद्देश्य व्यापारियों को उपभोक्ताओं के व्यापक हित में सही माप तौल करने के लिये प्रेरित करने के साथ ही उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के बारे में जाग्रत करने का संरक्षण करना है। किसी भी प्रकार की सेवा एवं वस्तुएं जो राशि देकर प्राप्त की गई हैं, उनकी शुद्धता, गुणवत्ता, मानक, मात्रा एवं सही माप—तौल उपभोक्ता का विधिक अधिकार है। इन अधिकारों के उल्लंघन पर उपभोक्ता, उपभोक्ता मामले विभाग को शिकायत कर सकता है। उपभोक्ता हैल्पलाइन पर दर्ज एयरलाइन, ऑटोमोबाइल, बैकिंग, ड्रग्स एवं मेडिसिन, विद्युत, फूड, पेट्रोलियम, इंश्योरेंस, टेलिकॉम जैसे सभी महत्वपूर्ण विषयों से संबंधित शिकायतों पर नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। उपभोक्ता राज्य उपभोक्ता हैल्पलाइन नं. 18001806030 और 14435 व वाट्सएप नं. 7230086030 पर शिकायत कर सकता है। उपभोक्ता हैल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करने के साथ ही परामर्श, सलाह और मार्गदर्शन भी लिया जा सकता है।

Farmer News: प्रदेश के 100 किसान नॉलेज इनहांसमेंट प्रोग्राम के तहत जायेगें विदेश भ्रमण पर

राज्य सरकार किसानों की क्षमता संवर्धन के दृष्टिगत उन्हें कृषि और सम्बद्ध क्षेत्रों में आधुनिक तकनीकों के उपयोग के लिए निरंतर प्रोत्साहित कर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नॉलेज इनहांसमेंट प्रोग्राम के अंतर्गत प्रदेश के 100 किसानों के विदेश भ्रमण और प्रशिक्षण की स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री की इस स्वीकृति से एफपीओ के 100 किसान नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और ब्राजील का भ्रमण करेंगे। इस एक्सपोजर विजिट में किसान नवीनतम तकनीकों और नवाचार के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। चयनित किसानों को नवंबर 2025 से मार्च 2026 के मध्य विभिन्न बैचों में 7 दिवसीय भ्रमण कराया जाएगा। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने किसान कल्याण के लिए अभूतपूर्व निर्णय किए हैं, जिनसे उनका आर्थिक सशक्तीकरण सुनिश्चित हो रहा है। इसी दिशा में नॉलेज इनहांसमेंट प्रोग्राम महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इसके माध्यम से प्रदेश के किसान उन्नत नवीनतम तकनीकों का अध्ययन करेंगे, जिसके उपयोग से वे अपनी फसलों के उत्पादन में वृद्धि कर सकेंगे। वहीं किसान उक्त 4 देशों में सफल कृषि सहकारी समितियों के संचालन का भी अध्ययन कर सकेंगे, जो संगठनात्मक संरचना की दृष्टि से एफपीओ के समान ही हैं।

political News: आक्रोशित जाट : बीजेपी की खड़ी करेंगे खाट, सतपाल मलिक और धनखड़ का घोर अपमान

-महेश झालानी

सत्यपाल मलिक अब नहीं रहे। एक बेबाक, निर्भीक और सच्चे किसान समर्थक नेता का अंत हो गया। लेकिन अंत से भी बड़ा सवाल ये है कि उनके साथ अंतिम विदाई में जो व्यवहार हुआ, वह किसी भी लोकतंत्र में एक बड़े नेता के साथ शोभा नहीं देता। एक पूर्व राज्यपाल, पूर्व मुख्यमंत्री और किसान आंदोलन के दौरान सरकार के खिलाफ बोलने वाले विरले नेताओं में शामिल सत्यपाल मलिक को जब अंतिम विदाई दी गई, तब न कोई तिरंगा, न गार्ड ऑफ ऑनर और न ही कोई केंद्रीय मंत्री उनके पास अंतिम सलामी देने आया। यह वही सत्यपाल मलिक थे जिन्होंने खुले मंच से सरकार की आलोचना की, किसानों के हक में खड़े हुए, और अपनी कुर्सी की परवाह किए बिना अपनी बात कही। शायद यही कारण था कि केंद्र सरकार ने उन्हें जीते जी उपेक्षित रखा और मरने के बाद भी औपचारिकता निभाने की जरूरत नहीं समझी। यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि पूरे जाट समाज की अस्मिता पर चोट है। हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, ये वो क्षेत्र हैं जहां जाट मतदाता राजनीतिक दिशा तय करते हैं। और जब इसी समाज का सबसे मुखर चेहरा इस तरह विदा किया जाए, तो आक्रोश स्वाभाविक है। मानो इतना ही काफी नहीं था कि जगदीप धनखड़ का नाम सामने आ गया । देश के उपराष्ट्रपति पद पर बैठे एक और जाट नेता को पार्टी नेतृत्व के दबाव में इस्तीफा देना पड़ा। सूत्रों की मानें तो धनखड़ की चुप्पी लंबे समय से सवालों के घेरे में थी, और अब उनके अचानक पद छोड़ने से साफ है कि उन्हें किनारे लगाया गया। दो-दो जाट नेताओं के साथ हुए इस व्यवहार ने भाजपा की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या भाजपा अब जाट नेतृत्व को बोझ मानने लगी है? क्या जो नेता सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हैं, उनके लिए पार्टी में कोई जगह नहीं? इस पूरे घटनाक्रम के बाद जाट समाज में गुस्सा साफ देखा जा सकता है। यह गुस्सा सिर्फ भावनात्मक नहीं है, यह राजनीतिक जमीन पर भी असर डालने वाला है। सत्यपाल मलिक की उपेक्षा और धनखड़ की विदाई ने यह संदेश दे दिया है कि भाजपा अब जाटों की आवाज को दबाना चाहती है। राजस्थान में भाजपा के कई स्थानीय जाट नेता भी इस मुद्दे पर असहज हैं। हरियाणा में दुष्यंत चौटाला जैसे नेता खुलकर मैदान में आ सकते हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जयंत चौधरी पहले ही मजबूत स्थिति में हैं। भाजपा के लिए अब यह सवाल नहीं है कि जाट समाज नाराज है या नहीं, बल्कि सवाल यह है कि इस नाराजगी की भरपाई कैसे की जाए? क्या सरकार अब सत्यपाल मलिक को मरणोपरांत कोई राजकीय सम्मान देगी? क्या धनखड़ को किसी और रूप में पुनः प्रतिष्ठित किया जाएगा? या फिर यह मान लिया जाए कि भाजपा ने एक ऐसे वोट बैंक को स्वयं अपने हाथों से दूर कर दिया है, जो दशकों से उसकी नींव था? यह कोई छोटी बात नहीं कि दो शीर्षस्थ जाट नेताओं के साथ इस तरह का व्यवहार हो और पूरे समाज में सन्नाटा न छाए। जाट समाज चुप है, लेकिन यह चुप्पी असहज करने वाली है। यह चुप्पी तूफान से पहले की खामोशी हो सकती है। अगर भाजपा समय रहते इस चूक को नहीं संभालती, तो 2029 का लोकसभा चुनाव उन राज्यों में भाजपा के लिए मुश्किलों भरा हो सकता है, जहां जाटों की भूमिका निर्णायक है। सत्यपाल मलिक का अपमान और धनखड़ की विदाई, ये दो घटनाएं जाट समाज के आत्मसम्मान से जुड़ चुकी हैं। अब भाजपा के सामने एक ही रास्ता है कि वह सम्मान के साथ जाट नेताओं से संवाद स्थापित करे । जाटो की नाराजगी एक हद तक तभी दूर हो सकती है, जब उप राष्ट्रपति पद पर किसी जाट नेता को खड़ा किया जाए । क्या बदली परिस्थिति में सतीश पूनिया की लॉटरी खुल सकती है ? अगर इस कौम की नाराजगी दूर नही की गई तो जाट समाज सिर्फ इतिहास नहीं बदलता, सत्ता बदलने का माद्दा भी रखता है।

Seasonal illness News: प्रदेश में अब ‘मच्छर’ से होगा मौसमी बीमारियों उपचार

प्रदेश में चिकित्सा विभाग मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए नया प्रयोग करने जा रहा है। इस प्रयोग से अब मच्छरों के जरीए मौसमी बीमारियों की रोकथाम की जायेगी। चिकित्सा विभाग के अनुसार डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया वायरस को जड़ से खत्म करने के लिए प्लान तैयार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि प्लान के तहत विभाग एंटोमोनोलॉजिकल यूनिट की लैब में लार्वा से एडल्ट ‘मच्छर’ तैयार करेगा। फिर इसे दिल्ली NCDC लैब में भेजा जायेगा। NCDC लैब में विशेषज्ञों की टीम पता लगाएगी की मच्छर किस बीमारी का स्प्रेड करेगा और ‘मच्छर’ बताएगा किस इलाके में ‘मच्छर’ जनित किस बीमारी का सबसे ज्यादा खतरा है। इसके बाद विभाग प्रदेश में क्षेत्रवार चिन्हित बीमारियों की रोकथाम के लिए छिड़काव कराएगा। यह भी बताया जा रहा है कि विभाग सबसे पहले जयपुर जोन में इस का प्रयोग करेगा।

SOG NEWS: एसओजी की जांच में 24 सरकारी कर्मचारी निकले फर्जी

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प्रदेश में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) को फर्जी प्रमाणपत्रों से नौकरी करने वालों की लगातार सूचना मिल रही थी। मिल रही सूचना पर एसओजी ने कार्यवाही कर 24 सरकारी कर्मचारियों को पकड़ा है। एसओजी के अनुसार प्रदेश में शिक्षक, स्टेनोग्राफर, विकास अधिकारी और कनिष्ठ सहायक पदों पर नौकरी पाने के लिये 24 लोगों ने फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र लगाये है। एसओजी एसपी ज्ञानचंद यादव ने संचार माध्यमों को बताया कि विभाग को सूचना मिली थी कि कई लोगों ने फर्जी दिव्यांग प्रमाण-पत्र से सरकारी नौकरी प्राप्त कर ली। मामले में संज्ञान लेते हुए एसएमएस मेडिकल कॉलेज के विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों का बोर्ड गठित कर दिव्यांग श्रेणी के लोक सेवकों का वापस मेडिकल करवाया था। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार मात्र 5 लोक सेवक ही दिव्यांग होने की पत्रता रखते है। वहीं 24 दिव्यांग लोक सेवकों को मेडिकल बोर्ड ने दिव्यांग वर्ग के लिए अनफिट माना है। उन्होंने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि श्रव्यबाधित 13 में से 13 लोक सेवक दिव्यांग कैटेगिरी के लिए अनफिट पाए गए। दृष्टिबाधित 8 दिव्यांगों में से केवल 2 दिव्यांग ही सही पाए गए। इसी प्रकार लोकोमोटर और अन्य प्रकार के दिव्यांगता में 8 लोक सेवकों में से 5 दिव्यांग कैटेगिरी के लिए उपयुक्त पाए गए। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार महेन्द्र पाल सिंह निवासी धोटी (राजसमंद), सवाई सिंह गुर्जर निवासी हिण्डौन (करौली), हंटु गुर्जर निवासी श्यामपुरा (आमेर), मनीष कुमार कटारा निवासी दाहिना (भरतपुर), केशव उर्फ खुब्बाराम यादव निवासी सांवत (किशनगढ़ रेनवाल), कविता यादव निवासी सांवत (किशनगढ़ रेनवाल), बिकेश कुमार निवासी केलूरी (नदबई), भानुप्रताप कटारा निवासी दाहिना (रूपवास), नफीस निवासी सबलाना (कामां), रणजीत सिंह निवासी नंगला अलागरीजी (बयाना), कलुआ राम सिंह निवासी नंगला अलागरीजी (बयाना), पवन कुमार सिंह निवासी आबूरोड रिको (सिरोही),कंवर शेखावत निवासी आबूरोड शहर (सिरोही), दिनेश कुमार बिश्नोई निवासी खरड, धोरीमन्ना (बाड़मेर), लोकेश निवासी नदबई (भरतपुर), संजय निवासी नोखा (बीकानेर), दीपू निवासी सबलपुर (डीडवान-कुचमान), गेपु राम निवासी रास (पाली), प्रशांत सिंह निवासी आबूरोड शहर (सिरोही), छिन्दपाल सिंह निवासी केसरीसिंहपुर (गंगानगर), आसी कुमारी निवासी बाड़मेर ग्रामीण, डॉ शंकर लाल मीणा निवासी कोतवाली (बूंदी), जगदीश चौधरी निवासी रुपनगढ़ (अजमेर) और किशोर सिंह निवासी सबलपुर (डीडवाना-कुचामन) अयोग्य पाए गए।  

C M NEWS: सरकार ने 9 पुलिस निरीक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति प्रदान कर राज्य सेवा से किया बाहर

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार आमजन को संवेदनशील, भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी सुशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने राज्य सेवा के अधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही, अभियोजन स्वीकृति और 17-ए के विचाराधीन 37 प्रकरणों का निस्तारण करते हुए 55 अधिकारियों के जांच प्रकरणों में कार्यवाही की है। श्री शर्मा ने राज्य कर्मचारियों की अक्षमता, अकर्मण्यता और असंतोषजनक कार्य निष्पादन के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए गृह विभाग के 9 पुलिस निरीक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति प्रदान कर राज्य सेवा से बाहर किया है। उन्होंने कार्मिकों की कार्य-शैली, कार्य-दक्षता, सत्यनिष्ठा, विभागीय जांच कार्यवाही और कार्य मूल्यांकन प्रतिवेदन जैसे कार्य की विभिन्न स्तर पर स्क्रीनिंग करते हुए 9 कार्मिकों के प्रकरणों का उच्च स्तरीय समिति से परीक्षण करवाकर अनिवार्य सेवानिवृत्ति की कार्यवाही की है। मुख्यमंत्री ने नियम विरूद्ध भू-आवंटन के एक गंभीर प्रकरण मंे भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी के विरूद्ध अखिल भारतीय सेवाएं (अनुशासन एवं अपील) नियम 1969, के नियम 8 के तहत कार्यवाही प्रारम्भ किए जाने का अनुमोदन किया है। उन्होंने लंबित प्रकरणों का निस्तारण करते हुए 6 अधिकारियों के विरूद्ध अभियोजन चलाने की मंजूरी तथा राजस्थान प्रशासनिक एवं लेखा सेवा के 2 अधिकारियों के विरूद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संषोधन) अधिनियम 2018 की धारा 17-ए में विस्तृत जांच एवं अनुसंधान करने की अनुमति भी प्रदान की। श्री शर्मा ने सेवारत 13 अधिकारियों के विरूद्व सीसीए नियम-16 के तहत विभागीय जांच कार्यवाही में वार्षिक वेतन वृद्धियां संचयी/असंचयी प्रभाव से रोकने का निर्णय लिया है। उन्होंने सेवानिवृत्त अधिकारियों के पुराने प्रकरणों का निस्तारण करते हुए पेंशन नियमों के तहत 5 अधिकारियों की पेंशन रोके जाने का निर्णय किया, इनमें से एक अधिकारी के विरूद्ध भ्रष्टाचार प्रकरण में दोष सिद्धि होने से शत प्रतिशत पेंशन रोकने की सख्त शास्ति अधिरोपित की गई है। साथ ही, सेवानिवृत्त अधिकारियों के विरूद्ध संचालित 9 प्रकरणों में 14 अधिकारियों पर प्रमाणित आरोपों के जांच निष्कर्ष का अनुमोदन भी किया। मुख्यमंत्री ने सीसीए नियम-34 के तहत एक अधिकारी द्वारा प्रस्तुत पुनर्विलोकन याचिका को निरस्त करते हुए दण्ड को यथावत रखा और सेवारत अधिकारियों के 3 प्रकरणों में सीसीए नियम-23 के तहत अपील स्वीकार करने एवं 2 अधिकारियों के विरूद्ध अपील आंशिक स्वीकार करने का निर्णय लिया।

Mines News: खान विभाग में 31 दिसंबर तक जारी रहेगी बकाया और ब्याजमाफी योजना

राज्य सरकार ने खान विभाग की विभागीय बकाया और ब्याज माफी योजना जारी कर अप्रधान खानधारकों, क्वारी लाइसेंसधारकों, आरसीसी-ईआरसीसी ठेका धारकों, एसटीपी व निर्माण विभाग के बकायादारों को मूलधन में स्लेब अनुसार व ब्याज में शतप्रतिशत की छूट देते हुए बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री से अप्रधान खान लीजधारकों व माइंस एसोसिएशनों के पदाधिकारियों द्वारा बकाया राशि की माफी योजना लागू करने की लगातार मांग की जाती रही है। उन्होने खानधारकों द्वारा की जा रही मांग देखते हुए बड़़ी राहत प्रदान की है। श्री शर्मा के इस निर्णय से जहां संबंधित खानधारकों को राहत मिलेगी वहीं बकाया राजस्व की वसूली व वसूली प्रयासों में लगने वाले अनावश्यक समय और धन की बचत होगी। वसूली कार्य में नियोजित मानव संसाधन का प्रोडक्टिव कार्यों में उपयोग होगा। राज्य सरकार ने बजट घोषणा 2025 में खान विभाग की बकाया और ब्याजमाफी योजना के क्रियान्वयन में योजना जारी कर दी है। यह योजना 31 मार्च, 24 तक के बकाया मूलधन व ब्याज पर लागू होगी। योजना 31 दिसंबर, 2025 तक प्रभावी रहेगी। प्रमुख सचिव खान एवं भूविज्ञान टी. रविकान्त ने बताया कि योजना को व्यावहारिक बनाने के साथ ही इसका दायरा भी बढ़ाया गया है। पहली बार अप्रधान खनिज की प्रभावी, खण्डित, अध्यर्पित, अवधि समाप्त खनिज रियायतों यथा खनन पटटा, क्वारी लाईसेंस, ईंट मिटटी परमिट, बजरी खनन हेतु जारी अस्थाई कार्यानुमति के रियायत धारकों द्वारा माईनिंग प्लान, पर्यावरण स्वीकृति, कन्सेन्ट टू ऑपरेट से अधिक उत्पादन दोष और किसी निर्णय के कारण खनिज रियायत को नल एण्ड वॉइड घोषित किए जाने पर घोषित करने की तिथि से पूर्व की अवधि में खनिज निर्गमन को अवैध निर्गमन मानकर कायम की गई शास्ति की 31.03.2024 तक की बकाया का 20 प्रतिशत मूलराशि जमा करने पर शेष बकाया राशि और सम्पूर्ण ब्याज राशि माफ की जावेगी। खण्डित और अवधि समाप्त खनन पट्टों, क्वारी लाइसेंस, बजरी हेतु जारी अस्थाई कार्यानुमति, एसटीपी व ईंट भट्टा परमिटों की बकाया के प्रकरणों में 31 मार्च, 1990 तक के बकाया की 5 प्रतिशत मूलराशि जमा कराने, 1 अप्रेल, 90 से 31 मार्च, 2000 तक के बकाया की 15 प्रतिशत, 1 अप्रेल, 2000 से 31 मार्च, 2010 तक के बकाया की 35 प्रतिशत, 1 अप्रेल, 2010 से 31 मार्च, 2020 तक के बकाया कि 45 प्रतिशत और 1 अप्रेल 2020 से 31 मार्च, 2024 तक की बकाया राशि की 60 प्रतिशत मूल राशि जमा कराने पर शेष मूलराशि और समस्त ब्याजराशि की छूट दी गई है। वहीं आर.सी.सी.-ई.आर.सी.सी. ठेकों की बकाया मामलों में 31 मार्च, 2010 तक खंडित ठेकों में 30 प्रतिशत मूल बकाया और पूर्ण ठेका अवधि पूरी करने वाले ठेकों में 40 प्रतिशत मूल बकाया राशि जमा कराने पर शेष मूल बकाया और समस्त ब्याजराशि की छूट दी गई है। एक अप्रेल, 2010 से 31 मार्च 2024 तक के खंडित ठेकों में 40 प्रतिशत और पूर्ण अवधि तक प्रभावशील ठेकों में 50 प्रतिशत बकाया मूलराशि जमा कराने पर शेष मूलराशि व संपूर्ण ब्याजराशि की छूट दी गई है। रियायतधारकों द्वारा स्वीकृत क्षेत्र से खनिज के बिना रवन्ना, रवन्नाओं का किसी भी तरह से दुरूपयोग कर निर्गमन करने के मामलों में 31 मार्च, 2021 तक के मामलों में 10 प्रतिशत और एक अप्रेल, 2021 से 31 मार्च, 2024 तक बकाया मूल राशि की 15 प्रतिशत राशि जमा कराने पर शेष मूलराशि और समस्त बकाया ब्याज की छूट दी गई है। स्वीकृत क्षेत्र के बाहर किये गये अवैध खनन अथवा ईंट मिट्टी परमिट धारक द्वारा परमिट अवधि समाप्ति पश्चात किये गये अवैध खनन के प्रकरणों में 31 मार्च, 2021 तक के बकाया की 15 प्रतिशत और एक अप्रेल, 2021 से 31 मार्च, 2024 तक की बकाया की 25 प्रतिशत मूलराशि जमा कराने पर शेष मूलराशि और समस्त ब्याज राशि की छट दी गई है। आरएसएमईटी, एनजीटी, सक्षम न्यायालय द्वारा निर्धारित की गई शास्ति राशि या अन्य राशि पर ये योजना लागू नहीं होगी। किसी न्यायालय अथवा अपील, रिवीजन में लम्बित प्रकरणों में बाकीदार द्वारा सम्बन्धित न्यायालय से वाद विड्रॉ करने और अण्डरटेकिंग देने पर विचार किया जा सकेेगा। योजना तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। योजना का क्रियान्वयन संबंधित एमई, एएमई के कार्यालय में होगा और वित्तीय सलाहकार खान विभाग स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।

Roadways News: प्रदेश में अब रोडवेज का न्यूनतम किराया 2.50 रुपए

प्रदेश में परिवहन विभाग ने मंगलवार को स्टेज कैरिज की सभी श्रेणी की बसाें में 30 प्रतिशत तक किराया बढ़ाने का एलान किया है। इससे अब रोडवेड बसों में यात्रा करना महंगा हो जायेगा। वहीं रोडवेज ने किराया बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। रोडवेज प्रशासन किराये में 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर सकता है। रोडवेज के आदेशानुसार साधारण बसों में 95 पैसे प्रति किमी, एक्सप्रेस/मेल बसों में 1 रुपए प्रति किमी, सेमी डीलक्स बसों में 1.10 रुपए प्रति किमी, डीलक्स बसों में 1.70 रुपए प्रति किमी और एसी बसों में प्रति यात्री 2.50 रुपए प्रति किमी की बढ़ोतरी की जा सकती। रोडवेज में बसों का न्यूनतम 5 किमी के लिए व्यस्क यात्री से केवल 5 रुपए और बच्चों से 2.50 रुपए किराया लिया जाएगा। परिवहन विभाग ने किराया बढ़ाने का कारण के डीजल और मेंटेनेंस लागत में बढ़ोतरी, बढ़ती महंगाई और बेहतर सेवा प्रदान करने का बताया है। इससे निजी बस संचालकों को राहत मिलने के साथ ही यात्रियों को व्यवस्थित और सुरक्षित यात्रा अनुभव मिलेगा।

C M NEWS: आंगनबाड़ी केन्द्र हमारे समाज में संस्कारों के केन्द्र हैं —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्र हमारे समाज में संस्कारों के केन्द्र हैं। शिशु की पहली गुरू माता होती है। दूसरी गुरू आंगनबाड़ी की माता-बहनें हैं। इस भूमिका में वे पोषण वितरण के साथ नौनिहालों को मजबूत और स्वस्थ करने का भी कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महिला सशक्त होगी तो ही देश और प्रदेश सशक्त बनेगा। हमारी सरकार महिलाओं को सुरक्षित वातावरण देते हुए प्रदेश को सुरक्षित, विकसित और नारी सशक्तीकरण का एक रोल मॉडल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सुपोषित राजस्थान के लिए आंगनबाड़ी बहनों को पोषण की शपथ भी दिलवाई। श्री शर्मा मंगलवार को बिडला सभागार में मुख्यमंत्री संग रक्षाबंधन-आंगनबाड़ी बहन सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी बहनें प्रदेश की महिलाओं और बच्चों के जीवन को बेहतर बनाने, उनके स्वास्थ्य और पोषण को सुनिश्चित करने एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करने में अहम योगदान दे रही हैं। उन्होंने सभी बहनों को रक्षाबंधन की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महिलाएं ‘नारी तू नारायणी’ की भावना को साकार करते हुए बहन, पत्नी, माता, संरक्षक के रूप में बखूबी काम कर रही हैं। ग्रामीण और शहरी परिवेश में महिलाएं घर-परिवार को आगे बढ़ाती हैं। मुख्यमंत्री ने बहनों की सुरक्षा-सम्मान का किया वादा- समारोह में श्री शर्मा को महिलाओं ने तिलक लगाकर रक्षा सूत्र बांधा और नारियल भी भेंट किया। श्री शर्मा ने भी राखी के उपहार स्वरूप प्रदेश की 1 लाख 21 हजार आंगनबाड़ी बहनों को डीबीटी के माध्यम से 501-501 रुपये की राशि हस्तांतरित की। आंगनबाड़ी बहनों को छाता और मिठाई भी उपहार स्वरुप भेंट किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों के द्वारा मेरी कलाई पर बांधी गई यह राखी मेरा सुरक्षा कवच है। मैं बहनों की सुरक्षा और सम्मान का वादा करता हूं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राखी के अवसर पर प्रदेश की बहनों के लिए रोडवेज बसों में दो दिन निःशुल्क यात्रा की घोषणा की। प्रदेश में बनी 9 लाख 25 हजार लखपति दीदी- मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में महिला सशक्तीकरण के लिए निरंतर फैसले लिए गए हैं। राज्य में लखपति दीदी योजना के तहत 18 लाख 25 हजार महिलाओं को प्रशिक्षित कर 9 लाख 25 हजार लखपति दीदी बनाई गई हैं। प्रदेश में 450 रुपये में गैस सिलेंडर, मां वाउचर योजना के तहत निशुल्क सोनोग्राफी और लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत 2 लाख 46 हजार बालिकाओं को डेढ़ लाख रुपये का सेविंग बॉण्ड, करीब 33 हजार बेटियों को स्कूटी और साढ़े दस लाख से ज्यादा साइकिल वितरण जैसे योजनाओं और नवाचारों से महिलाओं को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कालिका पेट्रोलिंग यूनिट, तीन महिला बटालियन, 65 एंटी रोमियो स्क्वॉड, पुलिस थानों में महिला सुरक्षा एवं सलाह केन्द्रों का संचालन किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कुपोषित बच्चों के लिए स्किम्ड दूध की मात्रा 15 ग्राम से बढ़ाकर 25 ग्राम करते हुए दूध युक्त बालाहार प्रीमिक्स पैकेट का शुभारंभ किया। इस दौरान आंगनबाडी कार्यकर्ताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। समारोह में महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री डॉ. मंजू बाघमार, शासन सचिव महिला एवं बाल विकास महेन्द्र सोनी सहित वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी बहनें मौजूद रहीं। कार्यक्रम से सभी जिलों से भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़ीं।