मेजर मिनरल ब्लॉकों की नीलामी में राजस्थान होगा अग्रणी प्रदेश -प्रमुख सचिव

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राजस्थान ने माइनिंग सेक्टर में आत्म निर्भर की दिशा में आगे बढ़ते हुए अब मेजर मिनरल ब्लॉकों की नीलामी के साथ ही खानों को परिचालन में लाने की तैयारी शुरु कर दी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व व मार्गदर्शन में खान एवं भूविज्ञान विभाग द्वारा मेजर मिनरल के प्री-एम्बेडेड ब्लॉकों की नीलामी की राह प्रशस्त हुई है। जल्दी ही प्री-एम्बेडेड ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया आरंभ होने के साथ प्री एम्बेडेड ब्लॉकों की नीलामी करने वाला राजस्थान देश का प्रमुख और पहला राज्य बन जाएगा। हालांकि अन्य प्रदेशों में भी तैयारियां जारी है। आने वाले महीने-बीस दिनों में आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करने के तेजी से प्रयास किये जा रहे हैं। इसके बाद ई नीलामी की निविदा सूचना जारी की जा सकेगी। खान एवं पेट्रोलियम विभाग के प्रमुख सचिव टी. रविकान्त ने बताया कि विभाग द्वारा मेजर मिनरल के चयनित ब्लॉकों के परिचालन में लाने की आवश्यक अनुमतियां पहले से ही प्राप्त कर उन्हें नीलामी की दिशा में कदम बढ़ाएं हैं। इसके लिए चयनित ब्लॉकों के लिए आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करने की कार्यवाही आरएसएमईटी द्वारा की जा रही है। उन्होंने बताया कि नीलाम खानों को परिचालन में लाने के लिए राजस्थान सहित देश के अधिकांश राज्यों में वर्तमान में ढ़ाई से तीन साल लग जाते हैं। इससे निवेश, रोजगार और राजस्व प्रभावित होने के साथ ही एलओई धारक को आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करने में देरी हो जाती है और खनन कार्य आरंभ नहीं हो पाता है। केन्द्र और राज्य सरकार इसके लिए गंभीर है। श्री रविकान्त ने बताया कि केन्द्रीय खान मंत्रालय ने एमएमडीआर एक्ट में संशोधन कर सभी राज्यों से प्राथमिकता के आधार पर पांच-पांच ब्लॉक तैयार कर इनकी आवश्यक सभी अनुमतियां पहले से ही प्राप्त कर नीलाम करने को कहा है ताकि नीलाम खाने जल्द परिचालन में आ सके। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार के निर्देशों के अनुसार इसके लिए प्रोजेक्ट मॅानिटरिंग यूनिट घोषित कर आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करने का काम उससे पूरा कराकर इसके बाद मिनरल ब्लॉकों का ऑक्शन किया जाएं। राज्य सरकार द्वारा केन्द्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार राजस्थान स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट आरएसएमईटी को पीएमयू घोषित कर आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करने की जिम्मेदारी दी गई है। प्री-एम्बेडेड का अर्थ श्री रविकान्त ने बताया कि प्री-एम्बेडेड ब्लॉकों की जियोलोजिकल रिपोर्ट, ब्लॉकों का सीमांकन, डीजीपीएस सर्वें सहित आवश्यक औपचारिकताएं आरएसएमईटी द्वारा पूरी कर ली गई है और अन्य औपचारिकताएं पूरी करने का कार्य जारी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जल्द ही अन्य अनुमतियां प्राप्त कर प्री-एम्बेडेड ब्लॉकों की सबसे पहले नीलामी करने वाला संभवतः राजस्थान सबसे पहला प्रदेश बन जाएगा। इससे प्री-एम्बेडेड नीलाम खानों में एलओआई जारी होने के बाद शीघ्र खनन कार्य आरंभ हो सकेगा। इससे खनिजों की आपूर्ति व्यवस्था में तेजी आएगी और निवेश और रोजगार वृद्धि से आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

C M NEWS: स्वदेशी उत्पाद अपनाकर देश की अर्थव्यवस्था को करें मजबूत -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) सरलीकरण तथा टैक्स स्लैब में परिवर्तन का निर्णय ऐतिहासिक हैं। उन्होंने कहा कि देशवासियों को त्योहारों के अवसर पर दी गई इस बड़ी सौगात से रोटी, कपड़ा और मकान सस्ते होंगे और आमजन को बड़ी राहत मिलेगी। श्री शर्मा ने सोमवार को मानसरोवर क्षेत्र के प्रमुख बाजारों में व्यापारियों और आमजन को जीएसटी बचत उत्सव के तहत जागरूक किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठानों पर जीएसटी बचत उत्सव से संबंधित स्टीकर्स लगाए तथा लोगों को स्वदेशी उत्पाद अपनाने के लिए प्रेरित किया। उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आमजन के प्रति संवेदनशील हैं। उन्होंने जनता की परेशानी को समझते हुए 22 सितंबर से लागू नए जीएसटी स्लैब के माध्यम से मध्यम वर्ग, किसान, व्यापारी एवं उद्योगपतियों सहित सभी वर्गों को राहत दी हैं। जीएसटी के नए प्रावधानों के तहत अब अधिकांश वस्तुएं 4 की बजाय 2 टैक्स स्लैब के दायरे में आएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जीएसटी बचत उत्सव के तहत 22 से 29 सितंबर तक विशेष जन-जागरूकता अभियान चला रही है, जिसके तहत उपभोक्ताओं और व्यापारियों को जीएसटी सरलीकरण से होने वाले लाभों की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आमजन और व्यापारी जीएसटी बचत उत्सव के रूप में मनाएं तथा अधिक से अधिक स्वदेशी उत्पाद अपनाएं। इससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

C M NEWS: मुख्यमंत्री ने महारानी फार्म-मानसरोवर लिंक ब्रिज का किया लोकार्पण

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को मानसरोवर क्षेत्र में महारानी फार्म-मानसरोवर लिंक ब्रिज के नवीनीकरण कार्य का फीता खोलकर लोकार्पण किया। लगभग 6 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पुलिया के नवीन निर्माण कार्य के अंतर्गत बॉक्स कल्वर्ट पद्धति से इसकी ऊंचाई 2 मीटर तक बढ़ाई गई है। इससे वर्षाकाल में पुलिया पर द्रव्यवती नदी के जल का बहाव नहीं होने से पुलिया पर यातायात सुचारू होगा तथा आमजन को बड़ी राहत मिलेगी। उल्लेखनीय है कि दुर्गापुरा टोंक रोड़ क्षेत्र को मानसरोवर से जोड़ने वाली यह पुलिया महारानी फार्म एवं अग्रवाल फार्म के मध्य द्रव्यवती नदी पर स्थित है। पूर्व में इस पुलिया की ऊंचाई कम होने के कारण वर्षाकाल में नदी का पानी पुलिया के ऊपर से बहकर निकलता था, जिससे यातायात अवरूद्ध हो जाता था। आमजन को इससे होने वाली परेशानी को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने पुलिया की ऊंचाई बढ़ाने के निर्देश दिए थे।

C M NEWS: जीएसटी सरलीकरण का समाज के सभी वर्गों को मिलेगा लाभ —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा जीएसटी दरों में किए गए सरलीकरण से गरीब, किसान, मध्यम वर्ग, व्यापारी और उद्योगपतियों सहित समाज के सभी वर्गों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा देशवासियों को त्यौहारों के शुभ अवसर पर जीएसटी दरों में कमी की अनूठी सौगात दी गई है। इसका व्यापक लाभ सुनिश्चित करने के लिए जन-जागरूकता आवश्यक है। श्री शर्मा रविवार को जीएसटी दरों के संबंध में मंत्रीगण और विधायकों की वीसी के माध्यम से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य में 22 से 29 सितम्बर तक जीएसटी सुधार और दर युक्तिकरण जन-जागरूकता कार्यक्रम ‘जीएसटी बचत उत्सव’ शुरू किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य जीएसटी दरों में कटौती का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के साथ ही व्यवसायी वर्ग को प्रेरित करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन नेशन वन टैक्स प्रणाली की ओर बढ़ते हुए देश में वर्ष 2017 में जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) लागू किया गया था। इसमें 5, 12, 18 व 28 प्रतिशत की चार अलग-अलग टैक्स स्लैब थी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने गत स्वतंत्रता दिवस पर जीएसटी सुधारों की घोषणा की, जिसकी अनुपालना में अब दिनांक 22 सितम्बर से देश में मुख्य रूप से दो दरें 5 प्रतिशत व 18 प्रतिशत प्रभावी हो रही हैं। केवल विलासिता से संबंधित वस्तुओं पर ही 40 प्रतिशत टैक्स दर लागू होगी। उन्होंने कहा कि इस कदम से दैनिक उपयोग की अधिकांश वस्तुएं सस्ती होंगी और आमजन को बड़ी राहत मिलेगी। श्री शर्मा ने कहा कि किसान, मध्यम वर्ग और स्वास्थ्य क्षेत्र को भी इस कटौती का फायदा मिलेगा। टैक्स कम होने से वस्तुओं की मांग बढ़ेगी, व्यापारी लाभान्वित होंगे तथा उद्योगों को सरल कर संरचना का लाभ मिलेगा।

C M NEWS आवश्यकता होने पर किसानों को बिजली खरीदकर उपलब्ध कराएं -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि किसान राज्य की अर्थव्यवस्था के प्रमुख आधार स्तम्भ हैं और उनको कृषि कार्यों के लिए सुचारू बिजली आपूर्ति सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी रबी सीजन में किसानों को पर्याप्त व निर्बाध बिजली आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित की जाए। श्री शर्मा रविवार को ऊर्जा विभाग की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आगामी रबी सीजन के दौरान बिजली आपूर्ति व्यवस्था में किसी प्रकार की बाधा ना आए, इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली उत्पादन इकाइयों का रख-रखाव कार्य समय से पूरा कर लिया जाए, ताकि रबी सीजन में अक्टूबर से फरवरी माह के दौरान किसी भी स्थिति में उत्पादन इकाइयों को शट-डाउन ना करना पड़े। श्री शर्मा ने कहा कि इस मानसून सीजन में राज्य में अच्छी बारिश होने के कारण फसलों का बुवाई क्षेत्र बढ़ा है। इससे गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष रबी सीजन के दौरान विद्युत की मांग बढ़ने की संभावना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पीक डिमांड के दौरान यदि आवश्यकता हो तो अतिरिक्त बिजली खरीदकर उपलब्ध कराई जाए, ताकि रबी फसलों की सिंचाई प्रभावित ना हो। उन्होंने कहा कि उत्पादित विद्युत के स्टोरेज के लिए बैटरी स्टोरेज क्षमता में भी वृद्धि की जाए, जिससे आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। उन्होंने वर्ष 2027 तक किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने के लिए सौर ऊर्जा परियोजनाओं के कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए।

C M NEWS: सीकर की भूमि सदियों से संस्कारों, अध्यात्म और मानवीय मूल्यों की संवाहक रही है -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि युवा राष्ट्र की शक्ति का आधार हैं जो समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि युवा नशे से दूर रहते हुए अपना लक्ष्य हासिल करने के लिए दृढ इच्छाशक्ति के साथ मेहनत करें। राज्य सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है। श्री शर्मा रविवार को सीकर के सांवली में सेवा पखवाड़ा के तहत आयोजित नशामुक्ति शपथ ग्रहण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने हजारों युवाओं को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई। उन्होंने युवाओं का उत्सावर्धन करते हुए कहा कि बदलाव की शुरूआत स्वयं से होती है इसलिए हम नशामुक्त रहते हुए परिवार और समाज को भी इस बुराई से दूर रखें। इस चुनौती से निपटने के लिए हम सबको एकजुट होकर नशामुक्ति अभियान से जुड़ने का संकल्प लेना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीकर की भूमि सदियों से संस्कारों, अध्यात्म और मानवीय मूल्यों की संवाहक रही है। स्वामी विवेकानंद भी शेखावाटी की पावन धरती पर आ चुके हैं। यहां की प्राकृतिक सुंदरता, हरे-भरे खेत और कठोर परिश्रमी लोग राजस्थान का गौरव हैं। उन्होंने कहा कि यह देश की सुरक्षा करने वाले वीर योद्धाओं और अन्नदाता किसानों की धरती है। यहां जन्मे संत-महात्माओं ने सदैव समाज को सत्य और धर्म का मार्ग दिखाया है।

C M NEWS: मुख्यमंत्री की जीएसटी 2.0 पर व्यापारियों से हुई विशेष चर्चा

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर व्यापारियों व उद्योग संगठन के प्रतिनिधियों से जीएसटी रिफॉर्म पर विशेष चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जीएसटी स्लैब में बदलाव का आमजन के बीच प्रचार-प्रसार किया जाए। नागरिकों को इससे होने वाली आर्थिक बचत और उसके फायदे भी बताए जाएं। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक जीएसटी रिफॉर्म के साथ ही अब व्यापारी व उद्योग संगठन देश व आमजन की आवश्यकता की वस्तुएं देश में ही निर्मित करने के काम को नई दिशा दें। साथ ही, स्वदेशी के संकल्प को साकार बनाने के लिए आमजन भी देश में निर्मित वस्तुओं को खरीदें। श्री शर्मा ने कहा कि डबल इंजन की सरकार प्रदेश के ओद्यौगिक विकास के लिए कार्ययोजना बनाकर कार्य कर रही है। प्रथम वर्ष में ही राइजिंग राजस्थान का आयोजन कर प्रदेश में निवेश को बढ़ावा दिया गया है। उन्होंने कहा कि उद्योगों की सुगम स्थापना के लिए राज्य सरकार आधारभूत संरचनाओं का निरंतर विकास कर रही है। इस दौरान व्यापारियों व उद्योग संगठनों ने वस्तु और सेवाकर की स्लैब में बदलाव के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। इस दौरान मुख्यमंत्री कार्यालय एवं वित्त विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

Handicapped News: दिव्यांग सर्वोच्च न्यायालय में वकालत कर रहे हैं —केन्द्रीय मंत्री अमित शाह

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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि जब व्यक्ति अपने जीवन को सेवा कार्यों से जोड़ता है और विशेषकर दिव्यांगों के लिए, तब वह समाज के अन्य व्यक्तियों को भी प्रेरित करता है। जिससे अन्य लोग भी सेवा कार्य से जुड़ते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीमती सुशीला बोहरा, पारसमल बोहरा नेत्रहीन महाविद्यालय का लम्बे समय से संचालन कर दिव्यांगों की सेवा कर रही हैं और इस कार्य से समाज के विशिष्ट लोग भी जुड़े हैं। श्री शाह रविवार को जोधपुर के रामराज नगर चौखा में श्री पारसमल बोहरा नेत्रहीन महाविद्यालय के नवीन महाविद्यालय भवन, बॉयज हॉस्टल व गर्ल्स हॉस्टल के शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से महाविद्यालय में 3 नवीन भवनों का शिलान्यास हुआ है और उन्हें आशा है कि इनका निर्माण कार्य समय से पूर्ण होगा, जिससे दिव्यांग बच्चों के जीवन में उम्मीद का उजियारा आएगा। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि श्रीमती सुशीला बोहरा ने 5 विद्यालय, 2 महाविद्यालय और निःशुल्क शिक्षा, छात्रावास, भोजन और जरुरतमंदों को ऑडियो बुक्स, रिकॉर्ड लेक्चर्स, ब्रेल प्रिंटिंग प्रेस, स्क्रीन रीडर, कम्प्यूटर लैब तथा पुस्तकालय के माध्यम से सैकड़ों दृष्टिबाधित बच्चों के जीवन में ज्ञान और दृष्टि का प्रकाश प्रसारित किया है। उन्होंने कहा कि यह गर्व का विषय है कि यहां के बच्चे सरकारी बैकिंग व निजी क्षेत्र में काम कर रहे हैं और सर्वोच्च न्यायालय में वकालत भी कर रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का भी यही ध्येय है कि दिव्यांग भाई-बहनों का जीवन सरल, सहज और स्वाभिमानी हो। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि हम सब मिलकर एक ऐसा राजस्थान बनाएं, जहां हर व्यक्ति को सम्मान और अवसर मिले, जहां शिक्षा और स्वावलंबन से हर जीवन रोशन हो और जहां दिव्यांगता कोई कमजोरी नहीं, बल्कि सामर्थ्य की प्रतीक बने।

Cabinet News: कैबिनेट का महत्वपूर्ण निर्णय प्रदेश में बनेगी महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में मंत्रिमण्डल की बैठक आयोजित हुई। उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा एवं संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने प्रेसवार्ता में बताया कि प्रदेश में विश्वस्तरीय खेल प्रतिभाएं तैयार करने के लिए महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी जयपुर विधेयक लाने, राजमेस मेडिकल कॉलेजों में एनआरआई कोटा की फीस कम करने, दिवंगत कार्मिक के माता-पिता और दिव्यांग संतान के लिए पारिवारिक पेंशन के प्रावधानों के सरलीकरण और विभिन्न विभागों में कार्यरत कार्मिकों को पदोन्नतियों का लाभ देने के लिए सेवा नियमों में संशोधन सहित कई महत्वपूर्ण फैसले बैठक में किए गए। उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने बताया कि कैबिनेट की बैठक में ‘द महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी जयपुर बिल-2025’ के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। यह विधेयक विधानसभा के आगामी सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024-25 के बजट में प्रदेश में खेलों और शारीरिक शिक्षा को बढ़ावा देते हुए प्रतिभाशाली युवाओं को आधुनिक उपकरणों के साथ वैज्ञानिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने, विभिन्न खेलों के उच्चस्तरीय कोच एवं खेल विशेषज्ञ तैयार करने के लिए महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी स्थापित करने की घोषणा की गई थी। संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि 5,200 मेगावॉट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाओं हेतु सशर्त कीमतन भूमि आवंटित करने की स्वीकृति भी आज मंत्रिमंडल द्वारा प्रदान की गई है। इन इकाइयों की स्थापना से प्रदेश में अक्षय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों का सृजन भी होगा। श्री पटेल ने बताया कि वर्तमान में राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियम-1996 के नियम 62(IV) में दिवंगत कार्मिक के माता-पिता के मामले में कार्मिक की कुल परिलब्धियों की 30 प्रतिशत पारिवारिक पेंशन दिए जाने का प्रावधान है। राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस नियम को विलोपित करने का निर्णय लिया गया। अब माता-पिता को भी नियम 62(III) के अनुसार ही बढ़ी हुई पेंशन (अधिकतम 50 प्रतिशत तक) का लाभ प्राप्त हो सकेगा, जो कार्मिक के जीवित होने पर बनती है। वहीं राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियम-1996 के नियम 67 में संशोधन की स्वीकृति भी आज दी गई। इस संशोधन के अनुसार अब मानसिक या शारीरिक निशक्तता से ग्रसित पुत्र अथवा पुत्री को विवाह उपरांत भी पारिवारिक पेंशन प्राप्त हो सकेगी। संसदीय कार्यमंत्री ने बताया कि राजस्थान पर्यटन सेवा संवर्ग में स्वीकृत चतुर्थ पदोन्नति के पद वरिष्ठ अतिरिक्त निदेशक पर पदोन्नति के लिए प्रावधान निर्धारित किये जाने हेतु राजस्थान पर्यटन सेवा नियम, 1976 में प्रस्तावित संशोधनों का भी आज अनुमोदन किया गया। साथ ही, राजस्थान पुरातत्व एवं संग्रहालय सेवा नियम, 1960 में संयुक्त निदेशक (पे लेवल-18) के नवसृजित पद को शामिल किया जाएगा।

High Court News: डमी स्कूल-कोचिंग गठजोड़ शिक्षा के लिए कलंक —राजस्थान हाईकोर्ट

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न्यायाधीश अनूप कुमार ढंड ने एलबीएस कान्वेंट स्कूल, दी लॉर्ड बुद्धा पब्लिक स्कूल और इनके विद्यार्थियों की याचिकाओं पर कहा कि स्कूलों का कोचिंग संस्थानों से गठबंधन और विस्तार शिक्षा प्रणाली के लिए संकट व कलंक के समान है। श्री ढंड ने कहा राज्य सरकार और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड व राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड सहित सभी शिक्षा बोर्ड एसआईटी गठित करे, जो आकस्मिक निरीक्षण कर पता लगाए कि स्कूल के समय शिक्षक और छात्र-छात्रा कोचिंग संस्थान तो नहीं जा रहे। वहीं यदि विद्यार्थी स्कूल में गैरहाजिर है और उसी समय कोचिंग सेंटर जा रहा है तो स्कूल पर कार्रवाई कर मान्यता समाप्त की जाए। विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए नियम बनाने की आवश्यकता है। कोर्ट ने मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और सभी शिक्षा बोर्ड को आदेश की कॉपी भेजी है। कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि प्रदेश में अनेक स्कूल कक्षा 9 से 12 में विद्यार्थियों को डमी प्रवेश देते हैं। विद्यार्थियों को यहां आने की जरूरत नहीं रहती। बच्चे स्कूल समय में नीट-जेईई आदि की तैयारी के लिए कोचिंग सेंटर जाते हैं। ऐसे में शिक्षा इन संस्थानों के लिए व्यापार बन गई। इन निजी स्कूलों में अभिभावकों के अनुरोध और कोचिंग सेंटर की मिलीभगत से डमी एडमिशन होता है।