Jaipur State: सन् 1931 में हुई थी जयपुर स्टेट की जातिगत जनगणना

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—जितेन्द्र सिंह शेखावत
राजपूताना की रियासत कालीन स्टेट में सन् 1870 से अंग्रेज सरकार ने जातिगत जनगणना शुरू की थी। अंग्रेज सरकार ने सवाई रामसिंह द्वितीय के शासन में जयपुर स्टेट के गांव व शहरों की जनगणना के साथ जातियों के आंकड़े भी एकत्रित किए थे। सन् 1931 की जनगणना के कुछ आंकड़े सन् 1935 में प्रकाशित जयपुर एलबम में दिए गए है। जयपुर रियासत के करीब डेढ़ हजार गांवों और उसकी एक दर्जन निजामतों यानी जिलों की जातिगत आबादी के आंकड़े दिए हैं।
1931 के उस दौर में ढूंढाड़ के जयपुर राज्य में शेखावाटी और तंवरावाटी क्षेत्र शामिल है।  जयपुर स्टेट के गावों शहरों और कस्बों की आबादी 26 लाख 31 हजार 775 बताई गई थी।  एलबम के अनुसार 23 लाख 83 हजार 304 सनातनी और 2 लाख 14 हजार 581 मुसलमान और आर्य समाज को मानने वाले 1085 लोग बताए गये हैं। इसी तरह 29492 जैन धर्म के लोग थे।इनमें दिगम्बर, श्वैताम्बर और तेरापंथी शामिल थे। सिक्खों की संख्या 189 बताई गई थी। पूरे राज्य में 1558 और जयपुर शहर में ईसाईयों की संख्या 329 बताई गई थी। जाटों की संख्या 3 लाख 13 हजार 609 और पारम्परिक पूजा पाठ, खेती और अध्यापन का कार्य करने वाले ब्राह्मणों की संख्या 2 लाख 77 हजार 958 बताई थी। कभी ढूंढाड़ पर शासन करने वाली मजबूत, परिश्रमी  और खेती करने वाली मीणा जाति की आबादी 2 लाख 60 हजार 570 बताई गई थी। इसी प्रकार महाजनों की आबादी एक लाख 61 हजार 520 थी। रैगर, बलाई यानि कि एससी की आबादी 2 लाख 97 हजार 836 और गुर्जर एक लाख 92 हजार 542 और माली जाति एक लाख 36 हजार 931 बताई गई थी। कुम्हारों की संख्या 92 हजार 4 13 और 74 हजार 376 अहीर जाति बताई गई थी। कछवाहा जैसी सभी गौत्रों के राजपूतों की संख्या 1 लाख 13 हजार 389 थी। उन दिनों बीए पास करने वालों को ऊंचे ओहदे की नौकरी मिलती थी। हरिश्चन्द्र तोतुका को 1921 में जयपुर स्टेट की जनगणना का काम सौपा था।

RHB NEWS: जयपुर के प्रताप नगर में आवासन मंडल बनायेगा नए फ्लैट

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आवासन मंडल द्वारा बने फ्लैट और भूखंड खरीदने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए सुखद खबर है। मंडल द्वारा जयपुर के प्रताप नगर योजना, सेक्टर-28 में 3BHK व 4BHK के 84 पलैट्स जल्द ही बनाए जाएँगे। मंडल जल्द ही इनकी आवेदन प्रक्रिया भी शुरू कर देगा। यह निर्णय बुधवार को नगरीय विकास विभाग के प्रमुख शासन सचिव वैभव गालरिया की अध्यक्षता में आयोजित परियोजना समिति की 173वीं सभा में लिया गया। राजस्थान आवासन मण्डल मुख्यालय में हुई सभा में कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए। श्री गालरिया ने बताया की जयपुर के प्रताप नगर योजना के सेक्टर-28 में ग्रीनवुड आईकोनिक टाॅवर उच्च आय वर्ग के लिए 84 फ्लैट्स, ग्राम गोपालपुरा तहसील व जिला बांरा में 497 भूखण्ड का अनुमोदन और पानेरियों की मादडी, उदयपुर आवासीय योजना में EWS व LIG फ्लैट्स की योजना का आंशिक संशोधन के साथ अनुमोदन किया गया। आवासन आयुक्त डॉ. रश्मि शर्मा ने बताया कि ग्राम गोपालपुरा तहसील व जिला बांरा की प्रस्तावित आवासीय योजना (क्षेत्रफल 14.68 हैक्टेयर) के मानचित्र अनुमोदन और पानेरियों की मादडी, उदयपुर आवासीय योजना में मध्यम आय वर्ग-A व मध्यम आय वर्ग-B के फ्लैट्स के नियोजन के संबंध में निर्णय लिया गया। सभा में मुख्य नगर नियोजक राजस्थान विनय कुमार दलेला, मुख्य अभियन्ता अमित अग्रवाल, टी. एस. मीणा, प्रतीक श्रीवास्तव और वरिष्ठ नगर नियोजक पोद्दार प्रकाश शार्दूल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

C M NEWS: राज्य के किसानों को वर्ष 2027 तक दिन में बिजली देने का लक्ष्य है —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार विकसित राजस्थान के संकल्प को साकार करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसमें ऊर्जा एवं नगरीय विकास विभाग की अहम भूमिका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बिजली तंत्र और शहरी बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए केन्द्र सरकार से राज्य सरकार को भरपूर सहयोग प्राप्त हो रहा है। हमारी डबल इंजन की सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं को सफलतापूर्वक धरातल पर उतार रही है, जिससे प्रदेश की 8 करोड़ जनता को लाभ मिल रहा हैं। मुख्यमंत्री ने को मुख्यमंत्री आवास पर केन्द्रीय आवास, शहरी कार्य एवं विद्युत मंत्री मनोहर लाल के साथ ऊर्जा एवं नगरीय विकास विभाग की राज्य स्तरीय समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केन्द्र और राज्य सरकार की संयुक्त परियोजनाओं को केन्द्र के साथ समन्वय बनाते हुए समयबद्ध रूप से पूरा करें। श्री शर्मा ने ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान कहा कि हम राज्य के किसानों को वर्ष 2027 तक दिन में बिजली देने के लक्ष्य के साथ कार्य कर रहे है। इस लक्ष्य को हासिल करने में पीएम कुसुम योजना की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत राज्य में कम समय में ही लगभग 800 मेगावाट के विकेन्द्रीकृत सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित हुए हैं। श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं को पर्याप्त विद्युत आपूर्ति के लिए उत्पादन इकाइयों एवं प्रसारण तंत्रों का उचित रख-रखाव सुनिश्चित किया जाए। समीक्षा के दौरान केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में खासतौर से अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य में बेहतरीन कार्य किया जा रहा है। पीएम कुसुम योजना और पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में राज्य सरकार ने उल्लेखनीय प्रगति की है। केन्द्रीय मंत्री ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम द्वारा दिसम्बर माह तक 355 करोड़ रूपये से अधिक का लाभ अर्जित करने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पीक ऑवर्स में उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य में पंप स्टोरेज और बैटरी स्टोरेज की क्षमता को तेजी से विकसित किया जाए। उन्होने कहा कि प्रत्येक नगर निकाय में सीवरेज अनिवार्य रूप से हो और आवश्यकतानुसार पुराने और जर्जर सीवरेज को बदलने व एलाइनमेंट ठीक करने के कार्य भी किए जाएं। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा जरूरतमंद लोगों की मदद और अनुपयोगी वस्तुओं के पुनः उपयोग के लिए शुरू किये गए मुख्यमंत्री सद्भावना केन्द्र को अच्छी पहल बताते हुए इसकी सराहना की। इस दौरान नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा, ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर सहित संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

C S NEWS: प्रदेश में हर हाल में कायम रहे कानून व्यवस्था —मुख्य सचिव

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मुख्य सचिव सुधांश पंत ने कहा कि राजस्थान एक शान्तिप्रिय प्रदेश है, पहलगाम में हुआ आतंकी हमला देश में साम्प्रदायिक शान्ति और सौहार्द के माहौल को बिगाड़ने की साजिश है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश में हर हाल में कानून व्यवस्था बनी रहें। इसके लिए संभागीय आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, जिला कलक्टर्स और पुलिस अधीक्षक अपने संभाग, रेंज एवं जिलों की नियमित मॉनिटरिंग करें। उन्होंने सभी जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को प्रतिदिन जिला पुलिस कन्ट्रोल रूम से घटनाओं एवं सोशल मीडिया की मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। मुख्य सचिव शनिवार को शासन सचिवालय में प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर आयोजित उच्च स्तरीय सभा की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने सभी जिलों से वहां कि कानून और शान्ति व्यवस्था के संबंध में फीडबैक लिया। उन्होंने कहा कि पहलगाम में हुई आतंकी घटना किसी भी रूप में साम्प्रदायिक तनाव का रूप ना लें। इसके लिए सभी अधिकारी संवैदनशीलता से कार्य करें। उन्होंने सभी पुलिस थानो को नियमित सीएलजी और शान्ति समितियों की सभा को लेकर संदिग्ध व्यक्तियों, स्थानों, भ्रामक और सामप्रदायिक तनाव भड़काने वाले व्यक्तियों की पहचान कर उन पर सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समस्त जिला मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधीक्षकगण अविलंब जिले के समस्त उपखण्ड मजिस्ट्रेट, वृताधिकारी पुलिस, तहसीलदारों, थानाधिकारियों की वीसी के माध्यम से बैठक आयोजित कर विशेष सतर्कता एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने बाबत् आवश्यक निर्देश प्रदान करावें तथा सभी अधिकारीगण को विशेष अलर्ट पर रखें। उन्होंने निर्देश दिये कि पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा के सम्बन्ध में भारत सरकार द्वारा जारी निर्देशों की समयसीमा में पालना सुनिश्चित की जावे। उन्होंने निर्देश दिए कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा सशस्त्र बलों के मूवमेन्ट व सुरक्षा बलों के ऑपरेशन्स की लाईव कवरेज न करने के सम्बन्ध में जारी मीडिया एडवाईजरी की पालना की जाये। इस दौरान गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनन्द कुमार ने कहा कि प्रदेश में शान्ति व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस प्रशासन मुश्तेदी से कार्य करें। उन्होंने सीमावर्ती जिलों में नाकाबंदी और पुलिस गस्तों को और अधिक सशक्त बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण स्थानों, मुख्य बाजार, पर्यटन स्थलों, धार्मिक स्थलों, हवाई-अड्डों, बस स्टेण्ड, रेल्वे स्टेशन एवं संवेदनशील/भीड़भाड़ वाले अन्य स्थानों पर सतत् निगरानी रखी जाये तथा पर्याप्त पुलिस जाप्ता नियोजित किया जाये। तनावपूर्ण स्थानो को चिन्हित कर अतिरिक्त जापता लगाये। उन्होंने सीमावर्ती जिलों में स्थित पुलिस थानो को ड्रोन के माध्यम से निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने बंद के दौरान शान्ति व्यवस्था बनाये रखने और अशान्ति फैलाने वाले तत्वों पर नजर रखने के निर्देश दिए।

Rico: प्रत्यक्ष आवंटन योजना के दूसरे चरण के आवेदन 15 मई से

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रीको द्वारा चलाई जा रही प्रत्यक्ष भूमि आवंटन योजना के पश्चात् ई-ऑक्शन को भी निवेशकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली है। राज्य सरकार द्वारा आयोजित ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट—2024’ के तहत रीको की पहल से निवेशकों में भारी उत्साह देखने को मिला है। अब तक रीको द्वारा विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में 650 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की औद्योगिक भूमि का सफलतापूर्वक आवंटन किया जा चुका है। रीको द्वारा दिनांक 7 अप्रैल 2025 से प्रारंभ किए गए ई-नीलामी कार्यक्रम के तहत 197 भूखंडों के लिए 493 आवेदन प्राप्त हुए। इस नीलामी के माध्यम से लगभग 300 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित होने की संभावना है। साथ ही, रीको द्वारा 182 भूखंडों का आवंटन कर 300 करोड़ रुपये का लक्ष्य प्राप्त किया गया है। ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट—2024’ के दौरान विभिन्न निवेशकों के साथ हुए एमओयू के बाद औद्योगिक इकाइयों की स्थापना हेतु भूमि आवंटन की प्रक्रिया को गति मिली है। राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप, ‘प्रत्यक्ष भूखंड आवंटन नीति—2025’ के तहत भी निवेशकों को भूखंड आवंटन हेतु अवसर प्रदान किया जा रहा है। रीको द्वारा अब तक 350 करोड़ रुपये के भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं, जिनमें से 98 भूखंडों के लिए ऑफर लेटर जारी कर दिए गए हैं तथा शेष आवेदनों की कार्यवाही प्रगतिरत है। उल्लेखनीय है कि रीको ने औद्योगिक भूखंडों के साथ-साथ अब वाणिज्यिक एवं संस्थागत उपयोग हेतु भी भूखंडों के आवंटन की प्रक्रिया अगले सप्ताह प्रारंभ हो जाएगी। इसके अंतर्गत होटल, हॉस्पिटल, शिक्षण संस्थान, रिटेल दुकानें आदि के लिए भी भूखंड उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन एवं वाणिज्य के क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। लगभग 500 भूखंडों को वाणिज्यिक एवं संस्थागत उपयोग के लिए चिह्नित किया गया है, जिनके लिए भी शीघ्र ही ई-नीलामी प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। रीको द्वारा ‘प्रत्यक्ष भूखंड आवंटन योजना’ के प्रति निवेशकों में बढ़ते उत्साह को देखते हुए योजना के द्वितीय चरण में भी आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। इस हेतु राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि 15 मई 2025 से पुनः ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ किए जाएंगे। जिन निवेशकों ने राइजिंग राजस्थान समिट के तहत एमओयू किए हैं या आगामी 30 अप्रैल 2025 तक एमओयू करेंगे, वे सभी इस योजना के तहत भूखंडों के लिए आवेदन कर सकेंगे। रीको द्वारा इस संबंध में विस्तृत जानकारी, नियम एवं दिशा-निर्देश अपनी वेबसाइट https://riico.rajasthan.gov.in/ पर प्रकाशित कर दिए गए हैं। निवेशक स्वयं एसएसओ आईडी के माध्यम से लॉगिन कर आवेदन कर सकेंगे। यह पहल राजस्थान को औद्योगिक, वाणिज्यिक एवं संस्थागत निवेश का एक नया गंतव्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी तथा राज्य के औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में सहायक सिद्ध होगी।

C M NEWS: खुशहाल और समृद्ध राजस्थान हमारा लक्ष्य —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि बजट 2025-26 में राजस्थान को आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकासोन्मुखी बनाने का रोडमेप तैयार किया गया है। बजट में राज्य की सभी 200 विधानसभाओं के विकास के लिए विभिन्न प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारीगण पूर्ण जिम्मेदारी से काम करते हुए तय समय में बजटीय घोषणाओं की क्रियान्विति सुनिश्चित करें जिससे ‘आपणो अग्रणी राजस्थान’ की संकल्पना को गति मिल सके। श्री शर्मा गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास पर वर्ष 2025-26 की बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन के संबंध में आयोजित समीक्षा कर रहे थे। श्री शर्मा ने विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बजटीय घोषणाओं की प्रगति का नियमित फॉलोअप सुनिश्चित कर रही है। जिससे जमीनी स्तर पर इन योजनाओं का लाभ आखिरी व्यक्ति तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजटीय घोषणाओं की स्पष्ट कार्ययोजना बनाई जाए जिससे तय समय सीमा में घोषणाएं धरातल पर उतर सके। उन्होंने कहा कि विभाग अपनी बजटीय घोषणाओं की प्रगति रिपोर्ट तैयार कर मुख्यमंत्री कार्यालय में नियमित रूप से भेजें। मुख्यमंत्री ने जिन विभागों में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है, उन्हें सख्त निर्देश देते हुए कहा कि कार्य में तेजी लाई जाए और नियमित मॉनिटिरिंग की जाए। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने जल संसाधन, वित्त, वन, पर्यावरण, ग्रामीण विकास, राजस्व, स्वायत्त शासन, चिकित्सा और स्वास्थ्य, खान एवं पेट्रोलियम, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, सहकारिता, कार्मिक, स्कूल शिक्षा, गोपालन, पंचायतीराज, श्रम एवं उद्यानिकी जैसे प्रमुख विभागों की बजटीय घोषणाओं की क्रियान्विति की समीक्षा की। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

NH NEWS: राष्ट्रीय राजमार्ग को सौपे जायेगें आरएसआरडीसी के अधिन राजमार्ग

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उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी की अध्यक्षता में राजस्थान स्टेट रोड़ डवलपमेट कॉर्पोरेशन की 128वीं बोर्ड मीटिंग का आयोजन आरएसआरडीसी सभाभवन में गुरूवार को किया गया। वित्तीय स्थिति की समीक्षा करते हुये उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिये है कि अन्य राज्यों जैसे महाराष्ट्र व मध्यप्रदेश के रोड कॉर्पोरेशन के मॉडल की स्टडी करें ताकि आरएसआरडीसी को वित्तीय रूप से मजबूत किया जा सके। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों के कॉर्पोरेशन जो बेहतरीन काम कर रहे है उनकी बेस्ट प्रेक्टिसेज को प्रदेश में लागू किया जाये। उपमुख्यमंत्री ने आरएसआरडीसी के कार्यो में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने की बात कहते हुये क्वालिटी कन्ट्रोल विंग को सुदृढ़ करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जो भी परियोजनाऐं संचालित की जा रही है वे निश्चित समय अवधि में पूरी होनी चाहिए। उन्होंने भी कहा कि आरएसआरडीसी के पास जो राष्ट्रीय राजमार्ग है उन्हें एनएच को सौंपने की कार्यवाही को त्वरित गति से करें ताकि केन्द्र सरकार से राशि प्राप्त कर इन राष्ट्रीय राजमार्गो को सुदृढ़ किया जा सके। मीटिंग में अधिकारियों ने उपमुख्यमंत्री को बताया की आरएसआरडीसी का वर्ष 2025-26 का टर्नओवर लगभग 6500 से 7 हजार करोड़ अनुमानित है जो कि गत वर्ष से लगभग दुगुना है। इस दौरान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता, शासन सचिव डीआर मेघवाल सहित सार्वजनिक निर्माण विभाग और आरएसआरडीसी के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

C M NEWS: प्रदेशवासियों को सुशासन देने में राज्य कर्मचारी एक महत्वपूर्ण कड़ी —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सरकारी कार्मिकों और उन पर आश्रित परिवारजनों की सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा के प्रति संवेदनशील है। हमने कार्मिकों को सुरक्षित भविष्य देने और उनके कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के ऊर्जा तंत्र को सुदृढ़ बनाना और आमजन को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। श्री शर्मा मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित भारतीय स्टेट बैंक और विद्युत निगमों के बीच एमओयू आदान-प्रदान और ऐप लॉन्चिंग कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 8 करोड़ प्रदेशवासियों को सुशासन देने में राज्य कर्मचारी एक महत्वपूर्ण कड़ी है। विकसित और खुशहाल राजस्थान के लक्ष्य के लिए कार्मिक समर्पण और सेवाभाव के साथ कार्य कर रहे हैं। इसलिए ये महत्वपूर्ण एमओयू कार्मिकों को सुरक्षित भविष्य देने के राज्य सरकार के उद्देश्य की पूर्ति में सहायक सिद्ध होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की बिजली कंपनियों में करीब 57 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं। विद्युत उत्पादन से लेकर उपभोक्ता तक सतत् और गुणवत्तापूर्ण बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए इन कंपनियों के तकनीकी कर्मचारी दिन-रात जोखिम भरी परिस्थितियों में कार्य करते हैं। विद्युत कार्य करते समय वे कई बार दुर्भाग्य से हादसे के शिकार हो जाते हैं। ऐसी विषम परिस्थितियों में विकलांगता एवं अशक्तता के के साथ ही असमय ही जान तक चली जाती है, जिसके लिए वर्तमान में अधिकतम क्षतिपूर्ति 20 लाख रुपये तक मुहैया करवाई जा रही है। श्री शर्मा ने कहा कि आज हमने जयपुर, जोधपुर एवं अजमेर विद्युत वितरण कंपनियों, राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम तथा राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड में कार्यरत सभी विद्युतकर्मियों को बीमा उपलब्ध कराने के लिए भारतीय स्टेट बैंक के साथ एमओयू का आदान-प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि इन एमओयू के तहत विद्युतकर्मियों की व्यक्तिगत दुर्घटना में मृत्यु होने या स्थायी निशक्तता की स्थिति में एक करोड़ रुपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा उपलब्ध होगा। वहीं आंशिक रूप से अशक्तता की स्थिति में 80 लाख रुपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त 10 लाख रुपये के सामूहिक सावधि जीवन बीमा के साथ ही अन्य आर्थिक सहायता एवं सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाएंगी। विद्युत निगमों द्वारा लॉन्च दो नए ऐप के माध्यम से प्रदेश के उपभोक्ताओं को पारदर्शिता के साथ बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित होंगी। जेईएन साइट वेरीफिकेशन मोबाइल एप्लीकेशन से साइट वेरीफिकेशन और एस्टीमेट तैयार करने की प्रक्रिया जेईएन द्वारा सरल, शीघ्र और पारदर्शी तरीके से सम्पादित की जा सकेगी। इससे उपभोक्ताओं को बिजली कनेक्शन शीघ्र जारी हो सकेंगे। इसके अतिरिक्त सब स्टेशन मॉनिटरिंग एप्लीकेशन को ग्रिड सब स्टेशनों की मॉनिटरिंग के लिए तैयार किया गया है। इससे विद्युत आपूर्ति के सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी तंत्र 33/11 जीएसएस में मैटेरियल की उपलब्धता तथा आवश्यकता का सही आकलन कर पाएंगे। इस दौरान डिस्कॉम्स की तरफ से चैयरमेन डिस्कॉम्स सुश्री आरती डोगरा, प्रसारण निगम की तरफ से प्रबंध निदेशक नथमल डिडेल, उत्पादन निगम की तरफ से सीएमडी देवेन्द्र श्रृंगी और भारतीय स्टेट बैंक की ओर से महाप्रबंधक एसबीआई प्रबुद्ध कुमार ने एमओयू एक्सचेंज किए।

Rajasthan News: राजस्थानी आतिथ्य सत्कार से अभिभूत हुये अमेरिका के उपराष्ट्रपति

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संयुक्त राज्य अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेम्स डेविड वेंस की जयपुर यात्रा के दूसरे दिन आमेर किले में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उनका आत्मीयतापूर्वक स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने श्री वेंस को बुके भेंट कर उनके सुखद प्रवास के लिए शुभकामनाएं दी और उन्हें राजस्थान की बहुरंगी संस्कृति और आतिथ्य सत्कार परंपरा के बारे में जानकारी दी। श्री वेंस, उनकी धर्मपत्नी श्रीमती उषा वेंस और बच्चे मंगलवार प्रातः 9 बजे आमेर किले का भ्रमण करने पहुंचे। यहां उनका ढोल-नगाड़ों और सजे हुए हाथियों के साथ राजस्थानी परंपरा से स्वागत किया गया। इस दौरान लोक कलाकारों ने पारंपरिक वेश-भूषा में कालबेलिया व कच्छी घोड़ी नृत्य प्रस्तुत किया। राजस्थानी कला-संस्कृति की मनोहारी प्रस्तुतियों से उपराष्ट्रपति श्री वेंस और उनके परिजन अभिभूत नजर आए। इसके बाद वे आमेर किले का भ्रमण कर राजस्थान की ऐतिहासिक स्थापत्य धरोहर से रूबरू हुए। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्रीमती दिया कुमारी भी उपस्थित रहीं। उल्लेखनीय है कि संयुक्त राज्य अमेरिका के उपराष्ट्रपति श्री वेंस सोमवार रात्रि सपरिवार जयपुर पहुंचे थे। श्री वेंस 24 अप्रेल को प्रातः अमेरिका के लिए प्रस्थान करेंगे।

C M NEWS: शेखावाटी क्षेत्र को पर्याप्त पानी हमारी प्रमुख प्राथमिकता —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इंदिरा गांधी नहर परियोजना से झुंझुनूं जिले में पेयजल आपूर्ति के लिए बने मलसीसर डैम का सोमवार को निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शेखावाटी क्षेत्र को पर्याप्त पेयजल और सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए हम प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं। श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के संकल्प को साकार करते हुए जनता से किया हर एक वादा पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि हमने सरकार बनते ही सबसे पहले यमुना जल को शेखावाटी में लाने के लिए हरियाणा सरकार से यमुना जल समझौते पर एमओयू किया। इस समझौते की क्रियान्विति सुनिश्चित हो रही है क्योंकि हमारी सरकार जो कहती है, वह करती है। उन्होंने शेखावाटी की सांस्कृतिक विरासत पर भी प्रकाश डालते हुए यहां के रणबांकुरों के प्रति श्रद्धा व सम्मान जताया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान कर्म भूमि से मातृभूमि अभियान के तहत जल संचय संरचना का शिलान्यास किया व पूजा अर्चना की। इस अवसर पर विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार, विधायक राजेंद्र भांबू, विक्रम सिंह जाखल, जिला प्रमुख श्रीमती हर्षिनी कुलहरी सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।