Baglamukhi: बगलामुखी शक्तिपीठ में निकली शोभायात्रा, जयकारों से गूंजा वातावरण

0
जयपुर के कादेड़ा स्थित सुप्रसिद्ध बगलामुखी माता शक्तिपीठ मंदिर में माता बगलामुखी जयंती के शुभ अवसर पर धार्मिक उत्साह और भक्ति के साथ भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। इस आयोजन की अगुवाई आशुतोष बगलामुखी पीठाधीश्वर महाराज के संरक्षण में की गई, जिनकी उपस्थिति ने श्रद्धालुओं में विशेष ऊर्जा और आस्था का संचार किया। शोभायात्रा की शुरुआत कादेड़ा कस्बे के ऐतिहासिक सीताराम जी मंदिर से हुई, जहाँ भक्तों ने माता के ध्वज लेकर जयकारों के साथ यात्रा का शुभारंभ किया। श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में सजे-धजे “जय बगलामुखी माता” के नारों के साथ यात्रा में शामिल हुए। शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों—मुख्य बाजार, कल्याण मार्ग, मुख्य बस स्टैंड, मोहल्ला रैगरान और भोजियाड़ा मोड़—से होती हुई शक्तिपीठ मंदिर तक पहुँची। पूरे मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं का पुष्पवर्षा और जलपान से स्वागत किया गया। मंदिर परिसर में विशेष पूजा, हवन और भजन संध्या का भी आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय भजन मंडलियों ने माँ की महिमा का गुणगान किया। पीठाधीश्वर ने अपने प्रवचन में श्रद्धालुओं को माँ बगलामुखी की उपासना से जीवन में आने वाली बाधाओं से मुक्ति और विजय प्राप्त होने का संदेश दिया। वहीं यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक समरसता का उदाहरण भी बना।

Kusum Yojana: प्रदेश में कुसुम योजना से किसान बन रहे हैं ऊर्जादाता

सूरज भले ही हर दिन पूरब से उदित होता हो लेकिन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सौर ऊर्जा का सूर्य निश्चित तौर पर देश के पश्चिमी राज्य राजस्थान में चमक रहा है। सूर्य भगवान की विशेष कृपा से प्रदेश की सुनहरी रेतीली धरती में सौर ऊर्जा उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं, जिनके दोहन के लिए मुख्यमंत्री पहले दिन से ही निरंतर प्रयासरत हैं। राजस्थान को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य की दिशा में पीएम-कुसुम योजना के माध्यम से एक बड़ी कामयाबी मिली है और राजस्थान ऐसा अग्रणी राज्य बन गया है जहां इस योजना के कम्पोनेंट-ए व कम्पोनेंट-सी के अन्तर्गत सौर ऊर्जा उत्पादन 1 हजार मेगावाट से अधिक हो गया है। सौर ऊर्जा का उपयोग कर किसानों को दिन में बिजली आपूर्ति की दिशा में भी राजस्थान तेजी से आगे बढ़ रहा है जिससे आज प्रदेश में 1 लाख 70 हजार से अधिक किसानों को दिन में बिजली सुलभ होने लगी है। पीएम कुसुम योजना के कम्पोनेंट-ए और कम्पोनेंट-सी के तहत ही 560 ग्रिड कनेक्टेड विकेन्द्रित सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर 70 हजार से अधिक कृषि उपभोक्ताओं को दिन में बिजली दी जा रही है। वहीं इस योजना के कम्पोनेंट-बी में लगभग 1 लाख किसानों के कृषि पम्पों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जा चुका है। राज्य द्वारा योजना के सफल क्रियान्वयन को देखते हुए भारत सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान कुसुम-ए में दो बार में कुल 6 हजार मेगावाट क्षमता के संयंत्रों के अतिरिक्त आवंटन को स्वीकृति दी है व कम्पोनेंट-सी में 2 लाख सोलर पम्पों का अतिरिक्त आवंटन किया है। इस प्रकार इस योजना में प्रदेश में लगभग 12 हजार मेगावाट क्षमता के प्लांट स्थापित किए जाने का लक्ष्य रख कार्य किया जा रहा है। योजना के तहत यह प्लांट मुख्यतः राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित हो रहे हैं जहां कृषि कनेक्शन अधिक संख्या में हैं। खेत के समीप भूमि पर लग रहे अधिकतम 5 मेगावाट क्षमता तक के इन सौर ऊर्जा संयंत्रों से किसानों को खेती से जुड़े कार्यों के लिए दिन में बिजली सुलभ होने लगी है। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता के एक नए युग की शुरूआत हुई है। अपनी भूमि पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाकर किसान अन्नदाता के साथ-साथ ऊर्जादाता भी बन रहे हैं जिससे उन्हें आमदनी का एक अतिरिक्त जरिया भी मिला है। योजना में फीडर लेवल सोलराइजेशन के अन्तर्गत 33/11 केवी ग्रिड सब स्टेशन के लगभग 5 किलोमीटर के दायरे में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जाने का प्रावधान है। कंपोनेंट-ए में अधिकतम 2 मेगावाट क्षमता तक तथा कंपोनेंट-सी में अधिकतम 5 मेगावाट क्षमता तक के ग्रिड कनेक्टेड सोलर प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। कंपोनेंट-सी में सौर संयंत्र की स्थापना पर भारत सरकार लागत का अधिकतम 30 प्रतिशत (अधिकतम 1 करोड़ 5 लाख रूपए प्रति मेगावाट) तक अनुदान देती है। मुख्यमंत्री ने वर्ष-2027 तक किसानों को कृषि कार्य के लिए दिन में बिजली उपलब्ध कराने का संकल्प व्यक्त किया है। इस संकल्प को साकार करने की दिशा में यह योजना महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार द्वारा इसे फ्लैगशिप योजना के रूप में भी सम्मिलित किया गया है।डिस्कॉम्स द्वारा मानक संचालन प्रक्रिया तैयार कर सौर संयंत्रों की स्थापना में आने वाली बाधाओं को दूर किया गया। अवॉर्ड जारी होने के बाद पावर परचेज एग्रीमेंट को अंतिम रूप देने, सौर संयंत्र को 11 केवी एवं 33 केवी प्रसारण लाइनों के माध्यम से ग्रिड से जोड़ने, ट्रांसफार्मर और मीटर से संबंधित स्वीकृतियों के कार्यों, सोलर प्लांट्स के निरीक्षण व साइट विजिट्स को विद्युत वितरण निगमों द्वारा निर्धारित समयावधि में पूर्ण किया जा रहा है। साथ ही जिला कलक्टरों को विद्युत लाइन बिछाने की राह में आ रही बाधाओं को दूर करने के दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। योजना के फलीभूत होने का फायदा विद्युत वितरण निगमों को हुआ है जिन्हें लगभग 3 रूपए प्रति यूनिट की सस्ती बिजली मिल रही है। स्थानीय स्तर पर उत्पादित बिजली का उपयोग स्थानीय स्तर पर ही होने से प्रसारण में होने वाली छीजत भी कम हुई है। साथ ही, कृषि की बढ़ती मांग की आपूर्ति के लिए विद्युत निगमों को अतिरिक्त विद्युत तंत्र विकसित करने की आवश्यकता में भी कमी आई है। डिस्कॉम्स को अब कृषि कार्य के लिए एक्सचेंज से महंगे दाम पर बिजली खरीदने की आवश्यकता नहीं होती। सबसे बड़ी बात यह है कि लगभग 1 हजार मेगावाट बिजली अतिरिक्त उत्पादन क्षमता विकसित करने में राज्य सरकार के बजट पर कोई अलग से भार नहीं आया है एवं साथ ही, कार्बन फुटप्रिंट में भी कमी आ रही है। वहीं योजना के कम्पोनेंट-बी का क्रियान्वयन उद्यानिकी विभाग के माध्यम से किया जा रहा है। इसके अन्तर्गत वर्तमान राज्य सरकार द्वारा 39 हजार से अधिक सौर ऊर्जा पम्प संयंत्रों की स्थापना की जा चुकी है एवं इस दृष्टि से राजस्थान देश में प्रथम तीन राज्यों में है। कम्पोनेंट-बी में किसानों को 3 से 7.5 हॉर्स पावर क्षमता के सौर ऊर्जा पम्प संयंत्र स्थापित करने पर 60 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है।

RHB NEWS: हाउसिंग बोर्ड 4 लाख रुपये में देगा फ्लैट, आमजन शिविर के माध्यम से करे आवेदन

अपने आवास का सपना देख रहे लोगों के लिए ख़ुशख़बरी है। राजस्थान आवासन मण्डल मंगलवार से 28 मई तक जयपुर, कोटा, बाड़मेर, जोधपुर, भीलवाड़ा और बांसवाड़ा में कैंप लगाकर निर्मित आवास और फ्लैट का बेचान 50 प्रतिशत तक की छूट के साथ करेगा। आवासन आयुक्त डॉ रश्मि शर्मा ने बताया की शिविर में उपलब्ध संपत्तियों की खरीद पर 50 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। उन्होंने बताया की जयपुर में जोबनेर रोड़ स्थित महला आवासीय योजना में 6 और 7 मई को शिविर लगाकर विभिन्न आय वर्ग के लिए फ्लैट्स उपलब्ध करवाए जा रहे हैं जिनकी शुरुआती कीमत 4 लाख 70 हज़ार 500 रुपये है। डॉ. शर्मा ने बताया की जयपुर में महला आवासीय योजना के अलावा विभिन्न आय वर्ग के लिए बाड़मेर में मगरा आवासीय योजना और कोटा में चोमहेला आवासीय योजना के लिए 6 और 7 मई को शिविर का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 13 और 14 मई को जोधपुर की विवेक विहार आवासीय योजना, कूड़ी भगतासनी योजना के साथ ही कोटा की छीपाबड़ौद योजना के लिए 20 व 21 मई को कोटा की आवासीय योजना छबड़ा और आवासीय योजना मांगरोल तो वहीं भीलवाड़ा के सुवाना आवासीय योजना और प्रतापगढ़ की आवासीय योजना के लिए शिविर का आयोजन किया जाएगा। 27 मई और 28 मई को परतापुर आवासीय योजना और आवासीय योजना नैनवा के लिए शिविर का आयोजन होगा। डॉ शर्मा ने कहा की राज्य सरकार की मंशानुसार राजस्थान आवासन मण्डल आमजन के आवास के सपने को साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत है ।

अराजकता को समाप्त करने वाले अनुशासन के ओजस्वी चेहरे थे भगवान परशुराम -देवनान

विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी रविवार को कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान के सभागार में सर्व ब्राह्मण महासभा द्वारा आयोजित भगवान परशुराम जन्मोत्सव के पाक्षिक समारोह के समापन उत्सव में सम्मिलित हुए। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। श्री वासुदेव देवनानी ने इस अवसर पर कहा कि ब्राह्मणों ने ज्ञान विज्ञान और विद्वता को नई ऊंचाइयां देकर समाज को गौरवशाली दिशा प्रदान की है। इतिहास को देखें तो ब्राह्मणों ने हर क्षेत्र में सक्रिय और सकारात्मक भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि अराजकता को समाप्त करने वाले भगवान विष्णु के छठे अवतार महर्षि परशुराम आत्मविश्वास से ओतप्रोत और अनुशासन के ओजस्वी चेहरे थे। उनका जीवन आततायी शक्तियों के अहंकार के विनाश के लिए समर्पित रहा। इस अवसर पर श्री देवनानी ने ब्राह्मण समाज की विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 67 प्रतिभाओं को माला, दुपट्टा पहनाकर और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। श्री देवनानी ने कहा कि ब्राह्मण उच्च कोटि की विद्वता, त्याग, तपस्या और संयम के पर्याय रहे हैं। वेद, आयुर्वेद, ज्योतिष, गणित, खगोल, न्याय जैसी अनेक विधाओं की रचना भी ब्राह्मणों ने ही की है। समाज में शिक्षा का आधार ब्राह्मण रहे हैं। उन्होंने वेदव्यास, आचार्य चाणक्य, महर्षि पतंजलि, भास्कराचार्य, स्वामी विवेकानंद, दयानंद सरस्वती, रविंद्र नाथ टैगोर और बाजीराव बल्लाल भट्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि इन विद्वानों के आदर्शों को जीवन में उतारना चाहिए। नई पीढ़ी को भी इन विभूतियों के बारे में बताने के लिए हम सभी को पहल करनी होगी।

C M NEWS: जिला कलक्टर नियमित तौर पर अस्पतालों का निरीक्षण करें —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि लू (हीट वेव) और गर्मी जनित अन्य बीमारियों से आमजन को राहत पहुंचानें के लिए चिकित्सा विभाग अपनी पूरी तैयारी रखें। जिला कलक्टर नियमित तौर पर अस्पतालों का निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी अस्पताल और स्वास्थ्य केन्द्रों का पूर्ण रख-रखाव किया जाए एवंकिसी भी तरह की कमी पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। श्री शर्मा ने कहा कि गर्मी के मौसम में आमजन को बिजली, पानी और चिकित्सकीय सुविधाओं की निरंतर उपलब्धता राज्य सरकार की प्राथमिकता है। अधिकारी संवेदनशीलता के साथ पूरे समर्पण भाव से काम करें जिससे लोगों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। वहीं अस्पतालों में दवाइयां और उपकरणों की हर समय उपलब्धता हो और चिकित्सालयों में हर समय सभी आवश्यक मेडिकल व्यवस्था सुनिश्चित की जाएं। ये बात श्री शर्मा ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास परप्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की समीक्षा दौरान कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत राज्य में पब्लिक हेल्थ केयर के बुनियादी ढ़ांचे को सुदृढ़ कर विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं को विकसित किया जा रहा हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के तहत प्रत्येक जिले में स्वास्थ्य के बुनियादी ढ़ांचे को विकसित कर आत्मनिर्भर बनाया जाए तथा स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाते हुए महामारियों से बचाव के लिए उच्च स्तर की तैयारियां की जाएं। उन्होंने कहा कि शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर के तहत राज्य के शहरी क्षेत्रों में वंचित वर्ग को उच्च गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग द्वारा इन आरोग्य मंदिर के लिए चिन्ह्ति सरकारी अनुपयोगी जमीन को उपयोग में लिया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत चिकित्सा के आधारभूत ढ़ांचे को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संचालित सभी आयुष्मान आरोग्य मन्दिरों में इस वर्ष तक प्रमुख 12 सेवाएं मिलना सुनिश्चित किया जाएं। उन्होंने एम्बुलेंस सेवाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि अत्याधुनिक चिकित्सकीय सुविधाओं से लैस करते हुए इनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाएं। साथ ही, एम्बुलेंस की संख्या में भी बढ़ोतरी की जाए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में एक्सरे, सोनोग्राफी एवं डायलिसिस मशीनों की संख्या बढ़ाई जाए तथा इन सभी मशीनों को हर समय कार्यशील रखने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएं। श्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान डिजिटल हेल्थ मिशन के तहत प्रदेशवासियों का स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल रूप से संधारित करने के लिए प्रदेश के हर व्यक्ति किना केवल आभा आईडी बनाई जाए बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि आभा आईडी का अधिक से अधिक उपयोग शीघ्र प्रारम्भ हो। इस दौरान नव-निर्मित उपस्वास्थ्य केन्द्र, इन्टीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब, क्रिटीकल केयर ब्लॉक, मा वाउचर योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत राज्य में योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर सहित वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहे।

Hariyalo Rajasthan: प्रदेश में हरियालो राजस्थान के तहत लगाये जायेगें 32 लाख पौध

शासन सचिव कृषि और उद्यानिकी राजन विशाल ने कहा कि इस वर्ष ‘हरियालो राजस्थान‘ के तहत बड़े स्तर पर पौधे लगाये जायेंगे। इनमें छायादार व फलदार पौधे अधिक लगाये जायेंगे। ‘हरियालो राजस्थान‘ अभियान के तहत कृषि, उद्यानिकी व कृषि विपणन विभाग द्वारा लगभग 32 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। शासन सचिव शुक्रवार को पंत कृषि भवन में विभागीय अधिकारियों के साथ ‘हरियालो राजस्थान‘ अभियान, कृषक उत्पादक संगठनों की प्रगति, ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट, राजस्थान स्टेट एग्रो इण्डस्ट्रीज कॉरपोरेशन लिमिटेड की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ‘हरियालो राजस्थान‘ मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से लगाये जाने वाले प्रत्येक पौधे की जीयो टैगिंग की जाये, जिससे उनकी निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। श्री विशाल ने कहा कि तिलहनी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वर्ष 2024-25 से 2030-31 तक खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता के लिए नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल-तिलहन मिशन प्रारंभ किया गया है। वेल्यू चैन पार्टनर्स को ऑयल मील स्थापित करने हेतु प्रदेश में व्यापक प्रचार-प्रसार कर प्रोत्साहित किया जा रहा है। शासन सचिव ने कहा कि राज्य में संचालित ‘एक जिला एक उत्पाद‘ योजनान्तर्गत भौगोलिक विशिष्टता आधारित सूचीबद्ध फसलों का संरक्षण करने एवं क्षेत्र विशेष को पहचान दिलवाये जाने के लिए जियोग्राफिकल इन्डीगेशन टैग (जीआई टैग) कृषक हित में प्राप्त करने के लिए विभाग द्वारा राज्य स्तरीय व जिला स्तरीय कमेटियों का गठन किया गया है। कृषि एवं उद्यानिकी फसलों के उत्पादन एवं गुणवत्ता के मद्देनजर जीआई टैग के पश्चात प्रदेश के कृषि उत्पादों के निर्यात की संभावनाऐं बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि राजस्थान स्टेट एग्रो इण्डस्ट्रीज कॉरपोरेशन लिमिटेड राजस्थान सरकार का एक उपक्रम है, जो मुख्य रूप से कृषि क्षेत्र में विकास और समर्थन के लिए काम करता है। इसमें बीजों का उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन करने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा भी दिया जाता है। समीक्षा के दौरान आयुक्त कृषि सुश्री चिन्मयी गोपाल, आयुक्त उद्यानिकी सुरेश कुमार ओला, निदेशक कृषि विपणन विभाग राजेश कुमार चौहान सहित कृषि, उद्यानिकी और कृषि विपणन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

RHB NEWS: सांगानेर के सिरोली में बनेगी हाउ​सिंग बोर्ड की नई आवासीय योजना

जयपुर के तहसील सांगानेर के सिरोली गाँव में राजस्थान आवासन मंडल आवासीय योजना विकसित करेगा। नगरीय विकास विभाग के प्रमुख शासन सचिव और मण्डल अध्यक्ष वैभव गालरिया ने बताया कि राजस्थान आवासन मंडल राजस्थान सरकार की मंशानुसार आमजन के अपने आवास के सपने को साकार करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में सांगानेर के सिरोली में 329.17 हेक्टेयर भूमि पर आवासन मंडल द्वारा आवासीय योजना विकसित की जाएगी। उन्होंने बताया कि राजस्थान आवसन मंडल द्वारा आवासीय योजना के लिए ग्राम सिरोली तहसील सांगानेर में 329.17 हेक्टेयर भूमि की अवाप्ति हेतु सितंबर, 2011 को अधिसूचना जारी की थी। प्रस्तावित भूमि 329.17 हैक्टेयर में से मास्टर विकास योजना-2025 में आरक्षित आवासीय भू-उपयोग में कुल 51.71 हेक्टेयर का नियोजन किया जा चुका है, शेष 277.40 हेक्टेयर भूमि का भू-उपयोग मास्टर विकास योजना-2025 में पब्लिक सेमी पब्लिक होने के कारण योजना का नियोजन और विकास नहीं हो सका था। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा जयपुर विकास प्राधिकरण अधिनियम-1982 की धारा 25 (4) के तहत राजस्थान आवासन मण्डल की राजस्व ग्राम सिरोली, तहसील सांगानेर, जयपुर में अवाप्तशुदा 329.17 हेक्टेयर भूमि को जयपुर मास्टर विकास योजना-2025 में दर्शित भू-उपयोग पब्लिक सेमी पब्लिक (रिक्रिएशनल, इकोलोजिकल और वॉटर बॉडी उपयोग को यथावत रखते हुए) से आवासीय भू-उपयोग निर्धारित किया जाकर अधिसूचित किया गया है। जिसके बाद अब राजस्थान आवासन मण्डल द्वारा जयपुर के ग्राम सिरोली, सांगानेर में 329.17 हेक्टेयर भूमि पर आवासीय योजना विकसित करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

RSWC: सरकारी भण्डारगृहों में किसानों को कृषि जिन्सों के भण्डारण शुल्क में 70 प्रतिशत की छूट

राज्य में कृषकों द्वारा राजस्थान राज्य भण्डार व्यवस्था निगम के भण्डारगृहों पर जमा कराये जाने वाली कृषि जिन्सों के भण्डारण शुल्क में छूट प्रदान की गई है। सामान्य श्रेणी किसानों के लिए 60 प्रतिशत, अनुसूचित जाति/जनजाति किसानों के लिए 70 प्रतिशत और सरकारी संस्थाओं के लिए 10 प्रतिशत की छूट कृषि जिन्सों के भण्डारण शुल्क में प्रदान की गई है। निगम के आय का मुख्य स्त्रोत संग्रहण शुल्क है, ऐसे में निगम प्रबन्धन द्वारा भण्डारगृहों की उपयोगिता और लाभ में कमी को देखते हुए पारम्परिक जमाकर्त्ताओं व नवाचार से व्यापार प्रात्ति के प्रयास किये गये हैं। इसके परिणामस्वरूप निगम की वर्ष 2024-2025 की वित्तीय स्थिति में सुधार हुआ है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में निगम की अनुमानित राजस्व (आय) 168 करोड़ रूपये है, 42 करोड़ रूपये अनुमानित लाभ और 47 प्रतिशत उपयोगिता है। इसके अतिरिक्त निगम प्रबन्धन द्वारा संग्रहण शुल्क की बकाया राशि की वसूली हेतु किये गये प्रयासों के फलस्वरूप 02 मई को वर्ष 2018-19 से बकाया भण्डारण शुल्क राशि रूपये 1.97 करोड़ प्राप्त हुये हैं। उल्लेखनीय है की राजस्थान राज्य भण्डार व्यवस्था निगम द्वारा राज्य में 37 भण्डारगृहों का संचालन किया जा रहा है, जिसकी कुल भण्डारण क्षमता 17.20 लाख मै.टन है। किसानों को भण्डारण की सुविधा उपलब्ध करवाने के दृष्टिगत निगम द्वारा वर्ष 2024-25 में लगभग 60,000 मै.टन के गोदामों का निर्माण किया है। वहीं निगम द्वारा किसानों से समर्थन मूल्य पर क्रय की जाने वाली जिन्सों और अन्य जमाकर्त्ताओं यथा भारतीय खाद्य निगम, नैफेड, राजफैड, व्यापारियों के विभिन्न कृषि उत्पाद खाद्यान्न, बीज, उर्वरक जैसे वैज्ञानिक भण्डारण की सुविधा प्रदान की जाती है।

C M NEWS: कर्ता के आगे हारे करतार —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा में राजस्थान के चयनित अभ्यर्थियों का सम्मान कर बधाई दी और विश्वास व्यक्त किया है कि वे सभीअमृत काल के योद्धा के रूप में विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में अपना योगदान देंगे और उत्कृष्ट लोक सेवा के माध्यम से हमेशा राजस्थान का नाम देशभर में रोशन करेंगे। श्री शर्मा ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित सम्मान समारोह कोसंबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने पिछले वर्ष से चयनित प्रतिभाओं के सम्मान की पहल की है। देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माने जाने वाली यह परीक्षा पास करके प्रदेश के युवाओं ने अपने माता-पिता के साथ ही क्षेत्र और पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा किइस सफलता के बाद जीवन में बेहतर कार्य करते हुए परिजनों की खुशी के भाव को जीवन में आगे भी बनाएं रखें। मुख्यमंत्री ने ‘कर्ता के आगे हारे करतार‘ उक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी कार्य में सफलता पाने के लिए कठिन परिश्रम करना पड़ता है और दृढ़ संकल्प के साथ की गई मेहनत से सफलता अवश्य मिलतीहै। उन्होंने कहा किइस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता के बाद भी चयनित युवाओं के जीवन में नए परिश्रम का दौर शुरू होगा। क्योंकि राष्ट्र निर्माण और गरीब कल्याण में लोक सेवक की महत्वपूर्ण भूमिका होती हैं। उन्होंने जीवन में विनम्रता और धैर्य को अपनाते हुए आमजन की आकांक्षाओं को पूरा करने का आह्वान किया। श्री शर्मा ने कहा कि लोक सेवक प्रशासन के कर्णधार हैं और लोक सेवा का महत्व हमारे समाज और राष्ट्र के लिए असीमित है। इसलिए लोक सेवकों का नवाचारी होना महत्वपूर्ण है, ताकि आम लोगों को बेहतर नागरिक-केंद्रित सेवाएं प्रदान की जा सकें। उन्होंने आह्वान किया किहमारे प्रदेश की मिट्टी ने हमेशा से वीरों, विद्वानों और कर्मठ लोगों को जन्म दिया है और अब वे सभी भी अपनी सेवा के माध्यम से गौरवमयी मिट्टी की खुशबू को फैलाएं औरकर्मभूमि के साथ ही जन्मभूमि से जुड़े रहे। समारोह में जयपुर निवासी दृष्टिबाधित मनु गर्ग ने मुख्यमंत्री से संवाद करते हुए बताया कि उन्होंने दृष्टिबाधित होने के बावजूद सिविल सेवा परीक्षा में देशभर में 91वां स्थान हासिल किया है। उन्होंने अपनी इस सफलता का मूल मंत्र अपनी माताजी के संकल्प को बताया। वहीं देशभर में 20वां स्थान हासिल करने वाले जोधपुर निवासी त्रिलोक सिंह ने बताया कि लोक सेवक के रूप में वे भारतीय सेना में सेवा दे चुके अपने पिता द्वारा दी गई प्रेरणा को आगे बढ़ाएंगे। मुख्यमंत्री ने चयनित प्रतिभाओं को शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया।

Rare News: रेरा बिल्डर और उपभोक्ता के बीच विश्वास का सेतु -झाबर सिंह खर्रा

नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में प्रदेश के नगरीय विकास को लेकर राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं, जो प्रदेश के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि रेरा केवल नियामक नहीं, बिल्डर और उपभोक्ता के बीच विश्वास का सेतु है। उन्होंने कहा कि आज रेरा के कारण न केवल स्थानीय निवासियों में, बल्कि अप्रवासी भारतीयों के बीच भी विश्वास स्थापित हुआ है, जिसके चलते वे विदेश में रहते हुए भी राजस्थान के रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश कर रहे हैं। श्री खर्रा ने कहा कि रेरा उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने के साथ-साथ भविष्य की आवासीय आवश्यकताओं को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का कार्य कर रहा है। जयपुर के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में गुरुवार को रेरा दिवस पर श्री खर्रा ने राज रेरा 2.0 वेबसाइट की लॉन्चिंग की। यूजर फ्रेंडली राज रेरा 2.0 वेबसाइट के माध्यम से रेरा के विभिन्न कार्यों को पूर्णत: पारदर्शिता के साथ दर्शाया गया है। साथ ही वेबसाइट पर अनुमोदित प्रोजेक्टस की लोकेशन, शिकायतों का स्टेटस और नवीनतम निर्णय जैसे कामों का अवलोकन कर सकते हैं। रेरा अध्यक्ष श्रीमती वीनू गुप्ता ने कहा कि रेरा द्वारा भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रेरा प्रदेश में ग्रीन सर्टिफिकेशन और ग्रीन बिल्डिंग प्रैक्टिस को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक प्रयास कर रहा है, जिससे सतत विकास की अवधारणा को साकार किया जा सके। श्रीमती गुप्ता ने कहा कि प्रदेश के रियल एस्टेट सेक्टर को सशक्त दिशा देने के लिए रेरा हर संभव प्रयास कर रहा है। इस अवसर पर उन्होंने गत आठ वर्षों में रेरा द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी भी साझा की। प्रमुख शासन सचिव, नगरीय विकास एवं आवासन विभाग वैभव गालरिया ने कहा कि रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट, घर खरीदारों के हितों की रक्षा करता है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि नीतियों के निर्माण में रेरा के प्रावधानों को प्राथमिकता दी जाए। श्री गालरिया ने कहा कि प्रदेश के नए बिल्डिंग बायलॉज में भी ग्रीन बिल्डिंग प्रैक्टिस पर विशेष बल दिया गया है, ताकि निर्माण कार्य पर्यावरण के अनुकूल संपन्न हो सकें। इस दौरान प्रमोटर्स, रेरा के अधिकारी, राज्य सरकार के कार्मिक, आर्किटेक्ट सहित डेवलपर्स सहित कई लोगों ने हिस्सा लिया।