C M NEWS: मुख्यमंत्री ने सांगानेर विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों की समीक्षा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार आमजन के समग्र कल्याण के लिए प्राथमिकता से कार्य कर रही है। प्रदेश के सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए हम समृद्ध और उत्कृष्ट राजस्थान की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनकल्याण से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च वरीयता देते हुए इनका समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। श्री शर्मा बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित सांगानेर विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। समीक्षा के दौरान ऊर्जा विभाग, पीडब्ल्यूडी, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, राजस्व, पीएचईडी, स्वायत्त शासन, जल संसाधन एवं नगरीय विकास विभाग से संबंधित विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि संबंधित विभाग प्रत्येक विकास कार्य के लिए समय सीमा निर्धारित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय बना कर कार्यों को शीघ्र पूरा करें जिससे आमजन को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। श्री शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में सुदृढ़ चिकित्सकीय तंत्र को विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में सुपर स्पेशयलिटी चिकित्सा को नये आयाम देने के लिए आरयूएचएस का उन्नयन कर एम्स दिल्ली की तर्ज पर राजस्थान इन्स्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) की स्थापना की जाएगी। इस केन्द्र पर आयुष विंग, वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधाएं देने के लिए एकीकृत केन्द्र, थैलीसीमिया से पीड़ित बच्चों के उपचार के लिए अत्याधुनिक चिकित्सकीय सुविधाएं विकसित होंगी। उन्होंने कहा कि जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आरयूएचएस संस्थान एक बेहतर विकल्प है। ऐसे में वहां अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं विकसित की जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस प्रोजेक्ट को शीघ्र पूर्ण किया जाए। उन्होंने सांगानेर में बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय में एनिमल प्रोस्थेटिक सेंटर की स्थापना के लिए कार्ययोजना बनाकर काम को गति देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कमला नेहरू नगर से भांकरोटा पुलिया तक बरसाती पानी भराव की समस्या को दूर करने के लिए पक्के नालों का निर्माण करवाया जाए। साथ ही, मालपुरा गेट पर वर्षा जल निकासी के लिए आवश्यकतानुसार नालों के मरम्मत कार्य करवाए जाएं। उन्होंने कहा कि महारानी फार्म को अग्रवाल फार्म से जोडने वाली पुलिया का काम शीघ्र पूर्ण किया जाए जिससे आमजन का सुगम आवागमन हो सके। मुख्यमंत्री ने विभिन्न 132 केवी और 33 केवी जीएसएस निर्माण कार्याें की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ट्रांसफार्मर के आस-पास के क्षेत्र में चेतावनी बोर्ड लगाने के साथ-साथ तारबंदी की जाए व इसकी ऊंचाई बढ़ाई जाए। श्री शर्मा ने आमजन के सुगम आवागमन के लिए विभिन्न सड़क निर्माण कार्य तथा आवश्यकतानुसार सड़क चौड़ाईकरण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को सवाईमाधोपुर रेलवे लाइन तक 100 फीट सेक्टर रोड निर्माण कार्य, वंदे मातरम रोड का सुदृढ़ीकरण, इस्कॉन रोड के शेष हिस्से का निर्माण कार्य, क्षतिग्रस्त सड़कों के निर्माण कार्यों को भी शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सांगानेर फ्लाइओवर से चौरड़िया पेट्रोल पम्प तक प्रस्तावित एलीवेटेड रोड को कार्ययोजना बनाकर मूर्त रूप देने के निर्देश दिए। उन्होंने सांगानेर स्टेडियम के सामने वाली रोड का योजना बनाकर विकास किए जाने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सांगानेर के जैन मंदिर, सांगा बाबा मंदिर तथा हनुमानजी मंदिर के आस-पास सौन्दर्यीकरण का कार्य करवाया जाए। साथ ही, प्रमुख चौराहों के सौन्दर्यीकरण के लिए भी कार्ययोजना बनायी जाए। उन्होंने कहा कि द्रव्यवती नदी का भू-जल स्तर बढ़ाने के लिए आवश्यक कार्यवाही करें। साथ ही, भू-जल रिचार्ज स्थानों से मलबा हटवाने व मरम्मत का कार्य भी निरन्तर किया जाए, जिससे द्रव्यवती नदी स्वच्छ रहे। उन्होंने कहा कि सांगानेर ब्लॉक प्रिंटिंग जोन की स्थापना कार्य को गति प्रदान करें। श्री शर्मा ने निर्देश दिए कि मुहाना मण्डी क्षेत्र और इसके आस-पास की सड़कों से अतिक्रमण हटाए जाने के कार्य में भी गति लायी जाए। उन्होंने दुर्गापुरा उद्यानिकी महाविद्यालय में बालिका छात्रावास एवं स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, प्रतापनगर में खेल स्टेडियम के निर्माण को भी शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में उन्नत तकनीक का प्रयोग बढ़ाने की दृष्टि से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर टिश्यू कल्चर की स्थापना के काम में तेजी लाई जाए। समीक्षा के दौरान नारायण विहार और पत्रकार कॉलोनी में पुलिस थाने खोलने, सांगानेर में जिला अस्पताल का निर्माण, सीवर लाईन के मरम्मतीकरण कार्य, जयपुर मेट्रो का विस्तार सहित विभिन्न विकास कार्याें की भी समीक्षा की गई।

Spices Fair-2025: राष्ट्रीय सहकार मसाला मेला-2025 में श्री अन्न की धूम

सहकारिता विभाग और राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ द्वारा जवाहर कला केन्द्र में आयोजित किए जा रहे राष्ट्रीय सहकार मसाला मेले में इस बार श्री अन्न से बने उत्पाद खास आकर्षण का केन्द्र बने हैं। जयपुरवासियों को ये उत्पाद खास पसंद आ रहे हैं और वे उत्साह के साथ इनकी खरीददारी कर रहे हैं। मेले में कॉनफेड की स्टॉल के साथ ही लगभग 25 स्टॉल्स पर श्री अन्न से बने उत्पाद उपलब्ध हैं। स्वास्थ्य की दृष्टि से उत्तम होने के कारण इन प्रोडक्ट्स की विशेष रूप से डिमांड देखने को मिल रही है। मेले में कॉनफेड की स्टॉल पर सुश्री अम्बिका ने बताया कि उनके यहां मिलेट मिक्स, रोस्टेड ज्वार, रोस्टेड बाजरा, रागी के बिस्किट, ओट्स बिस्किट, ज्वार की नान खटाई आदि उत्पाद उपलब्ध हैं, जो ग्राहकों द्वारा खूब पसंद किए जा रहे हैं। वहीं, के.डी. स्वयं सहायता समूह, राजीविका-करौली की स्टॉल पर श्री आदि शर्मा ने बताया कि उनकी स्टॉल पर श्री अन्न से बने 11 वैरायटी के कुकीज उपलब्ध हैं, जो उनकी माता द्वारा घर पर ही तैयार किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि स्टॉल पर आने वाले ज्यादातर लोगों को ये बहुत पसंद आ रहे हैं और इनकी अच्छी बिक्री हो रही है। इसी प्रकार, नव्या स्वयं सहायता समूह, जयपुर की स्टॉल पर मिलेट कुकीज के साथ ही श्री अन्न के पास्ता, नूडल्स, पोहा और सूजी भी उपलब्ध हैं। स्टॉल पर मौजूद श्री मनीष जैन ने बताया कि 5 प्रकार के श्री अन्न सावां, कुटकी, कोदो, कांगनी और छोटी कांगनी भी उनके यहां उपलब्ध है। स्वास्थ्य को लेकर जागरूक लोग इन प्रोडक्ट्स को पसंद कर रहे हैं और जमकर खरीददारी भी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि श्री अन्न और श्री अन्न से बने ये उत्पाद मधुमेह, कैंसर, थायराइड, मोटापा, आर्थराइटिस, एनीमिया, हृदय रोग, वात रोग आदि के उपचार में सहायक होते हैं। कोटा जिला सहकारी उपभोक्ता सहकारी संघ की स्टॉल पर पीयूष शर्मा ने बताया कि उनके यहां मखाना मिक्स फलाहारी दलिया, मल्टी ग्रेन दलिया, रागी के फ्लेक्स, सावां के रोस्टेड फ्लेक्स, श्री अन्न का दलिया, शुगर फ्री गेहूं रहित आटा आदि उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि लोगों को अब श्री अन्न का महत्व समझ में आ रहा है और जो भी ग्राहक ये प्रोडक्ट्स खरीदकर ले जा रहे हैं वे इन्हें खरीदने के लिए वापस भी आ रहे हैं। मेले में खरीददारी के लिए पहुंच रहे लोग भी इन श्री अन्न उत्पादों की जमकर तारीफ कर रहे हैं। जयपुर के सिद्धार्थ नगर की निवासी श्रीमती विमला मीणा ने बताया कि उनके पति चिकित्सक हैं और परिवार में सब स्वास्थ्य को लेकर जागरूक हैं, इसलिए श्री अन्न से बने उत्पादों को प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने कहा कि मेले में कम दामों में शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद मिल रहे हैं। गांधी नगर निवासी श्रीमती अनिता ने कहा कि खान-पान में बदलाव के कारण लोगों में कई प्रकार की बीमारियां घर कर रही हैं। डॉक्टर्स भी अब इन बीमारियों से बचने के लिए श्री अन्न के उपयोग की सलाह देते हैं। इसलिए वे मेले में से कई प्रकार के श्री अन्न उत्पाद खरीद कर ले जा रही हैं। मेंइसी प्रकार, महेश नगर निवासी दिलीप ने कहा कि ने स्वास्थ्य की दृष्टि से अच्छे होने के कारण बाजार से श्री अन्न उत्पाद खरीदते हैं, लेकिन मेले में बाजार से भी अच्छे उत्पाद उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये उत्पाद शुद्ध होने के साथ ही स्वाद में भी बहुत अच्छे हैं। वहीं, मालवीय नगर निवासी श्रीमती मधु ने कहा कि श्री अन्न उत्पादों को सभी को अपने खाने की थाली में शामिल करना चाहिए। इसे लेकर अभी और जागरूकता की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मेले में बेस्ट प्रोडक्ट्स उपलब्ध हो रहे हैं और वे कई प्रकार के उत्पाद यहां से खरीद कर ले जा रही हैं।

C M NEWS: बेटियां हमारा गर्व और अभिमान है: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में उदयपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत प्रतिभावान बालिकाओं ने मुलाकात की। श्री शर्मा ने कक्षा केन्द्रिय विद्यालय 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में सर्वश्रेष्ठ परिणाम प्राप्त करने वाली बेटियों से स्नेहपूर्ण संवाद कर उनका उत्साहवर्धन करते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। श्री शर्मा ने कहा कि बेटियां हमारा गर्व और अभिमान है। हमारी सरकार प्रदेश की प्रत्येक बालिका के सर्वांगीण उन्नति के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार बेटियों की प्रतिभा को तलाशने और तराशने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। बेटियों को आगे बढ़ने के पूरे अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।

जिला उपायुक्त की आमजन से अपील मलबा निस्तारण के लिए नगर निगम से करें सम्पर्क

जिला पर्यावरण समिति की सभा जिला उपायुक्त डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी की अध्यक्षता में मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय के सभागार मे आयोजित हुई। इस दौरान उपायुक्त डॉ.सोनी ने सभी भवन निर्माण कर्ताओं और आमजन से अपील की है कि अपने पुराने भवन को तोड़ कर नवीन भवन का निर्माण कर रहे है तो भवन तोड़ने के पश्चात् शेष रहे मलबे के उचित निस्तारण के लिए नगर निगम ग्रेटर और नगर निगम हेरिटेज से अवश्य सम्पर्क करें। उन्होंने कहा कच्चे फुटपाथों को कंकरिट के स्थान पर इन्टरलाकिंग टाईल्स का प्रयोग करें ताकि बरसात के मौसम मे सड़को का पानी धरती में चला जाए और सड़को को बरसाती नाले बनने से बचाया जा सके। डॉ.सोनी ने एन्टी स्मॉक गन को उचित स्थान पर लगाने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने आमजन से कचरा, कचरा-पात्र में डालने या कचरा संग्रहण वाहन में करने की भी अपील की ताकि शहर को स्वच्छ बनाया जा सके। उपायुक्त ने सड़क किनारे कचरा डाला जा रहा है वहां उस कचरे को साफ कर धार्मिक महत्त्व के पौधे लगाकर शहर को हरा भरा बनाने के निर्देश नगर निगम के अधिकारियों को दिए है। उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंध की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि प्लास्टिक न सिर्फ मानव, पशु-पक्षियों के लिए ब्लकि प्रकृति के लिए भी घातक हैं। इससे नदी नाले अवरूद्ध हो जाते है जिससे शहर में जल भराव और बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है इसलिए उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगाने के लिए अवैध रूप से विक्रय हो रही प्लास्टिक के जप्ती की कार्यवाही करने के निर्देश नगर निगम के अधिकारियों को दिए है। श्री सोनी ने इलैक्ट्रिक वाहनाों के चार्जिंग पॉइन्ट लागाने हेतु पेट्रोलियम कम्पनियों से सम्पर्क करने के निर्देश परिवहन विभाग के अधिकारियों को दिए है। इस दौरान विभागो के अधिकारी उपस्थित रहे।

India-Pakistan: भारत-पाकिस्तान के तनाव से जीरा और सौंफ के भाव में गिरावट

भारत-पाक तनाव के चलते बिलाड़ा कृषि मंडी पड़ रहा है। निर्यात-उन्मुख फसलें जैसे जीरा और सौंफ की आवक और किसानों से खरीद में गिरावट आई है। व्यापारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात आदेशों में ठहराव आया हुआ है। इस कारण जीरा और सौंफ के भाव में गिरावट आई है। उन्होने बताया कि पिछले सप्ताह के जीरा का भाव में 4 हजार रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट आई है। वहीं सौंफ के भाव में भी 3 हजार रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई है। दुसरी ओर गुजरात के ऊंझा मंडी की बात करें तो वहां भी व्यापारियों ने उपज की खरीदारी में कमी की है। मंडी सूत्रों के अनुसार मई में रोजाना जीरा और सौंफ और अन्य कृषि जिंस की आवक लगभग 1000 बोरी भी। लेकिन अब मंडी में लगभग 200 बोरी के आसपास ही माल आ रहा है। वहीं ऊंझा मंडी से भी खरीदारी नहीं हो पा रही है। किसान अपना माल बेचने मंडी नहीं आ रहे है। केवल फोन पर हीं व्यापारियों से भाव मालूम कर रहे है। किसान भाव कम होने के कारणमाल नहीं बेच रहे है।  

C M NEWS: भ्रष्टाचार मुक्त सुशासन के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार आमजन को संवेदनशील, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त सुशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है, अधिकारी-कर्मचारी सरकार के शासन तंत्र की मुख्य धुरी हैं जिनकी जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने में अहम भूमिका होती है। ऐसे में कार्मिक पूरे समर्पण भाव और सत्यनिष्ठा से काम करते हुए राज्यहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें ताकि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को योजनाओं को पूरा लाभ मिल सके। श्री शर्मा गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास पर कार्मिक विभाग की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टोलरेंस की नीति अपनाते हुए आमजन को गुड गवर्नेन्स देने का कार्य प्राथमिकता से कर रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि विभागीय जांच के 16 सीसीए, 17 सीसीए सहित 17ए के लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण हो जिससे राजकीय कार्यों में जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि जिन विभागों में लंबित प्रकरणों की संख्या अधिक है, उनके सचिव ऐसे प्रकरणों की स्वयं प्रति सप्ताह समीक्षा करें। लंबित प्रकरणों का निस्तारण निर्धारित अवधि में पूरा हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारियों का अनुशासन और सेवा-भाव राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में अधिकारी-कर्मचारियों को नियमित ऑनलाइन व ऑफलाइन प्रशिक्षण दिया जाए जिससे उनकी क्षमता में संवर्धन और दक्षता में वृद्धि हो सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवश्यकतानुसार नियमों में संशोधन कर सुसंगत बनाएं। श्री शर्मा ने कहा कि काम में लापरवाही और अनुशासनात्मक कार्यवाही के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण किया जाए। लंबित प्रकरणों की अधिक संख्या वाले विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण इन प्रकरणों की समीक्षा करें और इनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग ऐसे प्रकरणों की रिपोर्ट नियमित भिजवाएं। साथ ही, मुख्य सचिव के स्तर पर ऐसे लंबित प्रकरणों के निस्तारण के लिए नियमित मॉनिटरिंग की जाए। इस दौरान विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

जल संसाधन विभाग में 364 कनिष्ठ अभियंताओं की होगी भर्ती —मंत्री

जल संसाधन विभाग में कनिष्ठ अभियंता के 364 पदों पर शीघ्र भर्ती की जाएगी। विभाग में तकनीकी क्षमताओं को सुदृढ़ करने और युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभाग ने राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को अर्थना भेजी है। इसमें कनिष्ठ अभियंता डिग्री और डिप्लोमा धारकों के लिए गैर अनुसूचित क्षेत्र और अनुसूचित क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग पद आरक्षित किए गए हैं। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत के प्रयासों से विभाग में नवाचार और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। कनिष्ठ अभियंताओं की भर्ती प्रक्रिया से युवाओं को रोजगार के अधिकाधिक अवसर मिलेंगे और विभागीय कार्यक्षमता में अभिवृद्धि होगी। इन पदों पर भर्ती :— गैर अनुसूचित क्षेत्र में कनिष्ठ अभियंता सिविल (डिग्री) के 165 पद, कनिष्ठ अभियंता सिविल (डिप्लोमा) के 97 पद, कनिष्ठ अभियंता मैकेनिकल (डिग्री) के 4 पद और कनिष्ठ अभियंता मैकेनिकल (डिप्लोमा) के 10 पदों पर भर्ती होगी। साथ ही, अनुसूचित क्षेत्र में कनिष्ठ अभियंता सिविल (डिग्री) के 28 पद और कनिष्ठ अभियंता सिविल (डिप्लोमा) के 60 पदों पर भर्ती के लिए भी अर्थना भिजवाई गई है। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध करा रही है। राज्य के जल संसाधन प्रबंधन को अधिक सुदृढ़ करने के लिए विभाग को तकनीकी रूप से सशक्त किया जा रहा है। अब विभाग में इन पदों पर भर्ती होने से राज्य की जल परियोजनाओं की गुणवत्ता अधिक मजबूत होगी।

Jan Adhar: जन आधार की ई-केवाईसी हुई सरल

राज्य सरकार ने जन आधार की ई-केवाईसी प्रक्रिया का सरलीकरण किया है। आर्थिक और सांख्यिकी विभाग के सहायक निदेशक डॉ. सुदीप कुमावत ने बताया कि जिन लोगों के फिंगरप्रिंट, आईरिस नहीं आने व आधार में मोबाइल नंबर नहीं होने या अपडेट नहीं होने की स्थिति में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में विलम्ब होता था इसी को ध्यान में रखकर राज्य सरकार ने आमजन को राहत प्रदान की है। उन्होंने बताया कि शासन सचिव, आयोजना एवं पदेन महानिदेशक जन आधार प्राधिकरण ने सभी जिला कलक्टर को पत्र लिखकर बताया है कि राज्य के उम्रदराज निवासियों की आधार में बायोमेट्रिक डेटा इनपुट अर्थात फिंगरप्रिंट/आईरिस नहीं आने और आधार में मोबाईल नम्बर नहीं होने की स्थिति में जन आधार में आधार से ऑनलाईन ईकेवाईसी नहीं हो पाती है ऐसे लोगों की समस्या के समाधान हेतु राज्य सरकार द्वारा ऑफलाईन ईकेवाईसी की व्यवस्था की गयी है। डॉ. कुमावत ने बताया कि ऑफलाइन ईकेवाईसी के लिए ग्रामीण क्षेत्र में ब्लॉक विकास अधिकारी और शहरी क्षेत्र में उपखण्ड अधिकारी (द्वितीय सत्यापक) की एसएसओ आई डी पर ऑफलाईन ईकेवाईसी का ऑप्शन उपलब्ध करवाया गया है जिसके माध्यम से फिंगरप्रिंट/आईरिस नहीं आने व आधार में मोबाईल नम्बर नहीं होने वाले व्यक्तियों की ईकेवाईसी की जा सकेगी। ऐसे उम्रदराज व्यक्ति जिनके बायोमेट्रिक डेटा इनपुट अर्थात फिंगरप्रिंट/आईरिस नहीं आने व आधार में मोबाईल नम्बर नहीं होने से सरकारी योजनाओं का लाभ लेने मे समस्याओं का सामना करना पड रहा था उन सभी को इस आदेश से राहत मिलेगी।

Home department: गृह विभाग ने आपदा प्रबन्धन के लिए जिला मजिस्ट्रेटों को जारी किए दिशा निर्देश

राज्य के गृह विभाग ने वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सभी जिला कलेक्टर और मजिस्ट्रेट को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनन्द कुमार द्वारा जारी दिशा-निर्देश के अनुसार समस्त अस्पतालों में सभी प्रकार की आवश्यक जीवन रक्षक दवा उपलब्ध रहे, डाक्टर मय स्टाफ उपस्थित रहे और ब्लड बैंक में सभी ग्रुपों के रक्त की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध रहे। चिन्हित अस्पतालों व स्कूलों में जहां पर अस्थाई अस्पताल और लोगों के रहने की व्यवस्था की जा सकती है, वहां जनरेटरों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। सोशल मीडिया पर पूर्ण निगरानी रखें और देश के विरुद्ध भड़काऊ पोस्ट अथवा सामग्री पर तुरन्त कानूनी कार्रवाई करें जिससे कि प्रदेश में माहौल खराब न हो। जिला कलेक्टर यह भी सुनिश्चित करें कि आपात स्थिति में जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद्य सामग्री उपलब्ध रहे। लोग खाद्य सामग्री व अन्य आवश्यक वस्तुओ का अनावश्यक भंडारण न करें, उसके लिए लोगों को भी जागरूक करें। जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग सुनिश्चित करेगा कि आपात स्थिति में पेयजल की पूर्ण व्यवस्था आम जन के लिए उपलब्ध हो। सीमावर्ती जिलों के संभागीय आयुक्त, महानिरीक्षक पुलिस, जिला कलेक्टर और जिला पुलिस अधीक्षक सम्बन्धित सेना व अन्य केन्द्रीय एजेन्सियों के अधिकारियों से निरन्तर सम्पर्क में रहें और समन्वय के साथ कार्रवाई करें। सीमावर्ती जिलों में जो गांव सीमा पर स्थित है, वहां आपात स्थिति में निकास की योजना भी पूर्ण रूप से तैयार रखें। जिलों में अति संवेदनशील स्थलों की सूची को अपडेट कर उसमें अस्पताल, पावर प्लान्ट, तेल और गैस के डिपो/पाइपलाइन, धार्मिक स्थल की पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की जाए। जारी दिशा-निर्देश के मुताबिक सुनिश्चित किया जाए कि पंचायत एवं ग्राम स्तर पर राज्य सरकार द्वारा की जा रही व्यवस्थाओं की पूर्ण जानकारी हो और आम जन को यह विश्वास हो कि संकट की घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ है। जिलों में अग्निशमन सेवाओं को एक्टिव मोड पर रखा जाए। जिले में संचार सेवाओं को सुचारू रखा जावे व पब्लिक एड्रेस सिस्टम पर्याप्त संख्या में चालू स्थिति में उपलब्ध रहे, जिले में समय- समय पर आपदा प्रबन्धन योजना की मॉक ड्रिल की जाए। आपदा की स्थिति में गैर सरकारी संगठन , राष्ट्रीय सेवा योजना,नेशनल कैडेट कोर की भागीदारी सुनिश्चित की जावे।

Confed: राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ (कॉनफैड) की बेशकीमती जमीन कब्जा मुक्त

राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ (कॉनफैड) की बेशकीमती जमीन को कब्जा मुक्त करवाया गया है। माननीय न्यायालय का निर्णय कॉनफैड के पक्ष में आने के बाद नगर निगम ग्रेटर, जयपुर द्वारा यह कार्यवाही की गई है। कॉनफैड की प्रशासक एवं रजिस्ट्रार सहकारी समितियां श्रीमती मंजू राजपाल ने बताया कि राजापार्क के पंचवटी सर्किल स्थित राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ के भूखण्ड पर विगत कई वर्षों से कब्जा था और इस सम्बन्ध में वाद न्यायालय में विचाराधीन था। कुछ माह पूर्व हुई कॉनफैड की 39वीं वार्षिक आम सभा में प्रकरण की प्रभावी पैरवी कर निस्तारण करवाने व कब्जा हटवाने का निर्देश दिए गए थे। उन्होंने बताया कि कॉनफैड द्वारा प्रकरण की प्रभावी पैरवी करवाने के फलस्वरूप माननीय न्यायालय का निर्णय कॉनफैड के पक्ष में आया, जिसके बाद जमीन को कब्जा मुक्त करवाया गया। जयपुर शहर की प्राइम लोकेशन पर स्थित इस जमीन का उपयोग अब कॉनफैड द्वारा किया जा सकेगा।