मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों से आगामी जनगणना को एक संवैधानिक दायित्व और राष्ट्रीय कर्तव्य मानकर पूरी निष्ठा के साथ संपन्न करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जनगणना मात्र आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक महायज्ञ है, जिसमें हर नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए।
16 मई से शुरू होगा अभियान—
राजस्थान में जनगणना का यह वृहद अभियान 16 मई से विधिवत शुरू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया के दौरान नागरिक जो सटीक जानकारी साझा करेंगे, उसी के आधार पर भविष्य की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों का खाका तैयार किया जाएगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे प्रगणकों को सही और पूर्ण जानकारी देकर एक जागरूक नागरिक का परिचय दें।
डिजिटल इंडिया: 1 मई से स्व-गणना की सुविधा—
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ विजन को साकार करते हुए इस बार जनगणना को आधुनिक और तकनीक-आधारित बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 1 मई से नागरिकों के लिए ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) की सुविधा शुरू की जा रही है। इसके तहत लोग घर बैठे पोर्टल के माध्यम से अपनी और अपने परिवार की जानकारी स्वयं डिजिटल रूप में दर्ज कर सकेंगे। यह पहल न केवल समय बचाएगी, बल्कि डेटा की सटीकता और गोपनीयता को भी मजबूती प्रदान करेगी।
विकास की नींव है सटीक आंकड़े—
मुख्यमंत्री शर्मा ने जोर देते हुए कहा कि संसाधनों के समान वितरण और समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के लिए सही डेटा अनिवार्य है। उन्होंने युवाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं और प्रबुद्धजनों का आह्वान किया कि वे इस अभियान के महत्व को जन-जन तक पहुंचाएं।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि राजस्थान की जनता इस राष्ट्रीय अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेगी और ‘विकसित राजस्थान’ के संकल्प को सिद्ध करने में अपनी अहम भूमिका निभाएगी।




