राजस्थान में पारा चढ़ने के साथ ही भीषण गर्मी और हीटवेव (लू) का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। आमजन को इस जानलेवा गर्मी से बचाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विशेष संवेदनशीलता दिखाते हुए राज्य सरकार की ओर से स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी की है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे गर्मी से बचाव के लिए सरकारी दिशा-निर्देशों की कड़ाई से पालना करें।
कमजोर वर्ग बरतें विशेष सावधानी—
मुख्यमंत्री ने कहा कि भीषण गर्मी का सबसे अधिक प्रभाव बच्चों, वृद्धजनों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार व्यक्तियों पर पड़ता है। उन्होंने इन वर्गों के लिए विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक, जब धूप सबसे तीखी होती है, अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। यदि बाहर जाना अनिवार्य हो, तो सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढककर रखें।
खान-पान और हाइड्रेशन पर जोर—
एडवाइजरी में पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, ओआरएस (ORS) घोल, नींबू पानी, छाछ और मौसमी फलों के सेवन पर जोर दिया गया है। खाली पेट घर से बाहर न निकलें और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। लू के लक्षण (जैसे तेज बुखार, सिरदर्द, चक्कर आना) महसूस होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें।
पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता—
मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पशु-पक्षियों की देखभाल की भी अपील की है। उन्होंने कहा कि इस भीषण गर्मी में बेजुबान पक्षियों के लिए परिंडे बांधें और पशुओं के लिए छाया व पीने के पानी की समुचित व्यवस्था करें।
प्रशासनिक मुस्तैदी—
मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टरों और स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में ‘हीटवेव वार्ड’ और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश है कि जन-जन की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, लेकिन इसमें आमजन का सहयोग और जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।




