राजस्थान की वन-धन संपदा को समृद्ध करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के तीन जिलों—बांसवाड़ा, उदयपुर और सिरोही में ‘चंदन वन’ विकसित करने के निर्देश दिए हैं। इस परियोजना के तहत बांसवाड़ा के झांतलिया, उदयपुर के बांकी और सिरोही के जनापुर में सघन वृक्षारोपण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में श्री शर्मा ने बताया कि इन चिन्हित स्थानों पर प्रत्येक चंदन वन में 10 हजार से अधिक पौधे रोपित किए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इन वनों के लिए केवल उच्च गुणवत्ता वाले पौधों का ही चयन किया जाए ताकि उनकी उत्तरजीविता सुनिश्चित हो सके।
सुरक्षा और सिंचाई पर विशेष जोर—
चंदन की कीमती लकड़ी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने को कहा है। उन्होंने चयनित क्षेत्रों की फेंसिंग (घेराबंदी) करने और पौधों की सिंचाई के लिए ड्रिप या अन्य समुचित व्यवस्थाएं समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून के आगमन से पूर्व गड्ढों की खुदाई और अन्य तकनीकी तैयारियां हर हाल में पूरी कर ली जानी चाहिए।
भविष्य की योजनाएं—
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शुरू हो रही यह पहल राजस्थान की पारिस्थितिकी और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए गेम-चेंजर साबित होगी। इन तीन जिलों में सफलता के बाद प्रदेश के अन्य जिलों में भी चंदन वन विकसित करने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। इस निर्णय से न केवल राज्य के हरित क्षेत्र में वृद्धि होगी, बल्कि भविष्य में यह राजस्व का एक बड़ा स्रोत भी बनेगा। बैठक में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को इस प्रोजेक्ट की नियमित मॉनिटरिंग करने और कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।




