राजस्थान की राजनीति और अर्थव्यवस्था का केंद्र मानी जाने वाली ‘एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड’ (HRRL) से एक विचलित करने वाली खबर सामने आई है। करीब डेढ़ दशक के इंतजार के बाद मंगलवार को जिस ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रो रसायन परिसर का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों होना था, वहां सोमवार को भीषण आग लग गई। इस हादसे के बाद प्रस्तावित उद्घाटन कार्यक्रम को फिलहाल टाल दिया गया है।
लंच ब्रेक ने बचाई सैकड़ों जानें—
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग उस मुख्य यूनिट में लगी जिसका बटन दबाकर पीएम मोदी को शुभारंभ करना था। गनीमत यह रही कि हादसा उस समय हुआ जब परिसर में लंच ब्रेक चल रहा था। यूनिट में कार्यरत 150 से अधिक कर्मचारी उस वक्त वहां मौजूद नहीं थे। यदि यह आग सामान्य कार्य समय के दौरान लगती, तो जनहानि का आंकड़ा बेहद भयावह हो सकता था।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल—
आग की लपटें इतनी विकराल थीं कि पूरे रिफाइनरी परिसर में हड़कंप मच गया। हालांकि, आग लगने के स्पष्ट कारणों पर अभी तक प्रबंधन या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन इस घटना ने प्रोजेक्ट की सुरक्षा व्यवस्था और ‘फायर सेफ्टी प्रोटोकॉल’ पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतने बड़े स्तर के प्रोजेक्ट में उद्घाटन से ठीक एक दिन पहले ऐसी चूक सुरक्षा ऑडिट की विफलता को दर्शाती है।
राजनीतिक और आर्थिक प्रभाव—
पचपदरा रिफाइनरी राज्य का सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। इस हादसे से न केवल करोड़ों की संपत्ति के नुकसान की आशंका है, बल्कि प्रोजेक्ट के पूर्ण रूप से चालू होने की समयसीमा भी आगे बढ़ सकती है। वर्तमान में प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने और नुकसान का आकलन करने में जुटा है। पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और विशेषज्ञों की टीम आग के कारणों की जांच कर रही है।




