मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दावा किया है कि राजस्थान की सातों विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी भारी मतों से चुनाव जीतेंगे। श्री शर्मा ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान जिस क्षेत्र में भी गए, वहां की जनता का अपार जन समर्थन भाजपा के प्रति दिखा। उन्होंने कहा कि चुनाव में लगे भाजपा कार्यकर्ताओं ने जमकर मेहनत की और जनता ने 11 महीने की सरकार में हुए जनकल्याण के कार्यों के प्रति अपना समर्थन दिखाया है।
मुख्यमंत्री ने बुधवार शाम को मतदान के लिए सभी मतदाताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मतदाताओं ने लोकतंत्र की मजबूती और विकास के लिए जागरूकता से मतदान कर अपनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का निर्वहन किया है। राजस्थान की जनता समझदार है और उसने सोच-समझकर मतदान किया है। जनता को पता है कि उसका विकास केवल भाजपा ही कर सकती है। इसलिए उनका वोट डबल इंजन की सरकार को और मजबूत बनाने के लिए पड़ा है। इस चुनाव में महिला, युवा, किसान, गरीब सहित हर वर्ग का समर्थन भाजपा के साथ था। भाजपा की सभाओं में बड़ी संख्या में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी ने इसको साबित भी किया। चौरासी की सभा तो ऐतिहासिक थी, जिसमें आदिवासी भाईयों ने हजारों की संख्या में आकर भाजपा के पक्ष में खड़े होकर विभाजनकारी ऐजेंडे को करारा जवाब दिया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को बिहार के दरभंगा से देश को 12 हजार करोड़ रुपए की सड़क, रेलवे, स्वास्थ्य सहित विभिन्न सेक्टर की 25 से अधिक परियोजनाओं की सौगात दी। कार्यक्रम में राजस्थान में भी जयपुर सहित बाड़मेर और फालना में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केन्द्र का वर्चुअल शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी मुख्यमंत्री निवास से इस कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़े।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के विजनरी लीडरशिप में देश में विकास को अभूतपूर्व गति मिली है। सड़क, ऊर्जा, मेडिकल, उद्योग, बिजली, पानी, शिक्षा और सूचना प्रौद्योगिकी सहित तमाम विकास संकेतकों में भारत विश्वभर में मजबूती के साथ आगे आया है। आज राजस्थान में जयपुर के दुर्गापुरा रेलवे स्टेशन सहित बाड़मेर और फालना के रेलवे स्टेशन पर प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केन्द्र का शुभारंभ किया गया है। इससे आमजन को कम कीमत पर दवाइयां उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए लगातार निर्णय ले रही है। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत जरूरतमंदों को निःशुल्क इलाज मिल रहा है। वहीं, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के निर्माण, रामाश्रय वार्ड, मॉं वाउचर जैसे नवाचारों से स्वस्थ राजस्थान के मिशन को गति मिली है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार शहरी क्षेत्रों के सुनियोजित विकास और उनके मास्टर प्लान के क्रियान्वयन हेतु प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी क्रम में नगरीय विकास विभाग ने एक अधिसूचना जारी कर प्रदेश के सभी शहरों में विकास प्रोत्साहन एवं नियत्रंण उपविधियां (डवलपमेंट प्रमोशन एवं कंट्रोल रेगुलेशन्स) को लागू किया है।
इन उपविधियों के लागू होने से प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में भावी जनसंख्या की आवश्यकता अनुसार भू-उपयोग मानचित्र में विभिन्न भू-उपयोग यथा आवासीय, व्यावसायिक, संस्थागत, औद्योगिक, सार्वजनिक व अर्ध-सार्वजनिक, आमोद-प्रमोद जैसे कार्य आसानी से संपादित होंगे। भू उपयोग परिवर्तन में लगने वाले समय में कमी आएगी और आमजन को सहूलियत होगी। साथ ही, सामुदायिक, शैक्षणिक, चिकित्सा सुविधाओं हेतु भूमि रूपान्तरण एवं भू-आवंटन की प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ संपादित हो सकेगी, जिससे इनसे संबंधित आधारभूत संरचनाओं के लिए निवेश आएगा। अधिसूचित उपविधियों के अनुसार मुख्य भू-उपयोग में पूरक और संगत गतिविधियांे को अनुज्ञेय करते समय न्यूनतम तकनीकी मापदण्डों का निर्धारण किया गया है। इससे उस क्षेत्र का वातावरण भी प्रभावित नहीं होगा एवं आमजन को आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध हो सकेगी।
इन उपविधियों के अनुसार न्यूनतम तकनीकी मापदण्ड के आधार पर भू-उपयोग परिवर्तन स्थानीय निकाय के स्तर पर अनुमोदित किया जा सकेेगा। प्रत्येक मुख्य भू-उपयोग के अन्तर्गत अनुज्ञेय संगत गतिविधियों का दो श्रेणीयों- अनुमत एवं अनुमति योग्य में विभाजित गया है। अनुमत गतिविधियां स्थानीय निकाय स्तर तथा अनुमति योग्य गतिविधियां क्षेत्रीय नगर नियोजन अधिकारी स्तर से परीक्षण उपरान्त स्थानीय निकाय के स्तर पर अनुज्ञेय की जा सकेगी। उपविधियों के अन्तर्गत कस्बों की श्रेणी या ग्राम आबादी के प्रयोजन के लिए नवीनतम जनगणना द्वारा की गई जनसंख्या को आधार माना जाएगा। एक लाख से अधिक जनसंख्या के शहरों को बड़े शहर तथा एक लाख तक की जनसंख्या के शहरों को लघु व माध्यम शहर माना जाएगा।
उल्लेखनीय है कि विकास प्रोत्साहन एवं नियंत्रण उपविधियों में केवल जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, भिवाडी, पाली आदि शहरों के मास्टर प्लानों को ही सम्मिलित किया गया था। इन उपविधियां के दायरे में अब शेष शहरों को भी शामिल कर लिया गया है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि 9 से 11 दिसंबर तक जयपुर में आयोजित होने वाला ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट’ भविष्य के विकसित राजस्थान की नींव रखेगा। इसमें होने वाले निवेश एमओयू से राजस्थान अक्षय ऊर्जा, खनन, पर्यटन, ऑटोमोबाइल सहित विभिन्न क्षेत्रों में विकास के नए आयाम स्थापित करेगा और विश्वभर में निवेश के प्रमुख केन्द्र के रूप में स्थापित होगा।
श्री शर्मा मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास पर राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इंवेस्टमेंट समिट के आयोजन की तैयारियों को लेकर समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 9 से 11 दिसम्बर तक आयोजित होने वाले इस समिट को सफल बनाने हेतु तैयारियों को अन्तिम रूप देना सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने 9 और 10 दिसम्बर को होने वाले विभिन्न आयोजनों की विशेष रूप से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समिट में शामिल होने वाले अतिथियों को निमंत्रण, उनके पंजीकरण, ठहरने और अन्य सभी व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखकर सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि समिट के आयोजन के संबंध में इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के साथ ही विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
इस दौरान पर्यटन विभाग की ओर से 9 एवं 10 दिसम्बर को होने वाले विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों को लेकर प्रस्तुतीकरण दिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सांस्कृतिक कार्यक्रमों में राजस्थान की गौरवशाली संस्कृति को शामिल करते हुए प्रदेश के लोकगीतों और लोकनृत्यों को विशेष प्राथमिकता दी जाए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने 9 दिसम्बर को आयोजित होने वाले अक्षय ऊर्जा, स्वास्थ्य, खनन, जल एवं विनिर्माण सहित विभिन्न क्षेत्रों पर आधारित सत्रों तथा निवेशकों के साथ होने वाली वन-टू-वन मीटिंग की तैयारियों पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने 10 दिसम्बर को आयोजित होने वाले प्रवासी राजस्थानी कॉन्क्लेव के दौरान प्रवासी राजस्थानियों के लिए की जाने वाली विभिन्न घोषणाओं और नवाचारों के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कॉन्क्लेव में अधिक से अधिक संख्या में प्रवासी राजस्थानियों की भागीदारी बढ़ाने में विभिन्न राज्यों में पदस्थापित राजस्थानी मूल के प्रशासनिक अधिकारियों का सहयोग भी लिया जाए।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग और संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) के बीच सामाजिक रूप से पिछड़े समूहों के किशोर-किशोरियों को जीवन कौशल और स्वास्थ्य संबंधित जानकारियों द्वारा सशक्त करने के लिए एक एमओयू पर अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप रांका और UNFPA की भारतीय प्रतिनिधि सुश्री एंड्रिया एम वोजनार द्वारा हस्ताक्षर शासन सचिवालय स्थित उनके कक्ष में किया गया।
श्री रांका ने बताया कि एमओयू के तहत संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) द्वारा आवासीय विद्यालयों और निदेशालय विशेष योग्यजन द्वारा संचालित विशेष विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों/विशेष शिक्षकों और छात्रावासों के छात्रावास अधीक्षकों को निःशुल्क प्रशिक्षण एवं कौशल और स्वास्थ्य संबंधित जानकारियां प्रदान करने और किशोर युवाओं व विशेष योग्यजन व्यक्तियों को समाज की मुख्य धारा में लाने के लिए विभाग के भीतर एक तकनीकी सहायता इकाई की स्थापना की जाएगी। उन्होने कहा कि एमओयू का उद्देश्य सामाजिक रूप से पिछड़े समूहों के किशोर—किशोरियों को सशक्त बनाने और समावेशिता को बढ़ावा देने के साथ सतत् विकास को बढ़ावा देना है। इस अवसर पर बचनेश कुमार अग्रवाल, निदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता सहित यूएनएफपीए इंडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
साइबर स्लेवरी (गुलाम) बनाकर साइबर धोखाधड़ी के संबंध में पुलिस मुख्यालय साइबर क्राइम शाखा द्वारा एडवाइजरी जारी की गई है। महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम हेमंत प्रियदर्शी ने युवाओं से आह्वान किया है कि विदेश में रोजगार के संबंध में सावधानी बरते, विदेश मंत्रालय में पंजीकृत भर्ती एजेंट द्वारा प्रसारित भर्ती का ही हिस्सा बने।
श्री प्रियदर्शी ने बताया कि साइबर अपराधों पर अंकुश लगानें और आमजन में साइबर अपराधो के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से राज्य मे लगातार प्रयास किये जा रहे है। रोजगार के नाम पर साइबर अपराधियों द्वारा पढ़े लिखे और तकनीकी प्रशिक्षित युवाओ का झांसा देकर दक्षिण पूर्वी एशियाई देशो में आईटी क्षेत्र में रोजगार के लुभावने अवसर देकर फंसाया जा रहा हैं, जहां उन्हे ले जाकर उनके पासपोर्ट व अन्य परिचय पत्र छिने जाकर उन्हे बंधक के तोर पर साइबर गुलाम (स्लेव) बनाकर भाषा के आधार पर भारतीय नागरिको के साथ साइबर धोखाधड़ी करने के लिए मजबूर किया जाता है।
महानिदेशक ने बताया कि ऐसे अपराधियों पर प्रभावी कार्यवाही के लिए भारतीय विदेश मंत्रालय व पुलिस एजेंसिया ठोस कदम उठा रही हैं। आमजन से अपेक्षित हैं कि विदेश में रोजगार के संबंध में सावधानी बरते तथा विदेश मंत्रालय में पंजीकृत भर्ती एजेंट द्वारा प्रसारित भर्ती का ही हिस्सा बने और अन्य व्यक्ति या एजेंट द्वारा दिया जा रहा रोजगार का आश्वासन व प्रलोभन अवैध है।
उन्होंने बताया कि आमजन की जानकारी के लिए भारतीय विदेश मंत्रालय में पंजीकृत एजेंटो की सूची अधिकृत वेबसाइट पर https://www.mea.gov.in/images/attach/03-list-4-2024.pdf पर उपलब्ध है, जहां से कोई भी व्यक्ति चैक कर सकता है कि उसे रोजगार का आश्वासन देने वाला व्यक्ति पंजीकृत एजेंट है या नहीं।
इस संबंध में यह सूचित किया जाता है कि विदेशो में रोजगार के लुभावने ऑफर पर भारतीय विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर https://www.mea.gov.in/images/attach/03- list-4-2024.pdf देखकर ही आवेदन करें। आम जनता को सलाह दी जाती हैं कि ई-मेल, व्हाट्सएप, टेलीग्राम, इंस्टाग्राम व फेसबुक जैसे फर्जी लिंक की सूचना साइबर हेल्प लाईन नम्बर 1930, साइबर वेबसाईट https://cybercrime.gov.in और निकटतम पुलिस स्टेशन व साइबर पुलिस स्टेशन को देनी चाहिए।
पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना में रूफ टॉप सोलर कनेक्शन देने के काम को त्वरित एवं सुगम बनाने के लिए जयपुर विद्युत वितरण निगम ने मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। इसमें आवेदकों तथा वेंडर्स के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं को कम करने के साथ ही डिस्कॉम के स्तर पर किए जाने वाले कामों को ऑनलाइन किया जा रहा है। जिससे लोड बढ़ाने, मीटर टेस्टिंग, साइट वेरीफिकेशन जैसे कामों के लिए आवेदक को कार्यालय जाने और अलग-अलग फाइल लगाने की आवश्यकता नहीं रहेगी।
डिस्कॉम्स चेयरमैन एवं जयपुर विद्युत वितरण निगम की प्रबंध निदेशक सुश्री आरती डोगरा ने बताया कि पूर्व में आवेदकों तथा वेंडर्स को संबंधित प्रक्रियाओं तथा दस्तावेज की पूर्ति के लिए सब डिवीजन कार्यालय के कई चक्कर लगाने पड़ते थे। अब इनसे संबंधित कार्यों को ऑनलाइन किया जा रहा है।
चेयरमैन ने बताया कि डिस्कॉम्स के एनसीएमएस मॉडयूल में पीएम सूर्यघर से संबंधित मैन्यू का ऑप्शन विकसित किया गया है। जिसके जरिए पीएम सूर्यघर योजना में आवेदकों के 10 किलोवाट भार से संबंधित कनेक्शन तत्परता से ऑनलाइन जारी किए जा सकेंगे। आवेदित एसपीवी की क्षमता स्वीकृत लोड से अधिक होने पर आवेदक को अब भार वृद्धि के लिए अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। लोड एक्सटेंशन, सिंगल फेज से थ्री फेज में कन्वर्ट कराने का काम अब रूफ टॉप सोलर तथा नेट और सोलर मीटर स्थापित करते समय किया जा सकेगा। आवेदक को इसके लिए अलग से फाइल लगाने तथा डिमांड नोट के साथ बढी हुई सिक्योरिटी राशि जमा करने की आवश्यकता अब नहीं होगी। आवेदकों को टेस्टिंग के लिए मीटर जमा कराते समय मीटर टेस्टिंग शुल्क और आवेदन शुल्क नहीं देना होगा। डिमांड नोट राशि, मीटर टेस्टिंग फीस और अन्य देय चार्जेज अब उन्हें इंस्टालेशन रिपोर्ट से पूर्व ही जमा कराने होंगे।
इंस्टालेशन रिपोर्ट प्राप्त होने के साथ ही पोर्टल पर सभी दस्तावेज अपलोड करने, डिमांड नोट फीस, मीटर परीक्षण शुल्क तथा अन्य देय चार्जेज जमा कराते ही कंज्यूमर शाखा के क्लर्क द्वारा मीटर कनेक्शन ऑर्डर जारी कर दिया जाएगा और संबंधित कनिष्ठ अभियंता को रूफ टॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने के लिए ऑनलाइन अग्रेषित कर दिया जाएगा।
सुश्री डोगरा ने बताया कि पीएम सूर्यघर योजना में आवेदकों के लिए अब अलग से प्राथमिकता निर्धारित की जाएगी। इसी तरह वेंडर सर्किल कार्यालयों में न्यूनतम 10 नेट मीटर तथा सोलर मीटर जमा करा सकेंगे। अधीक्षण अभियंता इन मीटरों को यथाशीघ्र परीक्षण के लिए लैब में भेज सकेंगे तथा परीक्षण के बाद मांग के अनुरूप मीटरों को सहायक अभियंता कार्यालयों को उपलब्ध कराएंगे। ताकि संबंधित वेंडर द्वारा जल्द रूफ टॉप सोलर स्थापित किए जा सकें।
सुश्री डोगरा ने बताया कि कंज्यूमर क्लर्क तथा सहायक अभियंता (ओ एंड एम) को प्रतिदिन पीएम सूर्यघर पोर्टल पर लॉगइन कर प्राप्त होने वाले आवेदनों की सूची को डाउनलोड करने तथा आवेदकों से तत्परता से सम्पर्क करने के निर्देश दिए गए हैं। सहायक अभियंताओं को वे सभी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि आवेदकों को रूफ टॉप सोलर स्थापित करने के लिए कार्यालय कम से कम आना पड़े।
उल्लेखनीय है कि रूफ टॉप सोलर के माध्यम से बिजली उपभोक्ताओं को सस्ती एवं सुलभ सौर ऊर्जा से जोड़ने की दिशा में प्रधानमंत्री सूर्यघर निशुल्क बिजली योजना एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना में अधिकतम तीन किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र पर 78 हजार रूपए तक का अनुदान देय है। योजना के तहत प्रदेश में अब तक 16,572 घरों में सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं। इनमें जयपुर विद्युत वितरण निगम में 6,217 , अजमेर डिस्कॉम में 5,479 तथा जोधपुर डिस्कॉम में 4,876 घरों में रूफ टॉप संयंत्र लगाए गए हैं।
उप चुनाव प्रचार के अंतिम दिन मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने एलान करते हुए कहा कि खींवसर विधानसभा सीट पर चुनाव हार गए तो मैं मूंछें और बाल मुंडवाकर यहां चौक पर खड़ा हो जाऊंगा।
चिकित्सा मंत्री ने यह बात खींवसर उप चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार के दौरान कही थी। इस आशय का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
आपको बतादें कि खींवसर का यह उप चुनाव रालोपा सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल के लिए अपनी राजनीतिक के लिये बड़ा महत्वपूर्ण है। श्री बेनीवाल ने पत्नी कनिका बेनीवाल को चुनाव जीताने के लिये एडी—चौटी का दम लगा रखा है। माना जा रहा है कि ये चुनाव श्री बेनीवाल के अस्तित्व का चुनाव है। वहीं भाजपा और कांग्रेस ने रालोपा घेराबंदी करते हुए अपने मजबूत प्रत्याशी मैदान में उतारे है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि कांग्रेस को कभी भी आदिवासी भाई-बहिनों की चिंता नहीं रही। वे झूठ बोलकर भावनाओं को भड़काकर अपना काम निकलवाते हैं। इन्हें आदिवासियों के हितों से कोई सरोकार नहीं है। लेकिन हमारी पार्टी आदिवासियों के सपनों पर कुठाराघात नहीं होने देगी। वागड़ राजस्थान के मस्तक पर मुकुट के समान है। हमारी सरकार के लिए इस क्षेत्र का विकास सबसे पहली प्राथमिकता है।
श्री शर्मा सोमवार को विधानसभा उप चुनाव के तहत डूंगरपुर में चौरासी के भाजपा प्रत्याशी कारीलाल ननोमा के समर्थन में विजय संकल्प सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यहां के युवा विधायक को जब कांग्रेस ने परेशान किया था, तब भारतीय जनता पार्टी उनके साथ खड़ी थी। कांग्रेस से यह पूछा जाना चाहिए कि राष्ट्रपति चुनाव में उन्होंने आदिवासी समाज का साथ दिया था या नहीं। कांग्रेस का यह दोगला चरित्र किसी से छिपा हुआ नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हमारे भोले-भाले आदिवासी भाई-बहिनों को बहका रहे हैं, उन पर हमारी पूरी नजर है। मेरे मन में इस समाज के लिए बहुत आदर है और भाजपा ही आदिवासियों की सच्ची हितैषी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र के जनप्रतिनिधि ने कभी भी क्षेत्र की समस्याओं को लेकर मुझसे संपर्क नहीं किया है क्योंकि उन्हें आदिवासी लोगों के हितों से कोई सरोकार नहीं है। इसके बावजूद गत करीब 11 महीनों में हमनें वागड़ के विकास के लिए कई निर्णय लिए हैं। टीएसपी फंड को 1 हजार करोड़ से बढ़ाकर 1500 करोड़ रूपए करना, वनाधिकार अधिनियम के तहत लगभग 2 हजार 600 प्रकरणों का निस्तारण, उदयपुर में वीर बालिका कालीबाई संग्रहालय का निर्माण, राजकीय एवं अनुदानित छात्रावासों और आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों को मैस भत्ता 2500 से बढ़ाकर 3000 करने जैसे निर्णय लिए गए हैं। जिससे आदिवासी समाज सशक्त हो सके। साथ ही, हम प्रत्येक आदिवासी युवा के लिए कौशल विकास, शिक्षा और रोजगार के अवसर भी सुनिश्चित कर रहे हैं।
श्री शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार राजस्थान के विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है और प्रत्येक क्षेत्र में प्रभावी तरीके से काम करना शुरू कर दिया है। जहां सरकारी नौकरी के लिए दो साल का भर्ती कैलेण्डर जारी हुआ है, वहीं 5 साल में 4 लाख सरकारी नौकरियां, निजी क्षेत्र में 6 लाख रोजगार के अवसर और इस वर्ष 1 लाख सरकारी नौकरी की भर्ती जैसे निर्णय हमनें लिए हैं, जिससे युवाओं के सपनों को पंख लग सके। उन्होने कहा भगवान बिरसा मुंडा के बलिदान को याद करने के लिए 15 नवम्बर को आदिवासी गौरव दिवस मनाने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को झुंझुनूं विधानसभा उप चुनाव को लेकर भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने प्रत्याशी भाम्बू को भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की। श्री शर्मा ने कहा कि झुंझुनूं की धरती जवानों और किसानों की है। शेखावाटी का पानी और यहां का व्यक्ति बहुत ही गहरे हैं। झुंझुनूं की हवा अब बदली-बदली सी नजर आने लगी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में सबसे ज्यादा राज कांग्रेस ने किया है। कांग्रेस ने मुल्क के मालिक को भिखारी बना दिया है और जो भिखारी थे वो आबाद हो गए हैं। 70 साल तक शिलान्यास के झूठे पत्थर लगाते रहे। कांग्रेस परिवारवाद और जातिवाद पर टिकी हुई है। उन्होंने कहा कि 15 दिसम्बर 2023 को हमारी सरकार का गठन होने के साथ ही हमनें जनता के सामने पेश किए संकल्प पत्र पर काम प्रारम्भ कर दिया था। हमारी सरकार के एक साल पूरे होने पर सभी वर्गों के लिए किए गए कामों का लेखा-जोखा जनता के सामने पेश करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के राज में किसान के बच्चों के साथ धोखा हुआ। 19 में से 17 पेपर लीक किए। युवाओं के लिए हमनें दो साल का भर्ती कैलेण्डर जारी किया है। कैबिनेट में 90 हजार वैकेंसियों को मंजूरी देने का काम किया है। हमनें 60 हजार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती का रास्ता साफ किया है। संकल्प पत्र में वादों के अनुसार और भर्तियां निकाली जाएंगी। एक साल में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का वादा पूरा करेंगे।
उन्होने कहा कि कांग्रेस ने 5 साल के राज में बिजली की एक यूनिट का भी उत्पादन बढ़ाने का काम नहीं किया बल्कि 90 हजार करोड़ रूपए का घाटा देकर कर गए हैं। हमनें राजस्थान को 2027 तक बिजली क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए 2 लाख 24 हजार करोड़ रूपए के एमओयू किए। कांग्रेस और उसके मित्रों ने जम्मू-कश्मीर में धारा 370 वापस लाने के लिए अराजकता की
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपने देखा होगा कि दो दिन पहले जम्मू-कश्मीर की विधानसभा में कांग्रेस और उसके मित्रों ने कश्मीर में धारा 370 वापस लाने के लिए अराजकता की है। यह झुंझुनूं की धरती है। शहीदों की धरती है। यहां के सैनिकों ने मातृभूमि के लिए प्राण न्यौछावर किए हैं। आज शहादत की इस धरती पर खड़े होकर मैं राहुल गांधी और उनके मित्रों को कहना चाहता हूं कि भारत माता पर लगे कलंक को 5 साल पहले देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी और गृहमंत्री अमित शाह जी ने उखाड़ कर फेंक दिया था। अब राहुल गांधी के पुरखे भी वापस आ जाएं तो धारा 370 वापस नहीं ला सकते। उन्होने कहा हम नवीन युवा नीति, खेल नीति और नवीन कौशल नीति लेकर आ रहे हैं। हमारी सरकार संकल्प पत्र के एक-एक वादे को पूरा करेगी।
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मुख्यमंत्री ने नागौर के कुचेरा में भी चुनावी सभा को संबोधित किया। उन्होने कहा कि राज्य सरकार 3 प्रमुख मिशन के साथ समर्पित होकर कार्य कर रही है। जनता को स्वच्छ पानी, पर्याप्त बिजली और युवाओं को रोजगार उपलबध करवाना सरकार का मुख्य ध्येय है।
श्री शर्मा भाजपा प्रत्याशी रेवंतराम डांगा के समर्थन में जनसभा को संबोधित करते हुये कहा कि 11 महीनों के कार्यकाल में हमनें संकल्प पत्र के एक-एक वादे को पूरा करने के लिए कार्य किया है। सरकार का गठन होते ही हमने पेपर लीक की जाचं के लिए एसआईटी और माफियाओं पर लगाम लगाने के लिए एंटी गेंगस्टर फॉर्स का गठन किया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक प्रकरण में लगभग 200 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यह सरकार की सख्त कार्रवाई का ही नतीजा है कि पिछले 11 महीनों में एक भी परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए बिजली और पानी प्रमुख आवश्यकता होती है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए हमनें सरकार का गठन होते ही ईआरसीपी, यमुना जल समझौता करने के साथ ही उदयपुर की देवास परियोजना और माही बांध परियोजना को आगे बढ़ाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों के हितों की पूरी चिंता है। उन्हें पर्याप्त पानी और बिजली मिलेगी तो उत्पादन बढ़ेगा और हमारा किसान समृद्ध होगा।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि कर्मचारी चयन बोर्ड का 2 वर्ष का भर्ती कैलेण्डर जारी कर दिया गया है। युवा पूरी लगन के साथ परीक्षा की तैयारियों में जुट जाए।