Drinking water and Irrigation: परियोजनाओं में बांध और नहर निर्माण के कार्य संयुक्त रूप से हो पूर्ण —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में पेयजल एवं सिंचाई के लिए जल उपलब्धता राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इंट्रास्टेट नदियों को जोड़ने के कार्य व्यापक स्तर पर किया जाए एवं जन सहभागिता के माध्यम से जल संचय को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने कहा कि जल संसाधन से जुड़ी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग एवं क्रियान्वयन समयबद्ध रूप से सुनिश्चित किया जाए। श्री शर्मा सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में जल संसाधन, इंदिरा गांधी नहर एवं सिंचित क्षेत्र विकास एवं जल उपयोगिता विभाग से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं एवं कार्यों पर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के कार्य में अनावश्यक देरी करने वाले ठेकेदारों एवं अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

ब्राह्मणी नदी पर बांध निर्माण कार्य में लाएं तेजी—

श्री शर्मा ने बजट घोषणाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि माही बेसिन की जाखम नदी एवं बांध के अधिशेष जल को जयसमंद बांध से जोड़ने तथा माही व सोम नदी के अधिशेष जल को जवाई बांध तक लाने की बजट घोषणाओं की प्रोजेक्ट रिपोर्ट आगामी 4 माह में पूरी कर ली जाए, ताकि आगामी वर्ष के बजट में इन परियोजनाओं को मूर्त रूप दिया जा सके। इसी क्रम में श्री शर्मा ने राणा प्रताप सागर व जवाहर सागर बांध के जल अपवर्तन कार्य की बजट घोषणा की अनुपालना में ब्राह्मणी नदी पर बनाए जाने वाले बांध के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने डूंगरी बांध एवं ईसरदा बांध के ऊपरी भाग में फ्लेप निर्माण के लिए भूमि अवाप्ति की कार्यवाही शीघ्र शुरू करने तथा प्रभावित क्षेत्र में आने वाले लोगों को समुचित मुआवजा उपलब्ध करवाने के निर्देश भी दिए।

परियोजनाओं में ना हो अनावश्यक विलम्ब—

श्री शर्मा ने 500 करोड़ रुपए से अधिक की लागत की विभिन्न परियोजनाओं की भौतिक प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने परवन परियोजना के संबंध में निर्देश दिए कि इस परियोजना में जल संग्रहण के लिए बांध निर्माण कार्य तथा जलापूर्ति के लिए नहर निर्माण के होने वाले कार्यों को एक साथ ही कर लिए जाए। क्योंकि किसी भी परियोजना में अनावश्यक विलम्ब से उसकी लागत में भी बढ़ोतरी होती है। उन्होंने धौलपुर लिफ्ट सिंचाई व पेयजल परियोजना के कार्य को नियत समय पर पूरा करने एवं अपर हाई लेवल कैनाल परियोजना बांसवाड़ा की रिडिजाइन करवाने के निर्देश दिए।

प्राकृतिक डिप्रेशन्स के प्रोजेक्ट्स में स्थानीय योजनाएं हो शामिल—

बैठक में मुख्यमंत्री ने इंदिरा गांधी नहर विभाग की मुख्य नहर पर बने चार प्राकृतिक डिप्रेशन्स को जलाशयों में परिवर्तित किए जाने की योजना की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि इस प्रोजेक्ट को स्थानीय योजनाओं के आधार पर पीएचईडी के माध्यम से पूरी किए जाने के विकल्प पर विचार किया जाए। साथ ही, उन्होंने बाह्य ऋण की सहायता से संचालित परियोजनाओं में होने वाले जीर्णोद्धार कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान केन्द्रीय प्रवर्तित योजनाओं के माध्यम से संचालित परियोजनाओं की समीक्षा भी की।

नीमराणा एवं घिलोट जापानी औद्योगिक क्षेत्र को मिले ईआरसीपी का लाभ—

बैठक में श्री शर्मा ने संशोधित केपीसी-ईआरसीपी प्रथम चरण में प्रस्तावित कार्यों की प्रगति एवं इस परियोजना में पेयजल एवं औद्योगिक जल उपयोगिता सहित अन्य बिंदुओं पर चर्चा की। उन्होंने इस परियोजना में नीमराणा एवं घिलोट जापानी औद्योगिक क्षेत्र के लिए जल उपयोगिता के बिंदुओं को शामिल किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने देवास परियोजना तृतीय एवं चतुर्थ के प्रगतिरत कार्याें की विस्तृत समीक्षा करते हुए विकास कार्यों में तेेजी लाने के निर्देश प्रदान किए।

HUDCO & RTDC: हुडको से कर्जा लेकर चलाया जायेगा आरटीडीसी

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राजस्थान पर्यटन विकास निगम और हुडको की ओर से सोमवार को सचिवालय में आरटीडीसी की प्रबंध निदेशक सुषमा अरोड़ा एवं हुडको के क्षेत्रीय प्रमुख सुधीर भटनागर के मध्य 415 करोड़ रुपये के ऋण हेतु एमओयू का आदान प्रदान किया गया। जानकारी के अनुसार हुडको से 9.12ः की ब्याज दर पर 415 करोड़ रुपये के दीर्घकालीन लोन का एमओयू आदान प्रदान किया गया है। इस मामले में सरकार का कहना है कि राजस्थान में पर्यटन के क्षेत्र में विकास की असीम संभावनाएं हैं। इन संभावनाओं पर अभी बहुत काम किया जाना है। हुडको के साथ हुए आज के एमओयू से पर्यटन विकास के लिए वित्तीय संबल मिलेगा। राजस्थान में पर्यटन विकास को और गति मिलेगी।

Nahargarh Tiger Safari: मुख्यमंत्री ने किया नाहरगढ़ में टाइगर सफारी का लोकार्पण

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को जयपुर के नाहरगढ़ में फीता काटकर टाइगर सफारी का शुभारम्भ किया। प्रदेशवासियों को मिली इस सौगात से अब वन्य जीव प्रेमी नाहरगढ़ में टाइगर सफारी का आनंद ले सकेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नाहरगढ़ जैविक उद्यान में दो बाघ शावकों का नामकरण भी किया। मुख्यमंत्री ने मादा बाघ शावक का नाम ‘स्कंदी’ तथा नर बाघ शावक का नाम ‘भीम’ रखा। Nahargarh Tiger Safari श्री शर्मा ने प्रदेशवासियों को 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक मनाए जा रहे वन्य जीव सप्ताह की बधाई देते हुए कहा कि वन्य जीवों की रक्षा तथा प्रकृति को संजोए रखना हम सभी का कर्त्तव्य है। इस वन्यजीव सप्ताह में विद्यार्थियों को बायोलॉजिकल पार्कों में निःशुल्क प्रवेश दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वन विभाग और जेडीए के संयुक्त प्रयासों से सोमवार को शुरू हो रही टाइगर सफारी से प्रदेश में पर्यटन को एक नई शुरूआत मिली है। साथ ही, इससे बाघों के संरक्षण एवं संवर्धन को भी बढ़ावा मिलेगा। Nahargarh Tiger Safariमुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान वन्यजीवों के संरक्षण, संवर्धन पर विशेष जोर दे रहा है। प्रदेश में तीन नेशनल पार्क, 26 अभयारण्य, 36 कन्जर्वेशन रिजर्व तथा 4 बायोलॉजिकल पार्क विकसित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बाघों के संरक्षण के निरंतर किए जा रहे प्रयासों से उनकी आबादी बढ़ रही है। राजस्थान में लगभग 130 बाघ हैं। उन्होंने कहा कि जेडीए ने जयपुर जिले में दो नए पार्क विकसित किए हैं। जिसमें जीरोता में नगर वन एवं नेवटा के पास बायोडायवर्सिटी पार्क शामिल हैं। इससे आसपास की 5 लाख की आबादी लाभान्वित होगी। राज्य सरकार द्वारा 453 लाख रुपये की लागत से 30 हेक्टेयर में टाइगर सफारी विकसित की गई है। इस टाइगर सफारी में 7 किलोमीटर का सफारी ट्रैक विकसित किया गया है। यह सफारी सैलानियों को प्राकृतिक वातावरण में बाघों की खूबसूरती को अनुभव करने का अवसर देगी तथा लोगों में बाघ संरक्षण के बारे में जागरूकता का प्रसार होगा। उल्लेखनीय है कि नाहरगढ़ वन्य जीव अभयारण्य 5 हजार 240 हेक्टेयर में फैला हुआ है। जिसमें नाहरगढ़ जैविक उद्यान 720 हेक्टेयर में विकसित किया गया है। इसमें पहले से ही लॉयन सफारी संचालित है।

Food & Safety: प्रदेश में त्योहारी सीजन में मिलावट के खिलाफ चलेगा विशेष अभियान —चिकित्सा मंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर प्रदेश में ‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’ अभियान चलाया जा रहा है। त्यौहारी सीजन को देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशों पर प्रदेश में मिलावट के खिलाफ विशेष अभियान संचालित किया जाएगा। अभियान को व्यापक रूप देने के लिए सभी जिला कलेक्टर को पत्र लिखा गया है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त इकबाल खान ने बताया कि त्योहारी सीजन को देखते हुए दूध, पनीर, मावा व इनसे बनी मिठाइयों, घी, तेल, मसाले आदि के उपयोग में वृद्धि के कारण मिलावट की आशंका बनी रहती है। इसे देखते हुए आमजन को शुद्ध एवं मानक स्तर की खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य स्तर से लेकर ग्राम स्तर तक मिलावट के विरूद्ध विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस संबंध में सभी जिला कलेक्टर को आवश्यक कदम उठाने के लिए पत्र लिखा गया है। पत्र में दीपावली के त्योहार तक नियमित रूप से मिलावट के खिलाफ कार्यवाही किए जाने का आग्रह किया गया है। पत्र में कहा गया है कि अभियान का संचालन जिला स्तरीय प्रबंधन समिति के निर्देशन में किया जाए। गुणवत्तापूर्ण तरीके से नमूने लेते हुए मिलावटी खाद्य पदार्थों की जब्ती एवं नष्टीकरण की कार्यवाही अमल में लाई जाए। साथ ही खाद्य पदार्थों के व्यापारियों को जागरूक किया जाए कि वे आमजन को दूध, पनीर, मावा एवं इनसे निर्मित मिठाइयों में शुद्धता एवं गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखें। मिठाइयां बनाने की प्रक्रिया में हाइजीन एवं साफ-सफाई का भी समुचित ध्यान रखा जाए। श्री खान ने बताया कि विशेष अभियान के तहत जिलों में डिकॉय ऑपरेशन संचालित करते हुए मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने एवं बनाने वालों पर प्रभावी कार्यवाही की जाएगी। आदतन मिलावटखोरों की सूची तैयार कर अभिहित अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को कठोर कार्रवाई प्रारम्भ करने के निर्देश भी पत्र में दिए गए हैं। जिलों में कार्यरत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की संख्या के अनुसार अधिक से अधिक दलों का गठन कर नमूनीकरण एवं निरीक्षण की कार्यवाही की जाएगी। साथ ही, मिलावट से बचाव एवं जागरूकता के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा।

SI Exam-2021: बेरोजगारों के हितों में न्यायसंगत निर्णय लिया जाएगा —संसदीय कार्य मंत्री

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संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा एसआई परीक्षा-2021 के संबंध में बेरोजगारों के हित को ध्यान में रखकर पूरी पारदर्शिता के साथ न्यायसंगत निर्णय लिया जाएगा। सोमवार को एसआई भर्ती परीक्षा-2021 की समीक्षा के लिए गठित मंत्रिमंडलीय समिति की पहली बैठक आयोजित हुई। बैठक में एसओजी द्वारा अब तक की कार्रवाई के संबंध में जानकारी दी गई। कई तथ्यात्मक जानकारियां दी जानी शेष हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि 10 अक्टूबर को भी मंत्रीमण्डलीय समिति की आगामी बैठक में सम्पूर्ण जांच परिणामों के आधार पर तथ्यात्मक और गुणात्मक विचार विमर्श कर एसआई भर्ती परीक्षा-2021 के संबंध में सरकार को अनुशंसा भेजी जाएगी। श्री पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पेपर लीक मामले में किसी भी दोषी को नहीं छोड़ने और कठोर कार्रवाई करने के लिए कहा था, जिसे उन्होंने पूरा किया है। मुख्यमंत्री द्वारा त्वरित निर्णय लेते हुए एसआईटी गठित की गई। अब पेपर लीक मामले में रोज ही कोई न कोई आरोपी पकड़ा जा रहा है। अब तक आरोपियों का आंकड़ा 100 से भी अधिक पहुंच गया है। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि पेपर लीक होना, नकल माफियाओं का हावी होना, परीक्षा में डमी कैंडिडेट बैठना, अनुचित साधनों का प्रयोग कर नौकरी पाना और राज्य लोक सेवा आयोग के सदस्यों की इसमें संलिप्तता सामने आना कलंकित करने वाली घटनाएं हैं। इससे आरपीएससी की साख को धब्बा लगा है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय में लगभग हर परीक्षा में किसी न किसी प्रकार की विसंगति सामने आई है।

Rajasthan Assembly: अगले सत्र से पेपरलैस होगी राजस्थान विधानसभा —विधानसभा अध्यक्ष

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विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि राजस्थान विधानसभा में कई नवाचार किए जा रहे हैं। अगले सत्र से प्रदेश की विधानसभा पूरी तरह से पेपरलैस होगी। इसके लिए सदन में तकनीकी कार्य चल रहे हैं। श्री देवनानी उदयपुर प्रवास के दूसरे दिन सोमवार को सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। श्री देवनानी ने मीडिया को अवगत कराया कि विधानसभा में प्रत्येक विधायक की टेबल पर आईपेड सेट किए जा रहे हैं। इसके अलावा एक-एक आईपेड विधायकों को भी दिए जाएंगे ताकि वे अपने निवास से भी सदन से जुड़े कार्य कर सकें। पेपरलैस व्यवस्था के तहत प्रश्न लगाने, जवाब देने से लेकर सभी कार्य ऑनलाइन ही संपादित किए जाएंगे। इसके अलावा विधायकों द्वारा सदन में बोलने पर त्वरित रूप से उन्हें पैनड्राईव में प्रोसेडिंग भी उपलब्ध कराने की शुरूआत कर दी है। उन्होंने अवगत कराया कि राजस्थान की विधानसभा तुलनात्मक दृष्टि से बहुत अच्छी तरह से संचालित हो रही है। गत सत्र में विधायकों की ओर से प्रस्तुत प्रश्नों में से 92 फीसदी से अधिक के जवाब प्रस्तुत किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि सभी विभागों के उच्चाधिकारियों को इसके लिए पत्र लिखें गए हैं, ताकि भविष्य में भी विधायकों के प्रश्नों का समय पर जवाब दिया जा सके।

Crime News: बच्ची को मुंह में दबाकर दौड़ा गधा, तीन घंटे तक मचाया उत्पात

पाली के सोजत में एक गधे ने बच्ची को मुंह में दबा लिया और बचाने पर लोग आये तो गधा दौड़ाने लगा। ये घटना लगातार तीन घंटे तक चलती रही। ये घटना सोजत के गुड़ा कलां गांव की है। संचार माध्यमों के अनुसार गुड़ा कलां गांव में सुबह लगभग 11 बजे राह चलती महिला भंवरी देवी पत्नी प्रतापराम को काट लिया। महिला के चिल्लाने से आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। कुछ समय बाद लोगों ने महिला को गधे के चंगुल से छुड़ा दिया। घटना स्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार हादसा शनिवार की है। स्कूल पढने गई गायत्री (4) जब इंटरवल में खाना खाने घर आ रही थी तो असके साथ उपरोक्त हादसा हो गया। घटना के दौरान गधे ने बच्ची को जांघ से पकड़ लिया और दौड़ने लगा। घटना होने पर गांव में हड़कंप मच गया। गधे मालिक सहित लोगों ने 3 घंटे की मशक्कत करने के बाद गधे को रस्सी से जकड़ कर उसका मुंह रस्सियों से बांध दिया और घायलों को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।

Politics News: गहलोत के जमूरे जांच एजेंसियों के सामने उनके कारनामों की परतें खोल रहे है — मंत्री जोगाराम पटेल

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प्रदेश में मौसम के अनुसार तापमान में गिरावट जारी है। लेकिन सात विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने के कारण राजनीति क्षेत्र में गरमाहट बढने लगी है। रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर एयरपोर्ट पर संचार माध्यमों के जरिए राजनीति क्षेत्र में गरमाहट पैदा कर दी है। उन्होने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार पूरी तरह फेल है। लोग डेंगू से मर रहे हैं। मुख्यमंत्री अब दिल्ली अप-डाउन करना बंद करें। प्रदेश की जनता का ख्याल रखें। उपरोक्त बयान पर पलटवार करते हुए प्रदेश के मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि कांग्रेस के मौजूदा अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को उन्होंने कैसे अप-डाउन कराया था। वह जग जाहिर है। पूरा कार्यकाल सरकार बचाने की जोड़-तोड़ में निकाल दिया। जयपुर और जैसलमेर के होटलों में सरकार और कांग्रेस के विधायक बंद रखे गए। उनके जमूरे जांच एजेंसियों के सामने उनके कारनामों की परतें खोल रहे है। उन्होने कहा कि कांग्रेस के पिछले 5 साल के कारनामों से प्रदेश का विकास डाउन ही नहीं रसातल में चला गया। अब मात्र 10 माह में राजस्थान विकास की नई ऊंचाइयां छू रहा है।

Jaipur News: सीए की आर्थिक और सामाजिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की राज्य की आर्थिक और सामाजिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उनका कार्य केवल संख्याओं को संभालना ही नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक महत्वपूर्ण अंग भी है। उन्होंने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स वित्तीय प्रबंधन के विशेषज्ञ होते हैं और आज की तेजी से बदलती दुनिया में उनका योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय है। श्री शर्मा शनिवार को जयपुर में अर्हम ध्यान योग, जीएसटी और आयकर पर आयोजित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स सेमीनार को संबोधित कर रहे थे। गरीब कल्याण की योजनाएं, आर्थिक विकास, जीएसटी सुधार जैसे कदमों से देश ने सफलता के नए आयाम स्थापित किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार ने कर प्रणाली को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सरल आयकर रिटर्न फाइलिंग प्रक्रिया, फेसलेस असेसमेंट जैसी पहलों ने करदाताओं के लिए कर भरना आसान बनाया है। श्री शर्मा ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद कर आधार में सुधार हुआ है, और आज लगभग 1.3 करोड़ करदाता पंजीकृत हैं। उन्होंने कहा कि हमें जीएसटी के माध्यम से छोटे व्यवसायियों और उद्योगों को सशक्त बनाना है, ताकि वे न केवल अपने व्यवसाय को बढ़ा सकें, बल्कि देश के विकास में भी योगदान दे सकें।

Chief Minister Kisan Samman Nidhi Yojana: किसान की समृद्धि से ही होगा विकसित एवं खुशहाल राजस्थान —मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार किसानों के हित में निरन्तर कल्याणकारी फैसले कर रही है। केन्द्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से राज्य के किसान लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री से प्रेरणा लेकर राज्य सरकार द्वारा भी किसान कल्याण की दिशा में कई कदम उठाए गए क्योंकि किसान की समृद्धि से ही विकसित एवं खुशहाल राजस्थान का सपना साकार होगा। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य के किसानों को पीएम किसान योजना के 6 हजार रुपये के अतिरिक्त मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अन्तर्गत 2 हजार रुपये प्रतिवर्ष दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में गेहूं के 2275 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य के ऊपर 125 रुपये का बोनस प्रदान कर 2400 रुपये प्रति क्विंटल पर गेहूं खरीद की गई है। प्रदेश में 10 हजार सौर ऊर्जा संयंत्रों, 41 हजार हैक्टेयर क्षेत्रफल में ड्रिप और मिनी स्प्रिंकलर तथा 44 हजार हैक्टेयर क्षेत्रफल में स्प्रिंकलर संयंत्रों की स्थापना की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में नए कृषि कनेक्शन, किसानों को बिजली के बिलों में अनुदान, अल्पकालीन फसली ऋण का वितरण तथा कस्टम हायरिंग केन्द्रों की स्थापना जैसे निर्णय भी किसानों के उत्थान में महत्वपूर्ण निर्णय हैं। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसानों को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने तथा प्रदेश को बिजली सरप्लस राज्य बनाने के लिए 2.24 लाख करोड़ के एमओयू किए गए हैं। आपको बतादें कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत शनिवार को जारी की गई 18वीं किस्त के माध्यम से राजस्थान के 70 लाख 36 हजार 501 किसानों को कुल 1546.6 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए हैं।