जयपुर : अगर OMC ने घरेलू सिलेंडर में 100% DAC (OTP) लागू नहीं हुआ तो दोहरी मूल्य नीति से आम उपभोक्ता के हक पर लुटे जाने की संभावना हुई प्रबल तेल कम्पनियों को इस बारे में गैस उपभोक्ताओं को OTP देने के करने होंगे निर्देश जारी , वही गैस एजेंसीयो को जारी करने होंगे सख्त निर्देश । ताकि आम उपभोक्ता के गैस सिलिंडर का नहीं हो दुरूपयोग.
गौरतलब है राज्य में मुख्य रूप से तीन गैस कम्पनिया का है सप्लाई नेटवर्क , जिसमे गत कई महीनो से इन्डेन ने OTP की कर रखी है अनिवार्यता वही HP GAS व भारत गैस है इसमें ढिलाई बरत रही है जिससे बाजार में दुरूपयोग के रूप में ऑटो एलपीजी ,होटल ढाबे व् रिफलिंग का कारोबार में आ रहे घरेलू गैस का प्रयोग .
इसी सन्दर्भ में राज्य स्तर पर गत 17 से 27 सितम्बर तक चला अवेध बिक्री व् रिफलिंग कारोबारियों पर रोक लगाने का अभियान हुआ नाकाफी सिद्ध I
JAIPUR : NFSA खाद्य सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को घोषणा के बाद भी अभी तक 450 रुपए में रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पाया है
राजस्थान सरकार की ओर से बजट घोषणा की पालना में गत एक सितंबर से खाद्य सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को 450 रुपए में घरेलू रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाने का ऐलान किया था, लेकिन एक माह का लंबा समय गुजर जाने के बाद भी लाभार्थियों को निर्धारित सब्सिडी अभी तक नसीब नहीं हो पाया है।
नई दिल्ली में निवेशकों की बैठक के बाद राजस्थान सरकार ने केंद्र सरकार के स्वामित्व वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSEs) के साथ मंगलवार को एक कॉन्क्लेव का आयोजन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के वरिष्ठ अधिकारियों को राज्य में मौजूद व्यवसाय व निवेश के बारे में बताया और उन्हें प्रदेश में कारोबार बढ़ाने और नए निवेश करने का न्यौता भी दिया। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने इस अवसर पर 50 से अधिक केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के वरिष्ठ अधिकारियों को राज्य के व्यापारिक परिदृश्य, निवेश के नए अवसरों और राज्य सरकार द्वारा क्रियान्वित किए जा रहे प्रमुख व्यापार-अनुकूल बदलावों की जानकारी दी।
इस सीपीएसई कॉन्क्लेव में भाग लेने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के केंद्रीय उपक्रमों में हिंदुस्तान पेट्रोलियम, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (कॉनकोर), एनटीपीसी, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया, आईआरईडीए, पीजीसीआईएल, इंडियन ऑयल, एनटीपीसी, सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, इंडिया टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (आईटीडीसी), फर्टिलाइजर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई), न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआईएल), राष्ट्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम संस्थान (एनआई-एमएसएमई), आईआरसीटीसी, एग्रीकल्चर स्किल काउंसिल ऑफ इंडिया (एएससीआई), ऑटोमोटिव स्किल्स डेवलपमेंट काउंसिल, रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ), एफआईसीएसआई (खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के लिए सेक्टर स्किल काउंसिल), मैनेजमेंट एंड आंत्रप्रिन्योरशिप एंड प्रोफेशनल स्किल्स काउंसिल (एमईपीएससी) शामिल हैं।
पीएचईडी प्रमुख शासन सचिव भास्कर ए सावंत ने कहा कि प्रदेश भर में अवैध कनेक्शन को चिन्हित कर अवैध जल कनेक्शन करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही हेतु 5 अक्टूबर से अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान प्रभावी एक्शन लिया जाना सुनिश्चित करें और अवैध जल कनेक्शन करने वाले उपभोक्ताओं का जल कनेक्शन का नियमितिकरण भी किया जाए।
प्रमुख शासन सचिव मंगलवार को जल भवन में अमृत 2.0, जल जीवन मिशन योजना और अवैध जल कनेक्शन की प्रगति के संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने अमृत 2.0 मिशन के तहत् 183 नगर पालिकाओं में जल आपूर्ति कार्यों हेतु कम तकनीकी स्वीकृति जारी किये जाने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि योजना के तहत शेष रही तकनीकी स्वीकृति को शीघ्र जारी किया जाए।
श्री सावंत ने कहा कि पानी की चोरी एवं अवैध कनेक्शन की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। कई शहरों में हजारों की संख्या में अवैध जल कनेक्शन चिन्हित हो चुके हैं, उनके अनुपात में अवैध कनेक्शन हटाने की कार्रवाई काफी कम हुई है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि राइजिंग मैन लाइन और वितरण लाइन से सभी अवैध कनेक्शन को अभियान से पूर्व चिन्हित कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि अवैध कनेक्शन धारक के विरूद्ध पी.डी.पी. एक्ट के तहत एफआईआर भी दर्ज कराई जाए।
प्रमुख शासन सचिव ने जयपुर शहर में लंबित पेयजल कनेक्शन का निस्तारण शीघ्र करते हुए अधिशाषी अभियंता स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर अधिकारी एवं कार्मिक द्वारा लापरवाही की जाती है तो उसके विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने नए जल कनेक्शन के ऑनलाइन आवेदन के पश्चात कनेक्शन होने तक के कार्यों का प्रत्येक स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। जल जीवन मिशन की समीक्षा करते हुए उन्होंने एफएचटीसी की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा प्रतिदिन क्षेत्र स्तर पर की जाए।
नगर निगम हेरिटेज की स्वास्थ्य शाखा ने मंगलवार को सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 260 किलो प्लास्टिक जब्त की है, साथ ही 21 हजार रुपए का चालान किया है। इस संबंध में उपायुक्त स्वास्थ्य दलीप पूनिया ने बताया कि हेरिटेज निगम आयुक्त अरुण कुमार हसीजा के निर्देश पर सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। मंगलवार को स्वास्थ्य शाखा की टीम ने बगरू वालों के रास्ते पर एक गोदाम पर कारवाई की। इस दौरान 250 किलो सिंगल यूज प्लास्टिक जब्त की गई। वहीं अन्य कार्रवाई में शास्त्री नगर, सिविल लाइन इलाके में कारवाई कर 10 किलो प्लास्टिक जब्त की। इसके अलावा प्लास्टिक बेचने और गंदगी फैलाने पर कुल 21हजार रुपए का चालान किए गए।
नगर निगम जयपुर हेरिटेज की ओर से मंगलवार को स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत जल महल की पाल पर जीरो वेस्ट इवेंट में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए स्वच्छता का संदेश दिया गया। इस दौरान वेस्ट ऑफ राजस्थान के कलाकारों ने कालबेलिया, घूमर, ग्रामीण भवई, केसरिया बालम आदि प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। वहीं हेरिटेज निगम की आईईसी एक्टिविटी टीम ने नुक्कड़ नाटक के जरिए आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया।
हेरिटेज निगम आयुक्त अरुण कुमार हसीजा ने बताया कि स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा 17 सितंबर से दो अक्तूबर तक चलेगा। इस दौरान हेरिटेज निगम की ओर से शहर भर में स्वच्छता के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए विभिन्न आयोजन किए गए। जिसमें एनजीओ, स्वयं सहायता समूह के सहयोग से नुक्कड़ नाटक, स्वच्छता रैली, सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ अभियान, मानव श्रृंखला, स्कूलों में स्वच्छता की पाठशाला, स्वच्छता मेला, श्रमदान, ब्लैक स्पॉट क्लीनिंग आरआरआर एक्टिविटी, स्वच्छ स्ट्रीट फूड जैसे आयोजन किए जा चुके है। अभियान का समापन दो अक्तूबर को जलमहल की पाल पर किया जाएगा।
‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 के तहत आज देश की राजधानी नई दिल्ली में ‘इन्वेस्टर मीट’ का सफलतापूर्वक आयोजन मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में किया गया। इस ‘इन्वेस्टर मीट’ के दौरान राजस्थान में निवेश के लिए राज्य सरकार के ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन और विभिन्न कंपनियों के बीच 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश संबंधी एमओयू (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए। आज हुए एमओयू के साथ, प्रदेश में निवेश के लिए किए गए एमओयू (MoUs) का कुल मूल्य 12.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, जो वर्ष 2047 तक राज्य को ‘विकसित राजस्थान’ में बदलने के राजस्थान सरकार के प्रयासों में निवेशक और व्यापार समुदाय के दृढ़ विश्वास को दर्शाता है। इस ‘इन्वेस्टर मीट’ में उद्योग एवं व्यापार जगत की कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हुई और इस दौरान अक्षय ऊर्जा, पावर ट्रांसमिशन, तेल और गैस, सीएनजी, लॉजिस्टिक्स, एग्रोटेक जैसे कई क्षेत्रों में निवेश के लिए एमओयू (MoUs) किया गया। प्रदेश में निवेश के लिए जिन प्रमुख कंपनियों और औद्योगिक समूहों ने सरकार के साथ एमओयू (MoUs) किया। उनमें टाटा पावर, इंडियन ऑयल, अवाडा ग्रुप, एनएचपीसी, रिलायंस बायो एनर्जी, टोरेंट पावर, स्टरलाइट पावर ट्रांसमिशन, महिंद्रा सस्टेन प्राइवेट लिमिटेड, टीएचडीसी इंडिया, ऑयल इंडिया, जिंदल रिन्यूएबल पावर, एस्सार रिन्यूएबल्स, इंद्रप्रस्थ गैस, अडानी लॉजिस्टिक्स, जेके सीमेंट, बीएल एग्रो इंडस्ट्रीज, टीटागढ़ रेल सिस्टम्स जैसी कई बड़ी कंपनियां शामिल हैं।
राज्य में उद्योग-धंधे लगाने के लिए निवेशकों और कारोबारियों को आमंत्रण
निवेशकों को राजस्थान में निवेश करने के लिए आमंत्रित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “राजस्थान एक परिवर्तनकारी युग की दहलीज पर खड़ा है और विकास और समृद्धि के लिए हमने एक नए दृष्टिकोण को अपनाया है। हम न केवल एक मजबूत अर्थव्यवस्था की नींव रख रहे हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्थायी भविष्य का निर्माण भी कर रहे हैं। इस परिवर्तन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता निवेश को आकर्षित करने, स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देने और हमारे लोगों को सशक्त बनाने के लिए डिज़ाइन की गई पहलों से परिलक्षित होती है। हमारी सरकार अगले पाँच वर्षों में राजस्थान की अर्थव्यवस्था को 180 बिलियन अमेरिकी डॉलर से दोगुना करते हुए 350 बिलियन अमेरिकी डॉलर का बनाने के लिए कृतसंकल्प है।”
‘Rising Rajasthan’
श्री शर्मा ने कहा कि औद्योगिक भूमि के अधिग्रहण और विकास को सरल बनाया गया है और निजी औद्योगिक पार्क योजना और लैंड एग्रीगेशन एंड मॉनेटाइजेशन पॉलिसी जैसी पहलें शुरू की जा रही हैं ताकि कारोबारियों को अपने व्यापार का विस्तार करने के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान किया जा सके। प्रदेश में निवेशकों के अनुकूल वातावरण बनाने के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का ध्यान व्यवसायों को सुविधाजनक बनाने का है और इसके लिए सरकार अपनी नीतियों में बदलाव ला रही है, प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित बनाने में लगी है, अनुपालन का बोझ कम करने में लगी है और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता को बढ़ावा देने में लगी है। मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य सरकार का ध्यान केवल निवेश संबंधी एमओयू (MoUs) करने पर नहीं है, बल्कि उन्हें धरातल पर लाकर परियोजनाओं में बदलना है।”
उद्योग जगत के दिग्गजों ने लिया हिस्सा
दिल्ली के इस इन्वेस्टर मीट में उद्योग जगत के कई दिग्गजों ने भी हिस्सा लिया। इनमें डीसीएम श्रीराम लिमिटेड के अध्यक्ष और सीनियर मैनेजिंग डायरेक्टर अजय एस. श्रीराम, टाटा पावर के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. प्रवीर सिन्हा, अवाडा ग्रुप के चेयरमैन विनीत मित्तल, जेसीबी इंडिया लिमिटेड के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर दीपक शेट्टी, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ संजय अग्रवाल, कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री के डायरेक्टर जनरल चंद्रजीत बनर्जी और जेके सीमेंट लिमिटेड के डेप्युटी मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ माधव सिंघानिया शामिल थे।
बदलते मौसम के कारण बढ़ती मौसमी बीमारियों की रोकथाम को लेकर राज्य सरकार गंभीर है। इसके लिए स्वायत्त शासन विभाग ने समस्त नगरीय निकायों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। डीएलबी निदेशक कुमार पाल गौतम ने अधिकारियों को मौसमी बीमारियों को रोकने हेतु आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
श्री गौतम ने कहा कि नगरीय निकाय क्षेत्रों में एकत्रित कचरे और मलबे को अविलम्ब हटाया जाए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की गाईड लाईन के अनुरूप शहर की नालियों और अन्य स्थानों पर एकत्रित पानी की निकासी सुनिश्चित की जाकर पानी व नालियों में कीटनाशक और मच्छर नाशक दवाओं के साथ काले तेल का छिड़काव करवाया जाये।
KumarPal Gautam IAS
उन्होने निर्देश देते हुए कहा है कि राज्य में राजस्थान एपिडेमिक डिजीज एक्ट-1957 लागू है। जिसके तहत मलेरिया और डेंगू को नोटिफाइएबल डिजीज घोषित किया गया है। ऐसे में आमजन को भी अपने घरों/खाली प्लॉटों में किसी भी प्रकार के मच्छरजनित स्रोतों को विकसित नहीं होने देना है। अतः उक्त नियम के अन्तर्गत यदि आमजन सहयोग प्रदान नहीं करते है, तो उन्हें नोटिस दिये जाकर नियमानुसार चालान और जुर्माने की कार्यवाही की जावें। साथ ही, पशुओं के पीने के पानी की टंकी व अन्य पानी के स्रोतों को साप्ताहिक रूप से साफ किए जाएं।
डीएलबी निदेशक ने कहा कि नगरीय निकायों के पास उपलब्ध फोगिंग मशीनों से वार्ड वार कार्य योजना बनाकर फोगिंग किया जाए। जिन नगरीय निकायों के पास फोगिंग मशीन उपलब्ध नहीं है उनके द्वारा स्वंय के स्त्रोत से फोगिंग मशीन किराये पर लेकर अथवा नियमानुसार क्रय कर अविलम्ब फोंगिग की कार्यवाही सुनिश्चित की जावें।
श्री गौतम ने कहा कि आई.ई.सी. की गतिविधियों के माध्यम से आमजन को जागरूक कर मौसमी बीमारियों की रोकथाम एवं इसके प्रभावों को कम किए जाने के प्रयास किए जावें। साथ ही, नगर निगम के कर्मचारी, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ समन्वय स्थापित करते हुए मच्छररोधी गतिविधियां यथा सोर्स रिडक्शन, एन्टीलार्वल, एन्टीएडल्ट आदि गतिविधियां सम्पादित कराई जावें। इसके अलावा जिला कलक्टर स्तर पर समीक्षा करवाकर अति संवेदनशील क्षेत्रों के लिये विशेष कार्य योजना बनाई जाकर कार्य किये जावें। उन्होने कहा कि संबंधित विभागों से समन्वय के साथ काम किया जाना चाहिए। ताकि प्रदेशवासियों को मौसमी बीमारियों के प्रकोप से बचाया जा सके।
राजस्थान आवासन मण्डल की ओर से लंबे समय बाद राजस्थान के प्रमुख शहरों में प्रीमियम प्रॉपर्टीज की नीलामी की जा रही है। राजस्थान आवासन मण्डल ने जयपुर सहित राजस्थान के विभिन्न शहरों में स्थित आवासीय व व्यावसायिक भूखंड एवं निर्मित आवास नीलामी के माध्यम से उपलब्ध करवाए हैं। आवासन मंडल की ओर से प्रीमियम प्रॉपर्टी की ई-नीलामी 4 स्लॉट्स में की जाएगी।
आयुक्त डॉ रश्मि शर्मा ने बताया कि राजस्थान आवासन मंडल एक बार फिर आमजन के लिए बड़ी खुशखबरी लेकर आया है। राजस्थान के प्रमुख शहरों में प्रीमियम संपत्ति खरीदने का आमजन के पास अब सुनहरा मौका है। आवासन मंडल की ओर से जयपुर, भरतपुर, फलोदी, बीकानेर, अलवर, चूरू, सीकर, जोधपुर और भिवाड़ी में प्रीमियम संपत्तियों की ई-नीलामी की जा रही है। डॉ शर्मा ने बताया कि राजस्थान में 4 स्लॉट्स में ई-नीलामी होगी 3 अक्टूबर से 5 अक्टूबर, 7 अक्टूबर से 9 अक्टूबर, 14 अक्टूबर से 16 अक्टूबर और 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक 4 अलग-अलग स्लॉट्स में भूखंडों की नीलामी होगी। जिनमें आवासीय और व्यावसायिक दोनों तरह के भूखंड और आवासीय निर्माण शामिल हैं।
पटना में ब्यूटी विथ रिस्पांसबिलिटी थीम की बहुप्रतीक्षित 10वीं आई ग्लैम मिस्टर मिस मिसेज बिहार 2024 प्रतियोगिता का आयोजन रेड वेलवेट होटल (इनकम टैक्स) में हुआ । इस प्रतियोगिता में Mr. Miss, Mrs, और Junior Bihar के विभिन्न वर्गों में विजेताओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस खास मौके पर कोलकाता से पटना जूरी सदस्य के तौर पर पहुंचे आई ग्लैम मिस्टर बंगाल के अपने प्रदर्शन को लोहा मनवा चुके दीप निगम ने प्रतियोगिता में शामिल प्रतियोगियों को निखारने के अतिरिक्त टिप्स भी दिए।
आपको बतादें कि दीपनिगम फैशन की दुनिया में आज एक जाना माना नाम बन चूका है। जिसके चलते उनको ज्यूरी सदस्य के तौर पर आमंत्रित किया गया था। ज्यूरी के निर्णायक मंडल में दीप निगम, दिनेश मोहन और आदर्श मुखर्जी सहित कुल 14 सदस्य उपस्थित रहे। आई ग्लैम की संस्थापक और निदेशक देवजानी मित्रा ने पेजेंट के उद्देश्य पर प्रकाश डाला जिसका लक्ष्य प्रतिभाओं को निखारने और व्यक्तिगत विकास को बढ़ावा देना है।