Job News: बिजली विभाग में 487 पदों पर सीधी भर्ती का विज्ञापन हुआ जारी
Rajasthan News: मुख्यमंत्री नए राजस्थान के उदय के लिए काम कर रहे हैं —केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान
श्री चौहान मंगलवार को जेईसीसी में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के अंतर्गत आयोजित ‘एग्री बिजनेस इनोवेशन्स मूविंग अप द वैल्यू चेन’ सेक्टोरल सेशन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसानों की सेवा ही हमारे लिए भगवान की पूजा है। श्री सिंह ने कहा कि किसानों के कल्याण के लिए विभाग ने 6 सूत्री रणनीति बनायी है। कृषि क्षेत्र में उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए हमने 109 नए बीजों की किस्म तैयार की है। इसमें बाजरा और धान की फसलें भी शामिल हैं जिनका कम समय में ज्यादा उत्पादन किया जा सकेगा। उन्होंने पीकेसी-ईआरसीपी एकीकृत परियोजना का जिक्र करते हुए इसे मध्यप्रदेश और राजस्थान के किसानों के लिए वरदान बताया।
केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार नई कृषि पद्धतियों पर ध्यान दे रही है। साथ ही, हम किसानों की उत्पादन की लागत बचाने के लिए उन्हें सस्ता लोन भी मुहैया करा रहे हैं। केन्द्र सरकार आयात-निर्यात नीति में बदलाव कर किसानों को तात्कालिक राहत भी पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने पाम ऑयल आयात पर 27.5 प्रतिशत ड्यूटी लगाकर सोयाबीन के किसानों को आर्थिक संबल दिया है। साथ ही, केन्द्र सरकार फसलों की एमएसपी पर खरीद कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में समृद्ध एवं शक्तिशाली भारत का निर्माण हो रहा है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने बिजली और पानी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं जिससे उद्योग व कृषि दोनों क्षेत्रों को पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के हर कोने में पानी पहुंचाएगी और किसानों को दिन में भी बिजली उपलब्ध कराएगी। हम राजस्थान को बिजली के क्षेत्र में वर्ष 2027 तक आत्मनिर्भर बनाने के लिए कृत संकल्प हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि राइजिंग राजस्थान समिट में आए सभी निवेशकों की मंशानुसार आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
श्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान कृषि के क्षेत्र में भारत का एक अग्रणी राज्य है। यहां की कृषि भूमि एवं विभिन्न तरह की जलवायु राज्य को कृषि उत्पादन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाती है। राजस्थान सरसों, बाजरा और तिलहन के उत्पादन में देश में शीर्ष स्थान पर है, वहीं श्री अन्न, मूंगफली, सोयाबीन, चना और कपास के उत्पादन में भी हम अग्रणी हैं। उन्होंने कहा कि श्री अन्न (मिलेट्स) के उत्पादन एवं प्रचार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा श्री अन्न प्रमोशन एजेंसी की स्थापना कर रही है। राज्य के जैसलमेर, बीकानेर, जोधपुर जैसे जिलों में खजूर की खेती ने कृषि प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन के नए द्वार खोले हैं। राज्य में बागवानी, औषधीय पौधे, मसाले और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में निवेश के अपार अवसर उपलब्ध हैं।
उन्होने कहा कि राजस्थान इन्वेस्टमेंट प्रमोशन स्कीम 2024 के तहत कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए विशेष रियायतें दी गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत अब तक कृषि क्षेत्र में 58 हजार करोड़ रुपये निवेश के 2 हजार 506 से अधिक एमओयू हो चुके हैं। Rising Rajasthan News: प्रवासी राजस्थानियों को मुख्यमंत्री हक से बुलाकर राजस्थान में निवेश के लिए आमंत्रित करें —राज्यपाल बागडे
इस दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि देश दुनिया में प्रवासी राजस्थानियों की मेहनत, कर्मठता और लगन से राजस्थान गौरवान्वित हुआ है। हमारी सरकार ने यह निर्णय लिया है कि प्रवासी राजस्थानियों के हितों को ध्यान में रखते हुए उनके लिए एक विशेष विभाग बनाया जाएगा। साथ ही, 10 दिसंबर को हर वर्ष प्रवासी राजस्थानी दिवस के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य में पहली बार हर साल प्रवासी राजस्थानी सम्मान देने का निर्णय लिया है। प्रवासी राजस्थानियों के परिवारों को किसी तरह की समस्या आती है, तो इसके लिए हर जिले में सिंगल प्वाइंट कॉन्टेक्ट बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान आज विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। हाईवे का तीसरा एवं रेलवे का पांचवां सबसे बड़ा नेटवर्क, सात प्रमुख हवाई अड्डे और दिल्ली-मुंबई फ्रेट कॉरिडोर राजस्थान को परिवहन के लिए अत्यंत सुविधाजनक स्थान बनाते हैं। भारत का सबसे बड़ा राज्य राजस्थान अब बड़े अवसरों की भूमि बन रहा है। उन्होंने कहा कि हम अगले 5 साल में राज्य की अर्थव्यवस्था को 350 बिलियन डॉलर करने के संकल्प के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान अक्षय ऊर्जा में अग्रणी है तथा सौर एवं पवन ऊर्जा उत्पादन की भी यहां अनुकूल स्थितियां हैं।
श्री शर्मा ने कहा कि हमने निवेशकों के लिए एक ऐसा माहौल तैयार किया है, जहां उन्हें हर संभव सुविधाएं मिलेंगी। हमने निवेश के लिए सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाया है तथा उद्योगों में नवाचारों को प्रोत्साहित किया है। उन्होंने कहा कि निवेशकों के लिए 10 नई नीतियां बनाने के साथ ही राज निवेश पोर्टल से समयबद्ध मंजूरी भी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने प्रवासी राजस्थानियों से अपील की है कि वे राज्य के विकास में भागीदार बनें और अपनी मातृभूमि में निवेश कर अपनी आने वाली पीढ़ी के जुड़ाव को मजबूत करें। Rajasthan News: नितिन गडकरी के राजमार्ग पर दौड़ेगी डबल इंजन की सरकार
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सड़क, रेलवे, हवाई अड्डे, सिंचाई परियोजना और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में हमारी डबल इंजन की सरकार के प्रयासों से राज्य के बुनियादी ढांचे की तस्वीर बदल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बुनियादी सड़क तंत्र को विकसित करने में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का भी विशेष सहयोग है। प्रदेश के मरुस्थलीय क्षेत्र में 2 हजार किलोमीटर लंबाई के राजमार्गों का निर्माण और कई कस्बों और शहरों में बाइपास व रिंग रोड का निर्माण कर यातायात को सुगम बनाया है।
श्री शर्मा ने कहा कि दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारे का 58 प्रतिशत हिस्सा राजस्थान में है, इसलिए भारत के 40 प्रतिशत बाजार तक प्रदेश की सीधी पहुंच है। उन्होंने कहा कि हमारे यहां भारत का तीसरा सबसे बड़ा हाईवे नेटवर्क है, जो देश के प्रमुख शहरों और औद्योगिक केंद्रों को सीधे जोड़ता है। आज राजस्थान में 3 लाख किलोमीटर से अधिक लंबा रोड नेटवर्क है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में देश का दूसरा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। 6 हजार किलोमीटर लंबा रेल नेटवर्क राज्य में और राज्य के बाहर माल ढुलाई को आसान बना रहा है। साथ ही, जयपुर के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे सहित प्रदेश में 7 हवाई अड्डे हैं। हम हवाई संपर्क को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के दो मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क परिवहन के विभिन्न माध्यमों को जोड़कर लॉजिस्टक्स को आसान बना रहे हैं। हमारे राज्य में 8 इनलैंड कंटेनर डिपो हैं, जो कार्गों हैंडलिंग में मदद देने के साथ ही बंदरगाहों पर दबाव कम कर रहे हैं। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार 53 हजार किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण कर रही है। साथ ही, प्रदेश में पहली बार 2 हजार 750 किलोमीटर लंबे 9 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण हेतु आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। Rising Rajasthan News: राजस्थान के विकास से देश को भी मिलेगी नई ऊंचाई —प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री ने कहा कि क्षेत्रफल के हिसाब से तो राजस्थान देश का सबसे बड़ा राज्य है ही, राजस्थान के लोगों का दिल भी उतना ही बड़ा है। जब राजस्थान विकास की नई ऊंचाई पर पहुंचेगा तो देश को भी नई ऊंचाई मिलेगी। यहां के लोगों का परिश्रम, ईमानदारी, कठिन से कठिन लक्ष्य को पाने की इच्छाशक्ति, राष्ट्र को सर्वाेपरि रखने की भावना राजस्थान की मिट्टी के कण-कण में समाई है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद जो सरकारें आई उन्होंने न तो देश के विकास को प्राथमिकता पर रखा और ना ही देश की विरासत का ध्यान रखा। लेकिन आज हमारी सरकार विकास भी, विरासत भी के मंत्र पर चल रही है और इसका बहुत बड़ा लाभ राजस्थान को भी हो रहा है।
श्री मोदी ने राजस्थान के आर फैक्टर पर फोकस करते हुए कहा कि आज राजस्थान राइजिंग तो है ही, रिलायबल व रिसेप्टिप भी है और समय के साथ खुद को रिफाइन करना भी जानता है। उन्होंने बीते एक साल में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार के शानदार काम की सराहना करते हुए कहा कि राजस्थान के इस आर फैक्टर में अब यहां की रिस्पॉन्सिव और रिफॉर्मिस्ट सरकार का नया पहलू भी जुड़ चुका है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जिस कुशलता और प्रतिबद्धता के साथ राजस्थान के तेज विकास में जुटे हैं, वो प्रशंसनीय है। आज राजस्थान में गरीब, किसान, युवाओं के कल्याण, सड़क, बिजली, पानी सहित हर प्रकार के विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं। सरकार अपराध और भ्रष्टाचार नियंत्रण में जो तत्परता दिखा रही है, उससे नागरिकों और निवेशकों में नया उत्साह आया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राजस्थान के पास रोड से लेकर रेलवेज तक, हैंडलूम से लेकर हैंडीक्राफ्ट तक, फार्म से लेकर फोर्ट तक बहुत कुछ है। प्राकृतिक संसाधनों के भंडार,समृद्ध विरासत, विस्तृत लैंडमास, आधुनिक कनेक्टिविटी नेटवर्क और समर्थ युवा शक्ति के कारण राजस्थान निवेश का आकर्षक गंतव्य है। उन्होंने राजस्थान के मरुस्थलीय क्षेत्र में जैतून और जेट्रोपा की खेती, जयपुर की ब्लू पॉटरी, प्रतापगढ़ की थेवा ज्वेलरी, भीलवाड़ा के टेक्सटाइल, मकराना के मार्बल, कोटा डोरिया और नागौर की पान मेथी का जिक्र करते हुए कहा कि आज यहां की सरकार, हर जिले के सामर्थ्य को पहचानते हुए काम कर रही है।
श्री मोदी ने कहा कि राजस्थान, दिल्ली एवं मुंबई जैसे दो बड़े आर्थिक केन्द्रों और महाराष्ट्र व गुजरात के पोर्ट्स को उत्तर भारत से जोड़ता है। दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और वेस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का बड़ा हिस्सा राजस्थान से गुजरता है। राजस्थान में जिंक, लेड, कॉपर, मार्बल, लाइमस्टोन, ग्रेनाइट, पोटाश जैसे खनिजों के बड़े भंडार हैं। इस दशक के अंत तक 500 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य को हासिल करने में राजस्थान बहुत बड़ी भूमिका निभा रहा है। इस तरह आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव रखने में राजस्थान का अहम योगदान है।
उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकारें राजस्थान की वास्तविक क्षमताओं को सामने लाने के लिए कार्य कर रही हैं। पोर्ट्स और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए यहां अपार संभावनाओं को देखते हुए यहाँ मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क और लगभग दो दर्जन सेक्टर आधारित इंडस्ट्रियल पार्क बनाए जा रहे हैं। दो एयर कार्गाे कॉम्प्लेक्स का निर्माण भी हुआ है। इससे राजस्थान की इंडस्ट्रियल कनेक्टिविटी और बेहतर होगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र में राजस्थान भारत के टॉप 5 राज्यों में से एक है। एमएसएमई की ये बढ़ती ताकत राजस्थान के विकास को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगी। यहां 27 लाख से ज्यादा छोटे और लघु उद्योग हैं और 50 लाख से ज्यादा लोग इनमें काम करते हैं। एमएसएमई आने वाले समय में ग्लोबल सप्लाई और वैल्यू चेन को सशक्त करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे। इसे देखते हुए केन्द्र सरकार ने एमएसएमई की परिभाषा बदली है, ताकि उन्हें आगे बढ़ने के और अधिक अवसर मिल सकें। केंद्र सरकार की पहल से इन उद्योगों के लिए ऋण लेना आसान हुआ है। क्रेडिट लिंक गांरटी स्कीम से छोटे उद्योगों को करीब 7 लाख करोड़ रुपए की मदद दी गई है। इन प्रयासों से बीते दशक में एमएसएमई के लिए क्रेडिट फ्लो दो गुना से अधिक बढ़ कर 22 लाख करोड़ रुपए से ऊपर जा चुका है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि हमारी सरकार ने पहले वर्ष में ही समिट का आयोजन किया है ताकि प्राप्त निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए सभी आवश्यक कदम ठीक ढंग से और समय पर उठाए जा सकें। राज्य में पहली बार ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन हो रहा है जिसमें 32 देशों द्वारा भाग लिया जा रहा है। इस समिट के प्रारंभ होने से पूर्व ही 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू संपादित किए जा चुके हैं जो निवेशकों द्वारा राज्य के प्रति व्यक्त किए गए विश्वास को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए हमने न केवल 10 नई महत्वपूर्ण नीतियां लागू की हैं बल्कि ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस के क्षेत्र में भी ठोस कदम उठाए हैं, जिसके फलस्वरूप राज्य में निवेश को लेकर एक अभूतपूर्व माहौल बना है। C M NEWS: राजस्थान में बनेगा दुनिया का पहला औद्योगिक ज़िंक पार्क —वेदांता समूह
श्री अग्रवाल ने वेदांता के राजस्थान में ज़िंक, ऑयल एण्ड गैस और रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्रों में 1 लाख करोड़ रुपये के नए निवेश में ज़िंक पार्क को महत्वपूर्ण बताया। महत्वाकांक्षी गैर-लाभकारी ज़िंक पार्क एक परिवर्तनकारी औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में कार्य करेगा, जो मेटल्स और मैन्यूफैक्चरिंग में अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम दोनों उद्योगों को आगे बढ़ाएगा। समारोह के दौरान हिन्दुस्तान ज़िंक लिमिटेड की चेयरपर्सन प्रिया अग्रवाल हेबबार और हिन्दुस्तान ज़िंक लिमिटेड के सीईओ अरुण मिश्रा भी मौजूद थे, जिन्होंने इस ऐतिहासिक पहल के महत्व को रेखांकित किया।
प्रस्तावित जिंक पार्क हिन्दुस्तान ज़िंक की अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त चित्तौड़गढ़ के चंदेरिया में दुनिया का सबसे बड़ा ज़िंक-लेड स्मेल्टर और दरीबा और देबारी में श्रेष्ठ तकनीक से संचालित स्मेल्टर के पास होगा। इससे हजारों रोजगार का सृजन और विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, विकसित औद्योगिक भूमि, विश्वसनीय उपयोगिताएं, कच्चे माल की निरंतर आपूर्ति और प्रतिस्पर्धी लागत प्रदान करेगा, जिससे व्यवसाय निर्बाध रूप से अपना संचालन कर सकेंगे। पार्क पूर्ण रूप से रिन्यूएबल एनर्जी पर संचालित होगा, जो हिन्दुस्तान ज़िंक की सस्टेनेबिलिटी के प्रति प्रतिबद्धता के अनुरूप है। यह बड़े उद्यमों से लेकर एमएसएमई और नये उद्यमियों के उद्योगों के लिए 5 करोड़ रुपये से कम के शुरुआती निवेश के साथ व्यापक मंच प्रदान करेगा, जो ज़िंक, लेड और सिल्वर तथा संबंधित सहउत्पाद की आवश्यकता वाले क्षेत्रों की आवश्यकता की पूर्ति करेगा। इसके अतिरिक्त, पार्क सप्लायर्स, राॅमटेरियल, मेनटेंनेन्स सर्विस और इक्विपमेंट सप्लायर्स के लिए लागत प्रभावी और संसाधन-कुशल वातावरण प्रदान करेगा। ज़िंक पार्क नवाचार का केंद्र भी होगा, जिसमें हिन्दुस्तान ज़िंक के उत्कृष्टता केंद्र और अनुसंधान एवं विकास सुविधाओं तक पहुंच होगी राजस्थान के मजबूत संस्थागत माहौल के समर्थन से, यह पार्क राज्य के विभिन्न नीतिगत लाभों तक पहुंच को सक्षम करेगा, जिससे घरेलू और वैश्विक बाजारों तक पहुंच संभव होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि, “हम राजस्थान में दुनिया का पहला ज़िंक पार्क स्थापित करने की वेदांता की पहल का स्वागत करते हैं। राजस्थान की नई डबल इंजन सरकार प्रधानमंत्री के 2047 तक विकसित भारत के विजन के प्रति प्रतिबद्ध है। राजस्थान देश में सबसे अच्छी व्यापार-अनुकूल नीतियां, प्रोत्साहन और सहयोग दे रहा है। राजस्थान में संसाधनों की प्रचूरता और बड़े पैमाने पर निवेश की योजना के साथ, पूरा राज्य तंत्र हर कदम पर उद्यमियों के साथ खड़ा है। मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि राज्य सरकार निवेशकों को राजस्थान में आने और निवेश करने और समृद्ध भविष्य के निर्माण में हमारे साथ जुड़ने के लिए पूर्ण समर्थन दे।”
वेदांता समूह के अध्यक्ष ने कहा कि, “हमारे द्वारा गैर-लाभकारी आधार पर स्थापित ज़िंक पार्क सैकड़ों एमएसएमई की स्थापना को सक्षम करेगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर देगा। यह महत्वपूर्ण खनिजों और ऊर्जा में राजस्थान की अग्रणी स्थिति को और अधिक मजबूत करेगा। राजस्थान में हाइड्रोकार्बन, ज़िंक, लेड, सिल्वर, कॉपर, रॉक फॉस्फेट सहित प्राकृतिक संसाधनों की प्रचूरता है, जो इसे अद्भुत अवसरों का प्रदेश बनाता है जो कि पहले से ही सौर ऊर्जा क्षमता में अग्रणी है। वेदांता राजस्थान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राज्य में हमारा 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का संचयी निवेश इसके औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगा, 2 लाख से अधिक लोगों के लिए रोजगार के अवसरों और तेजी से आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा।” 


