Discoms Chairman: संवेदनशीलता के साथ करें बिजली समस्याओं का निराकरण —डिस्कॉम्स चेयरमैन
ERCP: नई दिल्ली में पार्वती-कालीसिंध-चंबल-ईआरसीपी लिंक परियोजना हुई चर्चा, शीघ्र होगा अनुबंध
Gandhi Darshan Museum: गांधी वाटिका का संचालन करेगा पर्यटन विभाग, समिति का होगा गठन

by-election: प्रदेश में विधान सभा उपचुनाव की तैयारी
![[by-election] CEO Navin mahajan](https://www.gonewsrajasthan.com/wp-content/uploads/2024/09/167601_HomePage_1ffe278e-c126-4262-91fa-695b8581bc2b-300x248.jpeg)
Onion: जयपुर में सरकार बेचेगी प्याज
Good Governance: मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जवाबदेही और भ्रष्टाचार मुक्त सुशासन

Union Railway Minister Ashwini Vaishnav: दूसरी ओर मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री निवास पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुलाकात की। इस अवसर पर श्री शर्मा ने केन्द्रीय मंत्री को दुपट्टा ओढ़ाकर स्वागत-अभिनंदन किया। मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने राजस्थान में रेलवे सुविधाओं के विस्तार के संबंध में चर्चा की। श्री वैष्णव की मुख्यमंत्री से यह शिष्टाचार भेंट थी।
PM’s three-day visit to America: वैश्विक पटल पर भारत नई उंचाईयां छू रहा है —मुख्यमंत्री
रक्षा और तकनीक क्षेत्र में समझौतों से भारत होगा मजबूत
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस यात्रा के दौरान भारत और अमेरिका के बीच हुए रक्षा सहयोग समझौते के तहत मिलने वाले ड्रोन से देश की सेनाओं की टोही क्षमताओं एवं खुफिया निगरानी की क्षमता का और अधिक विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि श्री मोदी की अमेरिका यात्रा तकनीक, एआई, क्वांटम कम्प्यूटिंग और सेमीकंडक्टर को बढ़ावा देने के लिहाज से भी काफी अहम रही, जिसके भविष्य में सार्थक परिणाम आने से भारत तकनीकी क्षेत्र में महाशक्ति के रूप में उभरेगा। अमेरिका के साथ एक समझौते के तहत भारत में सेमीकंडक्टर फेब्रिकेशन प्लांट की स्थापना भी की जा रही है।RPSC: आरपीएससी में नही होगी कोई पूछताछ, अंततः दफन होगा पेपरलीक का मामला
—महेश झालानी
एक तरफ बीजेपी के कद्दावर नेता और राजस्थान सरकार के कृषि मंत्री डॉ किरोड़ीलाल मीणा आए दिन पेपर लीक को लेकर नए नए खुलासे कर रहे है । दूसरी ओर एसओजी का कहना है कि अभी ऐसी कोई स्टेज नही आई है जिसके आधार पर आरपीएएसी की किसी सदस्य या पूर्व अध्यक्ष से पूछताछ की जाए ।
डॉ. किरोड़ी पिछले कुछ साल से निरन्तर आरपीएससी में व्याप्त भ्रस्टाचार और कतिपय परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर आक्रामक रूप से मुखरित है। उन्होंने आरोप लगाया कि कतिपय भर्ती में आरपीएससी के तीन पूर्व अध्यक्ष भूपेंद्र यादव, शिव सिंह राठौड़ और संजय श्रोत्रिय लिप्त रहे है। बावजूद इसके एसओजी का स्पस्ट कहना है कि फिलहाल किसी भी पूर्व अध्यक्ष या सदस्य से पूछने की स्थिति नही आई है ।
एसओजी के एडीजी वीके सिंह से हुई बात के अनुसार, उन्होंने यह तो स्वीकार किया कि अभी और गिरफ्तारियां होना बाकी है। लेकिन आरपीएएसी के पूर्व अध्यक्ष या सदस्यों से पूछताछ की बात पर उन्होंने स्पस्ट इनकार कर दिया। सिंह ने कहा कि पेपर लीक में करीब 50-60 व्यक्ति वांटेड है। ऐसे में उनकी गिरफ्तारी होना लाजिमी है। उनका कहना था कि अभी तक ऐसे कोई सबूत हासिल नही हुए है, जिसके आधार पर कहा जाए कि आरपीएससी सदस्य या पूर्व अध्यक्षों से पूछताछ की जाएगी। उन्होंने स्पस्ट रूप से कहा कि आरपीएससी स्तर पर कोई पूछताछ होना शेष नही है।
डॉ. करोड़ी पेपर लीक में लिप्त लोगो और आरपीएससी में धांधली करने वालो के पीछे हाथ धोकर पड़े हुए है। लेकिन अतीत की घटनाओं को देखते हुए लगता नही है कि कोई बहुत बड़ा मगरमच्छ पकड़ा जाएगा। हालांकि मुख्यमंत्री घोषणा कर चुके है कि अभी कई मगरमच्छो को पकड़ना है। लेकिन एसओजी स्पस्ट कर चुकी है कि आरपीएससी स्तर पर कोई पूछताछ नही करनी है।
डॉ. किरोड़ी ने पूर्व में भी प्रौद्योगिक भवन में मिली नकदी, गणपति प्लाजा के लॉकरों में जमा राशि को लेकर खूब उत्पात मचाया था। लेकिन नतीजा क्या निकला, सर्वविदित है। एसीबी ने प्रौद्योगिकी भवन में मिली नकदी के मामले में तो एफआर ही लगा दी थी। इससे पहले रामगढ़ बांध इलाके में सरकारी जमीन को हथियाकर बनाए गए फार्म हाउस का मामला खूब उछला था। हाईकोर्ट के निर्देश पर वरिष्ठ अधिवक्ता वीरेंद्र डांगी के नेतृत्व में एक निरीक्षण दल का गठन किया गया था। यह मामला खूब अखबारों की सुर्खियां बना। न तो अतिक्रमण हटे और न ही रिसोर्ट आदि को ध्वस्त किया गया।
इसी प्रकार आगरा रोड पर मुर्गी फार्म मामला भी अखबारों में खूब छाया रहा। सरकार ने जरूरतमन्दों को रोजगार मुहैया कराने की गरज से मुर्गी पालन हेतु जमीन का आवंटन किया था। आज मुर्गिया तो नही है। लेकिन बड़े बड़े फार्म हाउस अभी भी बरकरार है। ऐसे अनगिनत मामले है जो कुछ दिनों तक तो अखबारों की सुर्खियां बनते है। कालांतर में वे दफन होकर रह जाते है। पेपर लीक का मामला हो या आरपीएससी के अध्यक्षों द्वारा रिश्वत लेकर अयोग्य लोगो की भर्ती प्रकरण, अंततः ये भी दफन होना सुनिश्चित है। ज्यादा से ज्यादा कुछ लोगो की गिरफ्तारी और हो जाएगी। एकाध जनों को सजा मिलेगी। लेकिन बड़े मगरमच्छ काबू में आएंगे, ऐसा सोचना भी पाप है। उधर डॉ. किरोड़ी की वाहवाही की बजाय लोग हंसी उड़ा रहे थे। यदि उन्हें पद का मोह नही है तो उन्हें पार्टी अनुशासन की दीवार को फांदते हुए धरना और प्रदर्शन करना चाहिए।
बाबा को तय करना होगा कि उन्हें बिजेपी प्यारी है या बेरोजगारों की पीड़ा। दो नावों पर सवार व्यक्ति कभी सफल नही होता है। भले ही वे भीड़ जुटाने में कामयाब हो जाते है, लेकिन क्षेत्र में उनकी वास्तविक स्थिति क्या है, यह उन्हें नही भूलना चाहिए। अपने क्षेत्र दौसा और पूर्वी राजस्थान के चुनावों में उनकी क्या गत बिगड़ी, किसी को बताने की आवश्यकता नही है। उन्हें अपनी प्रतिष्ठा को बहाल करने के लिए सभी बंदिशों को तोड़ना ही होगा। IIFA25: जयपुर में होगा “आईआईएफए—25 सेलिब्रेशन्स”
इस दौरान पर्यटन शासन सचिव रवि जैन ने बताया कि आगामी 7 से 9 मार्च 2025 में जयपुर में आयोजित होने वाले “IIFA25 सेलिब्रेशन्स” तीन दिन के कार्यक्रम में कई कार्यक्रम शामिल होंगे, प्रमुख हस्तियों द्वारा प्रदर्शन और इस सहस्राब्दी में भारतीय सिनेमा में मेगा अचीवर्स और सबसे सफल लोगों को सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कार राज्य के लिए वैश्विक ब्रांडिंग और गंतव्य विपणन अवसर भी प्रदान करेंगे। पर्यटन विभाग, राजस्थान सरकार और IIFA प्रबंधन के बीच कई चर्चाओं के बाद, मार्च 2025 में जयपुर, राजस्थान में #IIFA25 समारोह आयोजित करने की योजना बनाई गई है।
वहीं आईफा के वाईस प्रेसिडेन्ट सुरेश अय्यर ने बताया कि मार्च 2025 में जयपुर राजस्थान में यह यूनिक सिग्नेचर इंवेन्ट आयोजित किया जाएगा। हम भारतीय सिनेमा का उत्सव मनायेंगे। उन्होंने बताया कि IIFA की स्थापना सन 2000 में हुई थी। उन्होंने कहा कि IIFA का आयोजन प्रतिवर्ष 14 विभिन्न देशों और 18 अलग-अलग शहरों में विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में किया जाता रहा है। श्री अय्यर ने बताया कि हमारा प्रयास होगा कि इस बार जयपुर, राजस्थान में आयोजित होने वाले समारोह और पुरस्कार समारोह भव्य रूप से आयोजित किया जाए। इस आयोजन का वैश्विक प्रसार होगा और पर्यटन, मीडिया और मनोरंजन के क्षेत्रों में राजस्थान राज्य के लिए अवसर पैदा करने वाला साबित होगा। भारत में आखिरी बार IIFA का आयोजन 2020 में मुंबई में हुआ था, और अब यह मौका 2025 में जयपुर को मिला है।
आपको बतादें कि जब आईफा की यात्रा शुरू हुई तो भारतीय सिनेमा की कमाई का एक छोटा हिस्सा अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से आता था। लगभग 25 वर्ष बाद, भारतीय सिनेमा का 25-30 प्रतिशत राजस्व अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से आता है, जिनमें से कई की शुरुआत उन क्षेत्रों में आईफा के आयोजन से हुई थी। आईफा को फिल्म उद्योग के साथ-साथ वैश्विक प्रशंसकों और फिल्म गुरुओं द्वारा सर्वोच्च सम्मान माना जाता है और मीडिया द्वारा इसे वैश्विक स्तर पर “चलते-फिरते ऑस्कर” के रूप में संदर्भित किया जाता है। मार्च समारोह की तैयारी में आईफा प्रबंधन और राजस्थान सरकार द्वारा नियमित अंतराल पर अधिक विवरण साझा किए जाएंगे, जिसमें भारतीय सिनेमा के प्रशंसक भारतीय सिनेमा के वैश्वीकरण का जश्न मनाने के लिए जयपुर में एकत्र होंगे। 


