Roadways bus will provide free travel for women on Rakshabandhan in the state —प्रदेश में रक्षाबंधन पर महिलाओं के रोडेवेज बस फ्री में करायेगी यात्रा

प्रदेश में महिलाएं और लड़कियां फ्री में रोडेवेज बस में यात्रा कर सकेंगी। सरकार द्वारा रविवार 18 अगस्त रात 12 बजे से सोमवार 19 अगस्त रात 12 बजे तक रोडवेज बसों में महिलाओं के लिए फ्री यात्रा की सुविधा मिलेगी। इस मामले में राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम ने आदेश जारी कर दिया है।

Kolkata Resident Affairs —अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की जाएगी और सुचारू रहेंगी आपातकालीन सेवाएं

कोलकाता के मेडिकल कॉलेज में महिला रेजीडेंट चिकित्सक प्रकरण के बाद प्रदेश के अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश में चिकित्सकों की सुरक्षा एवं अन्य समस्याओं को लेकर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती शुभ्रा सिंह ने शुक्रवार को शासन सचिवालय स्थित अपने कक्ष में जयपुर रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन, इण्डियन मेडिकल एसोसिएशन की राजस्थान शाखा, अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ, मेडिकल प्रेक्टिशनर्स सोसायटी और प्राइवेट हॉस्पिटल एण्ड नर्सिंग होम सोसायटी के पदाधिकारियों के साथ चर्चा की। श्रीमती सिंह ने आश्वस्त किया कि चिकित्सकों की सुरक्षा एवं अन्य वाजिब मांगों पर सकारात्मक सोच के साथ कार्यवाही की जाएगी। श्रीमती सिंह ने चर्चा के दौरान कहा कि प्रदेश के अस्पतालों में चिकित्सकों एवं अन्य स्टाफ की सुरक्षा को और बेहतर बनाने के लिए अतिरिक्त संख्या में सुरक्षा गार्ड नियोजित करने, सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने, पुलिस गश्त बढ़ाने सहित अन्य आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरे लगाने एवं सुरक्षा गार्ड बढ़ाने के लिए आरएमआरएस से राशि का उपयोग किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, सभी जिला कलेक्टर्स एवं पुलिस अधीक्षकों को चिकित्सकों की सुरक्षा व्यवस्था के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश भी दिए जा रहे हैं। श्रीमती सिंह ने कहा कि कोलकाता के प्रकरण को लेकर सभी व्यथित हैं और राज्य सरकार इस प्रकरण को लेकर बेहद गंभीर एवं संवेदनशील है। चिकित्सकों के साथ ऐसी घटनाएं होना दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सक समुदाय की पीड़ा से राज्य सरकार वाकिफ है और उनका विरोध भी सरकार के संज्ञान में है। उन्होंने चिकित्सक समुदाय से अपील की कि आमजन के हित में वे हड़ताल का रास्ता छोड़कर सांकेतिक विरोध दर्ज कराएं और रोगियों की जीवन रक्षा के दृष्टिगत अपने दायित्वों का निर्वहन करें। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि चिकित्सकों की हड़ताल की स्थिति में प्रदेश के राजकीय चिकित्सा संस्थानों में वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। अस्पतालों में आपातकालीन सेवाएं एवं अन्य आवश्यक बेसिक स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रहेंगी। किसी भी आपात स्थिति में आवश्यक जानकारी एवं सेवाओं हेतु आमजन कंट्रोल रूम नंबर 0141-2225624 और 0141—2225000 पर सम्पर्क कर सकेंगे।

Free medicine scheme will be more accessible —निःशुल्क दवा योजना होगी और सुगम

राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन की प्रबंध निदेशक श्रीमती नेहा गिरि की अध्यक्षता में शुक्रवार को मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना एवं मुख्यमंत्री निःशुल्क जांच योजना के तहत आपूर्ति की जाने वाली समस्त औषधियों, सर्जिकल्स एवं सूचर्स तथा उपकरणों के सुगम उपापन एवं संचालन के उद्देश्य से समस्त स्टेक होल्डर के साथ बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में श्रीमती गिरि ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि औषधियों, सर्जिकल्स एवं सूचर्स की मांग एवं खपत का सही आकलन कर निगम को अवगत कराया जाए, जिससे औषधि की कमी एवं अवधिपार होने की स्थिति उत्पन्न नहीं हो। उन्होंने कहा कि औषधियों, सर्जिकल्स एवं सूचर्स की मांग एवं खपत का आकलन करने हेतु ई-औषधि सॉफ्टवेयर का उपयोग करते हुए वैज्ञानिक आधार पर नवीन प्रणाली विकसित कि जाए। प्रबंध निदेशक ने निर्देश दिए कि चिकित्सा संस्थानों में औषधियों के अवधिपार होने की स्थिति की सघन मॉनिटरिंग की जाए। इसके लिए राज्य स्तर पर सघन अभियान चलाते हुए प्रत्येक जिले का निरीक्षण किया जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना के अन्तर्गत उपलब्ध कराई जाने वाली महंगी दवाओं की खपत का रोगीवार विवरण का परीक्षण करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सा संस्थान में स्थापित दवा वितरण केन्द्र हेतु औषधियों का फास्ट एवं स्लो मूविंग आधार पर वर्गीकरण कर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। गुणवत्ता परीक्षण में लगने वाले समय का इन्द्राज भी ई-औषधि सॉफ्टवेयर में किया जाए। श्रीमती गिरि ने निर्देश दिए कि हैल्थ एवं वैलनेस सब-सेन्टर को ई-औषधि सॉफ्टवेयर से मेप कराया जाए। साथ ही, निगम द्वारा नॉन ईडीएल श्रेणी की औषधियों तथा उपकरणों के उपापन किये जाने से पूर्व इनकी प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति भिजवाने तथा उपकरणों के क्रय आदेश जारी करने से पूर्व इनकी इंस्टालेशन एवं ऑपरेशनलाइजेशन से संबंधित सम्पूर्ण कार्यवाही समयबद्व तरीके से पूर्ण की जाए।

Girl students in the state will get Rs 30 thousand annually —प्रदेश में छात्राओं को मिलेगें 30 हजार सालाना

प्रदेश के 22 जिलों में उच्च शिक्षा लेने वाली छात्राओं को मिलेगी 30 हजार की सालाना स्कॉलरशिप। कमजोर वर्ग से आने वाली छात्राओं को आर्थिक मजबूती देने के लिये राज्य सरकार अजीज प्रेमजी फाउंडेशन के साथ मिलकर ये स्कॉलरशिप देंगी। Girl students in the state will get Rs 30 thousand annually आयुक्तालय कॉलेज निदेशालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार आवेदन सितंबर के दूसरे सप्ताह में शुरू होंगे। ये स्कॉलरशिप सरकारी और गैर—सरकारी कॉलेज और यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली छात्राओं को दी जायेगी। निदेशालय के अनुसार ये स्कॉलरशिप उन छात्राओं को दी जायेगी जिन्होने 10वीं और 12वीं की पढ़ाई सरकारी स्कूल से की हो। प्रदेश के 22 जिलों में उच्च शिक्षा लेने वाली स्टूडेंट्स को मौका मिलेगा। इन जिलों में अजमेर, अलवर, बालोतरा, बांसवाड़ा, बारां, बाड़मेर, चित्तौड़गढ़, दूदू, डूंगरपुर, जयपुर, जयपुर (ग्रामीण), जालोर, झालावाड़, जोधपुर, केकड़ी, पाली, प्रतापगढ़, राजसमंद, सवाई माधोपुर, सिरोही, टोंक और उदयपुर जिलों के ना शामिल है।

There will not be any journalist in the state who does not have a plot —राज्य में ऐसा कोई भी पत्रकार नहीं होगा जिनके पास भूखंड नहीं होगा —मंत्री झाबर सिंह खर्रा

यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने सीकर प्रेस क्लब के लोकार्पण समारोह के दौरान घोषणा करते हुए कहा कि राज्य के पत्रकारों के लिए सरकार संवेदनशील है। जल्द ही राज्य सरकार की ओर से अधी स्वीकृत और स्वतंत्र पत्रकारों के लिए भूखंड की योजना ला रही है। राज्य में ऐसा कोई भी पत्रकार नहीं होगा जिनके पास भूखंड नहीं होगा।

Secretariat is a symbol of public aspiration and trust —सचिवालय जनता की आकांक्षा और विश्वास का प्रतीक —मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि स्वाधीनता दिवस हमें हमारे वीर शहीदों की कुर्बानी और त्याग की याद दिलाता है। यह दिन हमें अहसास कराता है कि आज जिस आजाद हवा में हम श्वांस ले रहे हैं, उसके लिए भारत मां के न जाने कितने ही सपूतों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। श्री शर्मा गुरुवार को शासन सचिवालय परिसर में आयोजित 78वें स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबंधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एक सच्चे नागरिक और कर्मचारी के कर्तव्यों और दायित्वों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करके हम देश की स्वतंत्रता को सुरक्षित रखने और राष्ट्र के विकास में अपना सच्चा योगदान दे सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन सचिवालय राज्य की जनता की आकांक्षा और विश्वास का प्रतीक है। सचिवालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की नीतियों एवं योजनाओं से संबंधित सरकार के फैसलों के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका होती हैं। उन्होंने कहा कि सचिवालय प्रशासन की शीर्ष संस्था होने के नाते हमारा दायित्व बनता है कि हम राज्य सरकार की योजनाओं को त्वरित गति से जनता तक पहुंचाएं ताकि उनको योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके। श्री शर्मा ने कहा कि कार्मिकों की समय पर पदोन्नति होने से उनकी कार्यक्षमता में नए जोश एवं नई ऊर्जा का संचार होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने बजट में राजकीय कर्मचारियों को पदोन्नति के लिए निर्धारित अनुभव में 2 वर्ष की छूट दी है। सचिवालय सेवा के अधिकारियों तथा कर्मचारियों के संस्थापन संबंधी सभी कार्य समयबद्व तरीके से किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024-25 में राजस्थान सचिवालय सेवा की विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक निर्धारित समय में आयोजित कर सौ से अधिक अधिकारियों एवं 130 कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई है। साथ ही सचिवालय के आधुनिकीकरण एवं उन्नयन हेतु 275 करोड़ रुपये की स्वीकृतियां जारी की गई हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 5 वर्षों में 4 लाख सरकारी नौकरियां देगी और इस वर्ष लगभग एक लाख पदों पर नियुक्तियां की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक नागरिक राज्य हित में एक कदम बढ़ायेगा तो प्रदेश विकास के पथ पर आठ करोड़ कदम आगे बढ़ेगा। इस अवसर पर मुख्य सचिव सुधांश पंत ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राज्य कर्मचारी पूरी निष्ठा और लगन के साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे हैं। ई-फाइलिंग के माध्यम से बकाया फाइलों का त्वरित निस्तारण हो रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के कौशल प्रशिक्षण के लिए केन्द्र सरकार की पहल ’आईगोट कर्मयोगी’ को लागू करने में राजस्थान देश का अग्रणी राज्य है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी इसकी सराहना की है।

Tricolor is a symbol of national self-respect, unity and integrity —तिरंगा राष्ट्रीय स्वाभिमान, एकता और अखण्डता का प्रतीक -मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार सुबह ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत तिरंगा मैराथन को अल्बर्ट हॉल से रवाना किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने आसमान में गुब्बारे छोड़कर ‘हर घर में तिरंगा’ फहराने का संदेश दिया। श्री शर्मा ने राष्ट्रीय ध्वज थामे स्वयं भी धावकों के साथ मैराथन में हिस्सा लिया। जयपुर ग्रेटर नगर निगम द्वारा आयोजित इस रैली में हजारों धावकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। श्री शर्मा ने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऐसी अभिनव पहल है, जो देश के प्रत्येक नागरिक में राष्ट्रीय स्वाभिमान और गौरव की भावना जाग्रत करती है। आजादी के अमृत महोत्सव के तत्वाधान में शुरू किया गया यह अभियान अब एक जन आंदोलन बन गया है। इस अभियान के तहत घर में ध्वज फहराना ना केवल तिरंगे से व्यक्तिगत जुड़ाव का अहसास करवाता है, बल्कि राष्ट्र निर्माण में हम सभी नागरिकों की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तिरंगा हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान, एकता तथा अखण्डता का प्रतीक है तथा इस तिरंगा मैराथन के माध्यम से हम सभी राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के सम्मान में देश के प्रति कृतज्ञता व्यक्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी को देश के विकास में योगदान देने का संकल्प लेना चाहिए, जिससे विकसित भारत की परिकल्पना साकार हो सके। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि हम सभी राष्ट्र के प्रति समर्पण भाव से काम करें जिससे देश एवं प्रदेश आगे बढ़ सकें।

Double character of Minister Rajyavarghan Singh Rathore —मंत्री राज्यवर्घन सिंह राठौड़ का दोहरा चरित्र

सेना में कर्नल और खिलाड़ी कोटे से राजनीति में आये खेल मंत्री राज्यवर्घन सिंह राठौड़ अभी राजनीति के खिलाड़ी नहीं बने है। सोमवार रात को एक घटना में इस बात को आंकलन करने का मौका मिला। मामला पुलिस द्वारा एक सेना के जवान को नंगा कर थाने में पीटने का है। घटना को लेकर मंत्री महोदय का सेना प्रेम जाग्रत हो गया और थाने पहुंच गये। थाने में मंत्री ने मंत्री होने का पावर दिखाकर सार्वजनिक रूप से पुलिस वालों को बेसिक प्रोटोकॉल सिखाने की कोशिश की गई थी। उन्होने पुलिस को जलिल करने की कोई कसर नहीं छोड़ी जीसका ओडियो और वीडियो सोसल मीडिया में वायरल हो रहा है। वहीं मंत्री राठौड़ ने मीडिया में दिये अपने बयान में पुलिस विभाग को गलत ठहरा दिया। मंत्री महोदय द्वारा बिना छानबीन के सार्वजनिक रूप से एक्शन लेना चर्चा का विषय है। इससे यह प्रतित होता है कि श्री राडौड़ को राजनीतिक खिलाड़ी बनने के लिये ओर मेहनत करनी पड़ेगी। आपको बतादें की जिस फौजी के लिए मंत्री थाने गये थे वो किसी कैफे में हुक्का पार्टी कर रहा था। पुलिस ने उसके अलावा और लोगों को भी वहां पकड़ा था। फौजी द्वारा पुलिस से दादागिरी करना बताया गया था। दुसरी ओर एक ओडियों में एक आदमी द्वारा पुलिस पर जातिवाद का आरोप लगाते हुए पुलिस को घेराव करने की धमकी देते हुए सुना जा सकता है। वहीं मंत्री के मीडिया को दिये बयान में पुलिस द्वारा फौजी को नंगा कर पीटने का आरोप लगाया है।
हलांकि पुलिस द्वारा फौजी के साथ की गई हरकत भी सही नहीं थी। जैसा की मंत्री महोदय के बयान में बताया गया था। पुलिस पर एक्शन भी लेना जरूरी था। लेकिन आदर्श शिष्टाचार के तहत।