New township policy will be issued in the state –प्रदेश में जारी होगी नई टाउनशिप पॉलिसी —नगरीय विकास राज्य मंत्री

नगरीय विकास राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने विधानसभा में आश्वस्त किया कि राज्य सरकार द्वारा सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कॉलोनी काटने की शिकायत की जांच कर सम्बंधित कॉलोनाइजर के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। श्री खर्रा प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों पर जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि बहुत सी कॉलोनियों में विकास शुल्क जमा होने के बाद भी सड़क एवं सेक्टर रोड़ के मार्ग निर्धारित नहीं होने के कारण विकास नहीं हो सका तथा सड़क एवं सेक्टर रोड़ के मार्ग नियमित नहीं हो पाए। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा टाउनशिप पॉलिसी-2010 में संशोधन की प्रक्रिया शुरू की गई है। जिसके तहत पॉलिसी में संशोधन के लिए आमजन एवं जनप्रतिनिधियों से 20 अगस्त, 2024 तक सुझाव भी आमंत्रित किये गए गए हैं। उन्होंने बताया कि नीति के संबंध में विस्तृत जानकारी विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि समस्‍त सुझावों पर विचार कर नई संशोधित पॉलिसी जारी की जाएगी। श्री खर्रा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा नगरीय विकास विभाग का राज्य स्तरीय वेब पोर्टल बनाया जाना भी प्रस्तावित है। पोर्टल पर स्थानीय निकाय द्वारा स्वीकृत समस्त योजनाओं का विवरण दर्ज होगा। साथ ही योजना के तहत किये जा रहे विकास कार्य एवं अन्य विवरण भी नियमित रूप से पोर्टल पर अपडेट किया जाएंगे। जिससे राज्य सरकार एवं आमजन को योजनाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी प्राप्त हो सके। इससे पहले विधायक कैलाश चंद वर्मा के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में नगरीय विकास राज्य मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि नवीन कॉलोनियां विकसित करने के लिए तकनीकी प्रावधान “राजस्थान टाउनशिप पालिसी-2010” के द्वारा निर्धारित है। उन्होंने बताया कि टाउनशिप पॉलिसी-2010 के प्रावधानों के अनुरूप मूलभूत सुविधा की सुनिश्चितता उपरान्त ही नगरीय निकाय में प्राप्त होने वाली योजनाओं को अनुमोदित किया जाता है। उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान टाउनशिप पॉलिसी-2010 के अनुसार योजना में आन्तरिक विकास कार्यो जैसे सड़क, सीवरेज एवं पानी आदि की सुनिश्चितता हेतु पॉलिसी में 12.5 प्रतिशत भूखण्ड रहन रखे जाने का प्रावधान है। आन्तरिक विकास कार्यो की सुनिश्चितता उपरान्त ही इन भूखण्डों को रहन मुक्त किये जाते है, जिसकी प्रति उन्होंने सदन के पटल पर रखी। उन्होंने बताया कि राज्य के नगरीय क्षेत्रों में कॉलोनाइजर द्वारा बिना मूलभूत सुविधाओं के काटी जा रही अवैध कॉलोनियो के संबंध में नगरीय निकाय में शिकायत प्राप्त होने पर उचित कार्यवाही की जाती है। श्री खर्रा ने बताया कि टाउनशिप पॉलिसी-2010 में संशोधन हेतु सुझाव आमंत्रित किये गये हैं। प्रारूप पॉलिसी वर्तमान में पब्लिक डोमेन में उपलब्‍ध है। समस्‍त सुझावों पर विचार कर नई संशोधित पॉलिसी जारी की जाएगी।

Finance Commission should increase grants to local bodies – Chief Minister -स्थानीय निकायों को अनुदान बढ़ाये वित्त आयोग —मुख्यमंत्री

वित्त आयोग की 16वीं कार्यशाला में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि वित्त आयोग पंचायती राज संस्थानों और शहरी स्थानीय निकायों की नाजुक वित्तीय स्थिति से अच्छी तरह वाकिफ है। उन्होंने वित्त आयोग से अनुरोध किया कि राजस्थान के स्थानीय निकायों के लिए अनुदान बढ़ाने की सिफारिश करें।

कार्यशाला के दौरान वित्त आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगडिया ने कहा कि आयोग राज्यों का दौरा कर उनसे सुझाव प्राप्त कर रहा है। हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं पंजाब के बाद आयोग का चौथा दौरा राजस्थान में है। राज्यों से प्राप्त सुझावों को गंभीरता से सुना जा रहा है। वहीं मुख्य सचिव सुधांश पंत ने कहा कि राजस्थान देश का सबसे बड़ा राज्य है। मुख्यतः पश्चिमी क्षेत्र के जिलों में सेवा प्रदायगी के लक्ष्य में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। सीमित संसाधन होने के कारण प्रदेश की केन्द्रीय कोष पर निर्भरता है।

Chief Minister demands Finance Commission -मुख्यमंत्री ने वित्त आयोग से हीट वेव और रेगिस्तानी टिड्डियों को प्राकृतिक आपदा में शामिल करने की मांग

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सचिवालय में 16वें वित्त आयोग के प्रतिनिधिमंडल के साथ आयोजित कार्यशाला में कहा कि राज्य को तकरीबन हर वर्ष हीट वेव का सामना करना पड़ता है, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों के निवासियों की आजीविका प्रभावित होती है। साथ ही, रेगिस्तानी टिड्डियों के कारण फसलों को क्षति पहुंचती है। इसको ध्यान में रखते हुए हीट वेव एवं रेगिस्तानी टिड्डियों के खतरे को प्राकृतिक आपदा माना जाए और इन्हें राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि (एनडीआरएफ) में प्राकृतिक आपदा की परिभाषा में शामिल किया जाए। श्री शर्मा ने वित्त आयोग से केन्द्रीय करों के वितरण के लिए ऐसा फार्मूला विकसित करने का अनुरोध किया, जो कि क्षेत्रीय विषमताओं को दूर करने का साधन बने और समाज के सभी क्षेत्रों और वर्गों के लिए महत्वपूर्ण न्यूनतम बुनियादी ढाँचा प्रदान करने के लिए अधिक संसाधन आवंटित करने में सहायक हो। उन्होंने केन्द्रीय कर आय में राज्यों की हिस्सेदारी को अंतिम रूप देते समय, राज्य के क्षेत्रफल को विशेष महत्व दिये जाने का भी आग्रह किया। उन्होंने वित्त आयोग से सड़क एवं पुल, सिंचाई परिसंपत्तियों और वनों के लिए रखरखाव अनुदानों को फिर से शुरू करने का अनुरोध भी किया। श्री शर्मा ने कहा कि अनियमित और अनिश्चित मानसून प्रदेश की कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती है। सीमित एवं निरन्तर घटते हुए जल संसाधनों के कारण राज्य को अत्याधिक कठिनाई का सामना करना पड रहा है। राज्य में सतही जल की कमी के कारण भूजल पर अधिक निर्भरता होने से भूजल का स्तर राज्य के सभी हिस्सों में लगातार गिरता जा रहा है। अतः वित्त आयोग पानी की कमी (वॉटर डेफिसिट) के लिए अनुदान देने पर भी विचार करे।

Rajasthan Chief Minister -विषम भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप राजस्थान को मिले अतिरिक्त सहायता -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश की विषम भौगोलिक स्थिति, विशाल क्षेत्रफल, मरूस्थलीय भू-भाग, जल संसाधनों की अत्यधिक कमी, अनुसूचित जाति एवं जनजाति की बड़ी आबादी के परिप्रेक्ष्य में वित्त आयोग केन्द्र सरकार से राजस्थान को अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने की सिफारिश करें। उन्होंने वित्त आयोग से प्रदेश में भीषण जल संकट को ध्यान रखते हुए विशेष वित्तीय सहायता देने के लिए केन्द्र सरकार को सिफारिश करने का भी आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान विशाल भूभाग और बिखरी हुई आबादी वाला राज्य है, इस कारण यहां शिक्षा, चिकित्सा व स्वास्थ्य, पेयजल, विद्युत, संचार सुविधा आदि बुनियादी सुविधाएं आमजन तक पहुंचाने के लिए दूसरे राज्यों की तुलना में अधिक लागत आती है। उन्होंने कहा कि इस अतिरिक्त लागत और प्रदेश की भौगोलिक परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रदेश को वित्तीय संसाधन मुहैया कराए जाएं।

Rajasthan– Governor Bagde -राजस्थान सभी क्षेत्रों में आगे बढ़े, इसके लिए मिलजुल कर करेंगे प्रयास —राज्यपाल बागडे

राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे ने कहा है कि राजस्थान में उच्च शिक्षा के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में गुणवत्ता के साथ विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता विकास के लिए कार्य होंगे। कुलाधिपति के रूप में उनका प्रयास रहेगा कि राजस्थान के विश्वविद्यालय पूरे देश और विश्व भर में रैंकिंग में आगे रहेे। यहां के विश्वविद्यालय ऊंचाई पर जाए, यह प्राथमिकता रहेगी। श्री बागडे राजभवन में शपथ ग्रहण के बाद आयोजित मीडिया—संवाद में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में छत्रपति संभाजी नगर में और दूसरे स्थानों पर बहुत से राजस्थानी रहते हैं। महाराष्ट्र और राजस्थान का एक निकट का नाता बना हुआ है। प्रयास करेंगे कि दोनों के रिश्तों में मिलजुलकर सहकारिता की सोच के तहत राष्ट्र की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि सहकारिता के अंतर्गत सोच बदलने के लिए कार्य होगा। उन्होंने कहा कि दुग्ध व्यवसाय से भी उनका निकट का नाता रहा है। गरीब लोगों के लिए जिनके पास खेती की भूमि नहीं, यह व्यवसाय बहुत लाभकारी हो सकता है। ऐसे लोगों को दुग्ध व्यवसाय में आगे बढाने के लिए कार्य होगा। उन्होंने कहा कि ओलम्पिक में कईं सालों से भारतीय खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। ओलम्पिक में भारत का नाम हो, इसके लिए खिलाड़ियों को सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। राज्यपाल ने नई शिक्षा नीति के अंतर्गत उद्यमिता को प्रोत्साहन देने वाले पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देकर कार्य करने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि युवाओं को कृषि और पारम्परिक व्यवसायों के लिए कौशल विकास से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए विश्वविद्यालयों में उद्योगों से समन्वय कर सीएसआर के तहत युवाओं को लाभान्वित करने की दिशा में काम किया जाएगा। जनजातीय क्षेत्रों में सहकारिता आंदोलन कैसे गति पकड़े, इसके लिए विशेष प्रयास करेंगे। कुलाधिपति के रूप में शिक्षा के व्यवसायीकरण और निजी क्षेत्र के अंतर्गत शिक्षा की अव्यवस्थाओं को दूर करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगें। उन्होने कहा कि संविधान के लिए राजस्थान में बहुत महत्वपूर्ण कार्य श्री कलराज मिश्र जी ने किए हैं। प्रयास करेंगे कि उनके किए कार्यो को आगे बढ़ाते हुए संविधान सर्वोच्च है, इस सोच को युवाओं में आगे बढ़ाते हुए उन्हें अधिकारों के साथ देश के प्रति कर्तव्य बोध से जोड़ने की दिशा में भी निरंतर कार्य हो। श्री हरिभाऊ किसनराव बागडे ने कहा कि गौरवशाली परम्पराओं और देश के पहले स्वाधीनता सेनानी महाराणा प्रताप की आन-बान और शान की इस धरती पर राज्यपाल के रूप में कार्य करने का अवसर मिला है। मैं शिवाजी महाराज की गौरव भूमि महाराष्ट्र से आया हूं। जिस परिवेश में पला-बढ़ा हूं, उसके अंतर्गत जनता से सदा सीधे सरोकार रहा है। राजनीति में इसी उद्देश्य से आना हुआ कि सार्वजनिक क्षेत्र में जन-कल्याण के लिए अपने को समर्पित करूं। उन्होंने राजस्थान को ‘भक्ति’ और और ‘शक्ति’ का संगम स्थल बताते हुए कहा कि इस वीर प्रसूता भूमि पर मुझे कार्य करने का अवसर मिलना अपना सौभाग्य मानता हूं। मैं प्रयास करूंगा कि सभी को साथ लेकर राज्य में संविधान प्रमुख के अपने पद के दायित्व का पूरी निष्ठा से निर्वहन करूं।

installing HSRP plates -वाहनों पर एचएसआरपी प्लेट लगाने की अंतिम तारीख 10 अगस्त तक बढ़ाई

परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग द्वारा एचएसआरपी (हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट) लगवाने की अंतिम तिथि 10 अगस्त तक बढ़ा दी गई है। इसके लिए परिवहन विभाग ने बुधवार को आदेश जारी किए। अब पुराने वाहनों पर एचएसआरपी नंबर प्लेट 10 अगस्त तक लग सकेगी। वाहन मालिकों द्वारा 10 अगस्त तक एचएसआरपी नंबर प्लेट के लिए रजिस्ट्रेशन करवाने के उपरांत बुकिंग स्लिप दिखाने दिखाने पर भी चालान से बचा जा सकेगा। उल्लेखनीय है कि परिवहन विभाग द्वारा 1 अप्रैल 2019 से पूर्व पंजीकृत पुराने वाहनों पर एचएसआरपी नंबर प्लेट लगाने की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई थी जिसे आमजन की सुविधा के लिए बढ़ाकर 10 अगस्त किया गया है। ऑनलाइन आवेदन की सुविधा परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग की वेबसाइट transport.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध लिंक www..Siam.in के माध्यम से भारतीय ऑटोमोबाइल मेनुफैक्चरर्स सोसायटी की वेबसाइट पर जाने से संबंधित जिले, वाहन की श्रेणी एवं डीलर का चयन कर उच्च सुरक्षा पंजीकरण प्लेट लगवाने हेतु स्लॉट बुक किया जा सकता है। वाहनों पर एचएसआरपी लगाने की प्रक्रिया 10 अगस्त के बाद भी निरंतर उपलब्ध रहेगी ।

Governor and outgoing Governor -राज्यपाल और निवर्तमान राज्यपाल के लिये मुख्यमंत्री का अभिनंदन-वंदन कार्यक्रम

प्रदेश के नव नियुक्त राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे़ और निवर्तमान राज्यपाल कलराज मिश्र बुधवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विशेष आमंत्रण पर मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित अभिनंदन-वंदन कार्यक्रम के तहत रात्रि भोज में शामिल हुए। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्वागत संबोधन में कहा कि श्री हरिभाऊ किसनराव बागडे़ का प्रदेश के नए राज्यपाल के रूप में दायित्व ग्रहण करना हमारे लिए प्रसन्न्ता का क्षण है और जन सेवा का उनका व्यापक अनुभव प्रदेश के विकास में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रदेशवासियों की आकांक्षाओं और उम्मीदों पर हमारी सरकार खरा उतरने में सफल रहेगी। श्री शर्मा ने निवर्तमान राज्यपाल श्री कलराज मिश्र के कार्यकाल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि सार्वजनिक कार्यक्रमों, विधानसभा, विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोहों में संविधान की उद्देशिका और मूल कर्तव्यों के वाचन की शुरुआत, संविधान पार्क एवं संविधान वाटिकाओं की स्थापना के साथ ही विश्वविद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार को लेकर उनके द्वारा किए गए नवाचारों से प्रदेश लाभान्वित हुआ है। कार्यक्रम में राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे़ ने अपने संबोधन में कहा कि उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन में गांव-गरीब के कल्याण के लिए कार्य किया। सहकारिता के क्षेत्र में भी लंबे समय तक कार्य करने का अनुभव रहा है। उन्होंने कहा कि निवर्तमान राज्यपाल कलराज मिश्र द्वारा संविधान को मजबूती प्रदान करने के लिए किए गए कार्य हमेशा याद किए जाएंगे। वहीं निवर्तमान राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा कि भारतीय संविधान की प्रस्तावना विश्व की सबसे अच्छी प्रस्तावना है और यह भारतीय संस्कृति का मूर्त रूप है। श्री मिश्र ने आदिवासी क्षेत्रों के विकास एवं संवैधानिक जागरूकता के लिए किए गए विशेष प्रयासों का उल्लेख करते हुए अपने कार्यकाल के अनुभव साझा किए।

Assembly Speaker —असंसदीय आचरण को बर्दास्त नहीं करूँगा -विधान सभा अध्यक्ष

राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने मंगलवार को सदन में विधायक शान्ति धारीवाल द्वारा अससदीय आचरण पर माफी मागने के बाद कहा कि मुझे बहुत दुःख है कि इस सदन में सदन के वरिष्ठ सदस्य जो पांचवी बार विधायक निर्वाचित हुए हैं, जिन्हें सदन की प्रक्रिया तथा परम्पराओं का ज्ञान है। जो इस सदन में ससदीय कार्य मंत्री रहे हैं, जो नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री रहे हैं, जिनका कार्य सदन को मर्यादित, व्यवस्थित और अनुकरणीय बनाना है ताकि नए सदस्य उनसे प्रेरणा ले सके। ऐसे व्यक्ति जब सदन की मान मर्यादा भूलकर अमर्यादित और अपशब्दों का इस्तेमाल करते है, यह हम सबके लिए और लोकतंत्र के लिए चिंतनीय है, सोचनीय है। अध्यक्ष ने सदन में व्यवस्था देते हुए श्री धारीवाल को दो दिन सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लेने का निर्णय दिया। उन्होंने कहा कि आज और कल आप विधान सभा तो आएंगे, लेकिन सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लेंगे। मैं तो चाहता था जिस तरह का आचरण था, चार साल तक सदन के सदस्य रहने का हक नहीं था। आपके दल के सदस्यों के आग्रह और माफी के बाद मैने फैसला किया है। श्री देवनानी ने कहा कि जिस तरह का आचरण किया गया, इससे सदन की गरिमा को भारी ठेस पहुंची, आपको अंदाजा नहीं है, जब मीडिया में यह बात गई तो इस सदन की क्या गरिमा रह गई? इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। आगे से चेतावनी है कि आप आचरण ठीक रखें। सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाने पर किसी को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होने ने कहा कि हमने अबकी बार नये विधायकों के लिए प्रशिक्षण-प्रबोधन कार्यक्रम चलाया तो क्या अब वरिष्ठ विधायकों के लिए भी अलग से कोई प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जाए? हमारे लिए शर्म की बात है, पूरा राजस्थान ही नहीं, हमारी इस पवित्र विधान सभा की कार्यवाही सपूर्ण देश देख रहा है इस मान मर्यादा वाले प्रदेश की छवि पर कितना गंभीर विपरीत प्रभाव होगा इस पर हम सभी को विचार करना होगा। ऐसा आचरण न करें, जिसके लिए कठोरतम कार्यवाही करने के लिए मजबूर होना पडे।अध्यक्ष ने कहा कि आज यह मेरी अंतिम चेतावनी है और भविष्य में मुझे इस प्रकार के आचरण के लिए कठोरतम कार्यवाही करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। मेरे अध्यक्ष रहते ऐसे असंसदीय आचरण को मैं बर्दाश्त नहीं करूंगा। मुझे इस सदन का अध्यक्ष होने के नाते बहुत सारे दायित्वों में से एक कार्य सदन की मर्यादा बनाए रखना भी है।

Recruitment will be done on class IV posts for the unemployed youth of the state -प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के लिये चतुर्थ श्रेणी के पदों पर होगी भर्ती

मुख्यमंत्री ने राजस्थान विनियोग एवं वित्त विधेयक पर चर्चा के प्रत्युत्तर के दौरान सदन में बताया कि युवाओं की स्किलिंग एवं अप्रेंटिसशिप के लिए पीएम पेकेज के अंतर्गत प्रदेश के ढाई लाख से अधिक युवाओं को लाभान्वित किया जाएगा। उन्होंने भर्तियों में लगने वाले समय को कम करने के उद्देश्य से दस्तावेज सत्यापन विभागीय स्तर पर कराये जाने एवं विज्ञप्ति उपरांत रिक्तियों की संख्या में 50 प्रतिशत वृद्धि के प्रावधान को बढ़ाकर 100 प्रतिशत किये जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि चतुर्थ श्रेणी की भर्ती के नियमों में परिवर्तन किया जाकर इन पदों पर भर्ती की जाएगी। उन्होंने सीईटी के प्रावधानों में बदलाव करते हुए क्वालीफिकेशन हेतु सभी श्रेणियों के लिए न्यूनतम अंक 40 प्रतिशत एवं एससी-एसटी के लिए 35 प्रतिशत अंक किये जाने की घोषणा की। उन्होंने कालवाड़, बनीपार्क (जयपुर) सहित 6 नवीन महाविद्यालयों, 3 नवीन कन्या महाविद्यालयों, बालाहेड़ा (महवा-दौसा) में कृषि महाविद्यालय, 2 पॉलिटेक्निक एवं एक महिला पॉलिटेक्निक सहित शिक्षा के विस्तार की दृष्टि से कई महत्वूपर्ण घोषणाएं भी की। श्री शर्मा ने कहा कि आरयूएचएस का उन्नयन करते हुए एम्स दिल्ली की तर्ज पर राजस्थान इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की स्थापना की जाएगी। उन्होंने प्रदेश में राजस्थान इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा पद्धति अधिनियम-2018 के अंतर्गत इलेक्ट्रोपैथी बोर्ड का गठन किये जाने की भी घोषणा की। उन्होंने श्रीगंगानगर एवं मेडिकल कॉलेज कोटा में कैंसर मरीजों के लिए लीनियर एक्सलरेटर मशीनें उपलब्ध करवाने सहित विभिन्न चिकित्सा संस्थानों की स्थापना एवं क्रमोन्नयन की घोषणा भी की। वहीं मुख्यमंत्री ने गत सरकार द्वारा गठित कर्मचारी वेतन विसंगति परीक्षण समिति की वेतन सुधार, वेतन विसंगति संबंधी शेष सिफारिशों को 1 सितंबर, 2024 से लागू करने, राजस्थान कॉन्ट्रेक्चुअल हॉयरिंग टू सिविल पोस्ट्स रूल्स-2022 के अंतर्गत सृजित पदों के नियमित पदों में परिवर्तित किये जाने पर नियुक्ति हेतु 5 वर्ष के अनुभव की निर्धारित पात्रता अवधि में वर्ष 2024-25 में 2 वर्ष की छूट प्रदान किये जाने की घोषणा की। उन्होंने पेंशनर्स को राहत प्रदान करते हुए 70 से 75 वर्ष के पेंशनर्स के लिए 5 प्रतिशत अतिरिक्त भत्ता दिए जाने की घोषणा की।

Development authorities will be formed in Bharatpur and Bikaner -भरतपुर और बीकानेर में बनेंगे विकास प्राधिकरण

मुख्यमंत्री ने राजस्थान विनियोग एवं वित्त विधेयक पर चर्चा के प्रत्युत्तर के दौरान सदन में भरतपुर और बीकानेर यूआईटी का उन्नयन कर वहां विकास प्राधिकरण का गठन करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों में जन सुविधा के कार्य समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण सम्पादित करने के उद्देश्य से जिला स्तर पर जिला नगरीय आयुक्त की नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने कहा कि द्रव्यवती नदी के विकास के लिए नवीन योजना बनाई जाएगी। उन्होंने 10 हजार से अधिक आबादी वाले कस्बों एवं निकटवर्ती गांवों को शामिल करते हुए 100 कलस्टरों में चरणबद्ध रूप से फेकल स्लज मैनेजमेंट के कार्य एवं दौसा शहर में सीवरेज मास्टर प्लान, सूरजगढ़ (झुंझुनूं), सांगोद (कोटा) में सीवरेज लाईन के कार्य, चेचट एवं खैराबाद कस्बों में क्षतिग्रस्त नालों की सफाई एवं पुनर्निर्माण कार्यों की घोषणा भी की।