OBCs renewed in police service: पुलिस सेवा में OBC को आरक्षण खत्म

राजस्थान पुलिस सेवा में अब ओबीसी वर्ग के लोगों को आयु 5 साल की छूट नहीं मिलेगी। सरकार ने 5 साल की छूट का प्रवधान ने खत्म कर दिया है। इस मामले में सरकार ने 18 जुलाई को 2024 को नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद प्रदेश की राजनीति में धूंआ उठना शुरू हो गया है।

SriGanganagar MLA- भाजपा विधायक जयदीप बिहाणी के खिलाफ मामला दर्ज

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श्रीगंगानगर में विधायक जयदीप बिहाणी सहित कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। कोतवाली थाना प्रभारी पृथ्वीपाल सिंह के बतायेनुसार होम्यो क्लीनिक संचालक श्यामसुंदर जो विनोबा बस्ती निवासीने है ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि 17 जून को वह अपनी क्लीनिक पर काम कर रहा था। इस दौरान मनीष गर्ग, मनीष प्रजापत आदि लोग आए और उसे जबरदस्ती अपनी गाड़ी में डालकर स्वामी दयानंद मार्ग पर एक दुकान पर ले गए। वहां इन लोगों ने सोशल मीडिया पर किए गए कमेंट पर अपनी नाराजगी जताई। जब उसने अपनी गलती नहीं मानी तो इन लोगों ने उससे मारपीट करना शुरू कर दिया। उसे मरणासन्न कर दिया। थाना प्रभारी ने बतया कि श्यामसुंदर के बयान पर विधायक सहित अन्य लोगों के खिलाफ धारा 323, 341, 382, 365 के तहत एफआइआर दर्ज हैं। घायल अवस्था में पीडि़त को जिला चिकित्सालय में भर्ती किया गया। इसके बाद वहां से बीकानेर रैफर कर दिया।

ये है मामला:— संचार माध्यमों के अनुसार विधायक बिहाणी के जन्म दिन से पहले उनके समर्थकों ने जन्म दिन मनाने की पोस्ट सोशल मीडिया में वायरल की थी। इस पर श्यामसुंदर ने जन्म दिन मनाने पर कुछ कमेंट कर दिए थे। इन कमेंट में जाति विशेष पर टिप्पणी करने पर कोतवाली पुलिस ने श्यामसुंदर के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसके बाद उससे मारपीट कर घायल करने पर परिवाद आया था। थाना प्रभारी ने एसपी से अनुमति लेकर विधायक और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

एसपी के बोले:— पुलिस अधीक्षक गौरव यादव ने बताया कि विधायक बिहाणी का नाम मारपीट की घटना में आया है। इस संबंध में पीडि़त की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई है। इस मामले की जांच सीआईडी सीबी करेगी। जांच में जो भी तथ्य आएंगे उसके अनुरूप कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

Dhritarashtra— विधनसभा में धृतराष्ट्र शब्द से विवाद

विधानसभा अध्यक्ष की तुलना धृतराष्ट्र से करने पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मांगी माफी। और कहा जरूरत पड़ी तो अविश्वास प्रस्ताव भी लायेंगे।सदन में हंगामा, कार्रवाई 1 घंटे लिए स्थगित।

CELC एवं ECMP आधार ऑपरेटर के लिए 26 जुलाई तक किया जा सकेंगे आवेदन

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जयपुर जिले एवं जयपुर ग्रामीण जिले के अनकवर्ड क्षेत्रों में आधार नामांकन एवं अद्यतन सेवाएं उपलब्ध करवाने हेतु ECMP आधार केन्द्रों एवं 0 से 5 वर्ष के बच्चों के आधार नामांकन एवं आधार में मोबाइल नंबर अपडेशन की सुविधाएं मुहैया करवाने हेतु CELC आधार केन्द्रों की स्थापना की जाएगी। अतिरिक्त जिला कलक्टर उत्तर श्रीमती अल्का विश्नोई ने बताया कि CELC एवं ECMP आधार ऑपरेटर के लिए 26 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन किये जा सकेंगे। सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के उपनिदेशक श्री ऋतेष कुमार शर्मा ने बताया कि जिला जयपुर एवं जिला जयपुर ग्रामीण के अनकवर्ड क्षेत्रों में आधार नामांकन एवं अद्यतन की सेवाएं उपलब्ध करवाने हेतु ECMP आधार केन्द्र एवं 0 से 5 वर्ष के बच्चों के आधार नामांकन एवं आधार में मोबाइल नम्बर अद्यतन की सेवाएं उपलब्ध करवाने हेतु CELC आधार केन्द्र स्थापित किया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया के तहत रजिस्ट्रार (सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग) के अधीन नामांकन एजेंसी (राजकॉम्प इन्फोसिस्टम लिमिटेड) द्वारा ऑपरेटर को यूआईडीएआई नई दिल्ली से आधार (पंजीकरण एवं अपडेट) विनियम 2016 अनुसार कार्य हेतु आईडी अथवा क्रिडेंशियल जारी कराया जाना भी प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि यूआईडीएआई नई दिल्ली एवं सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग, राजस्थान द्वारा निर्धारित निर्बन्धनों एवं शर्तों अनुसार कार्य करने का इच्छुक एवं पात्र आवेदक ECMP आधार ऑपरेटर एवं CELC आधार ऑपरेटर पद के लिए sso.rajasthan.gov.in पर राज आधार पोर्टल पर स्वंय की एसएसओ आईडी से 20 जुलाई से दिनांक 26 जुलाई 2024 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। आवेदक जिले की वेबसाइट jaipur.rajasthan.gov.in पर सिटीजन कार्नर में “Public Utilities” Option के अन्तर्गत CELC आधार ऑपरेटर के लिए “Child Enrollment Lite Client” पर एवं ECMP आधार ऑपरेटर के लिए “Aadhaar Enrollment Center” पर जा कर चयनित क्षेत्रों की सूचना, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया एवं अन्य शर्तों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

Dhritarashtra— विधनसभा में धृतराष्ट्र शब्द से विवाद

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विधानसभा अध्यक्ष की तुलना धृतराष्ट्र से करने पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मांगी माफी। और कहा जरूरत पड़ी तो अविश्वास प्रस्ताव भी लायेंगे।सदन में हंगामा, कार्रवाई 1 घंटे लिए स्थगित। https://youtu.be/G2kJOUcJgAI

Groundwater Exploitation- प्रदेश में अब भूजल दोहन पर होगी पर्यावरण सुरक्षा एक्ट 1986 के तहत कार्यवाई

प्रदेश में भूजल का दोहन किसानों के अलावा अन्य किसी को बिना एनओसी के नहीं किया जा सकेगा। इसके लिए विभाग द्वारा किसानों को जागरूक भी किया जाएगा। साथ ही गिरते भूजल स्तर की स्थिति को मद्देनजर रखते हुए अधिक भूजल दोहन पर रोक लगाने के लिए सभी नए और विस्तारित उद्योग, उद्योग जो विस्तार करना चाहते हैं, बुनियादी ढांचा परियोजना, खनन परियोजना थोक जलापूर्ति, शहरी जल आपूर्ति योजनाएं एवं खारा जल निष्कर्षण हेतु भूजल के उपयोग के लिए एनओसी की अनिवार्यता को कठोरता से लागू करने का निर्णय लिया गया है। इनके द्वारा जितनी मात्रा में भूजल का दोहन किया जाएगा उसके निर्धारित अनुपात में भूजल का रिचार्ज किया जाना जरूरी होगा तभी जाकर इस श्रेणी को एनओसी प्रदान की जाएगी।वहीँ कुछ श्रेणियां में एनओसी लेने की छूट भी दी गई है। साथ ही केन्द्रीय भूमि जल प्राधिकरण द्वारा प्रदत्त गाइडलाइन की पालना नहीं करने पर अवैध ट्यूबवेलों को सील करने, विद्युत सप्लाई को रोकने, उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने जैसे कदम उठाये जायेंगे। भूजल मंत्री कन्हैया लाल ने बताया कि वर्ष 2023 के भूजल संसाधन के आकलन के अनुसार राज्य के कुल 302 ब्लॉकों में से 216 ब्लॉक्स में अतिभूजल दोहन (100 प्रतिशत से अधिक) किया जा रहा है। प्रदेश के केवल 38 क्षेत्र भूजल की दृष्टि से सुरक्षित क्षेत्र हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में न केवल भूजल का स्तर गिर रहा है बल्कि भूजल में बढ़ते टीडीएस, नाइट्रेट और फ्लोराइड के कारण भूजल की गुणवत्ता में भी कमी आई है। प्रदेश में भूजल का दोहन लगभग 148 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में गिरता भूजल स्तर चिंता का विषय है और इस संबंध में तुरंत एक्शन लिया जाना जरूरी है।  

इनके लिए एनओसी लेना अनिवार्य—भूजल विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने बताया कि बड़े उद्योग बिना एनओसी भूजल दोहन नहीं कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि सभी नए और मौजूदा उद्योग, उद्योग जो विस्तार करना चाहते हैं, आधारभूत ढांचे से जुड़ी परियोजनाएं, खनन परियोजनाएं, वृहत जल आपूर्ति, शहरी जल आपूर्ति योजनाएं, खारा जल निष्कर्षण के लिए एनओसी लेना अनिवार्य होगा।

इन श्रेणियों में एनओसी की अनिवार्यता की छूट— डॉ शर्मा ने बताया की कुछ श्रेणियां में एनओसी लेने की छूट दी गई है। व्यक्तिगत घरेलू उपभोक्ता द्वारा पीने के पानी एवं घरेलू कार्यों में उपयोग का पानी, ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजनाएं, सशस्त्र सेना और केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल प्रतिष्ठान, कृषि कार्य के लिए, छोटे और लघु उद्योग (10 क्यूबिक मीटर प्रतिदिन से कम भूजल निकालते हैं), सभी उद्योग-खनन आधारभूत परियोजनाएं जो केवल पीने या घरेलू उपयोग के लिए 5 क्यूबिक मीटर प्रतिदिन तक भूजल निकालते हैं, आवासीय अपार्टमेंट और ग्रुप हाउसिंग सोसायटी, पीने के पानी एवं घरेलू कार्य के लिए (प्रतिदिन 20 क्यूबिक मीटर भूजल का दोहन), सरकारी योजनाओं के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की आवासीय इकाइयां को एनओसी लेने से छूट दे गयी है।

एनओसी के लिए ये रहेगी अनिवार्यता— एनओसी प्राप्त करने के लिए कुछ अनिवार्य शर्तें रखी गई हैं। जिसमें टेलिमेटरिक सिस्टम युक्त टैंपर प्रूफ डिजिटल वाटर फ्लो मीटर लगाना, रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग एवं रिचार्ज स्ट्रक्चर का निर्माण, डिजिटल जल प्रवाह मीटर के साथ पिजोमीटर लगाना, समय-समय पर भूजल की गुणवत्ता का विश्लेषण और मॉनिटरिंग आवश्यक होगी। इसकी अतिरिक्त कुछ विशिष्ट दिशा निर्देश भी दिए गए हैं, जिसके अनुसार उद्योगों को उचित जल प्रबंधन की तकनीक काम में लेनी होगी जिससे भूजल पर निर्भरता कम हो सके। उपचारित या अनुपचारित जल को एक्वायफर में डालना पूर्णतया निषेध होगा। साथ ही भूजल को प्रदूषित करने की रोकथाम करने के प्रयासों को सुनिश्चित करना होगा। खनन उद्योगों के लिए खनन गतिविधियों, डस्ट सस्पेंशन के दौरान किए जाने वाली जल निकासी प्रक्रिया के दौरान काम में लिए गए जल का उपयोग करना अनिवार्य किया गया है। आधारभूत ढांचों के प्रोजेक्ट में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण अनिवार्य किया गया है।

ट्यूबवेल की खुदाई मशीन का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य — प्रदेश में ट्यूबवैल की खुदाई की ड्रिलिंग रिग (खुदाई मशीन) का रजिस्ट्रेशन भी अनिवार्य होगा और इन पंजीकृत ड्रिलिंग रिग्स द्वारा खोदे गए ट्यूबवेल का डेटाबेस भी रखा जाएगा।

जिला मजिस्ट्रेट एवं उपखण्ड मजिस्ट्रेट को पालना सुनिश्चित करने के लिए किया अधिकृत— केन्द्रीय भूमि जल प्राधिकरण (सीजीडब्ल्यूए) ने भूजल दोहन के लिए एनओसी का उल्लंघन करने वालों, एनओसी के लिए आवेदन नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का जिला कलक्टर और प्रत्येक उपखंड के एसडीएम को अधिकार दिए हैं। राज्य सरकार ने सभी जिला मजिस्ट्रेट एवं उपखण्ड मजिस्ट्रेट से केंद्रीय भूमि जल प्राधिकरण द्वारा प्रदत्त गाइडलाइंस की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। भूजल दोहन के लिए केंद्रीय भूमि जल प्राधिकरण की एनओसी लेना अनिवार्य होगा। गाइडलाइन की उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें अवैध ट्यूबवेलों को सील करना, अवैध ट्यूबवेलों की विद्युत सप्लाई को रोकना, उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पर्यावरण सुरक्षा एक्ट 1986 की अनुपालना में अभियोजन की कार्यवाही करना शामिल हैं।

EWS- प्रदेश में अब ईडब्ल्यूएस को भी मिलेगा ऋण, विधानसभा में प्रावधान पारित

प्रदेश में गुरूवार को सदन में 1 खरब 18 अरब से अधिक रूपये की अनुदान मांगें ध्वनिमत से पारित की गई। यह मांग सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के लिये पारित की गई थी। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत सदन में मांग संख्या -31 पर अनुदान मांगों को लेकर चर्चा कर रहे थे। इस दौरान उन्होने 1 खरब 18 अरब 72 करोड़ 89 लाख 37 हजार रूपये की अनुदान मांगें ध्वनिमत से पारित करा दी। उन्होने सदन को बताया कि आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग के युवाओं को रोजगार, बालिकाओं को सम्बल और परिवारों की सामाजिक सुरक्षा के लिए पहली बार 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मंत्री ने बताया कि पहली बार अनुजा निगम के माध्यम से ईडब्ल्यूएस को ऋण उपलब्ध कराने के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं मंत्री ने प्रदेश में पहली बार मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी गम्भीर बीमारी से ग्रसित विशेष योग्यजनों को एक लाख रुपये तक की व्हील चेयर दिये जाने की घोषणा की। साथ ही सदन को यह भी बताया कि सामाजिक ऩ्याय एवं अधिकारिता विभाग घुमन्तु समुदाय की पहचान के लिए पहचान प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, वोटर आईडी जैसे प्रमाण पत्र जारी करवाने के लिए जिलों में घुमन्तु सहायता शिविर लगायेगा।। इनके आवास के लिए मुख्यमंत्री घुमन्तु आवास योजना का क्रियान्वयन किया जाएगा। और अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के लिए अम्बेडकर तीर्थ योजना शुरू की जा रही है, जिसके अन्तर्गत उन्हें डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जीवनी से जुड़े स्थलों का भ्रमण करवाया जाएगा।

Bulldozer Action —प्रदेश में हाईकोर्ट के आदेश पर फिर गरजा बुलडोजर

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प्रदेश की राजधानी जयपुर में हाईकोर्ट के आदेश पर अवैध निर्माण पर कार्यवाही हो या ना हो लेकिन प्रदेश के कई शहरों में बुलडोजर जरूर चल रहे हैं। प्रदेश में दुसरी बड़ घटना है, जहां हाई कोर्ट की पालना में कई घर उजाड़ दिये। मामला शाहपुरा जिले का है। यहां भीलवाडा- अजमेर रोड़ पर बसे रायला कस्बे में धर्म तालाब में अवैध रूप से किए गए निर्माण पर प्रशासनने बुलडोजर चला दिये। प्रशासन ने धर्म तालाब में बने मकानों को हटाने के लिए 10 बजे तक का समय दिया था। वहीं भारी पुलिस बल की तैनाती में तालाब में अतिक्रमण कर बनाई गई करीब आधा किलोमीटर सड़क को जेसीबी की मदद से तोड़ा गया। बनेड़ा उपखंड अधिकारी श्रीकांत व्यास ने पत्रकारों को बताया कि धर्मतालाब के बीच हो रहे अतिक्रमण को जल्द से जल्द हटाया जाएगा। उन्होने कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट के आदेशानुसार अवैध रूप से हुए अतिक्रमण को मुक्त करना है।   आपको बतादें कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल भोपाल ने धर्म तालाब में अतिक्रमण को लेकर रायला ग्राम पंचायत पर नाराजगी जताई हैं। ट्रिब्यूनल ने तत्कालीन सरपंच और उनके पति पर 2 करोड़ का जुर्माना लगाया है। धर्मतालाब में अतिक्रमण होने के कारण पानी की आवक पूरी तरह रुक गया है। अगर अतिक्रमण मुक्त होता है तो पानी की समस्याओं से काफी निजात मिलेगी। वहीं पीड़ीत परिवारो का कहना है कि जब हमने मकान बनाए तब हमने पट्टा और रजिस्ट्री करवाई थी, तब प्रशासन कहा गया था। अगर जमीन गलत थी तो हमें पटृा क्यों दिया। और अतिक्रमण कर रखा है तो बैंक ने होम लोन क्यों दिया है? प्रशासन दोनों ओर क्यों है? अगर पट्टा रजिस्ट्री नहीं मिलती तो हम मकान नहीं बनाते। लोग अपने मकान बचाने के लिए प्रशासन से बार-बार यही अपील कर रहे हैं की हम दोषी नहीं है, हमने ये मकान मेहनत से बनाया है।

Rajasthan VidhanSabha- विधानसभा में 8 लीटर शराब घर रखने की उठी मांग

राजस्थान विधानसभा में अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान विधायक ने 8 लीटर शराब घर रखने की मांग उठाई। कांग्रेस के विधायक गणेश घोघरा ने आज आदिवासी समाज के मुद्दों पर चर्चा करते हुए 8 लीटर शराब घर में रखने की मांग कर डाली। उन्होने सदन में कहा कि आदिवासी की बात सब लोग करते हैं, लेकिन धरातल पर आदिवासी समाज के लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। इस दौरान घोघरा मांग उठाते हुए कहा कि एक तरफ़ राजस्थान सरकार ने अंग्रेज़ी शराब की बड़ी-बड़ी दुकानें खोल रखी है। अमीर आदमी के लिए शराब उपलब्ध है, लेकिन आदिवासी बेल्ट में 1 या दो लीटर शराब भी किसी आदिवासी के पास मिल जाए तो पुलिस झूठा मुक़दमा बनाकर उसे पैसे वसूलती है। ऐसे में शादी-ब्याह, वार-त्योहार पर आदिवासियों को आठ लीटर महुए की शराब घर रखने की छूट दी जाए।

Babulal Kharadi —भील प्रदेश की मांग पर मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने कहा

खराड़ी ने कहा कि हम सामाजिक समरसता में विश्वास रखते हैं। छोटे राज्य होना चाहिए, लेकिन जाति आधारित राज्य की मांग जायज नहीं है। हमारी तरफ से ऐसा प्रस्ताव केंद्र को नहीं भेजा जाएगा।

आदिवासी क्षेत्रों के विकास को लेकर राज्य और केंद्र से फंड मिल रहा है। सरकार ने 1500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है, यह बजट के अतिरिक्त है। कर्मचारियों का अलग कैडर है, भर्तियां भी हमारा ही विभाग करेगा।

-बाबूलाल खराड़ी