ERCP: प्रदेश में ईआरसीपी के लिये रविवार से टेस्टिंग

प्रदेश में पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ERCP) के लिये कोटा के पीपल्दा विधानसभा में काली सिंध नदी पर तैयार पहले नोनेरा एबरा बांध की रविवार से टेस्टिंग शुरू होगी। इसके लिये जल संसाधन विभाग 8 सितंबर से 12 सितंबर तक बांध में पानी भरा जायेगा। जल संसाधन विभाग के अनुसार कोटा कलेक्टर रविंद्र गोस्वामी ने टेस्टिंग की अनुमति दे दी है। टेस्टिंग के दौरान रविवार 8 सितम्बर से 12 सितंबर तक कोटा-इटावा स्टेट हाईवे-70 बंद रहेगा।
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टेस्टिंग कार्यक्रम के अनुसार पहले बांद में पानी भर ने के लिये पानी छोड़ा जायेगा और फिर गेट खोल कर इसकी टेस्टिंग की जायेगी। किसी भी हानि से बचने के लिये प्रशासन ने ढिबरी की काली सिंध नदी में पानी आने की आशंका को देखते हुए यातायात को बंद किया जाएगा। कोटा ग्रामीण एसपी करण शर्मा के अनुसार टेस्टिंग के दौरान स्टेट हाईवे 70 कोटा-श्योपुर राजमार्ग पूर्णत: बंद रहेगा। श्री शर्मा ने आमजन से अपील की है कि प्रशासन का सहयोग करें और वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करते हुए वाहन चालक गेंता माखिदा के रास्ते कोटा पहुंचे वहीं बारां जिले के अंता होकर भी कोटा पहुंचा जा सकता है। आपको बतादें कि ईआरसीपी योजना के तहत पहला बांध अब पूर्ण रूप से बनकर तैयार है। नई सरकार के गठन के बाद 4 फरवरी 2024 को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और तत्कालीन केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राजस्थान की खास परियोजना के लिये निर्माण किया जा रहे इस बांध का दौरा किया था। अब ये बांध लगभग पूर्ण हो चुका है।

Teacher honor ceremony: विकसित राजस्थान की यात्रा में शिक्षक बड़े साझेदार —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता हैं, वे नव पीढ़ी में चरित्र-निर्माण की मजबूत नींव डाल कर सक्षम नागरिक रूपी भवन का निर्माण कर रहे हैं। उनकी शिक्षा-ज्ञान से ही मनुष्य विचारशील और करुणा व सहानुभूति के भाव से समृद्ध होता है और एक प्रगतिशील व समावेशी समाज बनाता है। श्री शर्मा गुरूवार को बिड़ला सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारी भारतीय परंपरा में गुरु का स्थान सर्वाेपरि रहा है। शिक्षक प्रतिबद्धता और परिश्रम से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाते हैं और समर्पण एवं निष्ठा से विद्यार्थियों के जीवन को समृद्ध बनाते हैं। इसलिए विद्यालय केवल अच्छे भवन, महंगे उपकरण या सुविधाओं से नहीं बल्कि शिक्षकों के अमूल्य ज्ञान से बनता है।

teacher honor ceremonyगुरु बिन सब सून-

समारोह में मुख्यमंत्री अपने शिक्षक श्री शंकरलाल शर्मा को देखकर भावुक हो गए। वे मंच से उतरे, गुरु के चरण स्पर्श किए, उन्हें अपने निकट बैठाया और स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका अभिनन्दन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक अपने शिष्यों की सफलता के लिए अथक परिश्रम करते हैं। वे एक कुम्हार की तरह होते हैं जो मिट्टी को अपने अनुभव से गूंथता है और एक सुंदर प्रतिमा बनाता है। उनके समर्पण का कोई मोल नहीं है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपने बाल्यकाल में शिक्षा प्राप्त करने के अनुभव भी मंच से साझा किए।

हमारे शिक्षक विकसित राजस्थान के निर्माणकर्ता-

श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश के शिक्षक अन्य राज्यों की तुलना में ज्यादा प्रतिभाशाली हैं। उनमें प्रदेश के शिक्षा के ढांचे को और उन्नत करने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के योगदान से प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में शीघ्र ही सिरमौर बनेगा। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि जहां भी आवश्यकता होगी वहां विद्यालयों का क्रमोन्नयन होगा और नए विषय भी प्रारंभ होंगे।

Industry: राजस्थान में उद्योग के लिए अपार संभावनाएं हैं — मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान में उद्योग के लिए अपार संभावनाएं हैं। राज्य सरकार उद्योगपतियों के लिए निवेश अनुकूल वातावरण तैयार करने और हर सेक्टर में निवेश को आकर्षित करने के लिए दूरदर्शिता के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार राज्य को आर्थिक विकास और निवेश के हब के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। श्री शर्मा गुरूवार को जयपुर में आयोजित दो दिवसीय इकोनोमिक टाइम्स राजस्थान बिजनेस समिट को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस समिट के आयोजन से विचारों का आदान-प्रदान कर अवसरों की पहचान की जाएगी तथा नई-नई साझेदारियां बनाई जाएंगी। उन्होंने आशा जताई कि इस दो दिवसीय समिट से प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए सकारात्मक सुझाव प्राप्त होंगे जिस पर अमल कर राजस्थान देश के अग्रणी प्रदेशों में शुमार हो सकेगा तथा 2047 तक विकसित भारत-विकसित राजस्थान के विजन को गति मिलेगी।

Industryहमारी सरकार विकास के लिए घंटों में ले रही निर्णय

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में एक फिल्म निर्माता ने राजस्थान में फिल्मसिटी की जरूरत के बारे में बताया तो सरकार द्वारा चार घंटों में ही जमीन चिन्हित कर उसके आवंटन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई। हमारी सरकार महीनों और दिनों में नहीं घंटों में राज्य के विकास के लिए निर्णय ले रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के उद्यमियों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के लिए ऊर्जा क्षेत्र में 2 लाख 24 हजार करोड़ रुपये के एमओयू कर ज्वाइंट वेंचर बनाने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। उन्होंने आश्वस्त किया कि हमारी सरकार केवल एमओयू साइन करने में ही नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारने में विश्वास रखती है।

सार्वजनिक-निजी भागीदारी से औद्योगिक विकास को मिलेगी गति

श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा निवेशकों को लाभदायक माहौल देने के लिए लगातार नई नीतियां बनाई जा रही हैं। राजस्थान औद्योगिक नीति, निवेश प्रोत्साहन योजना, निर्यात प्रोत्साहन योजना, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउस नीति, डेटा सेंटर नीति और एमएसएमई नीति इसी दिशा में हमारे ठोस प्रयासों का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी से औद्योगिक विकास को गति मिलती है। पीपीपी मॉडल से बड़ी औद्योगिक परियोजना एवं सुदृढ आधारभूत ढांचे के विजन को पूरा किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि राज निवेश पोर्टल के माध्यम से अब कोई भी निवेशक दुनिया के किसी कोने से प्रदेश में निवेश के लिए आवेदन कर सकता है।

राज्य की भौगोलिक स्थिति निवेशकों के लिए फायदेमंद

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान क्षेत्रफल के हिसाब से भारत का सबसे बड़ा राज्य है तथा आर्थिक दृष्टि से भी अत्यधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राज्य में सोना, लौह अयस्क, कच्चा तेल, प्राकृतिक स्टोन, यूरेनियम और लिथियम जैसे खनिज संसाधन उपलब्ध हैं। साथ ही, राजस्थान मसालों, सुगंधित फसलों एवं मोटे अनाज के उत्पादन में अग्रणी हैं। अनुकूल भौगोलिक परिस्थितियांे से उद्योगपतियों के लिए यहां निवेश करना फायदेमंद साबित होगा।

राइजिंग राजस्थान से उद्यमियों के लिए निवेश की राह होगी आसान

श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश में निवेशकों को अनुकूल वातावरण देने के लिए 9 से 11 दिसम्बर तक ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 का आयोजन किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा आयोजन को सफल बनाने और दुनिया भर के उद्यमियों को इससे जोड़ने के लिए विभिन्न स्थानों पर रोड शो और इन्वेेस्टर मीटिंग का लगातार आयोजन किया जा रहा है। इसी सिलसिले में मुंबई में आयोजित पहले इन्वेस्टर मीट में निवेशकों का अपार उत्साह देखने को मिला और इसमें 4.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।

RAS Recruitment-2024: आरएएस भर्ती-2024 के लिए ऑनलाइन आवेदन 19 सितंबर से

राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा बुधवार को आरएएस प्रारंभिक परीक्षा- 2024 सहित 2 अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रस्तावित दिनांक जारी की गई। आयोग सचिव ने बताया कि राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (प्रारंभिक) परीक्षा-2024 का आयोजन 2 फरवरी 2025 को किया जाना प्रस्तावित है। सहायक मत्स्य विकास अधिकारी प्रतियोगी परीक्षा-2024 का आयोजन 26 अक्टूबर 2025 एवं समूह अनुदेशक/सर्वेयर/सहायक शिक्षुता सलाहकार ग्रेड-द्वितीय प्रतियोगी परीक्षा का आयोजन 9 नवंबर 2025 को प्रस्तावित किया गया है। उक्त परीक्षाओं का विस्तृत कार्यक्रम यथा समय जारी कर दिया जाएगा। वहीं राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं के पदों हेतु ऑनलाइन आवेदन 19 सितंबर 2024 से 18 अक्टूबर 2024 की रात्रि 12 बजे तक किए जा सकेंगे। सहायक मत्स्य विकास अधिकारी के पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन 11 सितंबर से 10 अक्टूबर 2024 की रात्रि 12 बजे तक और समूह अनुदेशक/सर्वेयर/सहायक शिक्षुता सलाहकार ग्रेड-।। के पदों हेतु ऑनलाइन आवेदन 17 सितंबर से 16 अक्टूबर 2024 की रात्रि 12 बजे तक किए जा सकेंगे। आपको बता दें कि राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा 2 सितंबर 2024 को राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं भर्ती-2024 के अन्तर्गत राज्य सेवाएं के 346 और अधीनस्थ सेवाएं के 387 कुल 733 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया। इसके अतिरिक्त आयोग द्वारा सहायक मत्स्य विकास अधिकारी के कुल 8 पद एवं समूह अनुदेशक/सर्वेयर/सहायक शिक्षुता सलाहकार ग्रेड-।। के 68 पदों के लिए भी विज्ञापन जारी किए गए हैं। शैक्षणिक योग्यता, वर्गवार वर्गीकरण, आवेदन प्रक्रिया एवं अन्य जानकारी संबंधी विस्तृत सूचनाऐं आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

Cabinet: प्रदेश में मंत्रिमण्डल ने लिये कई महत्वपूर्ण फैसले

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित मंत्रिमण्डल की बैठक में महिला सशक्तीकरण, विशेष योग्यजन एवं वृद्धजन कल्याण और प्रदेश के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले किए गए। प्रदेश में भाजपा ने विधानसभा चुनाव से पहले ‘आपणो अग्रणी राजस्थान संकल्प पत्र-2023‘ के तहत महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस बल में महिलाओं की न्यूनतम 33 प्रतिशत भर्ती करने का वादा किया था। इसी क्रम में मंत्रिमण्डल ने राजस्थान पुलिस अधीनस्थ सेवा नियम, 1989 में संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया है। मंत्रिमण्डल के निर्णय अनुसार कार्मिक विभाग इस संबंध में शीघ्र अधिसूचना जारी करेगा। इस निर्णय से प्रदेश में महिलाओं को रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध होगे और राजस्थान पुलिस में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ेगा। वहीं महिलाओं से जुड़े मामलों में पुलिस और अधिक संवेदनशीलता के साथ कार्य कर सकेगी। मंत्रिमण्डल ने विशेष योग्य बच्चों के लिये भी खास निर्णय लिया है। इस के तहत राज्य सरकार के कार्मिकों की सेवानिवृत्ति पर अन्य पात्र सदस्य के नहीं होने पर स्थायी रूप से विशेष योग्य बच्चों, आश्रित माता-पिता और विशेष योग्य भाई-बहनों का नाम भी पेंशन पेमेंट ऑर्डर (पीपीओ) में जोड़ने के लिये मंत्रिमण्डल ने राजस्थान सिविल सेवा पेंशन नियम, 1996 के नियम 67 एवं 87 में संशोधन किया है। वहीं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधानसभा में राजस्थान विनियोग एवं वित्त विधेयक पर चर्चा के दौरान पेंशनर्स को राहत देते हुए 70 से 75 वर्ष के पेंशनर एवं पारिवारिक पेंशनर के लिए 5 प्रतिशत अतिरिक्त भत्ता दिए जाने की घोषणा की थी। इस क्रम में राजस्थान सिविल सेवा पेंशन नियम, 1996 के नियम 54बी को प्रतिस्थापित किए जाने की मंजूरी भी आज कैबिनेट में प्रदान की गई। भजन सरकार ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिये सरकारी नौकरियों में 2 प्रतिशत आरक्षण का प्रवधान किया है। इस संबंध में मंत्रिमण्डल ने दो सेवा नियमों “राजस्थान लैंग्वेज एण्ड लाइब्रेरी (स्टेट एण्ड सबॉर्डिनेट) सर्विस रूल्स, 2013” एवं “राजस्थान एक्साइज लैबोरेटरी (स्टेट एण्ड सबॉर्डिनेट) सर्विस रूल्स, 2015‘‘ में सम्मिलित कर सेवा नियमों में संशोधन के प्रारूप को अनुमोदन किया गया है।

Chief Minister: अधिकारी समर्पण और निष्ठा भाव के साथ कार्य करें —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों को बजटीय घोषणाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी समर्पण-निष्ठा के साथ राज्य सरकार की घोषणाओं एवं लक्ष्यों को तय समय में पूरा करें। श्री शर्मा बुधवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में परिवर्तित बजट वर्ष 2024-25 की घोषणाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गुड गवर्नेंस का मॉडल स्थापित करके आमजन की सेवा करना राज्य सरकार का प्रमुख ध्येय है। बजटीय घोषणाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर कार्यवाही लंबित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि घोषणाओं के क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक बाधाओं को चिन्हित कर उनका त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
Chief Minister
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मुख्यमंत्री ने सरिस्का, रणथम्भौर एवं चंबल घड़ियाल अभ्यारण्य, कोटा का ईको सेंसेटिव जोन के रूप में चिन्हिकरण कर मास्टर प्लान बनाने, मेडिकल कॉलेजेज में हिन्दी माध्यम से शिक्षा प्रदान करने, ऊर्जा उत्पादन के लिए निजी क्षेत्र को अधिक प्रोत्साहन देते हुए कैप्टिव पावर उत्पादन की सीमा को 200 प्रतिशत करने, स्टेट कैरिज वाहनों के लिए उप नगरीय श्रेणी के 40 नए मार्ग बनाने आदि बजट घोषणाओं की समीक्षा कर उचित दिशा-निर्देश प्रदान किए। उन्होंने नगरीय विकास विभाग को जयपुर मैट्रो का विस्तार के लिए ज्वॉइंट वेंचर कंपनी पर शीघ्र कार्य करने के निर्देश दिए। वहीं मुख्यमंत्री ने जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग को प्रदेश में खुले बोरवेल रखने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खुले बोरवेल से जनहानि का खतरा रहता है। ऐसी कई घटनाएं प्रदेश के कई अंचलों में हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं की प्रभावी रोकथाम के लिए विभागीय दल नियमित निरीक्षण करें और खुले बोरवेल रखने वालों पर सख्त कार्रवाई करें। विभागीय शासन सचिव समित शर्मा ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि खुले बोरवेल पर निगरानी एवं कार्रवाई करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया जा रहा है। श्री शर्मा ने वित्त विभाग को स्मार्ट सिस्टम के अंतर्गत ऑटोमेटेड सर्विस डिलिवरी सुविधा शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस सिस्टम के माध्यम से आमजन को 25 सेवाएं 24 घण्टों की सीमा में उपलब्ध करवायी जाएगी। उन्होंने सफाई कर्मचारियों के लिए आरजीएचएस के अंतर्गत लंग्स, किडनी एवं स्किन जैसी संबंधित बीमारियों से संबंधित निःशुल्क विशेष पैकेज शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में औद्योगिक निवेश का अनुकूल माहौल बनाने के लिए कार्य कर रही है। ऊर्जा भण्डारण नीति-2024 और नई पर्यटन नीति के साथ-साथ बजट में भी अन्य कई महत्वपूर्ण नीतियों की घोषणा की गई है। 9 से 11 दिसम्बर तक जयपुर में आयोजित होने जा रही ‘राइजिंग राजस्थान’ समिट के परिप्रेक्ष्य में इन नीतियों को शीघ्र ही अंतिम रूप प्रदान किया जाए।

Special financial assistance fund: विशेष वित्तीय सहायता निधि का उपयोग 31 मार्च, 2025 तक करें —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि केन्द्र सरकार की विशेष वित्तीय सहायता योजना से होने वाले कार्यों को तय समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए, ताकि प्रदेश में बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए इस योजना का अधिकतम लाभ प्राप्त हो सके। श्री शर्मा बुधवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में केन्द्र सरकार की पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना के संबंध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि योजना के तहत प्राप्त होने वाली निधि का उपयोग 31 मार्च, 2025 तक ही किया जा सकता है। ऐसे में समय-सीमा का ध्यान रखते हुए इस राशि का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस योजना के अंतर्गत पीएचईडी, जल संसाधन विभाग की परियोजनाओं, पुलिस कार्मिकों के लिए आवास और यूनिटी मॉल के निर्माण के लिए पहली किस्त के रूप में प्राप्त राशि का शीघ्र उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि दूसरी किस्त जल्द से जल्द जारी हो सके। उन्होंने आइकॉनिक टूरिस्ट सेंटर के चिन्हीकरण, पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग, औद्योगिक विकास के लिए अपेक्षित नीतिगत सुधारों सहित अन्य बिंदुओं पर समीक्षा की। साथ ही, राज्य के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भू-सुधार, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से संबंधित बिंदुओं के लिए निर्धारित माइलस्टोन की पूर्ति करते हुए रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।

‘Ramashraya’: प्रदेश में ‘रामाश्रय’ के तहत 6 लाख बुजुर्गों का हुआ उपचार

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में वृद्धजनों को सुगमतापूर्वक विशेष स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्थापित किए गए रामाश्रय वार्ड (जेरियाट्रिक वार्ड एवं जेरियाट्रिक क्लीनिक) जनसेवा का एक सार्थक माध्यम बनकर उभरे हैं। यहां बुजुर्गों को सम्मान के साथ बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवायी जा रही हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अनुसार गत 14 मार्च से प्रारम्भ हुई इस संवेदनशील पहल से अब तक करीब 6 लाख बुजुर्ग लाभान्वित हो चुके हैं।
'Ramashraya'
‘Ramashraya’
विभाग के अनुसार बुजुर्गों को उपचार के लिए चक्कर नहीं काटना पड़े, कतारों में खड़ा नहीं होना पड़े और एक ही स्थान पर जांच एवं उपचार सेवाओं का लाभ मिल सके, इस मानवीय सोच के साथ रामाश्रय वार्डों की स्थापना की गई है। अब तक 5 लाख 14 हजार से अधिक बुजुर्गों ने रामाश्रय वार्ड की ओपीडी में विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं के लिए परामर्श लिया है। इसी प्रकार रामाश्रय आईपीडी में 32 हजार से अधिक वृद्धजनों को भर्ती कर उपचार उपलब्ध करवाया गया है। अब तक 3 लाख 14 हजार से अधिक लैब टैस्ट किए गए हैं एवं 8 हजार 320 बुजुर्गों को फिजियोथैरेपी सेवाएं प्रदान की गयी हैं। गंभीर स्थिति में उच्च स्तरीय उपचार के लिए 1 हजार 706 रोगियों को यहां रैफर किया गया है। रामाश्रय वार्डों में 10 फाउलर बैड आरक्षित किए गए हैं। इनमें से 5 बैड महिला एवं 5 बैड पुरूषों के लिए हैं। हर बैड के बीच पार्टीशन कर पर्दे लगाए गए हैं। बैड के पास नर्सिंग अलार्म सिस्टम लगाए गए हैं ताकि आपात स्थिति में वृद्धजन तुरंत नर्सिंग स्टाफ को बुला सकें। वार्ड में महिला एवं पुरूष रोगियों के लिए अलग-अलग शौचालय हैं। इन शौचालयों में ग्रेब-बार लगाए गए हैं। वार्ड में फिजियोथेरेपिस्ट एवं फिजियाथैरेपी से संबंधित उपकरणों की समुचित व्यवस्था की गई है। इनमें शॉर्ट वेव डायाथर्मी, अल्ट्रासाउण्ड थैरेपी, सरवाइकल ट्रेक्शन, पैल्विक ट्रेक्शन, ट्रांस इलेक्ट्रिक नर्व स्टिमुलेटर जैसे उपकरण शामिल कर वार्ड में व्हील चेयर, ट्रोली, मेडिसिन कैबिनेट एवं अन्य आवश्यक फर्नीचर उपलब्ध करवाया गया है। प्रदेश में बुजुर्ग अब साल में चार बार नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच करवा सकेंगे। यह सुविधा बुजुर्गों के लिए सभी जिला अस्पतालों, उप जिला अस्पतालों से लेकर सीएचसी स्तर तक उपलब्ध होगी। साथ ही एक एडवाइजरी जारी कर सभी जिला अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध अस्पतालों में बुजुर्गों को पार्किंग सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध करवाने के भी निर्देश दिए गए हैं।  

Agricultural crop: फसल कटाई प्रयोग शत-प्रतिशत किये जायेंगे ऑन-लाईन

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प्रमुख शासन सचिव राजस्व दिनेश कुमार और प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी वैभव गालरिया की अध्यक्षता में मंगलवार को पंत कृषि भवन में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत फसल कटाई प्रयोगो के ऑन-लाईन गुणवत्ता पूर्ण सम्पादन के लिए वी.सी. के माध्यम से समस्त जिला कलक्टरों के साथ बैठक का आयोजन किया गया। श्री कुमार ने कहा कि फसल कटाई प्रयोगों का सम्पादन निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार ही किया जाये, जिससे बीमा कम्पनियों द्वारा आपत्तियां न की जाये। बीमा कम्पनी प्रतिनिधियों एवं जिले के अधिकारियों के साथ नियमित साप्ताहिक बैठक की जाये, जिससे फसल कटाई प्रयोगो के दौरान आने वाली आपत्तियों का निस्तारण किया जाये। अधिकारी कोशिश करें कि क्रॉप कटिंग में कम से कम आपत्तियां दर्ज हों, जिससे किसानों को फसल बीमा क्लेम समय पर मिल सके। क्रॉप सर्वे ज्यादा से ज्यादा डिजिटल करवाये जाये। वहीं श्री गालरिया ने कहा कि फसल कटाई प्रयोग पूर्ण सावधानी से किये जायें, जिससे किसानों को क्लेम मिलने में परेशानियों का सामना न करना पड़े। फसल कटाई प्रयोगो की गोपनीयता बरकरार रखी जाये। सीसीई प्रक्रिया की पूर्ण वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी की जाये जिससे फसल के साथ की जाने वाली छेड़छाड़ का मालूम पड़ सके। थ्रेसिंग के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता न बरती जाये। उन्होने ने कहा कि जिलों के अधिकारियों द्वारा फसल कटाई प्रयोग शत-प्रतिशत ऑन-लाईन करवाये जाये तथा इस दौरान बीमा कम्पनी प्रतिनिधि का सह-पर्यवेक्षक आवश्यक रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने निर्देशित किया कि फसल कटाई प्रयोगों के कार्यक्रम के बारे में बीमा कम्पनियों के प्रतिनिधियों को सूचित करें एवं कार्यक्रम में संशोधन की दशा में कम्पनी को लिखित में तुरन्त सूचित करें।

Agriculture: प्रदेश के कृषक विदेशों में सिखेंगे उन्नत कृषि के गुर

मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने बजट घोषणाओं में प्रदेश के किसानों को विदेश में होने वाली हाईटेक कृषि सिखाने के लिए विेदेश भ्रमण की घोषणा की थी। इसी घोषणा अनुरूप प्रदेश के 100 युवा प्रगतिशील कृषक नॉलेज एनहांसमेन्ट प्रोग्राम के तहत इजराइल सहित अन्य देशों में कृषि भ्रमण के लिए जायेंगे। भ्रमण के लिए कृषि एवं पशुपालन में विशेष उपल​ब्धि में पहचान बनाने वाले सम्मानित प्रगतिशील किसानों एवं पशुपालकों का चयन किया जायेगा। agriculture आयुक्त उद्यानिकी जयसिंह के अनुसार चयन के लिए किसान स्वयं राज किसान साथी पोर्टल पर 10 सितम्बर तक आवेदन कर सकेंगे। कार्यक्रम के चयन की प्रक्रिया के लिए सभी जिलों के लिए गाईडलाईन जारी कर दी है। उन्होंने बताया कि 50 साल से कम आयु वाले कृषक जो पंचायती राज संस्था, सहकारी संस्था, वाटर यूजर एसोसिशन, कृषि मंडी आदि में पिछले 10 वर्षों से किसी पद पर रहा हो या एफपीओ का सदस्य हो। कृषक का पासपोर्ट होना जरूरी है। किसान के नाम एक हैक्टेयर भूमि हो जिस पर वह पिछले 10 साल से खेती कर रहा हो। खेती में किसान द्वारा उच्च कृषि तकनीक संरक्षित खेती, सूक्ष्म सिंचाई, मल्चिंग, सौर ऊर्जा पम्प, ड्रोन फर्टिगेशन, ऑटोमेशन और फार्म पौण्ड आदि अपनाई जा रही हो। पशुपालन क्षेत्र से जुड़ा होने पर सम्बन्धित का हाईटेक तरीके से 10 साल से गाय, भैंस आदि से किसी भी डेयरी से जुड़ा हो। भ्रमण के दौरान किसान कम भूमि और कम पानी में बेहतर खेती और उन्नत तरीके से पशुपालन करना सीखेंगे।